मच्छर और मलेरिया कक्षा 5 वीं विषय- पर्यावरण अध्ययन अध्याय 5
अध्याय का सामान्य परिचय
इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मच्छरों और मलेरिया के बारे में जागरूक करना है। मलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलती है। बच्चे इस अध्याय के माध्यम से सीखेंगे:
- मलेरिया कैसे होता है और इसके लक्षण क्या हैं
- मच्छर का जीवन चक्र (अंडा, लार्वा, प्यूपा, मच्छर)
- मादा मच्छर कैसे बीमारी फैलाती है
- मलेरिया से बचाव के उपाय
- मच्छरों को पनपने से रोकने के तरीके
- मच्छर के शरीर की संरचना
- रुके हुए पानी में मच्छर के लार्वा का अवलोकन
पाठ-1: मलेरिया क्या है? – चंदू की कहानी (दिवस 1)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे मलेरिया के बारे में जान सकें। 2. बच्चे मलेरिया के लक्षणों को पहचान सकें। 3. बच्चे मलेरिया की जाँच की प्रक्रिया समझ सकें। |
| शिक्षण विधि | कहानी विधि, प्रश्नोत्तरी, चर्चा विधि |
| शिक्षण सामग्री | पाठ्यपुस्तक, ब्लैकबोर्ड, चॉक, चार्ट |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- शिक्षक बच्चों से पूछेंगे:
- “तुम्हें कभी मच्छर ने काटा है? कैसा लगता है?”
- “क्या तुमने कभी मलेरिया का नाम सुना है?”
- “तुम्हारे घर में किसी को मलेरिया हुआ है?”
- बच्चों के उत्तर सुनकर चर्चा शुरू करें।
प्रस्तुतीकरण (15 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 38-39 (चंदू की कहानी) का पठन करवाएँ।
- चंदू की कहानी – कई दिनों बाद स्कूल आया, कमजोर दिख रहा था।
- मलेरिया के लक्षण:
- ठंड के साथ कँपकँपी होकर बुखार आना
- हाथ-पैरों में दर्द होना
- कमजोरी महसूस होना
- मलेरिया की जाँच:
- डॉक्टर ने खून निकाला (उँगली में सुई चुभोकर)
- खून को काँच की पट्टी पर फैलाया
- माइक्रोस्कोप से जाँच की
- सुरक्षा सावधानी: नई सुई का उपयोग (बीमारी न फैले)
क्रियात्मक गतिविधि (10 मिनट) :
- बच्चों से पूछें:
- “मलेरिया होने पर क्या-क्या होता है?”
- “मलेरिया होने पर क्या करना चाहिए?”
- बच्चों के अनुभव साझा करें:
- “तुम्हारे घर में किसी को मलेरिया हुआ है? तब क्या किया?”
मूल्यांकन (5 मिनट) :
- प्रश्न: “मलेरिया के मुख्य लक्षण क्या हैं?”
- प्रश्न: “डॉक्टर मलेरिया की जाँच कैसे करता है?”
गृहकार्य :
- अपने घर में पूछें कि क्या कभी किसी को मलेरिया हुआ है और उस समय क्या किया गया था।
पाठ-2: मच्छर और मलेरिया का संबंध (दिवस 2)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे मलेरिया फैलाने वाले मच्छर (मादा एनाफिलिज) को पहचान सकें। 2. बच्चे मच्छर के काटने की प्रक्रिया समझ सकें। 3. बच्चे नर और मादा मच्छर में अंतर समझ सकें। |
| शिक्षण विधि | चित्रात्मक व्याख्यान, तुलनात्मक विधि, चर्चा |
| शिक्षण सामग्री | पाठ्यपुस्तक, मच्छर का चित्र, ब्लैकबोर्ड, हैडलेंस (आवर्धक लेंस) |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- पिछले दिन के गृहकार्य की समीक्षा करें।
- पूछें: “क्या सभी मच्छर बीमारी फैलाते हैं?”
- पूछें: “क्या नर मच्छर काटता है?”
प्रस्तुतीकरण (15 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 39-40 का वाचन करवाएँ।
- मलेरिया फैलाने वाला मच्छर – मादा एनाफिलिज (Anopheles)
- मादा मच्छर क्यों काटती है?
