वंशगति (Heredity) का तात्पर्य माता-पिता के लक्षणों का संतानों में स्थानांतरण करना है। विविधता (Variation) का तात्पर्य समान जीवों में विभिन्न लक्षणों का होना है।
1️⃣ वंशगति की खोज और मेंडल
A. अनुवंशिकता का इतिहास
- प्रारंभिक विचार: विभिन्न जीवविज्ञानियों द्वारा विचार (Lamarck, Darwin)
- वैज्ञानिक अध्ययन: ग्रेगर जॉन मेंडल (1866)
B. ग्रेगर जॉन मेंडल (1822-1884)
- देश: ऑस्ट्रिया
- पेशा: ऑगस्टिनियन भिक्षु और गणितज्ञ
- अनुसंधान: मटर के पौधों (Pisum sativum) पर 30 वर्षों तक
- अवधि: 1856-1863
C. मेंडल को पसंदीदा प्रजाति – मटर (Pisum sativum)
क्यों चुना गया:
- सहज खेती – आसानी से उगाया जा सकता है
- एक पीढ़ी में बीज – तेजी से प्रजनन
- स्पष्ट विशेषताएं – 7 विशिष्ट विशेषताएं
- स्वपरागण – स्व-परागण से शुद्ध नस्ल बनाना आसान
- संकर बनाना आसान – कृत्रिम परागण संभव
D. मटर की 7 प्रमुख विशेषताएं
| विशेषता | विकल्प 1 | विकल्प 2 |
|---|---|---|
| 1. बीज का रंग | पीला (Y) | हरा (y) |
| 2. बीज का आकार | गोल (R) | सिकुड़ा हुआ (r) |
| 3. पौधे की ऊंचाई | लंबा (T) | बौना (t) |
| 4. फली का रंग | हरी (G) | पीली (g) |
| 5. फली का आकार | फूली हुई (I) | संकुचित (i) |
| 6. फूल का रंग | बैंगनी (B) | सफेद (b) |
| 7. फूल की स्थिति | कक्षीय (A) | शिरस्थ (a) |
2️⃣ मेंडल के प्रयोग और सिद्धांत
A. मेंडल का प्रथम नियम: विभाजन का नियम (Law of Segregation)
प्रयोग – F₁ पीढ़ी:
P (माता-पिता): लंबा (TT) × बौना (tt) ↓ F₁: सभी लंबे (Tt)
प्रयोग – F₂ पीढ़ी:
F₁ × F₁: Tt × Tt ↓ F₂: 1 TT : 2 Tt : 1 tt लक्षण अनुपात: 3 लंबे : 1 बौना (3:1)
परिभाषा:
जीनों की एक जोड़ी (एलील्स) में से एक-एक प्रत्येक संतान को माता-पिता से मिलता है। प्रजनन के समय ये दोनों एलील्स अलग हो जाती हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- प्रभावी एलील (Dominant allele): जो विशेषता को व्यक्त करता है (T – लंबाई)
- अप्रभावी एलील (Recessive allele): जो विशेषता को छिपाता है (t – बौनापन)
- समयुग्मी (Homozygous): समान एलील्स (TT या tt)
- विषमयुग्मी (Heterozygous): विभिन्न एलील्स (Tt)

B. मेंडल का द्वितीय नियम: स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment)
प्रयोग – द्वि-संकर क्रॉस (Dihybrid Cross):
P: गोल पीला (RRYY) × सिकुड़ा हरा (rryy) ↓ F₁: सभी गोल पीला (RrYy)
F₁ × F₁: RrYy × RrYy
F₂ फेनोटाइप अनुपात:

परिभाषा:
दो या अधिक विभिन्न जीन जोड़ी के एलील्स संतान में स्वतंत्र रूप से असंबद्ध होते हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- एक जीन के एलील्स का दूसरे जीन के एलील्स पर कोई प्रभाव नहीं
- F₂ अनुपात: 9:3:3:1 (द्वि-संकर के लिए)
C. मेंडल का तीसरा नियम (जो गलत साबित हुआ)
