एकादशः पाठः भारतीवसन्तगीति:
प्रस्तुत गीत आधुनिक संस्कृत-साहित्य के प्रख्यात कवि पं. जानकी वल्लभ शास्त्री की रचना ‘काकली’ नामक गीतसंग्रह से संकलित है। इसमें सरस्वती की वन्दना करते हुए कामना की गई है कि हे सरस्वती! ऐसी वीणा बजाओ, जिससे मधुर मंजरियों से पीत पंक्तिवाले आम के वृक्ष, कोयल का कूजन, वायु का धीरे-धीरे बहना, अमराइयों में काले भ्रमरों का गुञ़जार और नदियों का (लीला के साथ बहता हुआ) जल, वसन्त ऋतु में मोहक हो उठे। स्वाधीनता संग्राम की पृष्ठभूमि में लिखी गई यह गीतिका एक नवीन चेतना का आवाहन करती है तथा ऐसे वीणास्वर की परिकल्पना करती है जो स्वाधीनता प्राप्ति के लिए जनसमुदाय को प्रेरित करे।
श्लोक 1
निनादय नवीनामये वाणि! वीणाम्
मृदुं गाय गीतिं ललित-नीति-लीनाम्।
मधुर-मञ्जरी-पिञ्जरी-भूत-माला:
वसन्ते लसन्तीह सरसा रसाला:
कलापा: ललित-कोकिला-काकलीनाम्।।
हिन्दी अर्थ:
हे वाणी (सरस्वती)! नवीन भावनाओं से युक्त अपनी वीणा का निनाद करो। कोमल स्वर में मधुर गीत गाओ, जो कोमल नीति और सौंदर्य से परिपूर्ण हो।
वसन्त ऋतु में मधुर मंजरियों से सुशोभित आम के वृक्ष, रस से भरे हुए दिखाई देते हैं और सुंदर कोयलों की मधुर कूक से वातावरण आनंदमय हो उठता है।
श्लोक 2
वहति मन्दमन्दं सनीरे समीरे
कलिन्दात्मजायास्सवानीरतीरे,
नतां पक्तिमालोक्य मधुमाधवीनाम्।।
हिन्दी अर्थ:
यमुना नदी के तट पर शीतल और सुगंधित वायु धीरे-धीरे बह रही है। मधुमाधवी लताओं की झुकी हुई पंक्तियों को देखकर पूरा वातावरण अत्यंत मनोहर प्रतीत होता है।
श्लोक 3
ललित-पल्लवे पादपे पुष्पपुञ्जे
मलयमारुतोच्चुम्बिते मञ्जुकुञ्जे,
स्वनन्तीन्ततिम्प्रेक्ष्य मलिनामलीनाम्।।
हिन्दी अर्थ:
कोमल पत्तों वाले वृक्षों पर पुष्पों के गुच्छे शोभायमान हैं। मलय पर्वत से चलने वाली सुगंधित वायु से स्पर्शित सुंदर कुंजों में गूँजते हुए भौरों की पंक्तियों को देखकर मन अत्यंत आनंदित हो उठता है।
श्लोक 4
लतानां नितान्तं सुमं शान्तिशीलम्
चलेदुच्छलेत्कान्तसलिलं सलीलम्,
तवाकर्ण्य वीणामदीनां नदीनाम्।।
हिन्दी अर्थ:
लताएँ अत्यंत कोमल और शांत स्वभाव वाली प्रतीत होती हैं। नदियों का सुंदर जल लहराता हुआ, चंचलता से बहने लगता है। हे सरस्वती! तुम्हारी वीणा की मधुर ध्वनि को सुनकर नदियाँ भी जैसे आनंद से भर उठती हैं।
मनीलाल पटेल, जिन्हें सभी प्रेम से मनीभाई नवरत्न के नाम से जानते हैं, शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित और प्रेरणादायक शिक्षक हैं। वे M.Sc., B.Ed., NET योग्यताधारी हैं तथा NCC एवं HWB प्रमाणन भी रखते हैं।
मनी सर वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय (NVS) तथा प्रयास विद्यालय के प्रवेश परीक्षा हेतु छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। और साथ में Edudepart में वरिष्ठ मुख्य संपादक के रूप में अपनी निशुल्क सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
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