- खून चूसती है (गाय, भैंस, बकरी, इंसान)
- खून में प्रोटीन होता है – अंडे बनाने के लिए आवश्यक
- नर मच्छर – नहीं काटता (सूंड तेज/धारदार नहीं)
| मादा एनाफिलिज | नर मच्छर |
|---|---|
| खून चूसती है | खून नहीं चूसता |
| मलेरिया फैलाती है | मलेरिया नहीं फैलाता |
| सूंड तेज और नुकीली | सूंड नुकीली नहीं |
- काटने की प्रक्रिया:
- सूंड चमड़ी में चुभोती है
- खून जमने से रोकने के लिए लार छोड़ती है
- लार में मलेरिया के रोगाणु हो सकते हैं
- रोगाणु खून में चले जाते हैं → 10-15 दिन बाद मलेरिया
क्रियात्मक गतिविधि (10 मिनट) :
- बच्चों से पूछें:
- “और कौन-से जंतु खून चूसते हैं?” (जूँ, खटमल, चिचड़ी)
- “क्या ये भी कोई रोग फैलाते हैं?”
- बच्चों के उत्तर सुनें और चर्चा करें।
मूल्यांकन (5 मिनट) :
- प्रश्न: “मलेरिया किस मच्छर के काटने से होता है?”
- प्रश्न: “नर मच्छर क्यों नहीं काटता?”
- प्रश्न: “मच्छर खून चूसते समय लार क्यों छोड़ता है?”
गृहकार्य :
- नर और मादा मच्छर में अंतर लिखें।
पाठ-3: मलेरिया के लक्षण, उपचार और बचाव (दिवस 3)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे मलेरिया के लक्षण और उपचार के बारे में जान सकें। 2. बच्चे मलेरिया से बचाव के उपाय समझ सकें। 3. बच्चे मच्छरों को पनपने से रोकने के तरीके जान सकें। |
| शिक्षण विधि | चर्चा विधि, समस्या-समाधान विधि, प्रश्नोत्तरी |
| शिक्षण सामग्री | पाठ्यपुस्तक, ब्लैकबोर्ड, चार्ट, स्वास्थ्य विभाग के पोस्टर |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- पिछले दिन की समीक्षा करें।
- पूछें: “अगर किसी को मलेरिया हो जाए तो क्या करना चाहिए?”
प्रस्तुतीकरण (10 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 40-41 का वाचन करवाएँ।
- मलेरिया होने पर क्या करें:
- तुरंत अस्पताल ले जाएँ
- डॉक्टर द्वारा जाँच करवाएँ (ब्लड टेस्ट)
- डॉक्टर की बताई पूरी दवा लें (खुराक पूरी जरूरी)
- भरपेट खाना, फल, दूध लें
- खूब पानी पिएँ (उल्टी हो तो भी न रोकें)
- मलेरिया से बचाव के उपाय:
- मच्छरों को पनपने से रोकें
- स्वच्छता बनाए रखें
- मच्छरदानी का उपयोग करें
- कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाएँ
- शरीर को पूरा ढककर रखें
क्रियात्मक गतिविधि (15 मिनट) :
- बच्चों को 4-5 के समूहों में बाँटें।
- चर्चा करें:
- “तुम्हारे यहाँ मच्छरों को मारने के लिए क्या दवा छिड़की जाती है?”
- “किस मौसम में मच्छर ज्यादा दिखाई देते हैं?”
- “कौन-कौन सी जगह ज्यादा मच्छर पाए जाते हैं?”
- प्रत्येक समूह मच्छर रोकने के 5 उपाय लिखे।
मूल्यांकन (5 मिनट) :
- प्रश्न: “मलेरिया होने पर क्या करना चाहिए?”
- प्रश्न: “मलेरिया से बचने के कोई दो उपाय बताओ।”
- प्रश्न: “दवा की पूरी खुराक क्यों लेनी जरूरी है?”
गृहकार्य :
- मलेरिया से बचाव के पाँच उपाय लिखें।
- अपने घर के आस-पास मच्छर पनपने वाली जगहों की सूची बनाएँ।
पाठ-4: मच्छर का अध्ययन और जीवन चक्र (दिवस 4)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे मच्छर के शरीर की संरचना को पहचान सकें। 2. बच्चे मच्छर के जीवन चक्र को समझ सकें। 3. बच्चे मच्छर के अंडे/लार्वा को पहचान सकें। |
| शिक्षण विधि | अवलोकन विधि, चित्रात्मक व्याख्यान, व्यावहारिक विधि |
| शिक्षण सामग्री | पाठ्यपुस्तक, हैडलेंस (आवर्धक लेंस), काँच की शीशी, रुका हुआ पानी (डबरे का), मच्छर का चित्र |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- पिछले दिन की समीक्षा करें।
- एक बड़ा मच्छर पकड़कर दिखाएँ (या चित्र)।
- पूछें: “मच्छर के शरीर में तुम क्या-क्या देख पा रहे हो?”
