भाषा विकास (Language Development)
अवधारणा (Concept of Language Development)
भाषा वह माध्यम है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करता है तथा दूसरों के विचारों को समझता है।
भाषा विकास एक क्रमिक (gradual) प्रक्रिया है, जिसमें बच्चा अपने परिवेश से ध्वनियों, शब्दों, व्याकरण और अर्थ की समझ विकसित करता है।
भाषा विकास के चरण (Stages of Language Development)
भाषा अर्जन धीरे-धीरे विभिन्न चरणों में होता है। निम्न मुख्य चरण हैं:
- पूर्व-भाषिक चरण (Pre-linguistic Stage) — जन्म से 1 वर्ष तक
- शिशु रोने, मुस्कुराने और ध्वनियाँ निकालने (cooing, babbling) से संवाद करता है।
- 6 महीने के आसपास “बा-बा”, “मा-मा” जैसी ध्वनियाँ निकालता है।
- एक-शब्दीय चरण (One-word Stage) — लगभग 1 वर्ष की आयु
- बच्चा एक शब्द से पूरा अर्थ व्यक्त करता है, जैसे “माँ” का अर्थ हो सकता है “माँ आओ” या “माँ देखो।”
- द्वि-शब्दीय चरण (Two-word Stage) — लगभग 2 वर्ष की आयु
- दो शब्दों के छोटे वाक्य बनाता है, जैसे “माँ आओ”, “बॉल दो।”
- बहु-शब्दीय चरण (Multi-word Stage) — 2 से 3 वर्ष के बाद
- वाक्य संरचना (grammar) का विकास आरंभ होता है।
- बच्चा “मैं स्कूल जाऊँगा” जैसे वाक्य बोलने लगता है।
- व्याकरणिक विकास चरण (Grammatical Development Stage) — 4 से 6 वर्ष तक
- व्याकरण, लिंग, काल आदि का सही प्रयोग सीखता है।
- शब्दावली (vocabulary) तेज़ी से बढ़ती है।
- जटिल भाषा उपयोग चरण (Complex Language Stage) — 6 वर्ष के बाद
- बच्चा जटिल वाक्य, रूपक, मुहावरे और भावनात्मक भाषा का प्रयोग करने लगता है।
भाषा अर्जन के प्रमुख सिद्धांत (Theories of Language Acquisition)
1. स्किनर का व्यवहारवादी दृष्टिकोण (B.F. Skinner’s Behaviorist Theory)
मुख्य विचार:
भाषा सीखना अनुकरण (Imitation), पुनर्बलन (Reinforcement) और अभ्यास (Practice) की प्रक्रिया है।
- बच्चे बड़ों की भाषा की नकल करते हैं।
- जब सही शब्द या वाक्य बोलते हैं, तो उन्हें प्रशंसा (positive reinforcement) मिलती है।
- इस तरह धीरे-धीरे भाषा का सही उपयोग सीखते हैं।
उदाहरण:
बच्चा “मा” कहता है → माँ मुस्कुराती है → बच्चा इसे दोहराता है → धीरे-धीरे “माँ” बोलना सीखता है।
मुख्य तत्व:
- अनुकरण (Imitation)
- पुनर्बलन (Reinforcement)
- अभ्यास (Practice)
सीमाएँ:
- यह सिद्धांत भाषा की रचनात्मकता (creativity) की व्याख्या नहीं कर पाता।
- बच्चे कभी-कभी ऐसे वाक्य बोलते हैं जो उन्होंने पहले नहीं सुने होते (“I goed to school”)।
शैक्षिक महत्व:
- शिक्षक को बच्चों के प्रयासों की सराहना करनी चाहिए।
- सही भाषा प्रयोग के लिए सकारात्मक पुनर्बलन देना चाहिए।
2. चॉम्स्की का जन्मजातवादी दृष्टिकोण (Nativist / Innatist Theory)
प्रवर्तक: नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky, 1959)
मुख्य विचार:
भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात (innate) होती है।
हर बच्चे में एक भाषा अर्जन युक्ति (Language Acquisition Device – LAD) होती है जो उसे भाषा सीखने में सक्षम बनाती है।
मुख्य बिंदु:
- सभी भाषाओं के पीछे एक सार्वभौमिक व्याकरण (Universal Grammar) होता है।
- बच्चा सुनकर स्वतः ही नियम पहचान लेता है।
- भाषा सीखना केवल अनुकरण नहीं, बल्कि सृजनात्मक प्रक्रिया है।
उदाहरण:
बच्चा “I goed” कहता है — यह दर्शाता है कि उसने “go + ed = past tense” का नियम स्वयं बनाया, न कि नकल की।
शैक्षिक महत्व:
- भाषा सीखने के लिए उचित भाषा वातावरण (language-rich environment) देना चाहिए।
- शिक्षक को बच्चों को स्वतंत्र रूप से बोलने के अवसर देने चाहिए।
- भाषा सीखना स्वाभाविक प्रक्रिया है, इसे रटवाने से नहीं, अनुभव से सिखाना चाहिए।
3. अन्य दृष्टिकोण (संक्षेप में)
(a) संज्ञानात्मक दृष्टिकोण (Cognitive Approach – Piaget):
- भाषा बौद्धिक विकास का परिणाम है।
- बच्चा पहले विचार करता है, फिर उसे भाषा में व्यक्त करता है।
(b) सामाजिक अंतःक्रियात्मक दृष्टिकोण (Social Interactionist Approach – Vygotsky):
- भाषा सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है।
- माता-पिता और साथियों के संवाद से भाषा विकसित होती है।
- “Thought and language” दोनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
भाषा और चिंतन का अंतर्संबंध (Relationship between Language and Thought)
- पियाजे: विचार भाषा से पहले आता है।
- वायगोत्स्की: विचार और भाषा परस्पर जुड़े हैं। भाषा विचार के विकास का माध्यम बनती है।
- चॉम्स्की: दोनों में जन्मजात संबंध है, मस्तिष्क में भाषा की एक विशेष संरचना होती है।
शिक्षक की भूमिका (Teacher’s Role in Language Development)
- भाषा समृद्ध वातावरण बनाना।
- बच्चों को बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने के अवसर देना।
- संवादात्मक गतिविधियाँ (जैसे—कहानी सुनाना, कविता, चर्चा)।
- त्रुटियों को दंडित नहीं बल्कि सुधार के अवसर देना।
- बच्चों को भाषा प्रयोग में आत्मविश्वास देना।
MCQs
- भाषा विकास की प्रक्रिया कैसी होती है?
