कविता “ओढ़नी” को सस्वर गा सकेंगे और उसके साथ हाव-भाव कर सकेंगे। (Recite the poem with correct rhythm and expressions.)
कविता के शब्दों (ओढ़नी, दादी, छतरी, शाल, धनुष-बाण, मुरली, मिसरी, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand the meaning of words in the poem.)
‘ओ’ और ‘औ’ की मात्रा वाले शब्दों (ओढ़नी, औरत, घोड़ा, चौकी, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘ओ’ and ‘औ’ matras.)
‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा का लेखन अभ्यास कर सकेंगे। (Practice writing ‘ओ’ and ‘औ’ matras.)
घरेलू वस्तुओं (ओढ़नी, छतरी, शाल, घड़ी, आदि) के नाम पहचान सकेंगे। (Identify names of household items.)
दादी/नानी के प्रति प्रेम और आदर का भाव व्यक्त कर सकेंगे। (Express love and respect towards grandmothers.)
विभिन्न वस्तुओं की आवाज़ों (घड़ी-टिक-टिक, उमरू-उम-उम, छड़ी-टक-टक) को पहचान सकेंगे। (Identify different sounds of objects.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH101
विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं।
LH102
सुनी सामग्री (कहानी, कविता आदि) के बारे में बातचीत करते हैं, अपनी राय देते हैं।
LH107
पट्टी कहानी, कविताओं आदि में लिपि चिह्नों/शब्दों/वाक्यों को देखकर पहचान करते हैं।
LH108
संदर्भ की मदद से आस-पास मौजूद प्रिंट के अर्थ और उद्देश्य का अनुमान लगाते हैं।
LH110
परिचित/अपरिचित लिखित सामग्री में रुचि दिखाते हैं और अर्थ खोजने की कोशिश करते हैं।
LH111
हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं।
LH112
स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनते हैं और पढ़ने की कोशिश करते हैं।
LH113
लिखना सीखने की प्रक्रिया में अक्षर-आकृतियों के माध्यम से लिखने का प्रयास करते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 89-95)
कविता का बड़ा चार्ट
‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा के फ्लैशकार्ड
चित्र – ओढ़नी, छतरी, शाल, धनुष-बाण, मुरली, घड़ी, औरत, डमरू
वास्तविक वस्तुएँ (यदि उपलब्ध हों) – ओढ़नी, छतरी, शाल, घड़ी
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कविता का परिचय एवं वाचन (Introduction & Recitation)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुम्हारी दादी/नानी कैसी हैं?” “वे क्या-क्या करती हैं?” “वे क्या पहनती हैं?” “तुम उनके साथ क्या करना पसंद करते हो?” (ओढ़नी, छतरी, शाल की वास्तविक वस्तुएँ दिखाएँ।)
5 मिनट
कविता का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 89 खोलें। कहें: “आज हम एक सुंदर कविता सीखेंगे – ओढ़नी!” “इसमें एक दादी की बात है जो ओढ़नी और छतरी के साथ घूमती हैं और बच्चों के साथ खेलती हैं।”
10 मिनट
कविता वाचन (गायन)
कविता को सस्वर, लयबद्ध और हाव-भाव के साथ पढ़ें/गाएँ: “मेरी दादी बड़ी निराली, हरदम चलती छतरी तान। घर आँगन में घूमा करती, शाल-ओढ़नी है पहचान। धनुष-बाण, उमरू से खेले, और छेड़े मुरली की तान। कान में मीठी मिसरी घोले, दादी है औरत की शान।” बच्चों को दोहराने को कहें।
5 मिनट
हाव-भाव एवं अभिनय
कविता के साथ हाव-भाव दिखाएँ: “छतरी तान” – छतरी खोलने का अभिनय, “ओढ़नी” – ओढ़नी ओढ़ने का अभिनय, “धनुष-बाण” – तीर चलाने का अभिनय, “मुरली” – बाँसुरी बजाने का अभिनय। बच्चों को भी करने को कहें।
5 मिनट
समापन
पूछें: “कविता में कौन हैं?” (दादी) “दादी क्या पहनती हैं?” (ओढ़नी, शाल) “दादी क्या करती हैं?” (छतरी तानकर चलती हैं, धनुष-बाण से खेलती हैं, मुरली बजाती हैं)
शिक्षण संकेत:
कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
हाव-भाव और अभिनय से कविता को रोचक बनाएँ।
दादी/नानी के प्रति प्रेम और आदर का भाव व्यक्त करें।
दिवस 2: कविता की समझ, शब्दावली एवं ‘ओ’ मात्रा (Comprehension, Vocabulary & ‘ओ’ Matra)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कविता को हाव-भाव के साथ दोहराएँ। पूछें: “कविता में कौन हैं?” “दादी क्या पहनती हैं?”