प्रस्तुतीकरण (10 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 41-42 (मच्छर का अध्ययन) का वाचन करवाएँ।
- मच्छर के शरीर के अंग:
- टाँगें – 6 (कीड़े हैं)
- पंख – 2
- सूंड – खून चूसने के लिए
- आँखें – जालीदार (compound eyes)
- हैडलेंस से मच्छर देखें।
मच्छर का जीवन चक्र (15 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 42-43 के चित्र दिखाएँ।
- चार अवस्थाएँ:
| अवस्था | विशेषता | कहाँ रहती है? |
|---|---|---|
| अंडा (Egg) | छोटे-छोटे काले बिंदु | रुके हुए पानी में |
| लार्वा (Larva) | छोटी इल्ली, पानी में तैरती | पानी में (डबरे में) |
| प्यूपा (Pupa) | सिर और छाती एक साथ, अलग नहीं | पानी में |
| मच्छर (Adult) | उड़ सकता है, खून चूसता है | हवा/जमीन पर |
क्रियात्मक गतिविधि:
- एक काँच की शीशी में डबरे का पानी भरें।
- शीशी के मुँह पर कागज़ बाँधें (हवा आने-जाने के लिए छेद करें)।
- रोज़ाना अवलोकन करें – मच्छर की इल्लियाँ, प्यूपा और मच्छर दिख सकते हैं।
मूल्यांकन (5 मिनट) :
- प्रश्न: “मच्छर के शरीर में कितनी टाँगें और कितने पंख होते हैं?”
- प्रश्न: “मच्छर का जीवन चक्र कितनी अवस्थाओं से गुजरता है?”
- प्रश्न: “मच्छर अंडे कहाँ देता है?”
गृहकार्य :
- मच्छर का चित्र बनाएँ और उसके अंगों के नाम लिखें।
- मच्छर के जीवन चक्र के चित्र कॉपी में बनाएँ।
पाठ-5: मच्छरों को पनपने से रोकना (दिवस 5)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे मच्छरों को पनपने से रोकने के तरीके समझ सकें। 2. बच्चे रुके हुए पानी को हटाने के महत्व को समझ सकें। 3. बच्चे मच्छर नियंत्रण में समुदाय की भूमिका समझ सकें। |
| शिक्षण विधि | समस्या-समाधान विधि, समूह चर्चा, व्यावहारिक विधि |
| शिक्षण सामग्री | पाठ्यपुस्तक, ब्लैकबोर्ड, चार्ट, स्वच्छता पोस्टर |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- पिछले दिन की समीक्षा करें।
- पूछें: “मच्छरों का सफाया करने के लिए क्या केवल मच्छरों को मारना काफी है?”
प्रस्तुतीकरण (10 मिनट) :
- पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 42-43 का वाचन करवाएँ।
- मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय:
| उपाय | क्यों? |
|---|---|
| रुके हुए पानी को हटाएँ | मच्छर अंडे देते हैं → नए मच्छर |
| कूलर, गमले, टायरों में पानी न जमा होने दें | ये मच्छरों के प्रजनन स्थल |
| नालियों की सफाई | गंदा पानी मच्छरों के लिए उपयुक्त |
| मच्छरदानी/जाली लगाएँ | मच्छर घर में न आएँ |
| स्वास्थ्य विभाग का छिड़काव | मच्छरों को मारता है |
- केवल मच्छरों को मारना पर्याप्त नहीं – अंडे और इल्लियों का भी सफाया करना होगा।
क्रियात्मक गतिविधि (15 मिनट) :
- बच्चों को 4-5 के समूहों में बाँटें।
- स्कूल या घर के आस-पास मच्छर पनपने वाली जगहें खोजें:
- गमलों में जमा पानी
- पुराने टायर
- नालियाँ
- कूलर
- नारियल के खोल
- प्रत्येक समूह कार्य योजना बनाए:
- इन जगहों को कैसे साफ करें?
- क्या-क्या उपाय करें?
मूल्यांकन (5 मिनट) :
- प्रश्न: “मच्छरों को पनपने से रोकने के कोई चार उपाय बताओ।”
- प्रश्न: “रुके हुए पानी को हटाना क्यों जरूरी है?”
