प्रश्न: बाल विकास के संदर्भ में, निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity) का मूल अर्थ क्या है?
- (A) विकास एक निश्चित आयु के बाद रुक जाता है।
- (B) विकास केवल बाल्यावस्था तक ही चलता है।
- (C) विकास गर्भधारण से लेकर मृत्यु तक एक अटूट प्रक्रिया है।
- (D) विकास की गति हमेशा एक समान (Uniform) रहती है।
उत्तर: (C) विकास गर्भधारण से लेकर मृत्यु तक एक अटूट प्रक्रिया है।
विकास एक निरंतर प्रक्रिया
विकास एक निरंतर प्रक्रिया (Continuous Process) है। यह बाल विकास (Child Development) के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है, जिसे निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity) भी कहा जाता है।
इसका क्या अर्थ है?
- जीवन-पर्यन्तता (Lifelong Process): विकास की प्रक्रिया बच्चे के गर्भधारण (Conception) के साथ शुरू होती है और उसके मृत्यु (Death) तक अविराम चलती रहती है। यह बीच में कभी रुकती नहीं है।
- अटूट क्रम (Unbroken Sequence): यह प्रक्रिया क्रमिक (Sequential) और व्यवस्थित होती है, जहाँ एक चरण अगले चरण के लिए आधार तैयार करता है। कोई भी परिवर्तन अचानक नहीं होता, बल्कि छोटे-छोटे, क्रमिक परिवर्तनों के रूप में होता है।
- संचयी प्रकृति (Cumulative Nature): विकास की प्रक्रिया संचयी होती है। इसका अर्थ है कि एक अवस्था में हुए परिवर्तन या अधिगम (Learning) पिछली अवस्थाओं के अनुभवों पर आधारित होते हैं और भविष्य के विकास में जुड़ते जाते हैं। उदाहरण के लिए, बोलने का कौशल, पहले के बड़बड़ाने (Cooing/Babbling) पर आधारित होता है।
- वृद्धि से भिन्नता: यह सिद्धांत, वृद्धि (Growth) से अलग है, क्योंकि वृद्धि (जैसे: शारीरिक ऊँचाई और वजन) एक निश्चित आयु (परिपक्वता) के बाद रुक जाती है, जबकि विकास (जैसे: सामाजिक कौशल, मानसिक क्षमता) आजीवन चलता रहता है।
महत्वपूर्ण बिंदु (प्रतियोगी परीक्षा के लिए)
- गति की असमानता (Non-Uniform Rate): निरंतरता के सिद्धांत का यह अर्थ नहीं है कि विकास की गति हमेशा समान रहती है। विकास की गति विभिन्न अवस्थाओं में भिन्न होती है (जैसे: शैशवावस्था में तेज, उत्तर बाल्यावस्था में धीमी, किशोरावस्था के प्रारंभ में पुनः तेज)।
- सर्पिलाकार प्रगति (Spiral Progress): विकास सीधी रेखा (Linear) में नहीं होता, बल्कि सर्पिलाकार होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति एक अवस्था में आगे बढ़ता है, फिर अपनी पिछली उपलब्धियों को मजबूत करने (समेकित) करने के लिए थोड़ा “पीछे” हटता है, और फिर नए सिरे से आगे बढ़ता है। यह पीछे हटना रुकना नहीं है, बल्कि कौशल को और अधिक परिपक्व करना है, जो निरंतरता का ही हिस्सा है।
प्रतियोगी परीक्षा के लिए 5 कठिन MCQs
प्रश्न 1: विकास में निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity), असततता (Discontinuity) के दृष्टिकोण से किस प्रकार भिन्न है?
- (A) निरंतरता का सिद्धांत विकास को गुणात्मक परिवर्तनों की एक श्रृंखला मानता है, जबकि असततता केवल परिमाणात्मक परिवर्तनों पर ज़ोर देती है।
- (B) निरंतरता मानती है कि विकास क्रमिक (Gradual) और संचयी होता है, जबकि असततता मानती है कि विकास विशिष्ट चरणों (Distinct Stages) में होता है, जो अचानक से और बड़े बदलाव के साथ आते हैं।
- (C) असततता के अनुसार, विकास आनुवंशिकता (Heredity) पर निर्भर करता है, जबकि निरंतरता पर्यावरण (Environment) पर निर्भर करती है।
- (D) निरंतरता का सिद्धांत शैशवावस्था के महत्व को नकारता है, जबकि असततता इसे विकास की नींव मानती है।
Ans.