संयोजन का नियम – यह नियम गलत साबित हुआ, क्योंकि बाद में खोजा गया कि कुछ जीन एक-दूसरे के पास होते हैं और यकायक विभाजित नहीं होते।
3️⃣ जीन, एलील्स और गुणसूत्र
A. जीन (Gene)
- परिभाषा: DNA का एक खंड जो विशेष विशेषता के लिए कोड करता है
- स्थिति: गुणसूत्रों पर विशिष्ट स्थिति (लोकस)
- संख्या: मानव में ~20,000-25,000 जीन
B. एलील्स (Alleles)
- परिभाषा: एक ही जीन के विभिन्न रूप
- उदाहरण: ऊंचाई के जीन के लिए T (लंबा) और t (बौना)
- संख्या: एक जीन के कम से कम 2 एलील्स हो सकते हैं
C. गुणसूत्र (Chromosome)
- परिभाषा: DNA और प्रोटीन से बना संरचना
- संख्या: मानव में 46 गुणसूत्र (23 जोड़ी)
- जीन का वहन: प्रत्येक गुणसूत्र हजारों जीन रखता है
D. जीन और एलील्स की संबंध तालिका
| अवधारणा | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| जीन | विशेषता के लिए DNA का खंड | ऊंचाई के लिए जीन |
| एलील्स | एक जीन के विभिन्न रूप | T (लंबा), t (बौना) |
| लोकस | गुणसूत्र पर जीन की स्थिति | गुणसूत्र 3 पर ऊंचाई का लोकस |
| समयुग्मी | समान एलील्स | TT या tt |
| विषमयुग्मी | विभिन्न एलील्स | Tt |
4️⃣ आनुवंशिक विविधता (Genetic Variation)
A. विविधता के प्रकार
1. वंशागत विविधता (Hereditary Variation)
- माता-पिता से विभिन्न जीन प्राप्त करना
- लाल बाल वाले बच्चे का जन्म (माता-पिता के जीन से)
- स्थायी: अगली पीढ़ियों को हस्तांतरित हो सकता है
2. पर्यावरणीय विविधता (Environmental Variation)
- पर्यावरण के कारण लक्षण में परिवर्तन
- धूप में त्वचा काली पड़ना (सूरज के कारण)
- पोषण की कमी से कद कम होना
- अस्थायी: अगली पीढ़ियों को हस्तांतरित नहीं होता
3. उत्परिवर्तन विविधता (Mutational Variation)
- DNA में अचानक परिवर्तन
- नए जीन का उदय
- विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
B. विविधता का महत्व
- प्रजाति के अस्तित्व के लिए – प्राकृतिक चयन
- विकास के लिए – विभिन्न लक्षण
- रोग प्रतिरोधक क्षमता – विविधता से रोग से बचाव
- कृषि – बेहतर फसलें उगाना
5️⃣ अधूरी प्रभुता और सहप्रभुता
A. अधूरी प्रभुता (Incomplete Dominance)
परिभाषा:
जब विषमयुग्मी (Aa) व्यक्ति न तो माता-पिता में से किसी के समान है, बल्कि मध्यवर्ती फेनोटाइप दिखाता है।
उदाहरण: गुलाब में फूलों का रंग
- P: लाल फूल (RR) × सफेद फूल (WW)
- F₁: गुलाबी फूल (RW) – मध्यवर्ती रंग
- F₁ × F₁: RW × RW
- F₂: 1 RR (लाल) : 2 RW (गुलाबी) : 1 WW (सफेद)
खासियत:
- F₁ में 3:1 अनुपात नहीं, बल्कि 1:2:1 अनुपात
- समयुग्मी और विषमयुग्मी दोनों विभिन्न फेनोटाइप दिखाते हैं
B. सहप्रभुति (Co-Dominance)
परिभाषा:
जब दोनों एलील्स समान रूप से अभिव्यक्त होते हैं और कोई प्रभुता नहीं होती।
उदाहरण: ABO रक्त समूह
- जीन: I^A, I^B, i
- संभावित जीनोटाइप और फेनोटाइप:
