संज्ञानात्मक उपागम (Cognitive Approach)
संज्ञानात्मक दृष्टिकोण की मूल अवधारणा
- “Cognition” का अर्थ है — सोचना, समझना, तर्क करना, निर्णय लेना, और समस्या हल करना जैसी मानसिक प्रक्रियाएँ।
- यह दृष्टिकोण सीखने को केवल व्यवहारिक परिवर्तन न मानकर मानसिक संगठन (Mental Organization) की प्रक्रिया मानता है।
- इस दृष्टिकोण के प्रमुख मनोवैज्ञानिक — मैक्स वर्टहाइमर, वोल्फगैंग कोहलर, कुर्ट कोफ्का, और कुर्ट लेविन थे।
- व्यवहारवाद के विपरीत, यह दृष्टिकोण कहता है कि सीखना व्यक्ति के अनुभवों, अंतर्दृष्टि और समझ पर निर्भर करता है।
प्रमुख संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धांत
1. गेस्टाल्टवाद (Gestalt Theory) / अंतर्दृष्टि का सिद्धांत (Insight Learning Theory)
प्रमुख मनोवैज्ञानिक:
मैक्स वर्टहाइमर, वोल्फगैंग कोहलर, और कुर्ट कोफ्का
(“Gestalt” जर्मन शब्द है, जिसका अर्थ है – “पूर्णता” या “समग्र रूप”)
मुख्य विचार:
- सीखना संपूर्ण परिस्थिति (Whole Situation) को समझने की प्रक्रिया है, न कि केवल भागों को जोड़ने की।
- व्यक्ति सीखता है जब वह परिस्थिति के विभिन्न तत्वों के बीच संबंधों (Relations) को समझ जाता है।
- इसे अंतर्दृष्टि (Insight) कहते हैं – अर्थात अचानक समस्या का समाधान “समझ के प्रकाश” से मिलना।
वोल्फगैंग कोहलर का अंतर्दृष्टि प्रयोग (Chimpanzee Experiment)
Details
प्रयोग:
- कोहलर ने अफ्रीका के चिम्पैंज़ी “सुख़ी” पर प्रयोग किया।
- समस्या: छत से लटकता हुआ केला पहुँच से बाहर था।
- समाधान: चिम्पैंज़ी ने पहले कुछ असफल प्रयास किए, फिर अचानक उसने बक्से एक-दूसरे के ऊपर रखकर केला प्राप्त किया।
निष्कर्ष:
- सीखना प्रयास–त्रुटि का नहीं, बल्कि समझ (Insight) की प्रक्रिया है।
- सीखना अचानक (Sudden) होता है, क्रमिक नहीं।
- अंतर्दृष्टि प्राप्त होने के बाद व्यवहार स्थायी (Permanent) हो जाता है।
कोहलर के अनुसार अंतर्दृष्टि अधिगम की विशेषताएँ:
- समस्या की पूर्ण स्थिति का बोध।
- विभिन्न घटकों के बीच संबंधों की समझ।
- समस्या का अचानक समाधान।
- समाधान का स्थानांतरण (Transfer) – नई समस्याओं में प्रयोग।
- अधिगम का स्थायित्व।
शैक्षिक निहितार्थ:
- सीखना अर्थपूर्ण और समझ आधारित होना चाहिए।
- रटने (Rote learning) की बजाय अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) पर जोर।
- शिक्षक को ऐसी परिस्थितियाँ बनानी चाहिए जिससे बच्चे खुद खोज (Discovery) करके सीखें।
- Problem-solving और project-based learning को प्रोत्साहन देना चाहिए।
कुर्ट लेविन का क्षेत्र सिद्धांत (Field Theory of Learning)
Details
कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) – आधुनिक सामाजिक मनोविज्ञान के संस्थापक।
मुख्य अवधारणा: जीवन-अंतरिक्ष (Life Space)
- व्यक्ति का व्यवहार उसके जीवन-अंतरिक्ष (Life Space) पर निर्भर करता है।
- जीवन-अंतरिक्ष में व्यक्ति की आवश्यकताएँ, लक्ष्य, प्रेरणाएँ, और वातावरण के सभी तत्व शामिल होते हैं।
सूत्र:
B = f(P, E)
अर्थात — Behavior (व्यवहार) = व्यक्ति (Person) और पर्यावरण (Environment) का फलन।
प्रमुख विचार:
- व्यक्ति और पर्यावरण के बीच गतिशील संबंध होता है।
- अधिगम व्यक्ति के क्षेत्र (Field) में परिवर्तन का परिणाम है।
- जब लक्ष्य और बाधा के बीच तनाव (Tension) उत्पन्न होता है, तो व्यक्ति समस्या का समाधान करके उस तनाव को घटाने का प्रयास करता है।
शैक्षिक निहितार्थ:
