पारिस्थितिकी (Ecology) जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें हम जीवों के बीच और उनके भौतिक (अजैविक) पर्यावरण के साथ होने वाली पारस्परिक क्रियाओं का अध्ययन करते हैं।
1. जीव और पर्यावरण (Organism and Environment)
प्रत्येक जीव एक विशिष्ट वातावरण में रहता है जहाँ वह जीवित रहने के लिए अनुकूलित होता है।
- अजैविक कारक (Abiotic Factors): तापमान, जल, प्रकाश और मृदा (मिट्टी)।
- तापमान: यह जीवों के वितरण को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक है।
- जीवों की प्रतिक्रियाएँ: प्रतिकूल परिस्थितियों में जीव खुद को बचाने के लिए नियमन (Regulate), संरुपण (Conform), प्रवास (Migrate) या निलंबन (Suspend) जैसी प्रक्रियाएं अपनाते हैं।
2. पारिस्थितिक अनुकूलन (Ecological Adaptations)
अनुकूलन जीव का वह गुण (आकारिकीय, कार्यिकीय या व्यावहारिक) है जो उसे अपने आवास में जीवित रहने और जनन करने के योग्य बनाता है।
- मरुद्भिद (Xerophytes): मरुस्थलीय पौधों में मोटी उपत्वचा (Cuticle) और धंसे हुए रंध्र होते हैं ताकि वाष्पोत्सर्जन कम हो (जैसे- नागफनी)।
- एलन का नियम (Allen’s Rule): ठंडी जलवायु वाले स्तनधारियों के कान और पैर आमतौर पर छोटे होते हैं ताकि शरीर की ऊष्मा की हानि कम हो सके।
3. समष्टि (Population) और इसके गुण
एक ही प्रजाति के जीवों का समूह जो एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में रहता है और आपस में प्रजनन कर सकता है, समष्टि कहलाता है।
समष्टि के प्रमुख गुण:
- जन्म दर (Natality): प्रति इकाई समय में पैदा हुए नए जीवों की संख्या।
- मृत्यु दर (Mortality): प्रति इकाई समय में मरने वाले जीवों की संख्या।
- लिंग अनुपात: एक समष्टि में नर और मादा की प्रतिशत संख्या।
- आयु वितरण: समष्टि में विभिन्न आयु वर्ग के जीवों की संख्या। इसे ‘आयु पिरामिड’ द्वारा दर्शाया जाता है।
- समष्टि वृद्धि: यह चार कारकों पर निर्भर करती है: जन्म दर (B), मृत्यु दर (D), आप्रवासन (I – बाहर से आना) और उत्प्रवासन (E – बाहर जाना)।
4. समष्टि पारस्परिक क्रियाएं (Population Interactions)
प्रकृति में कोई भी जीव अकेला नहीं रह सकता। विभिन्न प्रजातियों के बीच होने वाली क्रियाओं को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| पारस्परिक क्रिया | प्रजाति A | प्रजाति B | विवरण |
| सहोपकारिता (Mutualism) | + | + | दोनों को लाभ (जैसे- लाइकेन: कवक और शैवाल)। |
| सहभोजिता (Commensalism) | + | 0 | एक को लाभ, दूसरे को न लाभ न हानि (जैसे- शार्क पर चिपकी रेमोरा मछली)। |
| परभक्षण (Predation) | + | – | एक जीव (भक्षक) दूसरे को खाता है (जैसे- शेर और हिरण)। |
| परजीविता (Parasitism) | + | – | एक जीव दूसरे के शरीर पर रहकर पोषण लेता है (जैसे- जूँ, अमरबेल)। |
| प्रतिस्पर्धा (Competition) | – | – | संसाधनों के लिए संघर्ष, जिसमें दोनों को हानि होती है। |
5. वृद्धि मॉडल (Growth Models)
- चरघातांकीय वृद्धि (Exponential Growth): जब संसाधन असीमित होते हैं, तो जनसंख्या तेजी से बढ़ती है (J-आकार का वक्र)।
- संभार तंत्र वृद्धि (Logistic Growth): जब संसाधन सीमित होते हैं, तो वृद्धि एक सीमा (Carrying Capacity) के बाद रुक जाती है (S-आकार का वक्र)।
