कोहलबर्ग की अवस्था 4 (कानून और व्यवस्था) किस स्तर में आती है? A) पूर्व-परंपरागत B) परंपरागत C) उत्तर-परंपरागत D) अनैतिक
उत्तर
उत्तर: B) परंपरागत व्याख्या: अवस्था 4 में व्यक्ति कानून का पालन समाज की व्यवस्था बनाए रखने के लिए करता है, न कि केवल सजा से बचने या व्यक्तिगत लाभ के लिए।
नैतिक विकास (Moral Development)
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नैतिकता = सही-गलत की समझ, निर्णय और व्यवहार। पियाजे और कोहलबर्ग ने इसे संज्ञानात्मक विकास से जोड़ा।
1. पियाजे का नैतिक विकास सिद्धांत (Piaget’s Theory)
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आधार: खेल के नियमों का अवलोकन (मार्बल गेम)। दो मुख्य अवस्थाएँ → तीन उप-चरण
| चरण | आयु | मुख्य विशेषता | निर्णय का आधार | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| 1. अनैतिकता का चरण (Premoral Stage) | 2-4 वर्ष | कोई नैतिक चेतना नहीं नियम समझ नहीं खेल में रुचि | कोई नियम नहीं | खिलौना छीन लिया → “मेरा है!” (नियम नहीं जानता) |
| 2. सहयोग का चरण (Heteronomous Morality / Moral Realism) | 5-9 वर्ष (7-8 पर जोर) | परावलंबी नैतिकता नियम बाहरी (माता-पिता, शिक्षक) नियम अपरिवर्तनीय परिणाम पर ध्यान | सजा अनिवार्य | 5 कप तोड़ने वाला अधिक दोषी (भले मंशा अच्छी हो) |
| 3. स्वायत्त नैतिकता का चरण (Autonomous Morality) | 10-12 वर्ष | स्वायत्त नैतिकता नियम समझौते से लचीले नियम मंशा पर ध्यान | सहयोग, न्याय | जानबूझकर 1 कप तोड़ना > गलती से 5 तोड़ना |
संक्रमण: संज्ञानात्मक विकास (पूर्व-संक्रियात्मक → ठोस संक्रियात्मक) + सामाजिक अंतर्क्रिया
2. कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत (Kohlberg’s Theory)
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आधार: नैतिक दुविधाएँ (Moral Dilemmas) जैसे हाइंज डिलेमा (पत्नी को बचाने के लिए दवा चुराना सही या गलत?)
तीन स्तर → छः अवस्थाएँ (क्रमबद्ध, लेकिन सभी अवस्थाएँ नहीं पहुँचते)
| स्तर | अवस्था | नाम | मुख्य अभिविन्यास | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| स्तर 1: पूर्व-परंपरागत (Pre-conventional) | अवस्था 1 | आज्ञा और दंड | सजा से बचना | “चोरी नहीं करूँगा, वरना पिटाई होगी” |
| अवस्था 2 | साधनात्मक/आत्म-रुचि | व्यक्तिगत लाभ | “अगर मुझे कुछ मिलेगा, तभी मदद करूँगा” | |
| स्तर 2: परंपरागत (Conventional) | अवस्था 3 | अच्छा लड़का/लड़की | सामाजिक स्वीकृति | “अच्छे लोग दूसरों की मदद करते हैं” |
| अवस्था 4 | कानून और व्यवस्था | समाज का नियम पालन | “कानून है, इसलिए पालन करना चाहिए” | |
| स्तर 3: उत्तर-परंपरागत (Post-conventional) | अवस्था 5 | सामाजिक अनुबंध | लोकतंत्र, अधिकार | “कानून गलत हो तो बदलना चाहिए” |
| अवस्था 6 | सार्वभौमिक सिद्धांत | न्याय, समानता, मानवाधिकार | “जीवन बचाना सर्वोपरि, भले कानून टूटे” |
नोट:
- अधिकांश वयस्क अवस्था 3-4 पर रहते हैं।
