पर्वतीय भू-भाग और जीवन शैली (Mountain Terrain and Lifestyle)

पर्वतीय भू-भाग और जीवन शैली

(ASSEE Notes – संक्षिप्त, परीक्षा-उन्मुख नोट्स)


1. पर्वतीय भू-भाग की विशेषताएँ (Characteristics of Mountain Terrain)

विशेषताविवरणउदाहरण
ऊँचाई (Altitude)500 m से ऊपर; ऑक्सीजन कम, तापमान कम (प्रति 1000 m पर 6.5°C गिरावट)हिमालय (एवरेस्ट 8848 m)
ढाल (Slope)तीव्र ढाल → भूस्खलन, अपरदनउत्तराखंड की तीस्ता घाटी
मिट्टी (Soil)पतली, चट्टानी, कम उपजाऊ; टेरेस खेतीसिक्किम की मिट्टी
जलवायु (Climate)ठंडी, कम वर्षा (ओरोग्राफिक वर्षा वाले क्षेत्र को छोड़कर)लेह-लद्दाख (शीत मरुस्थल)
वनस्पति (Vegetation)ऊँचाई के साथ बदलाव: सदाबहार → शंकुधारी → अल्पाइन → टुंड्राहिमालयी वनस्पति ज़ोन
जल संसाधनहिमनद, झरने, नदियाँ; बाढ़ का खतरागंगा-यमुना की उत्पत्ति

महत्व: जैव-विविधता हॉटस्पॉट, जल-संभर क्षेत्र, खनिज संसाधन।


2. पर्वतीय जीवन शैली की विशेषताएँ (Lifestyle Features)

A. आवास (Housing)

  • सामग्री: पत्थर, लकड़ी, स्लेट छत (भूकंप-रोधी)
  • प्रकार:
    • कठ-खुनी (हिमाचल): लकड़ी-पत्थर, दो मंजिला
    • बक्करवाल झोपड़ी (जम्मू): अस्थायी, चरवाहों के लिए
    • इख़्या (लद्दाख): मिट्टी की ईंट, सपाट छत
  • अनुकूलन: ठंड से बचाव → मोटी दीवारें, छोटे खिड़की

B. भोजन (Food)

क्षेत्रप्रमुख फसल/भोजनविशेषता
हिमाचलमक्का, गेहूँ, राजमा, सिड्डूमोटा अनाज, दालें
उत्तराखंडमडुआ (रागी), चौलाई, क्वीरालउच्च पोषण, कम पानी
लद्दाखजौ (सत्तू), याक दूध, थुकपाऊर्जा-प्रद, ठंड सहन
सिक्किमचावल, मॉमो, गुंद्रुकजैविक खेती

अनुकूलन: उच्च ऊर्जा, विटामिन-C (समुद्री हिरन का काँटा)

C. वस्त्र (Clothing)

  • सामग्री: ऊन (भेड़, याक, अंगोरा खरगोश)
  • पारंपरिक परिधान:
    • पश्मीना शॉल (कश्मीर)
    • बक्करवाल टोपी
    • गोनचा (लद्दाख)
  • कारण: तापमान -20°C तक → मल्टीलेयर कपड़े

D. आजीविका (Livelihood)

  1. कृषि:
    • टेरेस/सीढ़ीदार खेती (सेब, आड़ू, बादाम)
    • फल बागवानी (हिमाचल, कश्मीर)
  2. पशुपालन: ट्रांस-ह्यूमन्स (गद्दी, बक्करवाल, चांगपा)
  3. पर्यटन: ट्रेकिंग, होम-स्टे, गाइड
  4. हस्तशिल्प: ऊनी वस्त्र, चाय, हर्बल उत्पाद

3. चुनौतियाँ (Challenges)

चुनौतीप्रभावसमाधान
परिवहन कठिनाईअलग-थलग गाँवरोप-वे, हेली-सेवा
प्राकृतिक आपदाभूस्खलन, भूकंपभूकंप-रोधी भवन, वनरोपण
स्वास्थ्यऊँचाई रोग (AMS)ऑक्सीजन सिलिंडर, चिकित्सा केंद्र
शिक्षास्कूल दूरआवासीय विद्यालय, ई-लर्निंग
जलवायु परिवर्तनहिमनद पिघलना → बाढ़जल-संरक्षण, पुनर्वास

4. सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity)

  • त्योहार: लोसार (लद्दाख), बैसाखी (हिमाचल), उब्रा (सिक्किम)
  • नृत्य-संगीत: बेडू पर्व (उत्तराखंड), याक नृत्य
  • भाषा: हिन्दी, लद्दाखी, नेपाली, भोटी
  • धार्मिक स्थल: केदारनाथ, हेमिस गोम्पा, चार धाम

5. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points for Exam)

  1. ऊँचाई के साथ तापमान में कमी → लैप्स रेट (6.5°C/1000 m)
  2. ओरोग्राफिक वर्षा → पर्वत की हवा की ओर अधिक वर्षा
  3. टेरेस खेती → मिट्टी अपरदन रोकथाम
  4. ट्रांस-ह्यूमन्स → मौसमी प्रवास (ग्रीष्म: ऊँचे चारागाह, शीत: निचले क्षेत्र)
  5. जैव-विविधता → UNESCO विश्व धरोहर (नंदा देवी, खांगचेंजोंगा)
  6. सरकारी योजनाएँ:
    • विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
    • हिमालयी पर्यावरण अध्ययन केंद्र (GBPIHED)

6. नक्शा-आधारित प्रश्न (Map-Based)

  • हिमालय की तीन श्रेणियाँ: महान हिमालय, मध्य हिमालय, शिवालिक
  • प्रमुख दर्रे: जोजीला, शिपकीला, नाथूला
  • पर्वतीय राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल

संक्षेप में: पर्वतीय क्षेत्र कठिन भू-भाग होने के बावजूद अनूठी जैव-विविधता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का केंद्र हैं। जीवन शैली प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित है।

परीक्षा टिप: प्रत्येक बिंदु को उदाहरण के साथ याद करें; नक्शा कार्य अनिवार्य।

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