10 मिनट
शब्दावली एवं अर्थ
कविता के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: ओढ़नी – महिलाओं द्वारा ओढ़ी जाने वाली चुनरी/दुपट्टा, निराली – अनोखी/अलग, छतरी – छाता, तान – फैलाकर, शाल – ऊनी दुपट्टा, धनुष-बाण – तीर-कमान, उमरू – एक वाद्य यंत्र, मुरली – बाँसुरी, मिसरी – मीठी कैंडी/शक्कर, शान – गौरव/मान।
5 मिनट
‘ओ’ मात्रा का परिचय
बोर्ड पर ‘ओ’ (ो) की मात्रा लिखें। कहें: “यह है ‘ओ’ की मात्रा।” ‘ओ’ मात्रा वाले शब्द बताएँ – ओढ़नी, घोड़ा, मोर, सोना, होना, चोर। चित्र दिखाएँ और बच्चों से कहें: “यह क्या है?” – “घोड़ा!”
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर ‘ओ’ मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – ओढ़नी, घोड़ा, सोना। पुस्तक के पृष्ठ 91 पर अभ्यास करवाएँ।
5 मिनट
समापन
पूछें: “‘ओ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “ओढ़नी क्या है?” “दादी क्या-क्या करती हैं?”
शिक्षण संकेत:
‘ओ’ मात्रा को व्यंजन के साथ जोड़कर दिखाएँ – घ + ो = घो।
दादी/नानी के प्रति प्रेम व्यक्त करने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें।
दिवस 3: ‘औ’ मात्रा, चित्र-वार्ता, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (‘औ’ Matra, Picture Discussion, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कविता को हाव-भाव के साथ गाएँ। ‘ओ’ मात्रा वाले शब्दों की पुनरावृत्ति करें।
10 मिनट
‘औ’ मात्रा का परिचय
बोर्ड पर ‘औ’ (ौ) की मात्रा लिखें। कहें: “यह है ‘औ’ की मात्रा।” ‘औ’ मात्रा वाले शब्द बताएँ – औरत, चौकी, पौधा, नौ, तौल, कौआ। ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा में अंतर समझाएँ – ‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) दोनों अलग हैं।
5 मिनट
चित्र-वार्ता
पुस्तक के पृष्ठ 90 पर दिए गए चित्र दिखाएँ। पूछें: “चित्र में क्या है?” (ओढ़नी, औरत, डमरू, धनुष, घड़ी, छतरी) “दादी छतरी तानकर क्यों चलती होगी?” “क्या दादी गरमियों में भी शाल ओढ़ती होंगी? क्यों?” “आपके दादा-दादी/नाना-नानी आपको क्यों अच्छे लगते हैं?”
