पाषाणकालीन संस्कृति : विस्तृत नोट्स
(कक्षा 6–8 के लिए सरल व परीक्षा-उपयोगी)

पाषाण युग (Stone Age)
जिस काल में मानव ने पत्थर के औजारों का उपयोग किया, उसे पाषाण युग कहा जाता है।
पाषाण युग को तीन भागों में बाँटा गया है—
- पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age)
- मध्य पाषाण काल (Mesolithic Age)
- नवपाषाण काल (Neolithic Age)
1️⃣ पुरापाषाण काल
पुरापाषाण काल मानव इतिहास का सबसे प्राचीन काल है।
🔹 जीवन-शैली
- मानव शिकारी एवं खाद्य-संग्राहक था।
- शिकार से प्राप्त मांस उसका मुख्य भोजन था।
- इसके अतिरिक्त कंद, मूल एवं फल भी भोजन में शामिल थे।
- प्रारम्भ में वह खुले मैदानों में रहता था, बाद में गुफाओं में रहना शुरू किया।
🔹 औजार
- पत्थर के औजार बेडौल, भौड़े एवं असुडौल होते थे।
- एक पत्थर पर दूसरे पत्थर से चोट मारकर औजार बनाए जाते थे।
- बाद के चरण में हड्डी के औजार भी बनने लगे, जो ज्ञान-विकास का संकेत हैं।
🔹 आग का ज्ञान
- पत्थरों के आपस में टकराने से निकलने वाली चिनगारियों से मानव को आग का ज्ञान हुआ।
- आग से:
- भोजन पकाना
- ठंड से बचाव
- जंगली जानवरों से सुरक्षा
संभव हुई।
🔹 अन्य विशेषताएँ
- मृतकों को दफनाने की परंपरा प्रारम्भ हुई।
- अंतिम चरण में मानव ने चित्र बनाना सीखा।
- गुफाओं की दीवारों पर बने चित्रों में मुख्यतः शिकार के दृश्य मिलते हैं।
2️⃣ मध्य पाषाण काल
यह काल पुरापाषाण और नवपाषाण काल के बीच का संक्रमण काल है।
🔹 औजार
- औजार आकार में छोटे और अधिक नुकीले हो गए।
- छोटे औजारों को माइक्रोलिथ कहा जाता है।
🔹 प्राकृतिक परिवर्तन
- जलवायु गर्म होने लगी।
- बर्फ पिघली और घास के मैदान विकसित हुए।
- हिरण, खरगोश, भेड़, बकरी जैसे घास खाने वाले जानवर बढ़े।
🔹 जीवन-शैली
- मानव अपने आप उगी घासों व बीजों को इकट्ठा करने लगा।
- इस प्रकार वह शिकारी के साथ-साथ संग्राहक भी बन गया।
🔹 पालतू पशु
- मानव ने इस काल में कुत्ते को पालतू बनाया।
- कुत्ता मानव का प्रथम पालतू पशु माना जाता है।
🔹 खेती की शुरुआत
- इस युग में मानव को खेती का प्रारम्भिक ज्ञान हुआ।
3️⃣ नवपाषाण काल
जब मानव ने व्यवस्थित रूप से खेती करना शुरू किया, उसी समय से नवपाषाण काल का प्रारम्भ माना जाता है।
🔹 प्रमुख विशेषता
- मानव भोजन-संग्राहक से भोजन-उत्पादक बन गया।
🔹 जीवन-शैली
- स्थायी जीवन की शुरुआत हुई।
- गाँवों का विकास हुआ।
- पशुपालन और कृषि जीवन का आधार बने।
🔹 औजार
- पत्थर के औजार घिसे हुए, चिकने एवं सुडौल बने।
- हँसिया, कुल्हाड़ी जैसे औजारों का प्रयोग हुआ।
4️⃣ ताम–पाषाण युग (Chalcolithic Age)
- नवपाषाण युग के अंत में पत्थर के साथ धातु का प्रयोग शुरू हुआ।
- सबसे पहले ताँबे का उपयोग हुआ, इसलिए इसे ताम–पाषाण युग कहा गया।
- आगे चलकर मानव ने ताँबा और जस्ता मिलाकर काँसा (Bronze) बनाना सीख लिया।
✍️ निष्कर्ष
पाषाणकालीन संस्कृति मानव के बौद्धिक, सामाजिक और तकनीकी विकास की कहानी कहती है।
शिकार से खेती तक की यात्रा ने मानव सभ्यता की नींव रखी।