(A) अचानक होने वाली
(B) क्रमिक और सतत
(C) जन्म के बाद समाप्त
(D) केवल विद्यालय में संभव
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) क्रमिक और सतत)
स्पष्टीकरण: भाषा धीरे-धीरे विकसित होती है; यह एक सतत (continuous) प्रक्रिया है जो जन्म से शुरू होकर पूरे जीवन चलती रहती है।
- शिशु की पहली भाषा कौन-सी होती है?
(A) विद्यालय की भाषा
(B) मातृभाषा
(C) संस्कृत
(D) विदेशी भाषा
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) मातृभाषा
स्पष्टीकरण: बच्चे सबसे पहले अपने घर और परिवेश से भाषा सीखते हैं, जिसे मातृभाषा कहा जाता है।
- “Cooing” और “Babbling” किस चरण से संबंधित हैं?
(A) एक-शब्दीय चरण
(B) पूर्व-भाषिक चरण
(C) बहु-शब्दीय चरण
(D) व्याकरणिक चरण
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) पूर्व-भाषिक चरण
स्पष्टीकरण: यह शैशवावस्था का वह समय होता है जब बच्चा शब्दों से नहीं बल्कि ध्वनियों से संवाद करता है।
- बच्चे का “मा-मा” या “बा-बा” कहना किस चरण का उदाहरण है?
(A) एक-शब्दीय
(B) पूर्व-भाषिक
(C) दो-शब्दीय
(D) व्याकरणिक
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) पूर्व-भाषिक
स्पष्टीकरण: यह वह अवस्था है जिसमें बच्चा ध्वनियों का अनुकरण करता है, शब्द नहीं बोलता।
- स्किनर के अनुसार भाषा सीखने का आधार है —
(A) अनुकरण
(B) अंतर्दृष्टि
(C) जन्मजात प्रवृत्ति
(D) खोज
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) अनुकरण
स्पष्टीकरण: B.F. Skinner का मानना था कि बच्चे भाषा दूसरों की नकल करके और पुनर्बलन (Reinforcement) से सीखते हैं।
- स्किनर ने भाषा अधिगम को किस प्रक्रिया से समझाया?
(A) पुनर्बलन और अनुकरण
(B) आत्मसात और समायोजन
(C) अंतर्दृष्टि और प्रयास
(D) संज्ञान और चिंतन
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) पुनर्बलन और अनुकरण
स्पष्टीकरण: स्किनर के अनुसार जब बच्चे को सही शब्द प्रयोग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है तो वह उसे दोहराता है — यही पुनर्बलन है।
- “Language Acquisition Device (LAD)” किसने प्रतिपादित किया?
(A) स्किनर
(B) पियाजे
(C) चॉम्स्की
(D) वायगोत्स्की
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) चॉम्स्की
स्पष्टीकरण: नोम चॉम्स्की ने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क में एक “भाषा अर्जन युक्ति” जन्मजात होती है जो उन्हें भाषा सीखने में मदद करती है।
- LAD का कार्य है —
(A) भाषा नियमों को याद रखना
(B) भाषा सीखने की सहज क्षमता प्रदान करना
(C) व्याकरण रटाना
(D) भाषा अनुवाद करना
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) भाषा सीखने की सहज क्षमता प्रदान करना
स्पष्टीकरण: LAD बच्चे को व्याकरणिक संरचनाओं और भाषा पैटर्न को स्वाभाविक रूप से समझने में सक्षम बनाता है।
- “Universal Grammar” की अवधारणा दी —
(A) स्किनर ने
(B) चॉम्स्की ने
(C) ब्रूनर ने
(D) थार्नडाइक ने
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) चॉम्स्की ने
स्पष्टीकरण: Universal Grammar का अर्थ है कि सभी भाषाओं में कुछ मूलभूत व्याकरणिक संरचनाएँ समान होती हैं।
- “I goed to school” कहने से क्या सिद्ध होता है?
