10. आहारनाल में गतियाँ (Movements of the Alimentary Canal)
- गठन: मस्कुलरिस परत (चिकनी पेशियाँ) गतियों के लिए जिम्मेदार है।
- क्रमानुकुंचन (Peristalsis): पेशियों का लयबद्ध, संचरित संकुचन जो भोजन को आगे धकेलता है (ग्रासनली से मलाशय तक)।
- मथना (Churning): आमाशय की मजबूत पेशियाँ भोजन को जठर रस के साथ पूरी तरह मिलाती हैं।
- सेगमेंटेशन (Segmentation): छोटी आँत में स्थानीय वृत्ताकार संकुचन जो भोजन को पाचक रसों से मिलाते हैं।
- नियंत्रण: स्वायत्त तंत्रिका तंत्र द्वारा। पैरासिम्पेथेटिक बढ़ाता है और सिम्पेथेटिक कम करता है।
10 MCQ (आहारनाल में गतियाँ)
1. भोजन को ग्रासनली से आमाशय तक ले जाने वाली पेशी संकुचन की लयबद्ध तरंग क्या कहलाती है?
- a) मथना (Churning)
- b) क्रमानुकुंचन (Peristalsis)
- c) विसरण (Diffusion)
- d) सेगमेंटेशन (Segmentation)
उत्तर
उत्तर: (b) क्रमानुकुंचन (Peristalsis)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- क्रमानुकुंचन आहार नाल की प्रणोदक (Propelling) गति है।
2. छोटी आँत में भोजन को पाचक रसों के साथ मिलाने के लिए कौन-सी गति होती है?
- a) क्रमानुकुंचन
- b) सेगमेंटेशन
- c) प्रति-क्रमानुकुंचन (Anti-peristalsis)
- d) मथना
उत्तर
उत्तर: (b) सेगमेंटेशन।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- सेगमेंटेशन संकुचन पाचक रसों के साथ मिश्रण को सुनिश्चित करते हैं।
3. आमाशय में भोजन को जठर रस के साथ मिलाने वाली गति क्या है?
- a) क्रमानुकुंचन
- b) सेगमेंटेशन
- c) मथना
- d) कोई गति नहीं
उत्तर
उत्तर: (c) मथना (Churning)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- आमाशय की तिर्यक पेशी परत मथने की क्रिया करके भोजन को अम्लीय रस से मिलाती है।
4. आहार नाल की गतियों के लिए कौन-सी पेशीय परत जिम्मेदार है?
- a) सिरोसा
- b) म्यूकोसा
- c) मस्कुलरिस
- d) सब-म्यूकोसा
उत्तर
उत्तर: (c) मस्कुलरिस (Muscularis)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- मस्कुलरिस (अनुदैर्घ्य और वृत्ताकार पेशियाँ) संकुचन करके सभी प्रकार की गतियाँ उत्पन्न करती हैं।
5. आहार नाल की गतियों को कौन-सा तंत्रिका तंत्र कम करता है?
- a) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS)
- b) पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र
- c) सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र
- d) सोमेटिक तंत्रिका तंत्र
उत्तर
उत्तर: (c) सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र (Sympathetic Nervous System)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- सिम्पेथेटिक (“फाइट या फ्लाइट”) तंत्र आपातकाल में पाचन क्रिया को धीमा कर देता है।
6. पाइलोरिक स्फिंक्टर (Pyloric Sphincter) का कार्य क्या है?
- a) भोजन को ग्रासनली में वापस जाने से रोकना
- b) छोटी आँत से बड़ी आँत में प्रवेश को नियंत्रित करना
- c) आमाशय से छोटी आँत में काइम के निकलने को नियंत्रित करना
- d) मल के बहिःक्षेपण को नियंत्रित करना
उत्तर
उत्तर: (c) आमाशय से छोटी आँत में काइम के निकलने को नियंत्रित करना।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- यह काइम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ग्रहणी में नियंत्रित रूप से भेजता है।
7. क्रमानुकुंचन की शुरुआत कहाँ होती है?
- a) मुख गुहा
- b) ग्रसनी
- c) ग्रासनली
- d) आमाशय
उत्तर
उत्तर: (c) ग्रासनली (Oesophagus)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- निगलने के बाद भोजन को आमाशय तक पहुँचाने के लिए ग्रासनली में क्रमानुकुंचन शुरू होता है।
8. आहार नाल की गतियों को बढ़ाने वाला तंत्रिका तंत्र है:
- a) सिम्पेथेटिक
- b) पैरासिम्पेथेटिक
- c) सोमेटिक
- d) केंद्रीय
उत्तर
उत्तर: (b) पैरासिम्पेथेटिक (Parasympathetic)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- पैरासिम्पेथेटिक (“रेस्ट एंड डाइजेस्ट”) तंत्र पाचन क्रिया को उत्तेजित और तेज करता है।
9. अपचित भोजन को इलियम (छोटी आँत) से सीकम (बड़ी आँत) में जाने को कौन-सा वाल्व नियंत्रित करता है?
- a) पाइलोरिक स्फिंक्टर
- b) ओडी का स्फिंक्टर (Sphincter of Oddi)
- c) इलियोसीकल वाल्व (Ileocecal Valve)
- d) एनल स्फिंक्टर (Anal Sphincter)
उत्तर
उत्तर: (c) इलियोसीकल वाल्व (Ileocecal Valve)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- यह वाल्व भोजन को बड़ी आँत से छोटी आँत में वापस जाने (Backflow) से रोकता है।
10. आमाशय की मस्कुलरिस परत में अन्य भागों की तुलना में एक अतिरिक्त परत होती है:
- a) अनुदैर्घ्य (Longitudinal)
- b) वृत्ताकार (Circular)
- c) तिर्यक/तिरछी (Oblique)
- d) सीधी (Straight)
उत्तर
उत्तर: (c) तिर्यक/तिरछी (Oblique)।
💡 संक्षिप्त स्पष्टीकरण:
- तिर्यक परत सबसे अंदरूनी होती है, जो आमाशय को मजबूत मथने की क्रिया करने में सक्षम बनाती है।