- सीखने की प्रक्रिया में बच्चे का पर्यावरण और मानसिक स्थिति दोनों महत्वपूर्ण हैं।
- शिक्षक को बच्चों के लिए सकारात्मक सीखने का वातावरण (Positive Learning Climate) बनाना चाहिए।
- शिक्षा को व्यक्तिगत अनुभवों और उद्देश्यों से जोड़ना चाहिए।
- बच्चे के व्यवहार को समझने के लिए उसके संपूर्ण जीवन क्षेत्र (Whole Life Space) को समझना आवश्यक है।
संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धांत (Cognitive Theories of Learning)
संज्ञानात्मक मनोविज्ञान का मानना है कि सीखना केवल व्यवहार का परिवर्तन नहीं, बल्कि सोचने और समझने की प्रक्रिया में परिवर्तन है।
यह दृष्टिकोण इस बात पर बल देता है कि बच्चा सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण (Active Construction of Knowledge) करता है।
1. जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत (Jean Piaget’s Theory of Cognitive Development)
Details
परिचय:
- जीन पियाजे (Jean Piaget) – स्विस मनोवैज्ञानिक
- उन्होंने बच्चों के बुद्धिक (Intellectual) विकास का अध्ययन किया।
- उनका मानना था कि बच्चा एक सक्रिय अन्वेषक (Active Explorer) है जो अपने अनुभवों से ज्ञान का निर्माण करता है।
मुख्य अवधारणाएँ:
(1) स्कीमा (Schema):
- ज्ञान की मानसिक संरचना या पैटर्न, जिसके माध्यम से बच्चा अनुभवों को समझता है।
(2) आत्मसात (Assimilation):
- जब बच्चा नए अनुभवों को अपने पुराने ज्ञान ढांचे में फिट करता है।
उदाहरण: बच्चा सभी चार पैरों वाले जानवरों को “कुत्ता” कहता है।
(3) समायोजन (Accommodation):
- जब बच्चा पुराने ज्ञान ढांचे को बदलकर नया ढांचा बनाता है।
उदाहरण: अब वह सीखता है कि बिल्ली और कुत्ता अलग हैं।
(4) संतुलन (Equilibration):
- आत्मसात और समायोजन के बीच संतुलन बनाना ही अधिगम है।
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चार चरण:
| चरण | आयु | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|
| संवेदनात्मक-मोटर चरण (Sensori-Motor Stage) | 0–2 वर्ष | इंद्रियों और क्रियाओं से सीखना, वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) का विकास। |
| पूर्व-संक्रियात्मक चरण (Pre-operational Stage) | 2–7 वर्ष | प्रतीकात्मक सोच (Symbolic Thought), आत्मकेन्द्रितता (Egocentrism)। |
| ठोस संक्रियात्मक चरण (Concrete Operational Stage) | 7–11 वर्ष | ठोस वस्तुओं पर तर्क, संरक्षण (Conservation) की समझ। |
| औपचारिक संक्रियात्मक चरण (Formal Operational Stage) | 11 वर्ष से ऊपर | अमूर्त और काल्पनिक तर्क, समस्या-समाधान क्षमता। |
शैक्षिक निहितार्थ:
- शिक्षा बच्चे की बौद्धिक तैयारी (Readiness) के अनुसार दी जानी चाहिए।
- क्रियात्मक अनुभव (Hands-on Learning) को बढ़ावा देना चाहिए।
- शिक्षक को मार्गदर्शक और सहायक की भूमिका निभानी चाहिए।
- बच्चों को स्वयं खोजने और सोचने के अवसर देने चाहिए।
2. लेव वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Lev Vygotsky’s Socio-Cultural Theory)
परिचय:
Details
- रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) का मानना था कि सीखना एक सामाजिक प्रक्रिया है।
- बच्चे का बौद्धिक विकास संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) से प्रभावित होता है।
प्रमुख अवधारणाएँ:
(1) सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction):
- ज्ञान समाज से प्राप्त होता है, व्यक्ति अकेले नहीं सीखता।