(A) बच्चे अनुकरण करते हैं
(B) बच्चे नियम बनाते हैं
(C) बच्चे व्याकरण नहीं जानते
(D) भाषा अर्जन रुक गया है
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) बच्चे नियम बनाते हैं
स्पष्टीकरण: बच्चा “go” का past form स्वयं “goed” बनाता है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह भाषा के नियम समझने और लागू करने की कोशिश कर रहा है।
- व्यवहारवादी सिद्धांत भाषा के किस पहलू पर बल देता है?
(A) संरचना
(B) अर्थ
(C) बाह्य व्यवहार
(D) व्याकरणिक रचनात्मकता
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (C) बाह्य व्यवहार
स्पष्टीकरण: Behaviorism भाषा को केवल बोलने और प्रतिक्रिया देने की बाहरी क्रिया के रूप में देखता है।
- चॉम्स्की ने स्किनर के सिद्धांत की आलोचना क्यों की?
(A) यह बहुत जटिल था
(B) यह भाषा की रचनात्मकता नहीं समझा सका
(C) यह वैज्ञानिक नहीं था
(D) यह व्याकरण पर केंद्रित था
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) यह भाषा की रचनात्मकता नहीं समझा सका
स्पष्टीकरण: चॉम्स्की ने कहा कि बच्चे केवल अनुकरण नहीं करते, बल्कि वे नए वाक्य स्वयं बना सकते हैं।
- वायगोत्स्की के अनुसार भाषा का विकास किससे होता है?
(A) पुनर्बलन से
(B) सामाजिक अंतःक्रिया से
(C) अनुकरण से
(D) संयोग से
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) सामाजिक अंतःक्रिया से
स्पष्टीकरण: वायगोत्स्की ने कहा कि भाषा सीखना सामाजिक प्रक्रिया है; बच्चे दूसरों के साथ संवाद के माध्यम से भाषा विकसित करते हैं।
- पियाजे के अनुसार भाषा किससे उत्पन्न होती है?
(A) विचार से
(B) सामाजिक सहयोग से
(C) अभ्यास से
(D) अनुकरण से
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) विचार से
स्पष्टीकरण: पियाजे का मानना था कि भाषा सोचने (Cognitive Development) की प्रक्रिया का परिणाम है।
- भाषा और विचार का घनिष्ठ संबंध किसने बताया?
(A) वायगोत्स्की
(B) स्किनर
(C) थार्नडाइक
(D) ब्रूनर
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) वायगोत्स्की
स्पष्टीकरण: वायगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार एक-दूसरे पर निर्भर हैं और साथ-साथ विकसित होते हैं।
- “भाषा अर्जन प्राकृतिक और सहज प्रक्रिया है” यह किस दृष्टिकोण का विचार है?
(A) व्यवहारवादी
(B) जन्मजातवादी
(C) सामाजिक
(D) संज्ञानात्मक
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) जन्मजातवादी
स्पष्टीकरण: चॉम्स्की का जन्मजातवादी दृष्टिकोण मानता है कि भाषा सीखने की क्षमता व्यक्ति में जन्म से होती है।
- भाषा सीखने में शिक्षक की भूमिका है —
(A) अनुशासक
(B) सुविधाकर्ता
(C) नियंत्रक
(D) मूल्यांकनकर्ता
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) सुविधाकर्ता
स्पष्टीकरण: शिक्षक बच्चों के लिए भाषा-अनुकूल वातावरण बनाता है और सीखने में मार्गदर्शन करता है।
- बच्चा पहली बार “माँ” शब्द का प्रयोग करता है, यह कौन-सा चरण है?
(A) एक-शब्दीय
(B) दो-शब्दीय
(C) बहु-शब्दीय
(D) पूर्व-भाषिक
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (A) एक-शब्दीय
स्पष्टीकरण: यह भाषा विकास का वह चरण है जहाँ बच्चा एक शब्द से पूरा अर्थ व्यक्त करता है।
- भाषा विकास में “सुनना” का क्या महत्व है?
(A) कोई नहीं
(B) यह बोलने की नींव है
(C) यह लिखने से अधिक कठिन है
(D) यह व्याकरण से अलग है
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) यह बोलने की नींव है
स्पष्टीकरण: बच्चा पहले सुनना सीखता है; सुनना बोलने और समझने की मूलभूत प्रक्रिया है।
- भाषा सीखने के लिए सर्वोत्तम तरीका है —
(A) रटंत अभ्यास
(B) संवादात्मक गतिविधियाँ
(C) केवल व्याकरण सिखाना
(D) अनुवाद कराना
स्पष्टीकरण
✅ उत्तर: (B) संवादात्मक गतिविधियाँ
स्पष्टीकरण: भाषा सीखने का सबसे प्रभावी तरीका बातचीत और वास्तविक जीवन की स्थितियों में भाषा का प्रयोग है।
