विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing Development) – प्रारंभिक एवं परवर्ती अनुभव (Early & Later Experiences) CTET Notes – Point-to-Point
क्या आप जानते हैं?
प्रश्न: विकास में प्रारंभिक अनुभवों का प्रभाव परवर्ती अनुभवों की तुलना में कैसा होता है? a) हमेशा कम b) हमेशा अधिक c) सामान्यतः अधिक मजबूत, लेकिन परवर्ती अनुभव भी सुधार सकते हैं d) कोई प्रभाव नहीं
Ans.
उत्तर: c) सामान्यतः अधिक मजबूत, लेकिन परवर्ती अनुभव भी सुधार सकते हैं
मुख्य नोट्स (Point-to-Point)
Details
- प्रारंभिक अनुभव (Early Experiences)
- परिभाषा: जन्म से 5-6 वर्ष तक (विशेषकर 0-3 वर्ष) के अनुभव – संवेदनशील अवधि (Sensitive Period)।
- स्रोत: माता-पिता, देखभालकर्ता, घरेलू वातावरण, संवेदी उत्तेजना।
- प्रभावित क्षेत्र: • लगाव (Attachment – Bowlby) • भाषा अधिग्रहण (Critical Period Hypothesis) • मस्तिष्क विकास (Synaptic Pruning) • भावनात्मक नियमन
- उदाहरण: • सुरक्षित लगाव → स्वस्थ व्यक्तित्व • भाषा की कमी → भाषा विकास में देरी (Genie Case)
- परवर्ती अनुभव (Later Experiences)
- परिभाषा: 6 वर्ष के बाद – स्कूल, मित्र, शिक्षक, समाज से प्राप्त अनुभव।
- स्रोत: शिक्षा, सामाजिककरण, सांस्कृतिक प्रभाव, जीवन घटनाएँ।
- प्रभावित क्षेत्र: • सामाजिक कौशल • नैतिक विकास (Kohlberg) • व्यक्तित्व परिष्करण • करियर/रुचियाँ
- उदाहरण: • अच्छा शिक्षक → आत्मविश्वास बढ़ना • किशोरावस्था में मित्र → व्यवहार परिवर्तन
- प्रारंभिक vs परवर्ती अनुभव का अंतर्क्रिया (Interaction)
- प्रारंभिक अनुभव आधार बनाते हैं → मजबूत नींव या कमजोरी।
- परवर्ती अनुभव सुधार या मजबूत कर सकते हैं → प्लास्टिसिटी (Plasticity)।
- उदाहरण: • खराब प्रारंभिक लगाव → असुरक्षा, लेकिन थेरेपी से सुधार। • अच्छी प्रारंभिक भाषा → तेज परवर्ती अधिग्रहण।
- आधुनिक दृष्टिकोण: दोनों महत्वपूर्ण, लेकिन प्रारंभिक अधिक संवेदनशील।
- अन्य प्रभावी कारक कारकप्रारंभिक/परवर्तीप्रभावलगावप्रारंभिकभावनात्मक आधारशिक्षापरवर्तीसंज्ञानात्मक विकासमाता-पिताप्रारंभिकसुरक्षा, भाषामित्रपरवर्तीसामाजिक कौशलसंस्कृतिदोनोंमूल्य, व्यवहारट्रॉमाप्रारंभिक (अधिक हानि)PTSD, असुरक्षा
- सिद्धांत
- प्रारंभिक अनुभव समर्थक: • फ्रायड – मनोलैंगिक स्टेजेस (0-5 वर्ष निर्णायक) • बाउल्बी – लगाव सिद्धांत (0-3 वर्ष) • लैंग्वेज एक्विजिशन डिवाइस (LAD) – चॉम्स्की
- परवर्ती अनुभव समर्थक: • बैंडुरा – सामाजिक अधिगम (नकल, मॉडलिंग) • वायगोत्स्की – ZPD (शिक्षक/मित्र द्वारा विकास)
- वर्तमान दृष्टिकोण: Lifespan Approach – विकास जीवनभर, प्रारंभिक नींव + परवर्ती सुधार।
आपने क्या समझा?
Details
(कॉम्पिटिशन लेवल MCQs – CTET में आए या आने योग्य)
MCQ 1: निम्न में से कौन सा प्रारंभिक अनुभव का उदाहरण है? a) स्कूल में शिक्षक से सीखना b) माँ से सुरक्षित लगाव बनना c) किशोरावस्था में मित्र प्रभाव d) कॉलेज में करियर चुनाव
Ans.
उत्तर: b) माँ से सुरक्षित लगाव बनना
MCQ 2: संवेदनशील अवधि (Sensitive Period) का संबंध मुख्यतः किससे है? a) परवर्ती अनुभव b) प्रारंभिक अनुभव c) वयस्कता d) कोई नहीं
Ans.
उत्तर: b) प्रारंभिक अनुभव
MCQ 3: “प्रारंभिक 3 वर्ष में लगाव विकास सबसे महत्वपूर्ण होता है” – यह कथन किसका है? a) पियाजे b) बाउल्बी c) वायगोत्स्की d) कोहलबर्ग
Ans.
उत्तर: b) बाउल्बी
MCQ 4: निम्न में से कौन सा परवर्ती अनुभव का उदाहरण है? a) जन्म के बाद माँ का दूध b) स्कूल में सामाजिक नियम सीखना c) 2 वर्ष में पहला शब्द बोलना d) शिशु अवस्था में सेंसरिमोटर खेल
Ans.
उत्तर: b) स्कूल में सामाजिक नियम सीखना
MCQ 5: प्लास्टिसिटी (Plasticity) का अर्थ है: a) प्रारंभिक अनुभव अपरिवर्तनीय b) मस्तिष्क परवर्ती अनुभवों से बदल सकता है c) केवल प्रारंभिक अनुभव प्रभावी d) विकास रुक जाता है
Ans.
उत्तर: b) मस्तिष्क परवर्ती अनुभवों से बदल सकता है
CTET टिप:
Details
- कीवर्ड याद करें: Early Experience, Later Experience, Sensitive Period, Attachment, Plasticity, Bowlby, Lifespan।
- प्रश्न में “कौन अधिक महत्वपूर्ण?” → उत्तर: प्रारंभिक (नींव), लेकिन परवर्ती सुधारक।
- बाउल्बी vs बैंडुरा का तुलनात्मक प्रश्न कॉमन है।
- Genie Case या Critical Period उदाहरण आधारित प्रश्न आते हैं।
