लगभग 2300 वर्ष पहले, भारतीय उपमहाद्वीप (Indian subcontinent) में एक ऐसा विशाल साम्राज्य (empire) स्थापित हुआ जिसने पूरे भारत को एक सूत्र में बाँध दिया। यह था मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) — भारत का प्रथम साम्राज्य और अपने समय के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक । इसकी स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) ने की, लेकिन इस साम्राज्य को वह अमर कीर्ति सम्राट अशोक (Emperor Ashoka) ने दी, जिन्होंने जीतने के बाद युद्ध का त्याग कर दिया — यह विश्व इतिहास की एक अनोखी घटना है ।
कक्षा 6 स्तर (Basic Level): मौर्य साम्राज्य का परिचय
मौर्य साम्राज्य की स्थापना (Establishment of the Mauryan Empire)
अलेक्जेंडर महान (Alexander the Great) के भारत से लौटने के बाद, उत्तर-पश्चिम भारत में एक सत्ता-शून्यता (power vacuum) पैदा हो गई। इसका लाभ एक युवा और महत्वाकांक्षी शासक ने उठाया — चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) ।
- चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) (लगभग 322-298 ईसा पूर्व): उन्होंने मगध (Magadha) के अंतिम नंद शासक (Nanda ruler) धनानंद (Dhanananda) को पराजित किया और 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की ।
- चाणक्य (Chanakya) / कौटिल्य (Kautilya): चंद्रगुप्त के मुख्य सलाहकार (chief advisor) और गुरु (mentor) थे । उन्होंने ही चंद्रगुप्त को नंद वंश को हराने और साम्राज्य बनाने में सहायता की। चाणक्य के विचार अर्थशास्त्र (Arthashastra) नामक पुस्तक में संकलित (compiled) हैं, जो राजनीति और प्रशासन पर एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है ।
- विस्तार (Expansion): चंद्रगुप्त ने उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान तक और दक्षिण में नर्मदा नदी (Narmada River) तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया । उन्होंने सेल्यूकस (Seleucus) — अलेक्जेंडर का एक सेनापति — को पराजित किया और उससे अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के कुछ हिस्से प्राप्त किए ।
साम्राज्य बनाम राज्य (Empire vs. Kingdom)
साम्राज्य (Empire) और राज्य (Kingdom) में क्या अंतर है?
- राज्य (Kingdom): एक छोटा क्षेत्र, जिस पर एक राजा (king) शासन करता है।
- साम्राज्य (Empire): एक बहुत बड़ा राज्य, जिसमें कई राज्य और विभिन्न लोग शामिल होते हैं । इसे चलाने के लिए अधिक संसाधनों (resources) — जैसे एक बड़ी सेना (army) और अधिक अधिकारियों (officials) — की आवश्यकता होती है, और इसके लिए अधिक कर (taxes) वसूलने पड़ते हैं ।
मौर्य साम्राज्य में जीवन (Life in the Mauryan Empire)
मौर्य साम्राज्य में लोग अलग-अलग तरह के काम करते थे:
- शहरों (Cities) में: व्यापारी (merchants), अधिकारी (officials), और शिल्पकार (craftspersons) रहते थे ।
- गाँवों (Villages) में: किसान (farmers) और पशुपालक (herders) रहते थे ।
- जंगलों (Forests) में: लोग लकड़ी, शहद, मोम, और हाथी इकट्ठा करते थे और शिकार करते थे ।
- साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोग अलग-अलग भाषाएँ (languages) बोलते थे और अलग तरह के कपड़े पहनते थे ।
मौर्य साम्राज्य का प्रशासन (Administration of the Mauryan Empire)

मौर्य साम्राज्य इतना विशाल था कि इसके अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग तरीके से शासन किया जाता था :