| जीनोटाइप | फेनोटाइप (रक्त समूह) | एंटीजन |
|---|---|---|
| I^A I^A | A | A |
| I^A i | A | A |
| I^B I^B | B | B |
| I^B i | B | B |
| I^A I^B | AB | A और B दोनों |
| ii | O | कोई नहीं |
खासियत:
- AB समूह में – दोनों एलील्स एंटीजन बनाते हैं (सहप्रभुति)
- कोई प्रभुता नहीं, दोनों बराबर
6️⃣ मानव वंशागति में पैटर्न
A. वंशावली (Pedigree Chart)
- परिभाषा: परिवार के सदस्यों और उनके लक्षणों को दिखाने वाला चार्ट
- प्रतीक:
- ⭕ = महिला
- ⬜ = पुरुष
- ⬛ = प्रभावित व्यक्ति
- ⬜II-1 = पीढ़ी II, व्यक्ति 1
B. मानव में कुछ वंशागत विशेषताएं
| विशेषता | प्रभावी | अप्रभावी |
|---|---|---|
| पलकों की तहें | मोंगोल तह | बिना तह |
| कान के पाले | मुक्त पाले | जुड़े हुए पाले |
| जीभ मोड़ना | मोड़ सकते हैं | नहीं मोड़ सकते |
| हथेली की रेखा | एक रेखा | कई रेखाएं |
| बाल | काले | गोरे |
| रक्त समूह | A, B, AB | O |
7️⃣ उत्परिवर्तन (Mutation)
A. परिभाषा
DNA में होने वाले अचानक और अप्रत्याशित परिवर्तन जो नई विशेषताएं उत्पन्न करते हैं।
B. उत्परिवर्तन के प्रकार
1. जीन उत्परिवर्तन (Gene Mutation)
- DNA के एक या कुछ क्षारकों में परिवर्तन
- उदाहरण: सिकल सेल एनीमिया (लाल रक्त कणिकाएं सिकल जैसी)
2. गुणसूत्र उत्परिवर्तन (Chromosomal Mutation)
- संरचनात्मक परिवर्तन:
- विलोपन (Deletion) – गुणसूत्र का खंड खो जाना
- डुप्लिकेशन (Duplication) – गुणसूत्र का खंड दोहराया जाना
- व्यतिक्रमण (Inversion) – गुणसूत्र का खंड उलट जाना
- स्थानांतरण (Translocation) – एक गुणसूत्र का खंड दूसरे को स्थानांतरित होना
- संख्यात्मक परिवर्तन:
- ट्राइसोमी (Trisomy) – एक गुणसूत्र की 3 प्रतियां (21-ट्राइसोमी = डाउन सिंड्रोम)
- मोनोसोमी (Monosomy) – एक गुणसूत्र की 1 प्रति
C. उत्परिवर्तन के कारण
- रेडिएशन (Radiation):
- X-किरणें
- गामा किरणें
- UV किरणें
- रासायनिक पदार्थ (Chemical Mutagens):
- EMS (Ethyl Methane Sulfonate)
- कोलचिसिन (Colchicine)
- जैविक कारक (Biological Agents):
- वायरस
- बैक्टीरिया
- तापमान: अत्यधिक गर्मी या सर्दी
D. उत्परिवर्तन के प्रभाव
| प्रभाव | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| हानिकारक | स्वास्थ्य को नुकसान | कैंसर, आनुवंशिक रोग |
| लाभकारी | विकास में सहायक | नए सहिष्णु पौधे |
| तटस्थ | कोई प्रभाव नहीं | कुछ रंग परिवर्तन |
8️⃣ लिंग निर्धारण (Sex Determination)
A. मानव में लिंग निर्धारण
- X और Y गुणसूत्र:
- मादा: XX (दोनों X गुणसूत्र)
- नर: XY (एक X और एक Y गुणसूत्र)

B. लिंग से जुड़े लक्षण (Sex-Linked Traits)
- X गुणसूत्र पर जीन:
- वर्णांधता (Color Blindness): नरों में अधिक आम
- हीमोफिलिया (Hemophilia): रक्त में खून नहीं जमता
वर्णांधता का आनुवंशिकी:
- सामान्य नर: X^N Y
