क्या आपने कभी सोचा है कि लगभग 4700 साल पहले लोग कैसे रहते थे? उस समय जब दुनिया के अधिकांश हिस्सों में लोग छोटे-छोटे गाँवों में रहते थे, भारतीय उपमहाद्वीप (Indian subcontinent) में एक अत्यंत विकसित नगरीय सभ्यता (urban civilization) फल-फूल रही थी। यह थी सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization), जिसे हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) भी कहा जाता है । यह विश्व की चार प्राचीनतम सभ्यताओं (मेसोपोटामिया, मिस्र, सिंधु घाटी, और चीन) में से एक है ।
कक्षा 6 स्तर (Basic Level): सिंधु घाटी सभ्यता का परिचय
सिंधु घाटी सभ्यता क्या है? (What is the Indus Valley Civilization?)
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन सभ्यता है, जो लगभग 2500 ईसा पूर्व (BCE) से 1500 ईसा पूर्व तक फली-फूली । इसे ‘हड़प्पा सभ्यता’ (Harappan Civilization) भी कहा जाता है क्योंकि हड़प्पा (Harappa) इस सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल था । यह सभ्यता सिंधु नदी (Indus River) और उसकी सहायक नदियों के किनारे विकसित हुई ।
सभ्यता क्या है? (What is Civilization?)
सभ्यता (Civilization) का अर्थ है एक विकसित समाज जहाँ बहुत से लोग शहरों (cities) या नगरीय क्षेत्रों में रहते हैं । जब लोगों ने अतिरिक्त भोजन (surplus food) पैदा करना शुरू किया, तो उन्हें बर्तन बनाने (pottery), बुनाई (weaving), व्यापार (trading) जैसे अन्य कार्यों के लिए समय मिला, और इसी से सभ्यताओं का विकास हुआ ।
सिंधु घाटी सभ्यता की खोज (Discovery of the Civilization)
- 1856: ब्रिटिश इंजीनियर (British engineers) कराची और लाहौर के बीच रेलवे लाइन बिछा रहे थे। उन्हें हड़प्पा में प्राचीन खंडहर (ruins) मिले। उन्होंने इन खंडहरों से बनी उच्च-गुणवत्ता वाली पक्की ईंटें (burnt bricks) रेलवे के लिए उपयोग कर लीं ।
- 1920 के दशक: पुरातत्वविदों (Archaeologists) ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो (Mohenjodaro) में खुदाई (excavation) शुरू की ।
- दया राम साहनी (Daya Ram Sahni) ने 1921 में हड़प्पा (Harappa) की खोज की ।
- राखालदास बनर्जी (Rakhal Das Banerji) ने 1922 में मोहनजोदड़ो (Mohenjodaro) की खोज की ।
सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल (Important Sites)

नगर योजना (Town Planning)
सिंधु घाटी सभ्यता अपनी उत्कृष्ट नगर योजना (excellent town planning) के लिए प्रसिद्ध है । शहर दो मुख्य भागों में विभाजित थे:
- दुर्ग/किला (Citadel): शहर का ऊँचा (raised) हिस्सा, जो ईंटों के मंच (platform) पर बना होता था। इसमें महत्वपूर्ण इमारतें होती थीं – जैसे मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार (Great Bath) और हड़प्पा/मोहनजोदड़ो के अन्न भंडार (Granaries) । यहाँ शायद शासक या पुजारी रहते थे ।
- निचला शहर (Lower Town): यहाँ आम लोग रहते थे ।
मुख्य विशेषताएँ (Key Features):
- सड़कें (Roads): चौड़ी सड़कें, जो एक-दूसरे को समकोण (right angles) पर काटती थीं, जिससे शहर आयताकार (rectangular) खंडों में बँट जाता था ।
- मकान (Houses): एक या दो मंज़िला मकान, जिनके बीच में एक आँगन (courtyard) होता था। अधिकांश मकानों में अलग स्नानघर (bathing area) और कुआँ (well) होता था ।
- पक्की ईंटें (Burnt Bricks): इस सभ्यता की सबसे खास विशेषता – सभी इमारतें पक्की ईंटों (baked/burnt bricks) से बनी होती थीं, जो आकार में एक समान (uniform) थीं ।
