जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में बैठने से पहले आपको Jawahar Navodaya Vidyalaya Entrance Exam से सम्बंधित जानकारी जुटा लेनी चाहिए | ताकि आप अपनी तैयारी सही दिशा में कर सकें और इस परीक्षा में सफल हो सके|
JNVST 2027 – विस्तृत पाठ्यक्रम
EVS (पर्यावरण अध्ययन)
EVS एक अंतःविषयक (Interdisciplinary) दृष्टिकोण अपनाता है, जो विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और पर्यावरण शिक्षा की मूल अवधारणाओं को एकीकृत करता है। इसका मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों की अपने आस-पास के परिवेश के बारे में बुनियादी जागरूकता का आकलन करना है।
शिक्षण और कक्षा संसाधन
- प्राकृतिक विश्व (The Natural World): परिवहन, नदियाँ, पहाड़, भूमि और जल पर पौधे एवं जानवर, प्राकृतिक आपदाएँ, आवास/घरों के प्रकार, जल चक्र (Water Cycle) आदि।
- मानव शरीर (The Human Body): भोजन और पोषक तत्व, स्वच्छता, अति इंद्रियाँ (Super Senses), आंतरिक प्रणालियाँ (पाचन, परिसंचरण, श्वसन) का बुनियादी ज्ञान।
- दैनिक जीवन में विज्ञान (Science in Daily Life): खाद्य संरक्षण (Food Preservation), जल और वायु प्रदूषण, जल एवं मृदा संरक्षण आदि।
- सामाजिक परिवेश (Social Surroundings): भारत के अतिशयोक्ति (Superlatives), राज्य/राजधानियाँ, राष्ट्रीय प्रतीक, विभिन्न परिदृश्य, त्यौहार, ऋतुएँ, वन, फसलें, वस्त्र और रेशे (Fibres) आदि।
EVS के नमूना प्रश्न (Sample Questions):
- जल चक्र के दौरान, जब सूर्य नदियों और महासागरों के पानी को गर्म करके जलवाष्प (Water Vapor) में बदल देता है, तो इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं? (उत्तर: वाष्पीकरण – Evaporation)
- पुलिस किस जानवर का उपयोग उसकी अति सूंघने की क्षमता (Super Sense of Smell) के कारण करती है? (उत्तर: कुत्ता – Dog)
- हम कच्चे आमों को साल भर खाने के लिए घर पर कैसे सुरक्षित रखते हैं? (उत्तर: अचार बनाकर – Pickles)
- किस त्योहार को ‘रंगों का त्योहार’ (Festival of Colours) कहा जाता है? (उत्तर: होली – Holi)
- गद्यांश (Passage): राजा घड़सी द्वारा जैसलमेर में बनाई गई ‘घड़ीसर’ झील, जो 8 अन्य झीलों से जुड़ी थी (कुल 9 झीलें), और ‘बावली’ (Baoli) नामक सीढ़ीदार कुओं के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।
खंड 2: अंकगणित परीक्षण (Arithmetic Test)
Section 2: Arithmetic Test
- प्रकृति (Nature): इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य अंकगणित में उम्मीदवारों की बुनियादी क्षमताओं (Basic Competencies) को मापना है। अवधारणाओं की समझ और उनके अनुप्रयोग (Application) पर अधिक जोर दिया जाता है।
- प्रश्न संरचना: कुल 20 प्रश्न (25 अंक)।
- पाठ्यक्रम (12 विषय):
| क्र.सं. | विषय (Topic) |
|---|---|
| 1 | संख्या और संख्यात्मक प्रणाली (आरोही/अवरोही, 10/100/1000 का निकटतम मान, संख्या के नाम और मान) |
| 2 | पूर्ण संख्याओं पर चार बुनियादी संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) |
| 3 | गुणनखंड (Factors) और गुणज (Multiples) तथा उनके गुण |
| 4 | भिन्न (Fractions) और मूल संक्रियाएँ – समान भिन्नों का जोड़-घटाव और गुणा (असमान भिन्नों का भाग शामिल नहीं) |
| 5 | लंबाई, द्रव्यमान, क्षमता, समय, धन का मापन और इकाई रूपांतरण (Unit Conversion) |
| 6 | संख्यात्मक व्यंजकों का सरलीकरण (Simplification of Numerical Expressions) |
| 7 | परिमाप (Perimeter) और क्षेत्रफल (Area) – बहुभुज, वर्ग, आयत का क्षेत्रफल और त्रिभुज (आयत के भाग के रूप में) |
| 8 | कोणों के प्रकार और उनके सरल अनुप्रयोग (दिशाएँ और मानचित्रण सहित) |
| 9 | दंड आरेख (Bar Diagram), तालिका (Table) और चित्रालेख (Pictograph) द्वारा आँकड़ा विश्लेषण (Data Analysis) |
नमूना प्रश्न (Sample Questions):
- उदाहरण 1 (समझ का परीक्षण): 1000 का अभाज्य गुणनखंडन (Prime Factorization) क्या है?
