विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing Development) – बचपन के अनुभवों का दीर्घकालिक प्रभाव

विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing Development) – बचपन के अनुभवों का दीर्घकालिक प्रभाव CTET Notes – Point-to-Point


क्या आप जानते हैं?

प्रश्न: बचपन के अनुभवों का दीर्घकालिक प्रभाव सबसे अधिक किस क्षेत्र में दिखता है? a) केवल शारीरिक विकास b) केवल संज्ञानात्मक विकास c) व्यक्तित्व, भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक संबंधों में d) कोई प्रभाव नहीं

Ans.

उत्तर: c) व्यक्तित्व, भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक संबंधों में


मुख्य नोट्स (Point-to-Point)

Details
  1. बचपन के अनुभव (Childhood Experiences)
    • परिभाषा: 0–12 वर्ष (विशेषकर 0–6 वर्ष) में प्राप्त अनुभव – संवेदनशील अवधि
    • प्रकार:सकारात्मक: सुरक्षित लगाव, प्यार, उत्तेजना, शिक्षा • नकारात्मक: उपेक्षा, दुर्व्यवहार, तनाव, गरीबी
    • स्रोत: परिवार, देखभालकर्ता, स्कूल, समाज
  2. दीर्घकालिक प्रभाव (Long-Term Effects)
    • सकारात्मक अनुभव: • मजबूत आत्मविश्वास, भावनात्मक स्थिरता • बेहतर सामाजिक संबंध, सहानुभूति • उच्च शैक्षणिक उपलब्धि
    • नकारात्मक अनुभव (ACEs – Adverse Childhood Experiences): • चिंता, अवसाद, PTSD • कम आत्मसम्मान, आक्रामकता • स्वास्थ्य जोखिम (हृदय रोग, मधुमेह) • रिश्तों में कठिनाई
  3. प्रभाव के क्षेत्र क्षेत्रदीर्घकालिक प्रभावभावनात्मकलगाव शैली (सुरक्षित/असुरक्षित) → वयस्क रिश्तेव्यक्तित्वट्रस्ट vs मिसट्रस्ट (एरिक्सन) → जीवनभरसंज्ञानात्मकउत्तेजना की कमी → कम IQ, सीखने में कठिनाईशारीरिकतनाव → कोर्टिसोल → इम्यून सिस्टम कमजोरसामाजिकअलगाव → antisocial व्यवहार
  4. मैकेनिज्म (Mechanism)
    • मस्तिष्क प्लास्टिसिटी: बचपन में न्यूरॉन्स कनेक्शन मजबूत होते हैं।
    • एपिजेनेटिक्स: तनाव जीन अभिव्यक्ति बदलता है (बिना DNA बदले)।
    • संचयी प्रभाव (Cumulative Effect): छोटे अनुभव बड़ा असर डालते हैं।
  5. सिद्धांत
    • एरिक्सन: प्रारंभिक स्टेजेस (Trust vs Mistrust, Autonomy vs Shame) → व्यक्तित्व की नींव।
    • बाउल्बी: लगाव सिद्धांत – बचपन का लगाव → वयस्क संबंध।
    • ACE Study (CDC-Kaiser): 10 प्रकार के बचपन तनाव → 20+ वर्ष बाद रोग।
    • वर्तमान दृष्टिकोण: Resilience – अच्छे परवर्ती अनुभव नकारात्मक प्रभाव कम कर सकते हैं।

आपने क्या समझा?

Details

(कॉम्पिटिशन लेवल MCQs – CTET में आए या आने योग्य)

MCQ 1: बचपन के नकारात्मक अनुभवों को कहते हैं: a) Positive Childhood Experiences b) Adverse Childhood Experiences (ACEs) c) Later Life Experiences d) None

Ans.

उत्तर: b) Adverse Childhood Experiences (ACEs)


MCQ 2: बचपन के अनुभवों का दीर्घकालिक प्रभाव एपिजेनेटिक्स के माध्यम से कैसे होता है? a) DNA बदलकर b) जीन की अभिव्यक्ति बदलकर c) मस्तिष्क को पूरी तरह रोककर d) कोई प्रभाव नहीं

Ans.

उत्तर: b) जीन की अभिव्यक्ति बदलकर


MCQ 3: “Trust vs Mistrust” स्टेज बचपन के अनुभव से किसे प्रभावित करती है? a) शारीरिक ऊंचाई b) जीवनभर का विश्वास स्तर c) भाषा कौशल d) गणित योग्यता

Ans.

उत्तर: b) जीवनभर का विश्वास स्तर


MCQ 4: निम्न में से कौन सा बचपन के अनुभव का दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव है? a) स्कूल में असफलता b) माता-पिता से सुरक्षित लगाव c) किशोरावस्था में तनाव d) वयस्कता में बेरोजगारी

Ans.

उत्तर: b) माता-पिता से सुरक्षित लगाव


MCQ 5: Resilience का अर्थ है: a) बचपन के अनुभव अपरिवर्तनीय हैं b) नकारात्मक अनुभवों से उबरने की क्षमता c) केवल सकारात्मक अनुभव प्रभावी d) विकास रुक जाता है

Ans.

उत्तर: b) नकारात्मक अनुभवों से उबरने की क्षमता


CTET टिप:

Details
  • कीवर्ड याद करें: ACEs, Attachment, Epigenetics, Resilience, Trust vs Mistrust, Long-Term Effects।
  • प्रश्न अक्सर आते हैं: “बचपन का लगाव → वयस्क संबंध”, “ACEs → स्वास्थ्य जोखिम”।
  • एरिक्सन + बाउल्बी के नाम जरूर आते हैं।
  • Resilience अब नया हॉट टॉपिक है – सुधार की संभावना पर जोर।
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