- सीखना सहयोग से होता है, विशेषकर अधिक अनुभवी व्यक्ति (More Knowledgeable Other) की सहायता से।
(2) भाषा (Language):
- भाषा विचारों के विकास का साधन है।
- आंतरिक भाषा (Inner Speech) बच्चे को सोचने और समस्या हल करने में मदद करती है।
(3) समीपस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development – ZPD):
- वह क्षेत्र जहाँ बच्चा स्वयं नहीं, लेकिन सहायता से कार्य कर सकता है।
(Actual development vs. Potential development के बीच का अंतर)
(4) स्कैफ़ोल्डिंग (Scaffolding):
- शिक्षक या सहयोगी द्वारा अस्थायी सहायता देना, जब तक बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम न हो जाए।
शैक्षिक निहितार्थ:
- सीखना सहयोगात्मक (Collaborative) होना चाहिए।
- शिक्षक को मार्गदर्शक (Facilitator) की भूमिका निभानी चाहिए।
- समूह गतिविधियों, Peer Learning और Dialogue को बढ़ावा देना चाहिए।
- बच्चे की ZPD को पहचानकर उसके अनुरूप सहायता प्रदान करनी चाहिए।
3. जेरोम ब्रूनर का खोज आधारित अधिगम सिद्धांत (Jerome Bruner’s Discovery Learning Theory)
परिचय:
Details
- अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जेरोम एस. ब्रूनर (Jerome S. Bruner) ने “Discovery Learning” की अवधारणा दी।
- उनका मानना था कि सीखना तब प्रभावी होता है जब बच्चा स्वयं ज्ञान की खोज करता है।
प्रमुख अवधारणाएँ:
(1) खोज अधिगम (Discovery Learning):
- सीखना शिक्षक द्वारा जानकारी देने से नहीं, बल्कि छात्र द्वारा खोज करने से होता है।
- शिक्षक मार्गदर्शक होता है जो बच्चे को खोज की दिशा देता है।
(2) अधिगम के तीन प्रतिनिधिक रूप (Modes of Representation):
- Enactive Representation (क्रियात्मक): कार्य या क्रिया द्वारा सीखना (जैसे – वस्तुओं को पकड़ना)।
- Iconic Representation (प्रतिरूपात्मक): चित्रों, मॉडल आदि से सीखना।
- Symbolic Representation (प्रतीकात्मक): भाषा, संख्याओं और प्रतीकों के माध्यम से सीखना।
(3) सर्पिल पाठ्यक्रम (Spiral Curriculum):
- किसी विषय को बार-बार बढ़ते हुए जटिल स्तर पर पढ़ाना चाहिए।
- प्रत्येक बार विद्यार्थी पूर्व ज्ञान के आधार पर अधिक गहराई से सीखता है।
शैक्षिक निहितार्थ:
- बच्चों को स्वयं खोजने और समस्या हल करने के अवसर देने चाहिए।
- शिक्षा को अनुभवात्मक और सक्रिय बनाना चाहिए।
- शिक्षक को अन्वेषण के लिए वातावरण बनाना चाहिए।
- सर्पिल पाठ्यक्रम अपनाना चाहिए ताकि ज्ञान धीरे-धीरे गहराता जाए।
संज्ञानात्मक दृष्टिकोण की प्रमुख विशेषताएँ
- सीखना एक मानसिक क्रिया (Cognitive Process) है, केवल व्यवहार नहीं।
- अधिगम में पूर्व अनुभव, अंतर्दृष्टि, और समझ की भूमिका होती है।
- समझ और संबंधों की पहचान के माध्यम से सीखना स्थायी होता है।
- समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach) – परिस्थिति को संपूर्ण रूप में देखना।
- शिक्षक की भूमिका एक मार्गदर्शक (Guide) और सुविधाकर्ता (Facilitator) की होती है।
शैक्षिक निहितार्थ (Educational Implications)
- बच्चों को स्वयं सोचने और खोज करने का अवसर देना चाहिए।
- शिक्षा को समस्या-समाधान (Problem Solving) पर आधारित बनाना चाहिए।
- समझ आधारित शिक्षण (Understanding-based Learning) को बढ़ावा देना चाहिए।
- सीखने के लिए सार्थक स्थितियाँ (Meaningful Situations) निर्मित करनी चाहिए।
- शिक्षक को बालक के दृष्टिकोण (Child’s Perspective) से उसकी दुनिया को समझना चाहिए।
MCQs
1. संज्ञानात्मक दृष्टिकोण मुख्य रूप से किस पर बल देता है?
