9. अवशोषित पाचित पदार्थों का स्वांगीकरण (Assimilation of Absorbed Food)
- परिभाषा: अवशोषित पोषक तत्वों का ऊतकों तक पहुँचना और उनका ऊर्जा उत्पादन या नए प्रोटोप्लाज्म (कोशिका सामग्री) के निर्माण के लिए उपयोग होना।
- ग्लूकोज: कोशिकीय श्वसन में ATP (ऊर्जा) उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। अतिरिक्त ग्लूकोज ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत होता है।
- एमिनो अम्ल: नए प्रोटीन (एंजाइम, हॉर्मोन) के संश्लेषण और ऊतक की मरम्मत के लिए उपयोग किया जाता है।
- वसा: कोशिका झिल्ली और अन्य लिपिड के संश्लेषण के लिए उपयोग होता है, या वसा ऊतक (Adipose Tissue) में संग्रहीत होता है।
- यकृत की भूमिका: यकृत रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है और एमिनो अम्ल के डी-एमिनेशन में भाग लेता है।
10 MCQ (स्वांगीकरण)
1. स्वांगीकरण (Assimilation) क्या है?
- a) भोजन का पाचन
- b) पचे हुए भोजन का रक्त में अवशोषण
- c) अवशोषित पोषक तत्वों का ऊर्जा या नए प्रोटोप्लाज्म बनाने के लिए उपयोग
- d) अपचित भोजन का बाहर निकलना
उत्तर
उत्तर: (c) अवशोषित पोषक तत्वों का ऊर्जा या नए प्रोटोप्लाज्म बनाने के लिए उपयोग।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- स्वांगीकरण वह अंतिम प्रक्रिया है जिसके द्वारा पोषक तत्व वास्तव में शरीर का हिस्सा बन जाते हैं और ऊतकों द्वारा उपयोग किए जाते हैं।
2. अतिरिक्त ग्लूकोज को यकृत में किस रूप में संग्रहीत किया जाता है?
- a) स्टार्च (Starch)
- b) माल्टोज (Maltose)
- c) ग्लाइकोजन (Glycogen)
- d) वसा (Fat)
उत्तर
उत्तर: (c) ग्लाइकोजन (Glycogen)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- ग्लाइकोजन जंतुओं में कार्बोहाइड्रेट भंडारण का रूप है (पादपों में स्टार्च होता है)।
3. एमिनो अम्ल का उपयोग मुख्य रूप से किसके संश्लेषण के लिए किया जाता है?
- a) वसा (Fats)
- b) प्रोटीन (Proteins)
- c) ग्लाइकोजन (Glycogen)
- d) DNA
उत्तर
उत्तर: (b) प्रोटीन (Proteins)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- एमिनो अम्ल प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक हैं, जिनका उपयोग शरीर नए प्रोटीन और मरम्मत के लिए करता है।
4. अतिरिक्त वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल कहाँ संग्रहीत होते हैं?
- a) पेशियों में
- b) यकृत में
- c) वसा ऊतक में (Adipose Tissue)
- d) अस्थि मज्जा में
उत्तर
उत्तर: (c) वसा ऊतक में (Adipose Tissue)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- वसा ऊतक त्वचा के नीचे और अंगों के चारों ओर स्थित होता है और अतिरिक्त वसा को संग्रहित करता है।
5. वह अंग जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करके स्वांगीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है:
- a) आमाशय
- b) अग्न्याशय
- c) यकृत
- d) गुर्दा
उत्तर
उत्तर: (c) यकृत (Liver)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- यकृत ग्लाइकोजेनेसिस (ग्लूकोज से ग्लाइकोजन बनाना) और ग्लाइकोजेनोलाइसिस (ग्लाइकोजन से ग्लूकोज बनाना) द्वारा रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है।
6. स्वांगीकरण के लिए आवश्यक अधिकांश ग्लूकोज का उपयोग किस रूप में किया जाता है?
- a) ग्लाइकोजन
- b) वसा
- c) ATP के उत्पादन (Energy generation)
- d) एमिनो अम्ल
उत्तर
उत्तर: (c) ATP के उत्पादन (Energy generation)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- ग्लूकोज का मुख्य उद्देश्य कोशिकीय श्वसन के माध्यम से ATP (ऊर्जा) का उत्पादन करना है।
7. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा प्रोटीन का नाइट्रोजन युक्त भाग (एमिनो समूह) हटा दिया जाता है:
- a) ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis)
- b) डी-एमिनेशन (Deamination)
- c) ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis)
- d) लाइपोलिसिस (Lipolysis)
उत्तर
उत्तर: (b) डी-एमिनेशन (Deamination)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- डी-एमिनेशन यकृत में होता है और यह एमिनो अम्ल से यूरिया (नाइट्रोजन अपशिष्ट) हटाता है, जिससे शेष कार्बन कंकाल को ऊर्जा के लिए उपयोग किया जा सके।
8. स्वांगीकरण की प्रक्रिया किसके बाद होती है?
- a) मल निर्माण
- b) अवशोषण
- c) पाचन
- d) बहिःक्षेपण
उत्तर
उत्तर: (b) अवशोषण।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- पोषक तत्वों को रक्त या लसीका में अवशोषित करने के बाद ही, वे ऊतकों द्वारा उपयोग (स्वांगीकरण) के लिए उपलब्ध होते हैं।
9. वसा के अणुओं का उपयोग किसके संश्लेषण में भी होता है?
- a) रक्त (Blood)
- b) कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
- c) न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid)
- d) ग्लाइकोजन (Glycogen)
उत्तर
उत्तर: (b) कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- कोशिका झिल्ली मुख्य रूप से फॉस्फोलिपिड्स (वसा से व्युत्पन्न) और प्रोटीन से बनी होती है।
10. यदि शरीर को ऊर्जा के लिए एमिनो अम्ल का उपयोग करना पड़े, तो इसका संकेत है:
- a) अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन
- b) प्रोटीन की अधिकता
- c) भुखमरी या उपवास
- d) विटामिन की कमी
उत्तर
उत्तर: (c) भुखमरी या उपवास।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- शरीर आमतौर पर पहले कार्बोहाइड्रेट और वसा का उपयोग करता है। प्रोटीन (एमिनो अम्ल) का उपयोग ऊर्जा के लिए एक आरक्षित या अंतिम उपाय है।