- राजधानी क्षेत्र (Capital Region): पाटलिपुत्र (Pataliputra) (आधुनिक पटना) के आस-पास का क्षेत्र सीधे सम्राट (emperor) के नियंत्रण में था। यहाँ अधिकारी (officials) कर (taxes) वसूलते थे ।
- प्रांत (Provinces): साम्राज्य के अन्य बड़े क्षेत्रों को प्रांतों (provinces) में बाँटा गया था, जिनकी राजधानियाँ तक्षशिला (Taxila) और उज्जैन (Ujjain) थीं । इन प्रांतों पर अक्सर राजकुमारों (royal princes) को राज्यपाल (governors) के रूप में भेजा जाता था ।
- सड़कें और नदियाँ (Roads and Rivers): मौर्य शासकों ने सड़कों (roads) और नदियों (rivers) को नियंत्रित किया, क्योंकि ये परिवहन (transport) और व्यापार (trade) के लिए महत्वपूर्ण थे ।
कक्षा 7 स्तर (Intermediate Level): विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
सम्राट अशोक (Emperor Ashoka) — सबसे प्रसिद्ध मौर्य शासक
मौर्य वंश का तीसरा और सबसे प्रसिद्ध शासक अशोक (Ashoka) था । वह चंद्रगुप्त का पोता (grandson) और बिंदुसार (Bindusara) का पुत्र था । उसने लगभग 273-232 ईसा पूर्व तक शासन किया । वह अभिलेखों (inscriptions) के माध्यम से अपने संदेश को जनता तक पहुँचाने वाला पहला शासक था ।
कलिंग युद्ध (The Kalinga War) — 261 ईसा पूर्व
- युद्ध (War): अशोक ने अपने शासन के आठवें वर्ष (261 ईसा पूर्व) में कलिंग (Kalinga) (आधुनिक ओडिशा) पर विजय प्राप्त की ।
- नरसंहार (Bloodshed): यह एक भीषण युद्ध था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे ।
- परिवर्तन (Transformation): युद्ध में हुई हिंसा और विनाश (violence and destruction) को देखकर अशोक बहुत दुखी हुआ । उसे अपने किए पर पछतावा (remorse) हुआ और उसने युद्ध का त्याग (renunciation of war) करने का फैसला किया । वह विश्व इतिहास का एकमात्र राजा है जिसने विजय के बाद युद्ध का त्याग किया ।

अशोक का धम्म (Ashoka’s Dhamma)
कलिंग युद्ध के बाद, अशोक ने धम्म (Dhamma) — प्राकृत (Prakrit) में ‘धर्म’ (Dharma) — का प्रचार शुरू किया । यह किसी देवता की पूजा या यज्ञ (sacrifice) का मार्ग नहीं था ।
धम्म के मुख्य सिद्धांत (Key Principles of Dhamma):
- अहिंसा (Non-violence): किसी भी जीवित प्राणी को हानि न पहुँचाना; जानवरों की बलि (animal sacrifice) न करना ।
- सद्भावना (Kindness): दासों (slaves) और सेवकों (servants) के साथ दया (mercy) का व्यवहार करना ।
- सहिष्णुता (Tolerance): सभी धर्मों (religions) का सम्मान करना और दूसरे धर्मों के प्रति अहंकार (arrogance) न करना ।
- सत्य (Truthfulness): ईमानदारी (honesty) और सत्य का पालन करना ।
- समाजिक सद्भाव (Social Harmony): पड़ोसियों (neighbours) और परिवार में शांति (peace) बनाए रखना ।
धम्म का प्रचार (Spread of Dhamma)
अशोक ने धम्म के संदेश को फैलाने के लिए कई तरीके अपनाए :
- धम्म-महामात्र (Dhamma Mahamattas): उसने विशेष अधिकारी (officials) नियुक्त किए, जिन्हें धम्म-महामात्र (Dhamma Mahamattas) कहा जाता था। ये अधिकारी जगह-जगह जाकर लोगों को धम्म (dhamma) की शिक्षा देते थे ।
- शिलालेख (Inscriptions): अशोक ने अपने संदेशों को चट्टानों (rocks) और स्तंभों (pillars) पर उकेरवाया । ये अभिलेख (edicts) प्राकृत (Prakrit) भाषा में और ब्राह्मी (Brahmi) लिपि में लिखे गए थे, ताकि आम लोग उन्हें समझ सकें ।
- दूत (Messengers): उसने सीरिया (Syria) , मिस्र (Egypt) , यूनान (Greece) , और श्रीलंका (Sri Lanka) जैसे दूसरे देशों में भी धम्म (dhamma) के संदेश भेजे ।
- स्वयं यात्रा (Personal Tours): अशोक स्वयं भी लोगों से मिलने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए यात्राएँ करता था ।