(A) व्यवहारिक प्रतिक्रियाओं पर
(B) मानसिक प्रक्रियाओं पर
(C) जैविक प्रतिक्रियाओं पर
(D) भावनात्मक प्रतिक्रियाओं पर
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) मानसिक प्रक्रियाओं पर
स्पष्टीकरण: संज्ञानात्मक दृष्टिकोण यह मानता है कि सीखना सोचने, समझने, तर्क करने और निर्णय लेने जैसी मानसिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होता है।
2. “गेस्टाल्ट” शब्द का अर्थ है —
(A) अनुभव
(B) अंतर्दृष्टि
(C) पूर्णता या संपूर्ण रूप
(D) व्यवहार
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) पूर्णता या संपूर्ण रूप
स्पष्टीकरण: “Gestalt” जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है “Whole” या “Complete Form”; यह सिद्धांत कहता है कि सीखना संपूर्ण परिस्थिति को समझने की प्रक्रिया है।
3. गेस्टाल्ट सिद्धांत के प्रवर्तक कौन थे?
(A) स्किनर
(B) पियाजे
(C) कोहलर, कोफ्का, वर्टहाइमर
(D) वॉटसन
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) कोहलर, कोफ्का, वर्टहाइमर
स्पष्टीकरण: ये तीनों जर्मन मनोवैज्ञानिक गेस्टाल्ट स्कूल के प्रमुख प्रतिनिधि थे।
4. “अंतर्दृष्टि अधिगम” (Insight Learning) का प्रयोग किसने किया था?
(A) थार्नडाइक
(B) पियाजे
(C) कोहलर
(D) लेविन
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) कोहलर
स्पष्टीकरण: वोल्फगैंग कोहलर ने चिम्पैंज़ी पर प्रयोग करके अंतर्दृष्टि अधिगम का सिद्धांत प्रस्तुत किया।
5. अंतर्दृष्टि अधिगम में समाधान कैसा होता है?
(A) क्रमिक
(B) यादृच्छिक
(C) अचानक
(D) स्वचालित
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) अचानक
स्पष्टीकरण: अंतर्दृष्टि अधिगम में समस्या का समाधान अचानक “समझ के प्रकाश” से होता है।
6. कोहलर के प्रयोग में किस पशु का प्रयोग किया गया था?
(A) बिल्ली
(B) कुत्ता
(C) चूहा
(D) चिम्पैंज़ी
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (D) चिम्पैंज़ी
स्पष्टीकरण: कोहलर ने “सुख़ी” नामक चिम्पैंज़ी पर प्रयोग किया था।
7. अंतर्दृष्टि अधिगम की एक विशेषता है —
(A) यांत्रिक प्रयास
(B) पुनर्बलन
(C) अचानक समझ
(D) अभ्यास पर निर्भरता
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) अचानक समझ
स्पष्टीकरण: Insight Learning में अधिगम समस्या की स्थिति को समझकर अचानक प्राप्त होता है।
8. “B = f(P, E)” यह सूत्र किसने दिया?
(A) कोफ्का
(B) कोहलर
(C) लेविन
(D) पियाजे
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) लेविन
स्पष्टीकरण: कुर्ट लेविन के अनुसार व्यवहार (Behavior) व्यक्ति (Person) और पर्यावरण (Environment) दोनों का फलन है।
9. कुर्ट लेविन की अवधारणा ‘Life Space’ का अर्थ है —
(A) व्यक्ति की जैविक आवश्यकताएँ
(B) व्यक्ति का कार्य क्षेत्र
(C) व्यक्ति और उसके पर्यावरण का मानसिक क्षेत्र
(D) समाज का क्षेत्र
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) व्यक्ति और उसके पर्यावरण का मानसिक क्षेत्र
स्पष्टीकरण: Life Space में व्यक्ति की आवश्यकताएँ, उद्देश्य, प्रेरणाएँ और परिवेश शामिल होते हैं।
10. जीन पियाजे किस देश के मनोवैज्ञानिक थे?
