विकास का तात्पर्य सजीवों में समय के साथ होने वाले क्रमिक परिवर्तनों से है, जिससे सरल जीवों से जटिल जीवों की उत्पत्ति हुई।
1. जीवन की उत्पत्ति (Origin of Life)
ब्रह्मांड की उत्पत्ति लगभग 20 बिलियन वर्ष पूर्व ‘बिग बैंग’ घटना से हुई। पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के संबंध में ओपेरिन और हाल्डेन का सिद्धांत सर्वमान्य है, जिसे स्टैनली मिलर ने अपने प्रयोग द्वारा सिद्ध किया कि अजैविक अणुओं से कार्बनिक अणुओं का निर्माण हो सकता है।
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2. जैव विकास के प्रमाण (Evidences of Evolution)
- जीवाश्मिकी (Paleontology): चट्टानों में दबे जीवों के अवशेषों का अध्ययन।
- तुलनात्मक आकारिकी:
- समजात अंग (Homologous Organs): संरचना समान, कार्य भिन्न (जैसे- मनुष्य के हाथ और व्हेल के फ्लिपर)। यह अपसारी विकास (Divergent Evolution) दर्शाता है।
- समवृत्ति अंग (Analogous Organs): कार्य समान, संरचना भिन्न (जैसे- तितली और पक्षी के पंख)। यह अभिसारी विकास (Convergent Evolution) दर्शाता है।
- भ्रूणीय प्रमाण: अर्नेस्ट हेकल के अनुसार, “जीव अपने भ्रूण विकास के दौरान अपने पूर्वजों के इतिहास को दोहराता है।”
- आण्विक विकास: विभिन्न जीवों के DNA और प्रोटीन की समानता विकास के संबंधों को दर्शाती है।
3. डार्विन का योगदान एवं प्राकृतिक वरण
चार्ल्स डार्विन ने ‘प्राकृतिक वरण द्वारा विकास’ का सिद्धांत दिया।
- प्राकृतिक वरण (Natural Selection): प्रकृति उन्हीं जीवों को चुनती है जो वातावरण के अनुसार अनुकूलित होते हैं।
- प्राकृतिक वरण के प्रकार:
- स्थिरीकरण (Stabilizing): औसत लक्षणों वाले जीव बचते हैं।
- दिशात्मक (Directional): लक्षण एक विशेष दिशा में बदलते हैं।
- विघटनकारी (Disruptive): दोनों चरम लक्षणों वाले जीव बचते हैं।
4. विकास का आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत
यह डार्विनवाद और आनुवंशिकी का मेल है। इसके अनुसार विकास के मुख्य कारक हैं:
- उत्परिवर्तन (Mutation): ह्यूगो डी व्रीज के अनुसार, जीन में होने वाले अचानक परिवर्तन विकास का आधार हैं।
- पुनर्संयोजन (Recombination): लैंगिक जनन के दौरान जीनों का नया मेल।
- जीन प्रवाह (Gene Flow): आबादी के बीच जीनों का आदान-प्रदान।
- आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift): छोटी आबादी में अचानक होने वाला जीन परिवर्तन।
5. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत (Hardy-Weinberg Principle)
यह सिद्धांत बताता है कि एक बड़ी आबादी में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी दर पीढ़ी स्थिर रहती हैं, जब तक कि विकासवादी कारक (जैसे उत्परिवर्तन, चयन) कार्य न करें।
p2 + 2pq + q2 = 1
6. अनुकूली विकिरण (Adaptive Radiation)
एक ही पूर्वज से शुरू होकर विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग स्वरूपों में विकसित होना।
- उदाहरण: डार्विन की फिंचें (Darwin’s Finches) और ऑस्ट्रेलियाई मार्सुपियल्स।

7. मानव विकास (Human Evolution)
मानव का विकास क्रमबद्ध तरीके से हुआ:
- ड्रायोपिथेकस/रामापिथेकस: वानर जैसे पूर्वज।
- ऑस्ट्रेलोपिथेकस: अफ्रीका के घास के मैदानों में रहे।
- होमो हैबिलिस: प्रथम मानव जैसा जीव, दिमागी क्षमता 650-800 cc।
- होमो इरेक्टस: आग की खोज की, दिमागी क्षमता 900 cc।
- निएंडरथल: गुफाओं में रहते थे और मृतकों को दफनाते थे।
- होमो सेपियन्स: आधुनिक मानव, जिसकी उत्पत्ति अफ्रीका में हुई।