- जल निकासी प्रणाली (Drainage System): अत्यंत उन्नत (advanced) भूमिगत (underground) नालियाँ, जो ढकी हुई थीं और नियमित अंतराल पर निरीक्षण छिद्र (inspection holes) थे । हर घर की नाली सड़क की मुख्य नाली से जुड़ी होती थी ।
जन-जीवन (Life of the People)
व्यवसाय (Occupations): लोग किसान (farmers), व्यापारी (traders), बुनकर (weavers), कुम्हार (potters), धातु शिल्पी (metalworkers), और मनका बनाने वाले (bead makers) थे ।
- कृषि (Agriculture): गेहूँ (wheat), जौ (barley), चावल (rice), कपास (cotton), मटर (peas), और तिल (sesame) उगाते थे । कपास उगाने वाले वे विश्व के पहले लोग थे ।
- पशुपालन (Domestication): गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर पालते थे; घोड़ा (horse) नहीं जानते थे ।
- शिल्प (Crafts):
- धातु कला (Metalwork): ताँबा (copper) और कांसा (bronze) के औज़ार और हथियार बनाते थे । कांसे की नृत्य करती लड़की (Bronze Dancing Girl) एक प्रसिद्ध कृति है ।
- मनका बनाना (Bead-making): लोथल और चन्हूदड़ो मनका बनाने के केंद्र थे ।
- बर्तन (Pottery): चाक (potter’s wheel) पर लाल मिट्टी के बर्तन बनाते थे, जिन पर काले रंग के जानवरों और ज्यामितीय (geometric) डिज़ाइन बनाए होते थे ।
- बुनाई (Weaving): मोहनजोदड़ो से बुने हुए कपड़े (woven fabric) मिले हैं ।

मुद्राएँ (Seals): स्टीटाइट (steatite) नामक मुलायम पत्थर पर बनी ये मुद्राएँ व्यापार (trading) के लिए उपयोग की जाती थीं । इन पर जानवरों (बैल, हाथी, गैंडा, ‘एक सींग वाला जानवर’), पेड़ों, और मनुष्यों की आकृतियाँ बनी होती थीं, साथ ही लिपि (script) भी होती थी ।
लिपि (Script): यह एक चित्रात्मक लिपि (pictographic script) थी, जिसमें लगभग 400 चिह्न (symbols) थे । दुर्भाग्यवश, यह लिपि अब तक पढ़ी नहीं जा सकी है (undeciphered) !
धर्म (Religion):
- मातृ देवी (Mother Goddess): महिलाओं की मिट्टी की मूर्तियाँ (terracotta figurines) पूजी जाती थीं ।
- पशुपति (Pashupati): एक मुद्रा पर तीन मुख वाली (three-faced) पुरुष आकृति, ‘योगी’ मुद्रा में बैठी हुई और जानवरों से घिरी हुई – इसे पशुपति (शिव) माना जाता है ।
- प्रकृति पूजा (Nature Worship): पीपल (peepal) के पेड़ और सींग वाले बैल (humped bull) की पूजा करते थे ।
- मंदिर (temples) नहीं मिले हैं; विशाल स्नानागार शायद धार्मिक अनुष्ठानों (religious rituals) के लिए उपयोग किया जाता था ।
कक्षा 7 स्तर (Intermediate Level): विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
सातवीं कक्षा के स्तर पर, हम सिंधु घाटी सभ्यता को अधिक गहराई से समझते हैं – कैसे यह एक नगरीय सभ्यता (urban civilization) थी, इसके व्यापारिक संबंध (trade links), सामाजिक वर्ग (social classes), और इसके पतन के कारणों (causes) का विश्लेषण करते हैं।
एक नगरीय सभ्यता (An Urban Civilization)
सिंधु घाटी सभ्यता को नगरीय (urban) इसलिए कहा जाता है क्योंकि:
- नियोजित शहर (Planned Cities): सड़कों का ग्रिड पैटर्न (grid pattern), जल निकासी, और मानकीकृत (standardized) ईंटें ।
- व्यापार (Trade): व्यापारी वर्ग (merchant class) का अस्तित्व, जो मेसोपोटामिया (Mesopotamia) तक व्यापार करते थे ।
- शिल्प विशेषज्ञता (Specialization of Labour): लोग विशिष्ट शिल्पों (जैसे मनका बनाना, धातु कला) में विशेषज्ञ (experts) बन गए थे ।
- सामाजिक वर्ग (Social Classes):
व्यापार और आर्थिक गतिविधियाँ (Trade and Economic Activities)