- सही उत्तर: 2×2×2×5×5×5 (क्योंकि सभी गुणनखंड अभाज्य संख्याएँ हैं)।
- उदाहरण 2 (समझ का परीक्षण): पहली चार विषम संख्याओं (1, 3, 5, 7) का औसत क्या है?
- सही उत्तर: 4 [(1+3+5+7)/4=4]
खंड 3: भाषा परीक्षण (Language Test)
Section 3: Language Test
- प्रकृति (Nature): इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों की पठन-बोध (Reading Comprehension) क्षमता का आकलन करना है।
- प्रश्न संरचना: कुल 4 गद्यांश (Passages) दिए जाएंगे। प्रत्येक गद्यांश के बाद 5 प्रश्न पूछे जाएंगे (कुल 20 प्रश्न)।
- प्रश्नों के प्रकार:
- गद्यांश में दी गई जानकारी पर आधारित प्रश्न।
- गद्यांश के शब्दों के विलोम (Antonyms) चुनना।
- गद्यांश के शब्दों के पर्यायवाची (Synonyms) चुनना।
- गद्यांश के आधार पर तार्किक निष्कर्ष (Inference) निकालना।
नमूना गद्यांश एवं प्रश्न (Specimen Passage):
गद्यांश (Passage): वन (Forests) हमारे लिए कई प्रकार से उपयोगी हैं। वे हमें घर बनाने और फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी (Timber) प्रदान करते हैं। वन हमें ईंधन और कागज बनाने के लिए लकड़ी भी प्रदान करते हैं। वे पक्षियों, जंगली जानवरों और कीड़ों को आश्रय प्रदान करते हैं। वन वर्षा लाते हैं। पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संरक्षण (Preservation) के लिए वनों का अस्तित्व बहुत महत्वपूर्ण है। पर्यावरण और उसके संसाधनों का बुद्धिमानी (Wise) से उपयोग मानव के निरंतर अस्तित्व के लिए आवश्यक है।
प्रश्न (Questions):
- पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित (Preserve) करने के लिए किसका अस्तित्व आवश्यक है? (उत्तर: वन – Forests)
- ‘Preservation’ (संरक्षण) का विलोम (Opposite) शब्द क्या है? (उत्तर: Destruction – विनाश)
- निम्नलिखित में से कौन सा ‘Wise’ (बुद्धिमान) का पर्यायवाची (Synonym) नहीं है? (उत्तर: Humorous – हास्यप्रद)
- बढ़ई (Carpenters) वनों पर निर्भर करते हैं क्योंकि वे प्रदान करते हैं… (उत्तर: फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी – Timber to make furniture)
- जंगली जानवर बेघर हो जाएंगे यदि… (उत्तर: वन नष्ट कर दिए जाएं – Forests are destroyed)
जवाहर नवोदय विद्यालय क्या है ? ( What is JNV)
- स्थापना: जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना भारत सरकार द्वारा की गई है।
- प्रबंधन: इन विद्यालयों का संचालन नवोदय विद्यालय समिति (Navodaya Vidyalaya Samiti) द्वारा किया जाता है, जो मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) के अधीन कार्य करती है।

- उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना।
- शिक्षा स्तर: कक्षा 6 से 12 तक की निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।
- माध्यम: शिक्षा का माध्यम कक्षा 6 से 8 तक मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा होता है और बाद में अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम में पढ़ाई कराई जाती है।
- आवासीय विद्यालय: यह पूर्णतः आवासीय विद्यालय हैं — छात्र यहाँ रहकर पढ़ाई करते हैं।
- प्रवेश परीक्षा: प्रवेश जवाहर नवोदय चयन परीक्षा (JNVST) के माध्यम से कक्षा 6 में किया जाता है।
- शुल्क: यहाँ शिक्षा, आवास, भोजन आदि सभी सुविधाएँ निःशुल्क होती हैं।
- समान अवसर: ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शहरों जैसी शिक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाता है।
- समग्र विकास: विद्यालय छात्रों के बौद्धिक, शारीरिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान देते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय बेहतर क्यों हैं? (Why JNV is Better?)
- उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा:
– यहाँ प्रशिक्षित और अनुभवी शिक्षकों द्वारा आधुनिक शिक्षण विधियों से पढ़ाया जाता है।

- निःशुल्क शिक्षा:
– छात्रों को पढ़ाई, रहना, भोजन, यूनिफॉर्म और किताबें — सब कुछ पूरी तरह मुफ्त मिलता है। - ग्रामीण प्रतिभा को अवसर:
– ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार बच्चों को शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मौका दिया जाता है। - समानता का वातावरण:
– सभी छात्र एक साथ रहते हैं, जिससे जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति का भेद मिटता है। - आवासीय सुविधा (Hostel Life):
– छात्र विद्यालय में रहकर पढ़ते हैं, जिससे उनमें अनुशासन, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।

- समग्र विकास:
– पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला, संगीत, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। - राष्ट्रीय एकता:
– नवोदय विद्यालयों में Migration Scheme के तहत एक राज्य के छात्र दूसरे राज्य में जाकर पढ़ते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है। - बेहतर परिणाम और उपलब्धियाँ:
– नवोदय के छात्र अक्सर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, NEET आदि) और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। - सुरक्षित और प्रेरणादायक माहौल:
– यहाँ का वातावरण पढ़ाई, अनुशासन और सहयोग की भावना से भरा होता है। - भविष्य के लिए मजबूत नींव:
– यहाँ से पढ़े छात्र आगे चलकर IAS, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और शिक्षक बनकर देश का नाम रोशन करते हैं।


जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश कैसे होता है? (How to Get Admission in JNV)
प्रवेश परीक्षा का आयोजन:
– जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection Test (JNVST) आयोजित की जाती है।
परीक्षा का उद्देश्य:
– यह परीक्षा छात्रों की बुद्धि, तर्क शक्ति, गणितीय क्षमता और भाषा ज्ञान को परखने के लिए होती है।
प्रवेश स्तर:
– प्रवेश मुख्य रूप से कक्षा 6 और कक्षा 9 में कराया जाता है।
– कुछ विद्यालयों में कक्षा 11 में भी सीमित सीटों पर प्रवेश होता है।
प्रश्न पत्र के विषय:
– परीक्षा में तीन भाग होते हैं:
- भाषा योग्यता परीक्षण (Language Test)
- गणित (Mathematics)
- मानसिक योग्यता परीक्षण (Mental Ability Test)
मेरिट लिस्ट:
– परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है, जिसमें सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्रों को चयनित किया जाता है।
जिला स्तर पर चयन:
– हर जिले से सीमित संख्या में छात्रों का चयन किया जाता है ताकि सभी क्षेत्रों का समान प्रतिनिधित्व हो सके।
पात्रता:
– छात्र उसी जिले के सरकारी या मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5 (कक्षा 6 प्रवेश हेतु) या कक्षा 8 (कक्षा 9 प्रवेश हेतु) पढ़ रहा होना चाहिए।
निःशुल्क आवेदन:
– आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त होती है और इसे ऑनलाइन भरा जा सकता है — https://navodaya.gov.in पर।
प्रवेश पत्र (Admit Card):
– परीक्षा तिथि से पहले छात्रों को Admit Card जारी किया जाता है, जिससे वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
अंतिम चयन:
– परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र का दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) होने के बाद अंतिम प्रवेश दिया जाता है।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा योजना (JNVST Exam Pattern & Process)
परीक्षा का प्रकार:
– जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा (Selection Test) आयोजित की जाती है।
– यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होती है।
मुख्य विषय:
परीक्षा में निम्नलिखित तीन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं —
- भाषा योग्यता परीक्षण (Language Test)
- अंकगणित (Arithmetic)
- मानसिक योग्यता परीक्षण (Mental Ability Test)
परीक्षा का माध्यम (Language of Exam):
– परीक्षा 21 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाती है।
– छात्र अपनी पसंद की भाषा में परीक्षा दे सकते हैं (जैसे हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती आदि)।
प्रश्नों का प्रारूप (Question Format):
– सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रकार के होते हैं।
– प्रश्न छात्रों की तर्क शक्ति, गणितीय सोच, भाषा समझ और समस्या समाधान क्षमता को मापते हैं।
उत्तर देने का तरीका:
– छात्रों को दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनना होता है।
परीक्षा का कार्यक्रम:
– परीक्षा की तारीख, समय और केंद्र की जानकारी स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा दी जाती है।
– यह सूचना स्थानीय समाचार पत्रों, नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट (https://navodaya.gov.in) पर प्रकाशित की जाती है।
चयन प्रक्रिया:
– परीक्षा के बाद परिणाम के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
– मेरिट में चयनित छात्रों को प्रवेश हेतु बुलाया जाता है।
क्षेत्रीय भिन्नता:
– परीक्षा प्रक्रिया में राज्य या जिले के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन मूल नियम समान रहते हैं।
परीक्षा का उद्देश्य:
– ग्रामीण प्रतिभाशाली छात्रों को पहचानकर उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में अंकयोजना एवं पाठ्यक्रम