- प्रश्न: “क्या केवल मच्छरों को मारने से बीमारी रुक जाती है?”
गृहकार्य :
- अपने घर के आस-पास मच्छर पनपने वाली 5 जगहों की सूची बनाएँ और उन्हें कैसे हटाया जा सकता है, लिखें।
पाठ-6: पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (दिवस 6)
| शीर्षक | विवरण |
|---|---|
| अवधि | 1 कक्षा-अवधि (लगभग 35-40 मिनट) |
| शिक्षण उद्देश्य | 1. बच्चे पूरे अध्याय की समीक्षा कर सकें। 2. बच्चे अध्याय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दे सकें। 3. बच्चे अपने सीखने का आत्म-मूल्यांकन कर सकें। |
| शिक्षण विधि | प्रश्नोत्तरी, समूह चर्चा, लिखित कार्य |
| शिक्षण सामग्री | ब्लैकबोर्ड, कॉपी, पेन, चार्ट, मच्छर जीवन चक्र के चित्र |
कक्षा-प्रक्रिया
प्रस्तावना (5 मिनट) :
- पूरे अध्याय का संक्षिप्त पुनरावलोकन करें।
- मच्छर के जीवन चक्र के चित्र दिखाएँ और अवस्थाएँ पूछें।
मौखिक प्रश्न (10 मिनट) :
- मच्छर के काटने पर होने वाले किसी एक रोग का नाम बताओ।
- मलेरिया किस कारण से होता है?
- मच्छर का जीवन चक्र किन अवस्थाओं से गुजरता है?
- मलेरिया के मुख्य लक्षण क्या हैं?
- मलेरिया होने पर क्या करना चाहिए?
- अपने आस-पास मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए तुम क्या उपाय करोगे?
लिखित अभ्यास (15 मिनट) :
- मच्छर का जीवन चक्र किन अवस्थाओं से गुजरता है?
- मलेरिया किस कारण से होता है? (उत्तर: मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से)
- मच्छरों से बचाव के उपाय लिखो (कम-से-कम 4)।
- मलेरिया के मुख्य लक्षण क्या हैं? (कोई 4)
- मलेरिया होने पर क्या करना चाहिए? (कोई 4)
खोजो आस-पास (5 मिनट) :
- “हमारे आस-पास मच्छर न पनपे इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?”
- “क्या तुम्हारे यहाँ स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छर मारने की दवा छिड़की जाती है? कब?”
- “खाने की किन-किन चीजों में आयरन होता है?” (एनीमिया से बचाव – गुड़, आँवला, हरी पत्तेदार सब्जियाँ)
गृहकार्य :
- अध्याय का पुनः अभ्यास करें और सभी प्रश्नों के उत्तर लिखें।
- अपने घर, स्कूल और आस-पास मच्छर पनपने वाली जगहों को साफ करने में मदद करें।
अध्याय-समाप्ति पर मूल्यांकन मानदंड
| कौशल | मूल्यांकन का आधार |
|---|---|
| अवलोकन करना | क्या बच्चा मच्छर के शरीर की संरचना (टाँगें, पंख, सूंड) का अवलोकन कर पाता है? |
| पहचानना | क्या बच्चा मच्छर के जीवन चक्र (अंडा, लार्वा, प्यूपा, मच्छर) की अवस्थाएँ पहचान पाता है? |
| ज्ञान | क्या बच्चा मलेरिया के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के बारे में जानता है? |
| संबंध स्थापित करना | क्या बच्चा मच्छरों और मलेरिया के बीच संबंध समझा पाता है? |
| समस्या समाधान | क्या बच्चा मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय सुझा पाता है? |
| मौखिक अभिव्यक्ति | क्या बच्चा मलेरिया से बचाव के उपायों को अपने शब्दों में समझा पाता है? |
| व्यावहारिक कौशल | क्या बच्चा रुके हुए पानी में मच्छर के लार्वा को पहचान पाता है? |
अतिरिक्त संसाधन
- डिजिटल संसाधन: DIKSHA एप पर इस अध्याय से संबंधित वीडियो और सामग्री उपलब्ध है।
- पाठ्यपुस्तक: SCERT छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकाशित कक्षा 5 EVS पाठ्यपुस्तक।
- ऑनलाइन समाधान: CGBSE Class 5 EVS Chapter 5 Solution ऑनलाइन उपलब्ध है।