धम्म के पीछे अशोक का उद्देश्य (Ashoka’s Aim Behind Dhamma)
अशोक ने जिस समस्या को हल करने के लिए धम्म (dhamma) की शुरुआत की, उसमें उसके साम्राज्य में व्याप्त सामाजिक समस्याओं को सुलझाना शामिल था :
- अलग-अलग धर्मों के अनुयायियों (followers) के बीच झगड़े (conflicts) को रोकना।
- धार्मिक अनुष्ठानों (religious rituals) में पशु बलि (animal sacrifice) को रोकना।
- दासों (slaves) और सेवकों (servants) के साथ दुर्व्यवहार (ill-treatment) को रोकना।
- पड़ोसियों (neighbours) के बीच छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़ों को रोकना।
कक्षा 8 स्तर (Advanced Level): उन्नत अवधारणाएँ
अशोक के अभिलेख (Ashoka’s Edicts) — महत्वपूर्ण स्रोत
अशोक के शिलालेख (inscriptions) मौर्य साम्राज्य के बारे में जानकारी के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत (sources) हैं । ये भारत के सबसे पुराने पठित अभिलेख (deciphered inscriptions) हैं ।
- प्रकार (Types):
- सामग्री (Content): ये अभिलेख अशोक के विचारों (thoughts) , कार्यों (actions) , और धम्म (dhamma) के संदेश को दर्शाते हैं ।
- भाषाएँ (Languages): ये अभिलेख अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग भाषाओं और लिपियों (scripts) में लिखे गए थे, ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें पढ़ सकें ।
अशोक के स्तंभ (Ashoka’s Pillars) — भारत का राष्ट्रीय चिह्न

- सारनाथ (Sarnath) स्तंभ (The Sarnath Pillar): सारनाथ (जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया) में खड़ा किया गया यह स्तंभ अशोक की सबसे प्रसिद्ध कलाकृति है ।
- शीर्ष (Capital): इस स्तंभ के शीर्ष पर चार शेर (four lions) एक-दूसरे की ओर पीठ करके खड़े हैं, जो बौद्ध धर्म और अशोक की सभी दिशाओं पर शक्ति का प्रतीक हैं ।
- राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem): इस शेर-शीर्ष (Lion Capital) को 1950 में भारत का राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem of India) बनाया गया । यह भारतीय मुद्रा (Indian currency) और पासपोर्ट (passport) पर भी अंकित है ।
बौद्ध धर्म को संरक्षण (Patronage of Buddhism)
अशोक ने बौद्ध धर्म (Buddhism) को बहुत संरक्षण (patronage) दिया। उसने:
- स्तूप (Stupas) और विहार (monasteries) बनवाए ।
- बुद्ध के अवशेषों (relics) की पूजा को बढ़ावा दिया।
- अपने बेटे महेंद्र (Mahendra) और बेटी संघमित्रा (Sanghamitra) को श्रीलंका (Sri Lanka) में बौद्ध धर्म का प्रचार करने के लिए भेजा ।
मौर्य साम्राज्य का पतन (Decline of the Mauryan Empire)
अशोक की मृत्यु (लगभग 232 ईसा पूर्व) के बाद, मौर्य साम्राज्य धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने लगा ।
पतन के मुख्य कारण (Main Reasons for Decline):
- अशोक के बाद अयोग्य उत्तराधिकारी (Weak Successors): अशोक के बाद आने वाले शासकों में वह क्षमता और दूरदर्शिता (vision) नहीं थी ।
- विशाल साम्राज्य पर नियंत्रण की कठिनाई (Difficulty in Controlling a Vast Empire): इतने विशाल साम्राज्य को नियंत्रित (control) करना और उसके अलग-अलग हिस्सों को एकजुट (unite) रखना बहुत मुश्किल था ।
- बाहरी आक्रमण (External Invasions): उत्तर-पश्चिम से यूनानी (Greek) आक्रमणकारियों (invaders) ने साम्राज्य पर दबाव बनाया ।
- आंतरिक विद्रोह (Internal Rebellions): साम्राज्य के कई हिस्सों में स्थानीय शासकों (local rulers) ने स्वतंत्रता (independence) की घोषणा कर दी ।
