पारितंत्र (Ecosystem)
पारितंत्र प्रकृति की एक कार्यात्मक इकाई है जहाँ जीव आपस में और अपने भौतिक पर्यावरण के साथ क्रिया करते हैं। […]
पारितंत्र प्रकृति की एक कार्यात्मक इकाई है जहाँ जीव आपस में और अपने भौतिक पर्यावरण के साथ क्रिया करते हैं। […]
पारिस्थितिकी (Ecology) जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें हम जीवों के बीच और उनके भौतिक (अजैविक) पर्यावरण के साथ
जैव प्रौद्योगिकी का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा, कृषि और पर्यावरण के क्षेत्रों में सुधार करना है। 1. कृषि में जैव प्रौद्योगिकी
जैव प्रौद्योगिकी एवं इसके उपयोग (Biotechnology and its Applications) Read Post »
जैव प्रौद्योगिकी का अर्थ है सजीवों या उनसे प्राप्त एंजाइमों का उपयोग करके मानव के लिए उपयोगी उत्पाद या प्रक्रम
जैव प्रौद्योगिकी – सिद्धांत एवं प्रक्रम (Biotechnology: Principles and Processes) Read Post »
सूक्ष्मजीव (Microbes) केवल बीमारियाँ ही नहीं फैलाते, बल्कि वे हमारे दैनिक जीवन और औद्योगिक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव (Microbes in Human Welfare) Read Post »
बढ़ती जनसंख्या की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है, इसके लिए जैविक सिद्धांतों
खाद्य उत्पादन में वृद्धि की कार्यनीति (Strategies for Enhancement in Food Production) Read Post »
स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोग की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना है।
मानव स्वास्थ्य और रोग (Human Health and Diseases) Read Post »
विकास का तात्पर्य सजीवों में समय के साथ होने वाले क्रमिक परिवर्तनों से है, जिससे सरल जीवों से जटिल जीवों
यह अध्याय आनुवांशिक जानकारी के रासायनिक और आण्विक रूप को समझने पर केंद्रित है। 1. आनुवांशिक पदार्थ की खोज 2.
वंशागति का आण्विक आधार (Molecular Basis of Inheritance) Read Post »
वंशागति वह प्रक्रम है जिससे लक्षण जनक (Parents) से संतति (Offspring) में जाते हैं। विविधता वह अंतर है जो संतति
वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत (Principles of Inheritance and Variation) Read Post »