- आयात (Imports): ताँबा (राजस्थान से), सोना (कर्नाटक से), लाजवर्द (lapis lazuli) और फ़िरोज़ा (turquoise – अफ़गानिस्तान/ईरान से) ।
- निर्यात (Exports): कपास के वस्त्र (cotton textiles), मनके (beads), धातु, और हाथीदाँत (ivory) ।
- व्यापार के साक्ष्य (Evidence of Trade): मेसोपोटामिया में सिंधु घाटी की मुद्राएँ (seals) मिली हैं । लोथल (Lothal) में एक गोदी (dockyard) मिली है, जो समुद्री व्यापार (sea trade) का प्रमाण है ।
स्थानीय विविधता और विशेषताएँ (Regional Diversity and Features)
सभ्यता का पतन (Decline of the Civilization)
लगभग 1900 ईसा पूर्व से यह सभ्यता धीरे-धीरे क्षीण होने लगी और लगभग 1500 ईसा पूर्व तक समाप्त हो गई । इसके पतन के कोई एक निश्चित कारण (single definite cause) नहीं ज्ञात हैं, लेकिन इतिहासकारों ने कई संभावित कारण बताए हैं :
- प्राकृतिक आपदाएँ (Natural Disasters): बाढ़ (floods), भूकंप (earthquakes) ।
- जलवायु परिवर्तन (Climate Change): अत्यधिक सूखा (drought) या मरुस्थलीकरण (desertification); वनों की कटाई (deforestation) और मिट्टी का क्षरण (soil erosion) ।
- नदियों का मार्ग बदलना (Change in River Courses): सिंधु नदी या उसकी सहायक नदियों (घग्गर-हाकरा) का मार्ग बदलना, जिससे पानी की कमी हो गई ।
- आक्रमण (Invasion): कुछ विद्वान मानते हैं कि आर्यों (Aryans) के आक्रमण ने इन शहरों को नष्ट कर दिया; हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में खोपड़ियों के टूटे हुए अवशेष (fractured skulls) मिले हैं, जो संभावित हिंसा (massacre) का संकेत देते हैं ।
- व्यापार का पतन (Decline of Trade): मेसोपोटामिया के साथ व्यापार कम होने से आर्थिक संकट (economic crisis) आया ।
महत्वपूर्ण: संभवतः इनमें से कई कारणों के संयोजन (combination of factors) ने इस सभ्यता के पतन का कारण बना । सभ्यता के पतन के बाद लोग पूर्व (eastward) की ओर, छोटे गाँवों और बस्तियों में चले गए ।
कक्षा 8 स्तर (Advanced Level): उन्नत अवधारणाएँ और वैश्विक संदर्भ
आठवीं कक्षा के स्तर पर, हम सिंधु घाटी सभ्यता को एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य (global perspective) में देखते हैं, इसकी तुलना अन्य प्राचीन सभ्यताओं (Mesopotamia, Egypt) से करते हैं, और इसकी विरासत (legacy) पर विचार करते हैं।
विश्व की प्राचीनतम सभ्यताएँ (The World’s Earliest Civilizations)

सिंधु घाटी सभ्यता विश्व की चार प्राचीनतम नदी घाटी सभ्यताओं (River Valley Civilizations) में से एक है :
सिंधु घाटी सभ्यता की अनूठी विशेषताएँ (Unique Features)
- शांतिपूर्ण (Peaceful): अन्य सभ्यताओं के विपरीत, सिंधु घाटी के शहरों में युद्धों (wars) या राजाओं के महलों (palaces) के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं । कुछ पुरातत्वविदों का मानना है कि यहाँ कोई एक शासक (single ruler) नहीं था, बल्कि व्यापारियों का एक वर्ग (class of merchants) शासन करता था ।
- मानकीकरण (Standardization): हड़प्पा और मोहनजोदड़ो (जो सैकड़ों मील दूर हैं) में एक जैसी ईंटें (bricks), वज़न (weights) और माप (measures) मिले हैं – यह एक केंद्रीकृत प्रशासन (centralized administration) का संकेत है ।
- उन्नत स्वच्छता (Advanced Sanitation): जल निकासी प्रणाली (drainage system) इतनी उन्नत थी कि आज के कई शहरों में भी ऐसी व्यवस्था नहीं है । यह उनकी स्वच्छता (hygiene) और सार्वजनिक स्वास्थ्य (public health) के प्रति जागरूकता (awareness) को दर्शाती है ।
लिपि का रहस्य (The Mystery of the Script)
