1️⃣ यशपाल समिति क्या है?
यशपाल समिति भारत सरकार द्वारा गठित एक शिक्षा सुधार समिति थी, जिसका उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में बढ़ते बोझ (Curriculum Load) की जाँच करना और समाधान सुझाना था।
👉 इस समिति की रिपोर्ट का नाम है —
Learning Without Burden
(बोझ रहित शिक्षा)
2️⃣ यशपाल समिति का गठन
🔹 गठन वर्ष
👉 1993
🔹 अध्यक्ष
👉 यशपाल
🔹 गठन किसने किया?
👉 भारत सरकार (मानव संसाधन विकास मंत्रालय – MHRD)
(अब शिक्षा मंत्रालय)
3️⃣ समिति के गठन की पृष्ठभूमि
1990 के दशक में —
- छात्रों पर पाठ्यक्रम का अत्यधिक बोझ
- रटन्त विद्या (Rote Learning)
- कोचिंग संस्कृति का बढ़ना
- रचनात्मकता का अभाव
- परीक्षा-केंद्रित शिक्षा
📌 इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए यशपाल समिति बनाई गई।
4️⃣ यशपाल समिति के प्रमुख उद्देश्य
- छात्रों पर शैक्षिक बोझ कम करना
- शिक्षा को बाल-केन्द्रित बनाना
- रटन्त शिक्षा के स्थान पर समझ आधारित शिक्षा
- पाठ्यक्रम को जीवन से जोड़ना
- रचनात्मकता और जिज्ञासा को बढ़ावा देना
5️⃣ यशपाल समिति की प्रमुख सिफारिशें
(Most Important – Exam Favourite)
🔹 (1) पाठ्यक्रम का बोझ कम किया जाए
- अनावश्यक तथ्यों को हटाया जाए
- विषयों में समन्वय (Integration) हो
📌 “कम पढ़ाओ, पर गहराई से पढ़ाओ”
🔹 (2) रटन्त शिक्षा का विरोध
- याद करने के बजाय समझने पर जोर
- गतिविधि आधारित शिक्षण
🔹 (3) परीक्षा प्रणाली में सुधार
- परीक्षा को भयमुक्त बनाया जाए
- निरंतर एवं व्यापक मूल्यांकन
- केवल अंक नहीं, समग्र विकास का मूल्यांकन
🔹 (4) पाठ्यपुस्तकों में सुधार
- भारी और जटिल भाषा से बचाव
- बाल-मनोविज्ञान के अनुसार पुस्तकें
- जीवनोपयोगी उदाहरण
🔹 (5) निजी कोचिंग पर नियंत्रण
- विद्यालय को ही मुख्य शिक्षण केंद्र बनाया जाए
- कोचिंग निर्भरता कम हो
🔹 (6) शिक्षक की भूमिका
- शिक्षक सूचना दाता नहीं, मार्गदर्शक बने
- शिक्षण में नवाचार
- प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाई जाए
🔹 (7) शिक्षा और जीवन में संबंध
- शिक्षा को जीवन से जोड़ना
- प्रयोग, अनुभव और खोज पर बल
6️⃣ यशपाल समिति की रिपोर्ट का महत्व
- NCF-2005 का वैचारिक आधार
- बाल-केन्द्रित शिक्षा की नींव
- RTE Act की भावना को बल
- सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE) की दिशा
📌 Exam Line
👉 यशपाल समिति ने भारतीय शिक्षा को बोझ से मुक्त करने की अवधारणा दी।
7️⃣ यशपाल समिति और NCF-2005 का संबंध
| आधार | यशपाल समिति | NCF-2005 |
|---|---|---|
| दृष्टिकोण | बोझ रहित शिक्षा | बाल-केन्द्रित शिक्षा |
| शिक्षण | समझ आधारित | अनुभव आधारित |
| मूल्यांकन | सुधार की सिफारिश | CCE लागू |
| प्रभाव | सैद्धांतिक | व्यावहारिक |
8️⃣ आलोचनात्मक दृष्टि (Criticism)
- सिफारिशों का पूर्ण क्रियान्वयन नहीं
- परीक्षा-केंद्रित व्यवस्था बनी रही
- कोचिंग संस्कृति समाप्त नहीं हुई
9️⃣ परीक्षाओं में पूछे जाने वाले एक-लाइन तथ्य
✔ यशपाल समिति का गठन — 1993
✔ रिपोर्ट का नाम — Learning Without Burden
✔ मुख्य विषय — पाठ्यक्रम का बोझ
✔ शिक्षा का स्वरूप — बाल-केन्द्रित
✔ रटन्त विद्या — अस्वीकृत