- आर्थिक कठिनाइयाँ (Economic Difficulties): विशाल सेना (army) और प्रशासन (administration) को बनाए रखना आर्थिक रूप से कठिन हो गया था ।
185 ईसा पूर्व में, मौर्य सेना के सेनापति (commander-in-chief) पुष्यमित्र शुंग (Pushyamitra Shunga) ने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ (Brihadratha) की हत्या कर दी और शुंग वंश (Shunga Dynasty) की स्थापना की । इसके साथ ही भारत के प्रथम साम्राज्य का अंत हो गया।
मुख्य बिंदु / त्वरित पुनरीक्षण (Key Takeaways)
- मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) भारत का प्रथम साम्राज्य था, जो लगभग 322-185 ईसा पूर्व (BCE) तक अस्तित्व में रहा ।
- इसकी स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya) ने की थी, जिनके गुरु चाणक्य (Chanakya) / कौटिल्य (Kautilya) थे । चाणक्य के विचार अर्थशास्त्र (Arthashastra) में संकलित हैं ।
- पाटलिपुत्र (Pataliputra) (आधुनिक पटना) मौर्य साम्राज्य की राजधानी (capital) थी । तक्षशिला (Taxila) और उज्जैन (Ujjain) महत्वपूर्ण प्रांतीय राजधानियाँ (provincial capitals) थीं ।
- साम्राज्य में विभिन्न लोग रहते थे — शहरों में व्यापारी (merchants) और शिल्पकार (craftspersons) , गाँवों में किसान (farmers) और पशुपालक (herders) , और जंगलों में लोग ।
- अशोक (Ashoka) मौर्य वंश का तीसरा और सबसे प्रसिद्ध शासक था ।
- कलिंग युद्ध (Kalinga War) (261 ईसा पूर्व) के बाद, अशोक हिंसा से इतना दुखी हुआ कि उसने युद्ध (war) का त्याग कर दिया — यह विश्व इतिहास की एक अनोखी घटना है ।
- अशोक ने धम्म (Dhamma) — अहिंसा (non-violence) , सद्भावना (kindness) , सहिष्णुता (tolerance) , और सत्य (truthfulness) — का प्रचार किया ।
- धम्म (Dhamma) के प्रचार के लिए अशोक ने धम्म-महामात्र (Dhamma Mahamattas) नियुक्त किए, शिलालेख (inscriptions) उकेरवाए, और दूत (messengers) भेजे ।
- अशोक के स्तंभों (pillars) पर उत्कीर्ण शेर-शीर्ष (Lion Capital) (सारनाथ का) भारत का राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem) है ।
- अशोक की मृत्यु के बाद, कमज़ोर उत्तराधिकारियों (weak successors) , विद्रोहों (rebellions) , और बाहरी आक्रमणों (external invasions) के कारण मौर्य साम्राज्य का पतन हो गया और 185 ईसा पूर्व में इसका अंत हो गया ।
अभ्यास प्रश्न एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (Practice Questions & MCQs)
कक्षा 6 (Class 6) – 10 MCQs
1. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) की स्थापना किसने की?
a) अशोक
b) चंद्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya)
c) बिंदुसार
d) चाणक्य
2. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) की राजधानी (capital) क्या थी?
a) तक्षशिला
b) उज्जैन
c) पाटलिपुत्र (Pataliputra)
d) वैशाली
3. ‘अर्थशास्त्र’ (Arthashastra) पुस्तक किसने लिखी थी?
a) अशोक
b) चंद्रगुप्त
c) चाणक्य (Chanakya) / कौटिल्य
d) बिंदुसार
4. अशोक (Ashoka) ने किस युद्ध (war) के बाद युद्ध का त्याग (renounced war) कर दिया?
a) कलिंग युद्ध (Kalinga War)
b) मगध युद्ध
c) तक्षशिला युद्ध
d) अवन्ति युद्ध
5. अशोक (Ashoka) ने अपने संदेशों (messages) को कहाँ उकेरवाया?
a) किताबों में
b) चट्टानों (rocks) और स्तंभों (pillars) पर
c) सिक्कों पर
d) मिट्टी के बर्तनों पर
6. अशोक (Ashoka) के अभिलेख (inscriptions) किस भाषा में लिखे गए थे?