उत्तर: (B) स्पष्टीकरण: निरंतरता का दृष्टिकोण मानता है कि परिवर्तन सुचारू और क्रमिक होते हैं। असततता (जैसे: पियाजे का सिद्धांत) मानता है कि विकास विशिष्ट, अलग-अलग चरणों में होता है, जहाँ प्रत्येक चरण में सोचने और व्यवहार करने का एक नया और गुणात्मक रूप से भिन्न तरीका आता है।
प्रश्न 2: एक शिशु द्वारा पहले घुटनों के बल चलना और फिर दौड़ना सीखना किस सिद्धांत का पालन करता है?
- (A) एकीकरण का सिद्धांत (Principle of Integration)
- (B) निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity)
- (C) सामान्य से विशिष्ट प्रतिक्रियाओं का सिद्धांत (Principle of General to Specific Responses)
- (D) वैयक्तिक अंतर का सिद्धांत (Principle of Individual Differences)
Ans.
उत्तर: (B) स्पष्टीकरण: यह क्रमिक (sequential) और संचयी (cumulative) प्रक्रिया को दर्शाता है। एक कौशल (घुटनों के बल चलना) अगले कौशल (दौड़ना) के लिए आधार बनता है। विकास के चरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह अटूट क्रम निरंतरता के सिद्धांत की पुष्टि करता है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विकास की निरंतरता को सबसे प्रभावी ढंग से चुनौती देता है (अर्थात असततता का समर्थन करता है)?
- (A) विकास एक समान गति से नहीं होता है।
- (B) शारीरिक विकास मानसिक विकास से पहले होता है।
- (C) विकास गुणात्मक रूप से भिन्न चरणों में होता है (जैसे: पियाजे के संज्ञानात्मक चरण)।
- (D) विकास सिर से पैर की ओर होता है।
Ans.
उत्तर: (C) स्पष्टीकरण: निरंतरता का सिद्धांत विकास को एक चिकनी, क्रमिक रेखा के रूप में देखता है। गुणात्मक रूप से भिन्न चरणों का विचार (जैसे कि पियाजे या एरिक्सन के सिद्धांत) यह दर्शाता है कि एक चरण से दूसरे चरण में जाने पर व्यक्ति में बड़े, अचानक, और गुणात्मक रूप से नए बदलाव आते हैं, जो निरंतरता के विचार को चुनौती देते हैं।
प्रश्न 4: यदि एक शिक्षक यह मानता है कि बाल्यावस्था में होने वाले भावनात्मक परिवर्तन किशोरावस्था में होने वाले भावनात्मक परिपक्वता (Emotional Maturity) का सीधा परिणाम हैं, तो शिक्षक विकास के किस सिद्धांत का समर्थन कर रहा है?
- (A) अंतःसंबंध का सिद्धांत (Principle of Interrelation)
- (B) निरंतरता का सिद्धांत (Principle of Continuity)
- (C) विकास का पूर्वानुमेयता का सिद्धांत (Principle of Predictability)
- (D) विकास की पुनरावृत्ति का सिद्धांत (Principle of Recapitulation)
Ans.
उत्तर: (B) स्पष्टीकरण: यहाँ शिक्षक यह मान रहा है कि पिछले अनुभव/परिवर्तन (बाल्यावस्था के भावनात्मक परिवर्तन) भविष्य के विकास (किशोरावस्था की परिपक्वता) को सीधे प्रभावित करते हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि विकास एक अटूट श्रृंखला (Unbroken Chain) है जो निरंतर आगे बढ़ती है।
प्रश्न 5: विकास के संदर्भ में, “निरंतरता” शब्द मुख्य रूप से किस बात पर ज़ोर देता है?
- (A) सभी व्यक्तियों में विकास की समान गति पर।
- (B) विकास के विभिन्न आयामों (शारीरिक, सामाजिक, संज्ञानात्मक) के बीच अलगाव पर।
- (C) विकास के दौरान होने वाले संचयी और क्रमिक परिवर्तनों की प्रकृति पर।
- (D) केवल आनुवंशिकता द्वारा निर्धारित होने वाली अपरिवर्तनीयता पर।
Ans.
उत्तर: (C) स्पष्टीकरण: निरंतरता का मुख्य जोर इसी बात पर है कि विकास अचानक नहीं होता। यह छोटे, क्रमिक चरणों में होता है, जहाँ हर नया विकास पिछले विकास में जुड़ता जाता है (संचयी प्रकृति)।