- गतिविधियाँ:
- जीवन चक्र मॉडल (Life Cycle Model) – मच्छर के जीवन चक्र का 3D मॉडल बनाएँ।
- स्वच्छता अभियान (Cleanliness Drive) – स्कूल परिसर में रुका हुआ पानी हटाएँ।
- मच्छर पहचान (Mosquito Identification) – एनाफिलिज, क्यूलेक्स, एडीज मच्छरों के चित्र दिखाएँ।
- ड्राइंग/चित्रकारी (Drawing Activity) – मच्छर का जीवन चक्र चित्र बनाएँ।
महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Reference)
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| मलेरिया का कारण | मादा एनाफिलिज मच्छर |
| रोगाणु | प्लास्मोडियम (Plasmodium) |
| लक्षण | कँपकँपी के साथ बुखार, दर्द, कमजोरी |
| जाँच | खून की जाँच (Blood Test) |
| उपचार | डॉक्टर की बताई दवा (पूरी खुराक) |
| जीवन चक्र | अंडा → लार्वा → प्यूपा → मच्छर |
| अंडे कहाँ? | रुके हुए गंदे पानी में |
| बचाव | रुका पानी हटाएँ, मच्छरदानी, दवा छिड़काव |
अन्य खून चूसने वाले जीव: जूँ, खटमल, चिचड़ी, पिस्सू
आयरन युक्त भोजन: गुड़, आँवला, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, चुकंदर, अनार
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
- मादा मच्छर ऐनाफिलिस के काटने से मलेरिया रोग होता है।
- मलेरिया रोग के लक्षण-ठण्ड के साथ कँपकँपी होकर बुखार आना और हाथ-पैरों में दर्द होना।
- नर मच्छर नहीं काट सकता क्योंकि उसकी सूँड़ तेज और धारदार नहीं होती है।
- मादा मच्छर के काटने से 10-15 दिनों के बाद मलेरिया हो सकता है।
- मलेरिया से बचने का सबसे बढ़िया तरीका है मच्छरों को पनपने से रोका जाये।
- मच्छर के 6 टाँगें और 2 पंख होते हैं।
- मच्छर का जीवन चक्र 4 अवस्थाओं में पाया जाता है- 1. अण्डे, 2. इल्ली, 3. प्यूपा एवं 4. मच्छर ।
पाठ के मध्य के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. क्या तुम्हारे घर में किसी को मलेरिया हुआ है ? मलेरिया होने पर क्या किया ?
उत्तर- हाँ, हमारे घर में मेरे भाई को मलेरिया हुआ। तुरन्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता मैंने से उनके खून की जाँच करवाया। फिर मलेरिया की दवा की पूरी खुराक खिलाया।
प्रश्न 2. मलेरिया होने पर क्या होता है ?
उत्तर- मलेरिया होने पर ठण्ड के साथ-साथ कँप- कँपी होकर बुखार आता है। हाथ-पैर में दर्द होता है। प्रश्न 3. और कौन-कौन से जन्तु हैं जो खून चूसते हैं ?
उत्तर- -जूँ, खटमल तथा जोंक भी खून चूसते हैं, परन्तु इनके काटने से कोई बीमारी नहीं होती।
प्रश्न 4. क्या ये भी कोई रोग फैलाते हैं ? अपने शिक्षक से पता करो। उत्तर— नहीं।
प्रश्न 5. मलेरिया की जाँच अस्पताल में कैसे की जाती है ? डॉक्टर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से पता करो।
उत्तर- मरीज की ऊँगली में सुई चुभाकर ग्लास स्लाइड बनाते हैं। दो स्लाइड बनती है एक थिन स्लाइड और दूसरी थिक स्लाइड, फिर स्लाइड को कलरिंग एजेन्स से कलर किया जाता है, फिर स्लाइड को सुखाकर सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखते हैं, यंत्र से देखने पर मलेरिया के लक्षण होने पर दिख जाता है।
प्रश्न 6. तुम्हारे यहाँ मलेरिया की जाँच कहाँ होती है?
उत्तर- हमारे यहाँ मलेरिया की जाँच प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में होती है।
प्रश्न 7. तुम्हारे यहाँ मच्छरों को मारने के लिए क्या कोई दवा छिड़की जाती है ?