सिंधु घाटी की लिपि (script) आज तक पढ़ी नहीं जा सकी (undeciphered) है । इसके कारण:
- अभिलेख (Inscriptions) बहुत छोटे हैं: अधिकांश लेख मुद्राओं (seals) पर हैं – औसतन 5-6 चिह्न (symbols) ।
- कोई द्विभाषी शिलालेख (bilingual inscription) नहीं मिला: मिस्र की रोसेटा पत्थर (Rosetta Stone) जैसा कोई शिलालेख नहीं मिला, जो लिपि को समझने में सहायक हो सके।
- भाषा अज्ञात (Unknown language): यह ज्ञात नहीं है कि यह द्रविड़ (Dravidian) भाषा थी, संस्कृत (Sanskrit) से संबंधित थी, या कोई अन्य भाषा ।
सिंधु घाटी और आधुनिक विरासत (Indus Valley and Modern Legacy)
- सांस्कृतिक निरंतरता (Cultural Continuity): कुछ प्रथाएँ (जैसे पशुपति/शिव की पूजा, मातृ देवी की पूजा, पीपल और बैल की पवित्रता) आज भी हिंदू धर्म (Hinduism) का हिस्सा हैं ।
- नागरिक नियोजन (Civic Planning): शहरी नियोजन (urban planning), जल निकासी, और स्वच्छता (sanitation) की उनकी अवधारणाएँ आधुनिक शहरों के लिए प्रेरणा (inspiration) हैं ।
- व्यापार और वैश्वीकरण (Trade and Globalization): सिंधु घाटी के लोग व्यापार (trade) और अंतर-सांस्कृतिक संपर्क (cross-cultural contact) के आरंभिक उदाहरण (early examples) हैं ।
मुख्य बिंदु / त्वरित पुनरीक्षण (Key Takeaways)
- सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization), जिसे हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) भी कहा जाता है, विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में से एक है, जो लगभग 4700 वर्ष पूर्व (2500-1500 ईसा पूर्व) फली-फूली ।
- इसकी खोज 1920 के दशक में दया राम साहनी (हड़प्पा) और राखालदास बनर्जी (मोहनजोदड़ो) ने की थी ।
- नगर योजना (Town Planning) उत्कृष्ट थी – शहर दुर्ग/किला (Citadel) और निचला शहर (Lower Town) में विभाजित थे, सड़कें समकोण पर कटती थीं, और पक्की ईंटों (burnt bricks) का उपयोग होता था ।
- जल निकासी प्रणाली (Drainage System) अत्यंत उन्नत थी – ढकी हुई नालियाँ, घर से सड़क तक जुड़ी हुई, निरीक्षण छिद्र (inspection holes) ।
- लोग किसान (farmers), व्यापारी (traders), शिल्पी (craftsmen) थे। वे गेहूँ, जौ, कपास उगाते थे और गाय, भैंस, भेड़, बकरी पालते थे ।
- वे ताँबा (copper) और कांसा (bronze) के उपकरण बनाते थे; कांसे की नृत्य करती लड़की (Bronze Dancing Girl) प्रसिद्ध है ।
- मुद्राओं (Seals) का उपयोग व्यापार के लिए होता था; इन पर चित्रात्मक लिपि (pictographic script) है, जो अब तक पढ़ी नहीं जा सकी (undeciphered) है ।
- व्यापार (Trade) मेसोपोटामिया तक फैला हुआ था; लोथल (Lothal) एक प्रमुख बंदरगाह (port) और गोदी (dockyard) था ।
- वे मातृ देवी (Mother Goddess) और पशुपति (Pashupati/Shiva) की पूजा करते थे; मंदिर (temples) नहीं मिले हैं ।
- पतन (Decline) लगभग 1900 ईसा पूर्व से शुरू हुआ; संभावित कारण – प्राकृतिक आपदाएँ, जलवायु परिवर्तन, नदियों का मार्ग बदलना, और आक्रमण ।
अभ्यास प्रश्न एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (Practice Questions & MCQs)
कक्षा 6 (Class 6) – 10 MCQs
1. सिंधु घाटी सभ्यता को ‘हड़प्पा सभ्यता’ क्यों कहा जाता है?
a) क्योंकि यह हड़प्पा नदी के किनारे बसी थी
b) क्योंकि इस सभ्यता का पहला खोजा गया स्थल हड़प्पा था
c) क्योंकि हड़प्पा इस सभ्यता की राजधानी थी
d) क्योंकि हड़प्पा के लोग शासक थे
2. मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ (literal meaning) क्या है?