- अवस्था 6 दुर्लभ (गाँधी, मार्टिन लूथर किंग जैसे)।
तुलना: पियाजे vs कोहलबर्ग
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| मानदंड | पियाजे | कोहलबर्ग |
|---|---|---|
| आयु | स्पष्ट आयु-आधारित | आयु + संज्ञानात्मक परिपक्वता |
| फोकस | खेल के नियम | नैतिक दुविधाएँ |
| चरण | 3 (अनैतिकता → परावलंबी → स्वायत्त) | 6 (क्रमबद्ध) |
| आलोचना | सरल, आयु-कठोर | पश्चिमी偏向, लिंग偏向 (गिलिगन: देखभाल vs न्याय) |
3. शिक्षण में निहितार्थ (Educational Implications)
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| सिद्धांत | शिक्षण रणनीतियाँ |
|---|---|
| पियाजे | |
| 2-4 वर्ष | → खेल-आधारित शिक्षा, नियम सिखाने की बजाय मॉडलिंग |
| 7-8 वर्ष | → स्पष्ट नियम, लेकिन परिणाम समझाएँ (न केवल सजा) |
| 10-12 वर्ष | → समूह चर्चा, नियम मिलकर बनाना, मंशा पर जोर |
| कोहलबर्ग | |
| अवस्था 1-2 | → सकारात्मक सुदृढ़ीकरण, सजा से बचाव नहीं |
| अवस्था 3 | → रोल मॉडल, कहानियाँ (पंचतंत्र, गांधीजी) |
| अवस्था 4 | → नागरिक शिक्षा, संविधान, कर्तव्य |
| अवस्था 5-6 | → दुविधा चर्चा, डिबेट, मूल्य शिक्षा (NCERT Value Education) |
व्यावहारिक सुझाव (क्लासरूम में):
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- नैतिक दुविधाएँ प्रस्तुत करें → “क्या झूठ बोलना कभी सही है?”
- समूह खेल → नियम मिलकर बनाएँ → स्वायत्तता बढ़ेगी
- सहानुभूति गतिविधियाँ → “दूसरे की जगह खुद को रखो”
- मॉडलिंग → शिक्षक नैतिक व्यवहार दिखाएँ
- मंशा vs परिणाम चर्चा → कप तोड़ने का उदाहरण
- मूल्य शिक्षा एकीकरण → NCERT थीम: सहिष्णुता, ईमानदारी
भारतीय संदर्भ
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- संयुक्त परिवार: 7-8 वर्ष में बुजुर्गों से परावलंबी नैतिकता सीखना
- स्कूल प्रार्थना: “सत्यमेव जयते” → अवस्था 4 को बढ़ावा
- गाँधीवादी शिक्षा: सत्य, अहिंसा → अवस्था 6 की ओर
निष्कर्ष
नैतिक विकास संज्ञानात्मक + सामाजिक है। शिक्षक की भूमिका:
“नैतिकता सिखाई नहीं, अनुभव कराई जाती है।”
MCQ :
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प्रश्न 1: पियाजे के अनुसार 10-12 वर्ष में निर्णय का आधार क्या है? A) परिणाम B) मंशा C) सजा D) नियम अपरिवर्तनीय
उत्तर
उत्तर: B) मंशा
प्रश्न 2: कोहलबर्ग की अवस्था 2 में बच्चा क्या सोचता है? A) कानून सर्वोपरि B) मुझे क्या लाभ? C) सभी को खुश करना D) न्याय के सिद्धांत
उत्तर
उत्तर: B) मुझे क्या लाभ?
प्रश्न 3: “अच्छा लड़का/लड़की” अभिविन्यास किस अवस्था में है? A) अवस्था 1 B) अवस्था 3 C) अवस्था 5 D) अवस्था 6
उत्तर
उत्तर: B) अवस्था 3
प्रश्न 4: शिक्षण में 7-8 वर्ष के लिए उचित है: A) दुविधा चर्चा B) स्पष्ट नियम + परिणाम समझाना C) पूर्ण स्वतंत्रता D) केवल सजाउत्तर
उत्तर
उत्तर: B) स्पष्ट नियम + परिणाम समझाना
प्रश्न 5: कोहलबर्ग का सिद्धांत किस पर आधारित है? A) खेल के नियम B) नैतिक दुविधाएँ C) भावनाएँ D) IQ
उत्तर
उत्तर: B) नैतिक दुविधाएँ


