जनजातीय समुदाय और वन (Tribal Communities and Forest)

जनजातीय समुदाय और वन

(Tribal Communities and Forest)

यह लेख आदिवासी (जनजातीय) समुदायों के जीवन, वनों से उनके गहरे संबंध तथा संरक्षण की चुनौतियों को वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टि से प्रस्तुत करता है।


1. जनजातीय समुदाय (Tribal Communities)

भारत में प्रमुख जनजातियाँ

  • संख्या: लगभग 10.4 करोड़ (2011 जनगणना), कुल जनसंख्या का 8.6%।
  • वितरण: मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़), पूर्वोत्तर, राजस्थान, ओडिशा।
जनजातिराज्यविशेषता
गोंडमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़सबसे बड़ी जनजाति, साल वनों में निवास
संतालझारखंड, ओडिशाकृषि + शिकार, हुड़क नृत्य
भीलराजस्थान, गुजरातधनुष-बाण, गैरू नृत्य
टोडानीलगिरि (तमिलनाडु)पशुपालन, बैल दौड़
बैगाछत्तीसगढ़बेवर कृषि (झूम), जड़ी-बूटी ज्ञान

जीवन शैली

  • वन-आधारित अर्थव्यवस्था: लघु वन उत्पाद (MFP) – महुआ, तेंदू पत्ता, शहद, लाख।
  • परंपरागत ज्ञान: 7,500+ औषधीय पौधों का उपयोग (आयुष मंत्रालय)।
  • सामुदायिक जीवन: गोत्र प्रथा, पंचायत निर्णय।

2. वन और जनजातियों का संबंध (Forest and Tribal Relationship)

वन जनजातियों के लिए क्या हैं?

आवश्यकतावन स्रोत
आवासबाँस, साल की लकड़ी से झोपड़ी
भोजनजंगली फल (आमली, चार), कंद (अरबी), शिकार
औषधिनीम, हर्रे, बहेड़ा (त्रिफला)
आयतेंदू पत्ता (बीड़ी), महुआ (शराब/तेल)
सांस्कृतिकसरना (संताल पूजा स्थल), मदेओ देवता (गोंड)

वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA)

  • अधिकार: व्यक्तिगत + सामुदायिक वन भूमि पर।
  • लाभ: 20 लाख+ पट्टे वितरित (2023 तक)।
  • चुनौती: दावे अस्वीकृत (40%), खनन कंपनियों से टकराव।

3. वन संरक्षण में जनजातियों की भूमिका (Role in Forest Conservation)

परंपरागत संरक्षण प्रथाएँ

प्रथाजनजातिविवरण
सर्वोच्च वन (Sacred Groves)सभीदेववनों में कटाई निषेध → जैव विविधता हॉटस्पॉट
झूम चक्र (Shifting Cultivation Cycle)बैगा, नगा10–15 वर्ष छोड़कर → मिट्टी पुनर्जनन
बीज बैंकसंतालदेशी बीज संग्रह → आनुवंशिक विविधता

आधुनिक योगदान

  • संयुक्त वन प्रबंधन (JFM): जनजातीय समिति + वन विभाग → 1.2 लाख+ समितियाँ।
  • वन धन योजना: MFP मूल्य संवर्धन → ₹2,000 करोड़+ आय (2023)।

चुनौतियाँ और समाधान

चुनौतीप्रभावसमाधान
वन कटाईआवास हानिFRA कार्यान्वयन, सामुदायिक वन
खनन/बाँधविस्थापनPESA अधिनियम (ग्राम सभा सहमति)
आधुनिकीकरणपरंपरागत ज्ञान हानिस्कूलों में जनजातीय पाठ्यक्रम
जलवायु परिवर्तनMFP कमीजलवायु अनुकूल फसलें (ज्वार, कोदो)

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)

विषयमुख्य तथ्य
जनजाति700+ अनुसूचित जनजातियाँ, वन-निर्भर
वन संबंधभोजन, आवास, संस्कृति → पारस्परिक निर्भरता
संरक्षणपवित्र वन, JFM → जैव विविधता रक्षक
अधिकारFRA 2006 → 4 करोड़ हेक्टेयर संभावित

प्रयोगशाला/घरेलू गतिविधियाँ

  1. MFP सर्वेक्षण:
    • स्थानीय बाजार में तेंदू, महुआ की कीमत नोट करें → आय गणना।
  2. देववन मानचित्र:
    • नक्शे पर स्थानीय पवित्र वनों को चिह्नित करें → जैव विविधता सूची।
  3. औषधीय पौधा संग्रह:
    • नीम/तुलसी की पत्ती → चाय बनाएँ → पारंपरिक उपयोग समझें।

निष्कर्ष: जनजातीय समुदाय वनों के अभिभावक हैं। उनके अधिकार और ज्ञान को सम्मान देकर ही सतत वन प्रबंधन संभव है। “वन नहीं तो जीवन नहीं” — यही आदिवासी दर्शन सिखाता है।

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