a) महानगर
b) मुर्दों का टीला
c) नदी का किनारा
d) पवित्र स्थल
3. सिंधु घाटी सभ्यता के अधिकांश घर किससे बने होते थे?
a) कच्ची ईंटों से
b) पत्थरों से
c) पक्की ईंटों से
d) लकड़ियों से
4. मोहनजोदड़ो में ‘विशाल स्नानागार’ (Great Bath) किसके लिए प्रसिद्ध है?
a) इसका आकार और पक्की ईंटों से बना होना
b) यह खेल के लिए था
c) यह मछली पालने के लिए था
d) यह आम नहाने के लिए था
5. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग किस फसल को उगाने वाले पहले व्यक्ति थे?
a) गेहूँ
b) चावल
c) कपास
d) जौ
6. सिंधु घाटी सभ्यता की मुद्राएँ (seals) किस सामग्री (material) से बनी होती थीं?
a) सोना
b) स्टीटाइट (steatite)
c) लोहा
d) काँच
7. हड़प्पा सभ्यता की सड़कों की मुख्य विशेषता क्या थी?
a) वे टेढ़ी-मेढ़ी थीं
b) वे एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं
c) वे बहुत संकरी थीं
d) वे कच्ची थीं
8. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग किस धातु (metal) का उपयोग नहीं करते थे?
a) ताँबा (Copper)
b) कांसा (Bronze)
c) लोहा (Iron)
d) सोना (Gold)
9. लोथल (Lothal) किसके लिए प्रसिद्ध है?
a) विशाल स्नानागार
b) अग्नि वेदियाँ
c) प्राचीन गोदी (dockyard)
d) अन्न भंडार
10. सिंधु घाटी की लिपि (script) के बारे में क्या सही है?
a) इसे पढ़ लिया गया है
b) यह अब तक पढ़ी नहीं जा सकी है
c) यह अरबी में है
d) यह संस्कृत में है
उत्तर (Answers): 1-b, 2-b, 3-c, 4-a, 5-c, 6-b, 7-b, 8-c, 9-c, 10-b
कक्षा 7 (Class 7) – 10 MCQs
1. सिंधु घाटी सभ्यता के शहर कितने भागों में विभाजित थे?
a) एक
b) दो (दुर्ग/किला और निचला शहर)
c) तीन
d) चार
2. सिंधु घाटी सभ्यता के नागरिकों की स्वच्छता (hygiene) के बारे में क्या कहा जा सकता है?
a) वे स्वच्छता के प्रति लापरवाह थे
b) उनकी जल निकासी प्रणाली अत्यंत उन्नत थी, जो स्वच्छता के प्रति उनकी जागरूकता दर्शाती है
c) उनके पास कोई जल निकासी नहीं थी
d) वे नदी में स्नान करते थे
3. निम्नलिखित में से कौन सा शिल्प (craft) सिंधु घाटी सभ्यता में प्रचलित नहीं था?
a) मनका बनाना (Bead-making)
b) बुनाई (Weaving)
c) लोहे के औज़ार बनाना (Iron tools)
d) बर्तन बनाना (Pottery)
4. सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल पर अग्नि वेदियाँ (fire altars) मिली हैं?
a) हड़प्पा
b) मोहनजोदड़ो
c) कालीबंगा और लोथल
d) धोलावीरा
5. सिंधु घाटी सभ्यता के व्यापार (trade) के बारे में क्या सही है?
a) उनका कोई व्यापार नहीं था
b) उनका व्यापार केवल स्थानीय था
c) उनका मेसोपोटामिया (Mesopotamia) तक व्यापारिक संबंध थे
d) वे केवल आयात करते थे, निर्यात नहीं
6. सिंधु घाटी सभ्यता में ‘सामाजिक वर्गों’ (social classes) के बारे में क्या ज्ञात है?
a) कोई सामाजिक वर्ग नहीं थे
b) तीन वर्ग थे – शासक/धनी, मध्यम/शिल्पी, और श्रमिक/किसान
c) केवल दो वर्ग थे – शासक और दास
d) सभी बराबर थे
7. धोलावीरा (Dholavira) की विशेषता क्या है?
a) गोदी (Dockyard)
b) जलाशयों (reservoirs) और तीन भागों में विभाजित शहर
c) विशाल स्नानागार (Great Bath)
d) लोहे के औज़ार
8. सिंधु घाटी सभ्यता के पतन (decline) का एक संभावित कारण क्या है?