(A) अमेरिका
(B) जर्मनी
(C) स्विट्जरलैंड
(D) रूस
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) स्विट्जरलैंड
स्पष्टीकरण: पियाजे स्विस मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने संज्ञानात्मक विकास के चरणों का सिद्धांत दिया।
11. पियाजे के अनुसार ज्ञान की मानसिक संरचना कहलाती है —
(A) स्कीमा
(B) अंतर्दृष्टि
(C) पुनर्बलन
(D) क्षेत्र
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) स्कीमा
स्पष्टीकरण: स्कीमा वह मानसिक ढांचा है जिससे बच्चा अपने अनुभवों को समझता है।
12. आत्मसात (Assimilation) का अर्थ है —
(A) पुराने ज्ञान को बदलना
(B) नए अनुभव को पुराने ढांचे में जोड़ना
(C) संतुलन बनाना
(D) समस्या हल करना
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) नए अनुभव को पुराने ढांचे में जोड़ना
स्पष्टीकरण: आत्मसात में बच्चा नए अनुभव को अपने पुराने ज्ञान में समायोजित करता है।
13. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास का अंतिम चरण है —
(A) पूर्व-संक्रियात्मक
(B) ठोस संक्रियात्मक
(C) संवेदनात्मक
(D) औपचारिक संक्रियात्मक
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (D) औपचारिक संक्रियात्मक
स्पष्टीकरण: इस चरण (11 वर्ष से ऊपर) में बच्चा अमूर्त तर्क और काल्पनिक सोच में सक्षम होता है।
14. “Zone of Proximal Development (ZPD)” किसने दी?
(A) पियाजे
(B) वायगोत्स्की
(C) ब्रूनर
(D) स्किनर
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) वायगोत्स्की
स्पष्टीकरण: ZPD वह क्षेत्र है जहाँ बच्चा सहायता से कार्य कर सकता है, परंतु अकेले नहीं।
15. “Scaffolding” का संबंध है —
(A) अनुशासन से
(B) अस्थायी सहायता से
(C) अभ्यास से
(D) पुनर्बलन से
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) अस्थायी सहायता से
स्पष्टीकरण: स्कैफोल्डिंग शिक्षक या सहपाठी द्वारा दी जाने वाली अस्थायी सहायता है जिससे बच्चा स्वतंत्र रूप से कार्य करना सीखता है।
16. वायगोत्स्की के अनुसार सीखना किस प्रकार की प्रक्रिया है?
(A) व्यक्तिगत
(B) जैविक
(C) सामाजिक
(D) यांत्रिक
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) सामाजिक
स्पष्टीकरण: वायगोत्स्की का सिद्धांत सामाजिक-सांस्कृतिक है; सीखना समाज में अंतःक्रिया द्वारा होता है।
17. “Discovery Learning” सिद्धांत किसने दिया?
(A) ब्रूनर
(B) पियाजे
(C) थार्नडाइक
(D) कोहलर
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) ब्रूनर
स्पष्टीकरण: जेरोम ब्रूनर ने खोज आधारित अधिगम (Discovery Learning) का सिद्धांत दिया।
18. ब्रूनर के अनुसार अधिगम के तीन रूप कौन से हैं?
(A) स्मृति, क्रिया, अंतर्दृष्टि
(B) क्रियात्मक, प्रतिरूपात्मक, प्रतीकात्मक
(C) ठोस, अमूर्त, रचनात्मक
(D) वास्तविक, काल्पनिक, आभासी
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) क्रियात्मक, प्रतिरूपात्मक, प्रतीकात्मक
स्पष्टीकरण: ब्रूनर के Modes of Representation तीन हैं – Enactive (क्रियात्मक), Iconic (प्रतिरूपात्मक), Symbolic (प्रतीकात्मक)।
19. “Spiral Curriculum” की अवधारणा किससे संबंधित है?
(A) पियाजे
(B) वायगोत्स्की
(C) ब्रूनर
(D) लेविन
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) ब्रूनर
स्पष्टीकरण: ब्रूनर ने कहा कि किसी विषय को बढ़ते हुए जटिल स्तरों पर बार-बार पढ़ाया जाना चाहिए, जिससे ज्ञान गहराता जाए।
20. संज्ञानात्मक दृष्टिकोण में शिक्षक की भूमिका क्या है?
(A) अनुशासक
(B) नियंत्रक
(C) सुविधाकर्ता एवं मार्गदर्शक
(D) मूल्यांकनकर्ता
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) सुविधाकर्ता एवं मार्गदर्शक
स्पष्टीकरण: संज्ञानात्मक दृष्टिकोण में शिक्षक छात्र को सोचने, खोजने और समझने में सहायता देने वाला मार्गदर्शक होता है।