a) संस्कृत
b) हिंदी
c) प्राकृत (Prakrit)
d) फारसी
7. अशोक (Ashoka) ने धम्म (Dhamma) का प्रचार क्यों किया?
a) लोगों को युद्ध करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए
b) समाज में अहिंसा (non-violence), सद्भावना (kindness), और सहिष्णुता (tolerance) फैलाने के लिए
c) अधिक कर (taxes) वसूलने के लिए
d) ब्राह्मणों को खुश करने के लिए
8. अशोक (Ashoka) के स्तंभ (pillar) पर बने ‘शेर-शीर्ष’ (Lion Capital) का आज क्या महत्व है?
a) यह भारत का राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem) है
b) यह एक ऐतिहासिक खिलौना है
c) यह भारत का राष्ट्रीय फूल है
d) यह एक प्राचीन मूर्ति है
9. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) के अधिकारी (officials) क्या करते थे?
a) केवल युद्ध लड़ते थे
b) कर (taxes) वसूलते थे और राजा के आदेशों का पालन कराते थे
c) मंदिर बनवाते थे
d) खाना बनाते थे
10. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) का अंत कब हुआ?
a) 322 ईसा पूर्व
b) 261 ईसा पूर्व
c) 185 ईसा पूर्व (c. 185 BCE)
d) 232 ईसा पूर्व
उत्तर (Answers): 1-b, 2-c, 3-c, 4-a, 5-b, 6-c, 7-b, 8-a, 9-b, 10-c
कक्षा 7 (Class 7) – 10 MCQs
1. ‘साम्राज्य’ (Empire) ‘राज्य’ (Kingdom) से किस प्रकार भिन्न (different) है?
a) साम्राज्य छोटा होता है
b) साम्राज्य बड़ा होता है और उसे चलाने के लिए अधिक संसाधनों (resources) और अधिकारियों (officials) की आवश्यकता होती है
c) साम्राज्य में राजा नहीं होता
d) राज्य में कर (taxes) नहीं लगते
2. अशोक (Ashoka) ने अपने धम्म (Dhamma) के प्रचार के लिए किस प्रकार के अधिकारी (officials) नियुक्त किए?
a) सेनापति
b) धम्म-महामात्र (Dhamma Mahamattas)
c) मंत्री
d) न्यायाधीश
3. अशोक (Ashoka) के प्रशासन (administration) में राजकुमारों (royal princes) को क्या काम सौंपा जाता था?
a) सेना का नेतृत्व
b) प्रांतों (provinces) में राज्यपाल (governors) बनना
c) कर (taxes) वसूलना
d) शहरों का निर्माण
4. अशोक (Ashoka) की धम्म (Dhamma) नीति में निम्नलिखित में से किस पर बल नहीं दिया गया?
a) अहिंसा (Non-violence)
b) पशु-बलि (Animal sacrifice)
c) सभी धर्मों का सम्मान (Respect for all religions)
d) दासों (slaves) के साथ दया (Kindness)
5. कलिंग (Kalinga) युद्ध के बाद अशोक (Ashoka) ने क्या निर्णय लिया?
a) और अधिक युद्ध लड़ने का
b) युद्ध (war) का त्याग करने का
c) दूसरे देशों पर आक्रमण करने का
d) सेना बढ़ाने का
6. अशोक (Ashoka) ने अपने धम्म (Dhamma) का संदेश किन देशों में भेजा?
a) केवल भारत में
b) सीरिया (Syria), मिस्र (Egypt), यूनान (Greece), और श्रीलंका (Sri Lanka) में
c) केवल चीन में
d) केवल अमेरिका में
7. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) के ‘प्रांत’ (provinces) क्या थे?
a) साम्राज्य के छोटे-छोटे हिस्से, जिन्हें राज्यपालों (governors) के माध्यम से चलाया जाता था
b) साम्राज्य के शहर
c) साम्राज्य की सेना
d) साम्राज्य के धार्मिक स्थल
8. अशोक (Ashoka) के शिलालेख (inscriptions) किसके बारे में जानकारी देते हैं?
a) केवल युद्धों के बारे में
b) अशोक के विचारों, कार्यों, और धम्म (Dhamma) के संदेश के बारे में
c) केवल मौर्य राजाओं के नामों के बारे में
d) केवल सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में
9. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) के अधिकारी (officials) किन-किन से कर (taxes) वसूलते थे?