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर ‘औ’ मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – औरत, चौकी, पौधा।
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “‘ओ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “‘औ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “ओढ़नी किसे कहते हैं?” “तुम्हारी दादी/नानी क्या करती हैं?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कविता गाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) मात्रा में अंतर स्पष्ट करें।
बच्चों को अलग-अलग शब्दों में ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा पहचानने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
आवाज़ों (घड़ी-टिक-टिक, उमरू-उम-उम, छड़ी-टक-टक) पर चर्चा करें – पृष्ठ 91 पर दी गई गतिविधि।
मात्रा परिचय (Matra Introduction)
‘ओ’ (ो) मात्रा वाले शब्द
व्यंजन + ‘ओ’
शब्द
अर्थ
ओ + ढ़ + नी = ओढ़नी
ओढ़नी
Shawl/Dupatta
घ + ो + ड़ा = घोड़ा
घोड़ा
Horse
म + ो + र = मोर
मोर
Peacock
स + ो + ना = सोना
सोना
Gold/Sleep
ह + ो + ना = होना
होना
To be
च + ो + र = चोर
चोर
Thief
‘औ’ (ौ) मात्रा वाले शब्द
व्यंजन + ‘औ’
शब्द
अर्थ
औरत
औरत
Woman
च + ौ + की = चौकी
चौकी
Stool
प + ौ + धा = पौधा
पौधा
Plant
न + ौ = नौ
नौ
Nine
त + ौ + ल = तौल
तौल
Weight
क + ौ + आ = कौआ
कौआ
Crow
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
दादी/नानी का चित्र बनाना
बच्चे अपनी दादी/नानी का चित्र बनाएँ और उन्हें ओढ़नी/शाल पहनाकर रंग भरें।
आवाज़ों की पहचान
पृष्ठ 91 पर दी गई आवाज़ों (टिक-टिक, उम-उम, टक-टक) की चर्चा करें और अन्य आवाज़ों के बारे में बात करें।
‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा खोज
कक्षा/पुस्तक में ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
ओढ़नी का चित्र
बच्चे ओढ़नी का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें।
घरेलू वस्तुओं की पहचान
पृष्ठ 90 पर दी गई वस्तुओं (ओढ़नी, औरत, डमरू, धनुष, घड़ी, छतरी) की पहचान करें।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कविता वाचन
कविता को हाव-भाव के साथ गाता है
☐
शब्द पहचान
ओढ़नी, दादी, छतरी, शाल, धनुष-बाण, मुरली को पहचानता है
☐
‘ओ’ मात्रा
‘ओ’ मात्रा वाले 3+ शब्द बताता है
☐
‘औ’ मात्रा
‘औ’ मात्रा वाले 2+ शब्द बताता है
☐
‘ओ’ लेखन
‘ओ’ मात्रा वाले शब्द लिखता है
☐
‘औ’ लेखन
‘औ’ मात्रा वाले शब्द लिखता है
☐
अभिनय
कविता के साथ अभिनय करता है
☐
चित्र-वार्ता
चित्र देखकर प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे और भाषा की लय समझेंगे।
हाव-भाव और अभिनय – कविता के साथ हाव-भाव और अभिनय करने से बच्चों की रुचि बढ़ती है।
वास्तविक वस्तुओं का उपयोग – ओढ़नी, छतरी, शाल, घड़ी आदि वास्तविक वस्तुएँ कक्षा में लाएँ।
मात्राओं पर ध्यान – ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा में अंतर स्पष्ट करें।
बच्चों के अनुभवों से जोड़ें – बच्चों से पूछें कि उनकी दादी/नानी क्या करती हैं।
आवाज़ों पर चर्चा – विभिन्न वस्तुओं की आवाज़ों (घड़ी, उमरू, छड़ी) के बारे में बात करें।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कविता को बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और बच्चों को पढ़ने को कहें।
‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा को अलग-अलग रंगों में लिखें।
बच्चों को ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
दादी/नानी, ओढ़नी, छतरी, शाल, धनुष-बाण, मुरली के चित्र बनाना
पर्यावरण अध्ययन
वस्त्र, मौसम के अनुसार कपड़े (गर्मियों-सर्दियों में)
संगीत
मुरली, उमरू, डमरू – वाद्य यंत्रों की पहचान
सामाजिक अध्ययन
परिवार (दादी/नानी), बुजुर्गों के प्रति आदर
भाषा
आवाज़ों की पहचान (टिक-टिक, उम-उम, टक-टक)
कविता (Poem)
ओढ़नी
मेरी दादी बड़ी निराली, हरदम चलती छतरी तान। घर आँगन में घूमा करती, शाल-ओढ़नी है पहचान। धनुष-बाण, उमरू से खेले, और छेड़े मुरली की तान। कान में मीठी मिसरी घोले, दादी है औरत की शान।
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।