विकास के अंतर-संबंध के सिद्धांत (Principles of Interrelation)
1. परस्पर संबंध का सिद्धांत (Principle of Interrelation / Correlation):
- बालक के विकास के सभी पहलू — शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक और नैतिक — आपस में गहराई से जुड़े होते हैं।
- एक पक्ष का विकास दूसरे को प्रभावित करता है।
- उदाहरण: यदि किसी बच्चे का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो उसका मानसिक और सामाजिक विकास भी प्रभावित होगा।
- शैक्षिक निहितार्थ: शिक्षक को बालक के विकास को एक समग्र (holistic) रूप में देखना चाहिए, न कि किसी एक पक्ष तक सीमित रखना चाहिए।
2. सामान्य से विशिष्ट प्रतिक्रियाओं का सिद्धांत (Principle of General to Specific Responses):
- विकास की शुरुआत सामान्य क्रियाओं या प्रतिक्रियाओं से होती है, और धीरे-धीरे बालक विशिष्ट एवं नियंत्रित प्रतिक्रियाएँ करना सीखता है।
- उदाहरण:
- बच्चा पहले पूरे हाथ से वस्तु पकड़ता है, फिर उँगलियों से।
- पहले बच्चा पूरे शरीर को हिलाता है, बाद में नियंत्रित गतियाँ करता है।
- शैक्षिक निहितार्थ: शिक्षक को यह समझना चाहिए कि कौशल धीरे-धीरे विकसित होते हैं — इसलिए बच्चों को अभ्यास और समय दोनों देना चाहिए।
📝 MCQs with Answers and Explanations
1. बालक का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक विकास —
(A) एक-दूसरे से स्वतंत्र होता है
(B) परस्पर संबंधित होता है
(C) केवल शारीरिक कारकों पर निर्भर होता है
(D) शिक्षक पर निर्भर होता है
उत्तर
उत्तर: (B) परस्पर संबंधित होता है
स्पष्टीकरण: विकास के सभी आयाम एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं; यह परस्पर संबंध का सिद्धांत है।
2. यदि किसी बच्चे का शारीरिक स्वास्थ्य कमजोर है, तो उसका अधिगम भी प्रभावित होता है — यह उदाहरण है:
(A) निरंतरता सिद्धांत का
(B) परस्पर संबंध सिद्धांत का
(C) समान प्रतिमान सिद्धांत का
(D) दिशा सिद्धांत का
उत्तर
उत्तर: (B) परस्पर संबंध सिद्धांत का
स्पष्टीकरण: शारीरिक कमजोरी मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करती है।
3. “सामान्य से विशिष्ट प्रतिक्रियाएँ” सिद्धांत के अनुसार बच्चा —
(A) पहले विशिष्ट क्रिया करता है, फिर सामान्य
(B) पहले सामान्य क्रिया करता है, फिर विशिष्ट
(C) एक साथ दोनों विकसित करता है
(D) इनमें कोई संबंध नहीं है
उत्तर
उत्तर: (B) पहले सामान्य क्रिया करता है, फिर विशिष्ट
स्पष्टीकरण: विकास की प्रक्रिया सामान्य प्रतिक्रियाओं से शुरू होकर नियंत्रित विशिष्ट प्रतिक्रियाओं तक पहुँचती है।
4. बच्चा पहले पूरे हाथ से पकड़ना और बाद में केवल उँगलियों से पकड़ना सीखता है — यह उदाहरण है:
(A) सामान्य से विशिष्ट सिद्धांत का
(B) Cephalocaudal सिद्धांत का
(C) सतत विकास सिद्धांत का
(D) परिपक्वता सिद्धांत का
उत्तर
उत्तर: (A) सामान्य से विशिष्ट सिद्धांत का
स्पष्टीकरण: यह मोटर नियंत्रण में सामान्य से विशिष्ट की दिशा को दर्शाता है।
5. यदि किसी बच्चे को भावनात्मक असुरक्षा है, तो उसका सामाजिक विकास बाधित होता है — यह किस सिद्धांत का उदाहरण है?
(A) निरंतरता का सिद्धांत
(B) परस्पर संबंध का सिद्धांत
(C) दिशा का सिद्धांत
(D) समान प्रतिमान का सिद्धांत
उत्तर
उत्तर: (B) परस्पर संबंध का सिद्धांत
स्पष्टीकरण: संवेगात्मक असुरक्षा सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित करती है।
6. बच्चे की संवेगात्मक स्थिरता उसके अधिगम को कैसे प्रभावित करती है?
(A) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
(B) सीखने की क्षमता बढ़ती है
(C) केवल व्यवहार पर प्रभाव पड़ता है
(D) वह शिक्षा में रुचि खो देता है
उत्तर
उत्तर: (B) सीखने की क्षमता बढ़ती है
स्पष्टीकरण: संवेगात्मक रूप से स्थिर बच्चा एकाग्र होकर अधिक प्रभावी ढंग से सीख सकता है।
7. विकास के सभी पहलू एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं — इसका क्या तात्पर्य है?
(A) विकास बहुआयामी और एकीकृत प्रक्रिया है
(B) विकास केवल मानसिक है
(C) विकास केवल बाहरी है
(D) विकास स्थिर है
उत्तर
उत्तर: (A) विकास बहुआयामी और एकीकृत प्रक्रिया है
स्पष्टीकरण: यह सिद्धांत विकास की समग्रता (holistic nature) को दर्शाता है।
8. बच्चे का पहले कंधे हिलाना और बाद में उँगलियों का उपयोग करना — यह किस दिशा का विकास है?
(A) Cephalocaudal
(B) Proximodistal
(C) सामान्य से विशिष्ट
(D) सतत
उत्तर
उत्तर: (C) सामान्य से विशिष्ट
स्पष्टीकरण: बच्चा पहले सामान्य क्रियाएँ करता है, फिर सूक्ष्म और नियंत्रित गतियाँ करता है।
9. यदि किसी बच्चे का सामाजिक विकास बाधित है, तो किस अन्य पक्ष पर प्रभाव पड़ेगा?
(A) केवल शारीरिक विकास पर
(B) मानसिक और संवेगात्मक विकास पर
(C) केवल बौद्धिक विकास पर
(D) किसी पर नहीं
उत्तर
उत्तर: (B) मानसिक और संवेगात्मक विकास पर
स्पष्टीकरण: सभी आयाम जुड़े हुए हैं, इसलिए एक का रुकना दूसरे को प्रभावित करता है।
10. शिक्षक को विकास के अंतर-संबंध सिद्धांत से क्या सीखना चाहिए?
(A) केवल विषय पढ़ाना चाहिए
(B) बालक के संपूर्ण विकास पर ध्यान देना चाहिए
(C) केवल मानसिक विकास देखना चाहिए
(D) शारीरिक शिक्षा को नज़रअंदाज़ करना चाहिए
उत्तर
उत्तर: (B) बालक के संपूर्ण विकास पर ध्यान देना चाहिए
स्पष्टीकरण: शिक्षक को बच्चे के हर आयाम — शारीरिक, सामाजिक, मानसिक, भावनात्मक — को समान रूप से पोषित करना चाहिए।