a) जनसंख्या का बहुत अधिक बढ़ना
b) नदियों का मार्ग बदलना या सूख जाना
c) बहुत अधिक शांति होना
d) भाषा की समस्या
9. सिंधु घाटी सभ्यता के धर्म (religion) के बारे में क्या सही नहीं है?
a) वे मातृ देवी (Mother Goddess) की पूजा करते थे
b) वे विशाल मंदिर (large temples) बनाते थे
c) वे पशुपति (Pashupati/Shiva) की पूजा करते थे
d) वे प्रकृति (पीपल, बैल) की पूजा करते थे
10. सिंधु घाटी सभ्यता के किस स्थल पर ‘एक सींग वाले जानवर’ (unicorn) वाली मुद्राएँ मिली हैं?
a) केवल हड़प्पा
b) कई स्थलों पर
c) केवल लोथल
d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (Answers): 1-b, 2-b, 3-c, 4-c, 5-c, 6-b, 7-b, 8-b, 9-b, 10-b
कक्षा 8 (Class 8) – 10 MCQs
1. निम्नलिखित में से कौन सी सभ्यता ‘सभ्यताओं का उद्गम स्थल’ (Cradle of Civilization) कहलाती है?
a) सिंधु घाटी
b) मिस्र
c) मेसोपोटामिया
d) चीनी
2. सिंधु घाटी सभ्यता की मुद्राओं (seals) में लगभग कितने चिह्न (symbols) हैं?
a) 100
b) 200
c) 400
d) 1000
3. सिंधु घाटी की लिपि (script) अब तक क्यों नहीं पढ़ी जा सकी है?
a) क्योंकि लेख बहुत छोटे हैं और कोई द्विभाषी (bilingual) शिलालेख नहीं मिला है
b) क्योंकि यह बहुत पुरानी है
c) क्योंकि यह बहुत कठिन है
d) क्योंकि इसे पढ़ने की कोशिश ही नहीं की गई
4. सिंधु घाटी सभ्यता की किस विशेषता ने इसे अन्य प्राचीन सभ्यताओं से अलग बनाया?
a) विशाल महल (Palaces) और राजाओं के मकबरे (Tombs)
b) युद्धों (Wars) के स्पष्ट प्रमाण
c) शांतिपूर्ण (Peaceful) होना और उन्नत जल निकासी (Drainage)
d) बहुत बड़ी सेना (Army)
5. मानकीकृत (Standardized) ईंटें, वज़न (weights) और माप (measures) किस बात का संकेत (indication) हैं?
a) कि सभी शहर स्वतंत्र (independent) थे
b) कि एक केंद्रीकृत प्रशासन (centralized administration) या साझा संस्कृति (shared culture) थी
c) कि वे आयातित (imported) थे
d) कि वे युद्ध में प्रयोग होते थे
6. सिंधु घाटी सभ्यता के पतन (decline) के बारे में क्या सही है?
a) यह अचानक (suddenly) और एक ही कारण से हुआ
b) यह धीरे-धीरे (gradually) हुआ और कई संभावित कारण थे
c) इसका पतन ही नहीं हुआ
d) यह केवल बाढ़ (flood) के कारण हुआ
7. सिंधु घाटी सभ्यता की कौन सी प्रथा (practice) आज भी हिंदू धर्म (Hinduism) में देखी जाती है?
a) पीपल (Peepal) और बैल (Bull) की पवित्रता (Sacredness)
b) विशाल मंदिरों (Temples) का निर्माण
c) जटिल अनुष्ठान (Complex Rituals)
d) बलि (Sacrifice)
8. कांसे की नृत्य करती लड़की (Bronze Dancing Girl) की मूर्ति कहाँ प्रदर्शित (displayed) है?
a) हड़प्पा संग्रहालय
b) नई दिल्ली का राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum)
c) लंदन संग्रहालय
d) पेरिस संग्रहालय
9. सिंधु घाटी सभ्यता को किस युग (Age) में रखा जाता है?
a) पाषाण युग (Stone Age)
b) कांस्य युग (Bronze Age)
c) लौह युग (Iron Age)
d) स्वर्ण युग (Golden Age)
10. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग किस जानवर को नहीं जानते थे?
a) गाय
b) भैंस
c) घोड़ा
d) बकरी
उत्तर (Answers): 1-c, 2-c, 3-a, 4-c, 5-b, 6-b, 7-a, 8-b, 9-b, 10-c

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।