- वर्णांध नर: X^n Y
- सामान्य मादा: X^N X^N
- वाहक मादा: X^N X^n
- वर्णांध मादा: X^n X^n (दुर्लभ)
9️⃣ विकास (Evolution)
A. विकास की परिभाषा
समय के साथ जीवों में आनुवंशिक परिवर्तन और जनसंख्या के लक्षणों में परिवर्तन।
B. विकास के साक्ष्य
- जीवाश्म साक्ष्य (Fossil Evidence)
- तुलनात्मक शरीर रचना (Comparative Anatomy)
- तुलनात्मक भ्रूणविज्ञान (Comparative Embryology)
- जैव रासायनिक साक्ष्य (Biochemical Evidence)
- आण्विक साक्ष्य (Molecular Evidence)
C. प्राकृतिक चयन (Natural Selection)
- डार्विन का सिद्धांत:
- जनसंख्या में विविधता होती है
- संसाधनों के लिए संघर्ष
- योग्यतम का जीवन रहना
- लाभकारी विशेषताओं का संचरण
🔟 महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर
📝 Q1. मेंडल का प्रथम नियम समझाइए।
उत्तर: मेंडल का प्रथम नियम (विभाजन का नियम):
जीनों की एक जोड़ी (एलील्स) में से एक-एक प्रत्येक संतान को माता-पिता से मिलता है। प्रजनन के समय ये दोनों एलील्स अलग हो जाती हैं।
उदाहरण: P: TT (लंबा) × tt (बौना) F₁: Tt (सभी लंबे) F₁ × F₁: Tt × Tt F₂: 1 TT : 2 Tt : 1 tt (3 लंबे : 1 बौना)
निष्कर्ष: F₂ में 3:1 अनुपात दिखता है क्योंकि T प्रभावी और t अप्रभावी है।
📝 Q2. अधूरी प्रभुता और सहप्रभुति में अंतर बताइए।
उत्तर:
| विशेषता | अधूरी प्रभुता | सहप्रभुति |
|---|---|---|
| परिभाषा | विषमयुग्मी मध्यवर्ती लक्षण दिखाता है | दोनों एलील्स समान रूप से अभिव्यक्त होते हैं |
| F₁ फेनोटाइप | माता-पिता जैसा नहीं | दोनों माता-पिता के लक्षण दिखते हैं |
| F₂ अनुपात | 1:2:1 (फेनोटाइप) | 1:2:1 (फेनोटाइप) |
| उदाहरण | गुलाब में फूलों का रंग (लाल × सफेद = गुलाबी) | AB रक्त समूह (A और B दोनों एंटीजन) |
| प्रकृति | F₁ एक नया फेनोटाइप दिखाता है | F₁ दोनों माता-पिता के लक्षण दिखाता है |
📝 Q3. द्वि-संकर क्रॉस समझाइए।
उत्तर: द्वि-संकर क्रॉस: दो भिन्न विशेषताओं पर विचार करके किया गया प्रयोग।
मेंडल का द्वि-संकर प्रयोग: P: RRYY (गोल पीला) × rryy (सिकुड़ा हरा) F₁: RrYy (सभी गोल पीला)
F₁ × F₁: RrYy × RrYy
F₂ फेनोटाइप अनुपात:
- 9 गोल पीला
- 3 गोल हरा
- 3 सिकुड़ा पीला
- 1 सिकुड़ा हरा कुल: 9:3:3:1
परिणाम: यह प्रयोग स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम सिद्ध करता है।
📝 Q4. उत्परिवर्तन क्या है? इसके प्रकार लिखिए।
उत्तर: उत्परिवर्तन: DNA में अचानक और अप्रत्याशित परिवर्तन।
उत्परिवर्तन के प्रकार:
- जीन उत्परिवर्तन – DNA के एक या कुछ क्षारकों में परिवर्तन
- गुणसूत्र उत्परिवर्तन:
- संरचनात्मक: विलोपन, डुप्लिकेशन, व्यतिक्रमण, स्थानांतरण
- संख्यात्मक: ट्राइसोमी (तीन गुणसूत्र), मोनोसोमी (एक गुणसूत्र)
उदाहरण: 21-ट्राइसोमी = डाउन सिंड्रोम
📝 Q5. लिंग से जुड़े लक्षण क्या हैं?
