जल चक्र: वाष्पीकरण और संघनन
1. जल चक्र का अवलोकन (Overview of Water Cycle)
- परिभाषा: पृथ्वी पर जल का निरंतर चक्रीय संचलन (हाइड्रोलॉजिकल साइकिल)
- प्रमुख प्रक्रियाएँ:
- वाष्पीकरण (Evaporation)
- संघनन (Condensation)
- वर्षण (Precipitation)
- संचयन (Collection)
- अपवाह (Runoff) & अंतःस्रवण (Infiltration)
महत्व: जल संरक्षण, मौसम नियंत्रण, जैव-विविधता
2. वाष्पीकरण (Evaporation)
| बिंदु | विवरण | उदाहरण/प्रभाव |
|---|---|---|
| परिभाषा | तरल जल → जलवाष्प (ऊर्जा अवशोषण) | सूर्य की गर्मी से समुद्र का जल |
| प्रभावित कारक | 1. तापमान ↑ → वाष्पीकरण ↑ 2. सतह क्षेत्र ↑ → ↑ 3. आर्द्रता ↓ → ↑ 4. हवा की गति ↑ → ↑ | गर्मी में तालाब सूखना |
| प्रकार | 1. सतही: नदियाँ, झीलें 2. वाष्पोत्सर्जन (Transpiration): पौधों से | जंगल → 40% वाष्प |
| मात्रा | वैश्विक: ~505,000 km³/वर्ष (समुद्र 86%, भूमि 14%) | भारत: मानसून हेतु महत्वपूर्ण |
सूत्र: वाष्पीकरण दर ∝ (संतृप्त वाष्प दाब – वास्तविक वाष्प दाब)
3. संघनन (Condensation)
| बिंदु | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| परिभाषा | जलवाष्प → तरल जल (ऊर्जा मुक्त) | बादल बनना |
| आवश्यक शर्तें | 1. तापमान ↓ (ओस बिंदु तक) 2. संघनन नाभिक (धूल, नमक कण) | रात में ओस |
| प्रकार | 1. बादल: ऊँचाई पर 2. कुहरा: भूतल पर 3. ओस: रात में 4. पाला: <0°C पर | हिमालयी कुहरा |
| प्रभाव | गुप्त ऊष्मा मुक्त → तापमान स्थिरीकरण | मानसून में गर्मी |
ओस बिंदु (Dew Point): वह तापमान जहाँ RH = 100%
4. जल चक्र का चित्रण (Diagram Description)
text
सूर्य → वाष्पीकरण (समुद्र/झील) → जलवाष्प ↑
→ संघनन → बादल → वर्षा (बारिश/हिम)
→ अपवाह → नदियाँ → समुद्र
→ अंतःस्रवण → भूजल
परीक्षा टिप: चक्र का labeled diagram बनाना अनिवार्य
5. जल चक्र के प्रकार (Types of Water Cycle)
| प्रकार | विवरण | समय |
|---|---|---|
| लघु चक्र | समुद्र → वाष्प → वर्षा → समुद्र | कुछ घंटे |
| दीर्घ चक्र | समुद्र → वाष्प → स्थल → अपवाह → समुद्र | दिन/माह |
| भूजल चक्र | अंतःस्रवण → भूजल → स्रोत → नदी | वर्ष/शताब्दी |
6. मानवीय हस्तक्षेप एवं प्रभाव (Human Impact)
| कार्य | प्रभाव | समाधान |
|---|---|---|
| वनों की कटाई | वाष्पोत्सर्जन ↓ → वर्षा ↓ | वनरोपण |
| शहरीकरण | अपवाह ↑, अंतःस्रवण ↓ | रेन वाटर हार्वेस्टिंग |
| जलवायु परिवर्तन | अनियमित वर्षा | कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण |
7. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points for Exam)
- वाष्पीकरण: ऊष्मा अवशोषण → शीतलन प्रभाव
- संघनन: ऊष्मा मुक्त → गर्मी
- भारत में: दक्षिण-पश्चिम मानसून → बंगाल की खाड़ी से वाष्प
- मापन:
- वाष्पीकरण → पैन इवैपोरिमीटर
- वर्षा → रेन गेज
- MCQ प्रश्न:
- जल चक्र में ऊर्जा स्रोत? → सूर्य
- ओस बनने की प्रक्रिया? → संघनन
- सबसे अधिक वाष्पीकरण? → उष्ण कटिबंधीय समुद्र
8. नक्शा-आधारित (Map-Based)
- अधिक वर्षा क्षेत्र: पश्चिमी घाट (मौसम की छाँव में कम)
- कम वर्षा: लेह-लद्दाख (वर्षा छाया क्षेत्र)
- मानसून पथ: अरब सागर शाखा → पश्चिमी घाट; बंगाल की खाड़ी शाखा → हिमालय
संक्षेप में: जल चक्र पृथ्वी का “प्राकृतिक डिस्टिलेशन सिस्टम” है। वाष्पीकरण जल को शुद्ध करता है, संघनन इसे पुनः वितरित करता है।
परीक्षा टिप:
- डायग्राम + 4 कारक (वाष्पीकरण/संघनन) याद करें
- संख्यात्मक: 86% वाष्प समुद्र से
- उदाहरण: चेरापूँजी (वर्षा), थार (कम वाष्पोत्सर्जन)