उत्तर- हाँ, हमारे यहाँ मच्छरों को मारने हेतु डी.डी.टी. का छिड़काव किया जाता है।
प्रश्न 8. तुम्हारे यहाँ किस मौसम में ज्यादा मच्छर दिखाई देते हैं ?
उत्तर- हमारे यहाँ बरसात के मौसम में ज्यादा मच्छर दिखाई देते हैं।
प्रश्न 9. अपने आस-पास पता करो कि कौन-कौन सी जगह ज्यादा मच्छर पाए जाते हैं ?
उत्तर- ज्यादा मच्छर नालियों के आस-पास रुके हुए पानी में और नमी में पाए जाते हैं।
प्रश्न 11. मच्छर की टाँगे कितनी है ? पंख कितने हैं? उत्तर- मच्छर की टाँगे छः (6) है। पंख दो है।
प्रश्न 12. मच्छर अंडे कहाँ देते हैं ?
उत्तर- मच्छर नालियों में कई दिनों तक रुके हुए पानी में तथा नमी वाले स्थानों पर अण्डे देते हैं।
प्रश्न 13. रुके हुए गंदे पानी में अगले पृष्ठ पर दिखाये गये चित्र के अनुसार क्या कोई जीव दिखाई दे रहे हैं ?
उत्तर- रुके हुए गंदे पानी में अगले पृष्ठ पर दिखाये गये चित्र के अनुसार इल्ली नामक जीव दिखाई दे रहे हैं।
प्रश्न 14. क्या कोई मच्छर शीशी के अंदर दिखाई दे रहा है ?
उत्तर- नहीं कोई मच्छर शीशी के अंदर दिखाई नहीं दे रहें है। शीशी के अंदर इल्लिया दिखाई दे रहे हैं। प्रश्न 15. क्या कोई मच्छर शीशी के अंदर दिखाई दे रहे हैं।
हमने क्या सीखा
मौखिक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. मच्छर के काटने पर होने वाले किसी एक रोग का नाम बताओ।
उत्तर-मच्छर के काटने पर होने वाले रोग का नाम मलेरिया है।
प्रश्न 2. अपने आसपास मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए तुम क्या उपाय करोगे?
उत्तर- अपने आसपास मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए हम निम्नलिखित उपाय करेंगे- 1. अपने आसपास गंदा पानी जमा होने वाले गड्ढे को मिट्टी से भर देंगे, 2. प्रतिदिन नालियाँ साफ हों इस बात का ध्यान रखेंगे, 3. घर के आसपास तथा नालियों में डी.डी.टी. पावडर का छिड़काव करेंगे, 4. घर के आस-पास नालियों को साफ करके मिट्टी तेल का छिड़काव करेंगे।
प्रश्न 3. मच्छर का जीवन चक्र किन अवस्थाओं से गुजरता है ?
उत्तर- मच्छर का जीवन चक्र चार अवस्थाओं से गुजरता है – 1. अण्डा, 2. इल्ली, 3. प्यूपा एवं 4. मच्छर ।
लिखित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. मलेरिया किस कारण से होता है ?
उत्तर- मलेरिया मादा मच्छर ऐनाफिलिस के काटने के कारण होता है।
प्रश्न 2. मच्छरों से बचने के उपाय लिखो। उत्तर— मच्छरों से बचने के उपाय-
- घर के आस-पास गंदे पानी वाले गड्ढे को मिट्टी से भर देना चाहिए।
- घर में डी. डी. टी. या कीटनाशक दवाई का छिड़कावकरना चाहिए।
- घर के आस-पास नालियों को साफ कर मिट्टी तेल का छिड़काव करना चाहिए।
- टंकी तथा कूलर के पानी को बदलना चाहिए।
- मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए। नीम की पत्तियों का धुआँ करना चाहिए।
- घर में जेट टिकिया का धुआँ करना तथा ऑल आऊट लगाना चाहिए।
प्रश्न 3. मलेरिया के मुख्य लक्षण क्या होते हैं ?
उत्तर- मलेरिया के मुख्य लक्षण-
- ठण्ड के साथ कँपकँपी होकर तेज बुखार आना।
- हाथ-पैरों में दर्द होना।
- पीले-पीले रंग की उल्टी होना ।
प्रश्न 4. मलेरिया होने पर क्या करना चाहिए ? उत्तर- मलेरिया होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाकर दवा लेना चाहिए। दवा की पूरी खुराक खाना चाहिए। भरपेट खाना, फल और दूध का सेवन करना चाहिए। पानी को उबालकर पीना चाहिए।