उत्तर: लिंग से जुड़े लक्षण: X गुणसूत्र पर स्थित जीनों से संबंधित लक्षण।
उदाहरण:
- वर्णांधता (Color Blindness):
- नरों में अधिक आम (XY)
- मादाओं में दुर्लभ (XX के लिए दोनों X पर जीन की जरूरत)
- हीमोफिलिया (Hemophilia):
- रक्त में खून नहीं जमता
- नरों में अधिक गंभीर
विशेषता: नर (XY) में केवल एक X होता है, इसलिए X-पर स्थित अप्रभावी जीन भी व्यक्त हो जाता है।
🎯 11. अध्ययन टिप्स और रिवीजन प्लान
💡 अध्ययन टिप्स
- जीन और एलील्स को समझें – ये आधार हैं
- क्रॉस बनाना सीखें – पुनेट स्क्वायर का उपयोग करें
- अनुपातों को याद करें:
- 3:1 (सरल क्रॉस)
- 9:3:3:1 (द्वि-संकर क्रॉस)
- 1:2:1 (अधूरी प्रभुता, सहप्रभुति)
- आरेख बनाएं – P, F₁, F₂ पीढ़ियों के लिए
- NCERT के उदाहरण हल करें
🔄 रिवीजन प्लान (10 दिन)
| दिन | टॉपिक | गतिविधि |
|---|---|---|
| 1-2 | मेंडल और उनके प्रयोग | NCERT पढ़ें, मटर की विशेषताएं याद करें |
| 3-4 | मेंडल के नियम | सरल क्रॉस, F₁ और F₂ बनाएं |
| 5 | अधूरी प्रभुता और सहप्रभुति | दोनों को तुलना करें |
| 6-7 | द्वि-संकर क्रॉस | 9:3:3:1 अनुपात समझें |
| 8 | उत्परिवर्तन और विकास | उदाहरणों के साथ याद करें |
| 9 | मानव वंशागति और लिंग निर्धारण | चार्ट बनाएं |
| 10 | पिछले वर्ष के प्रश्न हल करें | समय सीमा में परीक्षा का अभ्यास करें |
📊 12. महत्वपूर्ण तालिकाएँ और आरेख
तालिका 1: मेंडल के प्रयोग
| नियम | प्रयोग | अनुपात | निष्कर्ष |
|---|---|---|---|
| प्रथम | एकल संकर | 3:1 | एलील्स विभाजित होती हैं |
| द्वितीय | द्वि-संकर | 9:3:3:1 | जीन स्वतंत्र असंबद्ध होते हैं |
तालिका 2: प्रभुता के प्रकार
| प्रकार | विषमयुग्मी | F₂ अनुपात | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| पूर्ण प्रभुता | माता-पिता जैसा | 3:1 | मटर की ऊंचाई |
| अधूरी प्रभुता | मध्यवर्ती | 1:2:1 | गुलाब का रंग |
| सहप्रभुति | दोनों लक्षण | 1:2:1 | AB रक्त समूह |
🎓 निष्कर्ष
यह अध्याय वंशागति के सिद्धांतों को समझाता है। मेंडल के नियमों को समझना आधुनिक आनुवंशिकी की बुनियाद है। उत्परिवर्तन और प्राकृतिक चयन के माध्यम से विकास होता है, जो जीवन की विविधता को समझाता है।
नोट: ये नोट्स CBSE कक्षा 12 जीव विज्ञान पाठ्यक्रम 2026-27 के अनुसार तैयार किए गए हैं। सभी जानकारी NCERT पाठ्यपुस्तक और विशेषज्ञ स्रोतों के अनुरूप है।
