यह अध्याय आनुवांशिक जानकारी के रासायनिक और आण्विक रूप को समझने पर केंद्रित है।
1. आनुवांशिक पदार्थ की खोज
- ग्रिफिथ का प्रयोग (Transformation): स्ट्रेप्टोकोकस निमोनी पर प्रयोग कर बताया कि कोई ‘रूपांतरण तत्व’ है जो लक्षणों को बदलता है।
- हर्शे और चेज़ का प्रयोग: रेडियोधर्मी फास्फोरस ($^{32}P$) और सल्फर ($^{35}S$) का उपयोग कर सिद्ध किया कि DNA ही आनुवांशिक पदार्थ है, न कि प्रोटीन।
2. DNA तथा RNA की संरचना
- DNA: द्विकुंडलित संरचना (Watson & Crick Model)। इसमें डीऑक्सीराइबोज शर्करा, फास्फेट और चार नाइट्रोजन क्षार (A, T, G, C) होते हैं।
- RNA: एकल रज्जुक (Single stranded) संरचना। इसमें राइबोज शर्करा और थायमीन (T) के स्थान पर यूरैसिल (U) होता है।
- DNA पैकेजिंग: लंबी DNA लड़ी हिस्टोन प्रोटीन के चारों ओर लिपटकर न्यूक्लियोसोम बनाती है, जो आगे चलकर क्रोमेटिन धागे बनाते हैं।
3. सेंट्रल डोग्मा (Central Dogma)
फ्रांसिस क्रिक के अनुसार, आनुवांशिक सूचनाओं का प्रवाह इस प्रकार होता है:
$$DNA \xrightarrow{Replication} DNA \xrightarrow{Transcription} mRNA \xrightarrow{Translation} Protein$$
4. महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ
| प्रक्रिया | विवरण |
| प्रतिकृतिकरण (Replication) | DNA से अपनी ही प्रतिलिपि बनाना। यह अर्ध-संरक्षी (Semi-conservative) होता है। |
| अनुलेखन (Transcription) | DNA के एक रज्जुक से सूचनाओं का mRNA में जाना। |
| स्थानांतरण (Translation) | mRNA की सूचनाओं के आधार पर अमीनो अम्ल से प्रोटीन का संश्लेषण होना। |
5. जेनेटिक कोड (Genetic Code)
- यह त्रिक (Triplet) होता है (जैसे AUG, GUG)।
- यह सर्वव्यापी (Universal) और अपभ्रष्ट (Degenerate) होता है।
- AUG प्रारंभिक कूट (Start codon) है जो मेथिओनिन को कोड करता है।
6. जीन अभिव्यक्ति का नियमन: लैक ओपेरान (Lac Operon)
जैकब और मोनॉड ने ई. कोलाई बैक्टीरिया में इसका अध्ययन किया।
- जब माध्यम में लैक्टोज उपस्थित होता है, तो यह ‘प्रेरक’ (Inducer) के रूप में कार्य करता है और ऑपरेटर को मुक्त कर एंजाइम संश्लेषण शुरू करवाता है।
7. जीनोम परियोजनाएँ (Genome Projects)
- मानव जीनोम परियोजना (HGP): इसे ‘मेगा प्रोजेक्ट’ कहा गया। इसमें मानव के लगभग 3 बिलियन क्षार युग्मों (base pairs) का अनुक्रम ज्ञात किया गया।
- चावल जीनोम परियोजना: कृषि क्षेत्र में सुधार और पैदावार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण।
8. DNA फिंगरप्रिंटिंग
एलेक जेफ्रीस द्वारा विकसित तकनीक।
- यह DNA में मौजूद VNTRs (Variable Number of Tandem Repeats) की विशिष्टता पर आधारित है।
- उपयोग: पैतृक विवादों को सुलझाने और आपराधिक मामलों (Forensics) की जाँच में।