a) केवल राजा से
b) किसानों (farmers), पशुपालकों (herders), शिल्पकारों (craftspersons), और व्यापारियों (traders) से
c) केवल व्यापारियों से
d) केवल दासों से
10. अशोक (Ashoka) ने बौद्ध धर्म (Buddhism) के प्रचार के लिए क्या किया?
a) युद्ध लड़े
b) स्तूप (stupas) और विहार (monasteries) बनवाए
c) मंदिरों को नष्ट किया
d) ब्राह्मणों को संरक्षण दिया
उत्तर (Answers): 1-b, 2-b, 3-b, 4-b, 5-b, 6-b, 7-a, 8-b, 9-b, 10-b
कक्षा 8 (Class 8) – 10 MCQs
1. अशोक (Ashoka) के शिलालेखों (inscriptions) को भारतीय इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत (source) क्यों माना जाता है?
a) क्योंकि ये सबसे पुराने हैं
b) क्योंकि ये अशोक के विचारों, नीतियों और धम्म (Dhamma) के बारे में प्रत्यक्ष (first-hand) जानकारी देते हैं
c) क्योंकि ये सोने के बने हैं
d) क्योंकि ये संस्कृत में लिखे गए हैं
2. अशोक (Ashoka) के ‘प्रमुख शिलालेख’ (Major Rock Edicts) आमतौर पर कहाँ स्थित थे?
a) राजधानी पाटलिपुत्र में
b) साम्राज्य की सीमाओं (borders) पर
c) जंगलों में
d) केवल सारनाथ में
3. अशोक (Ashoka) के सारनाथ (Sarnath) स्तंभ पर बने ‘शेर-शीर्ष’ (Lion Capital) को भारत का राष्ट्रीय चिह्न (National Emblem) कब बनाया गया?
a) 1947 में
b) 1950 में
c) 1965 में
d) 1975 में
4. अशोक (Ashoka) के स्तंभ (pillars) किस सामग्री (material) से बनाए गए थे?
a) लकड़ी
b) कच्ची ईंटें
c) पॉलिश (polished) किए गए बलुआ पत्थर (sandstone)
d) लोहा
5. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) के पतन (decline) का एक मुख्य कारण क्या था?
a) अशोक के बाद अयोग्य (weak) शासक
b) बहुत अधिक समृद्धि
c) बहुत कम कर (taxes)
d) बौद्ध धर्म को बहुत अधिक संरक्षण
6. पुष्यमित्र शुंग (Pushyamitra Shunga) ने अंतिम मौर्य शासक की हत्या कर किस वंश (dynasty) की स्थापना की?
a) गुप्त वंश
b) शुंग वंश (Shunga Dynasty)
c) कुषाण वंश
d) सातवाहन वंश
7. ‘धम्म’ (Dhamma) शब्द किस भाषा का है और इसका क्या अर्थ है?
a) संस्कृत — ‘धर्म’ (Dharma)
b) प्राकृत (Prakrit) — ‘धर्म’ (Dharma)
c) पालि — ‘कानून’ (Law)
d) अरबी — ‘शांति’ (Peace)
8. अशोक (Ashoka) ने धम्म (Dhamma) के प्रचार के लिए कौन सा तरीका नहीं अपनाया?
a) धम्म-महामात्र (Dhamma Mahamattas) नियुक्त करना
b) शिलालेख (inscriptions) उकेरवाना
c) दूत (messengers) भेजना
d) बलपूर्वक (forcefully) लोगों को बौद्ध धर्म अपनाने के लिए मजबूर करना
9. मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) के पतन (decline) में आर्थिक (economic) कारण क्या था?
a) बहुत अधिक कर (taxes)
b) बहुत बड़ी सेना (army) और प्रशासन (administration) को बनाए रखने में कठिनाई
c) बहुत कम व्यापार
d) बहुत अधिक खेती
10. मेगस्थनीज (Megasthenes) कौन थे?
a) एक मौर्य सेनापति
b) एक यूनानी राजदूत (Greek ambassador), जो चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था
c) एक बौद्ध भिक्षु
d) एक मौर्य राजकुमार
उत्तर (Answers): 1-b, 2-b, 3-b, 4-c, 5-a, 6-b, 7-b, 8-d, 9-b, 10-b

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।


