संज्ञान एवं संवेग की अवधारणा और संबंध (Concept and relationship between cognition and emotion)

संज्ञान एवं संवेग की अवधारणा और संबंध (Concept and relationship between cognition and emotion)

🔹 परिभाषा (Definition):

संज्ञान एक मानसिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति ज्ञान अर्जित करता है, उसे समझता है, सोचता है, याद रखता है, निर्णय लेता है और समस्याओं का समाधान करता है।

➡️ सरल शब्दों में:
संज्ञान का अर्थ है “जानना, समझना और सोचना”।

🔹 प्रकृति (Nature of Cognition):

  • यह मानसिक प्रक्रिया (Mental Process) है, जो मस्तिष्क में होती है।
  • यह गतिशील (Dynamic) होती है — लगातार बदलती रहती है।
  • यह अनुभव, सीखने और निर्णय से जुड़ी होती है।
  • इसमें बुद्धि, ध्यान, स्मृति, कल्पना, और तर्क शामिल होते हैं।

🔹 संज्ञान की प्रमुख प्रक्रियाएँ (Main Cognitive Processes):

प्रक्रियाअर्थ
ध्यान (Attention)किसी विशेष वस्तु या विचार पर मन को केंद्रित करना।
अनुभूति (Perception)इंद्रियों से प्राप्त सूचनाओं की व्याख्या करना।
स्मृति (Memory)जानकारी को संचित रखना और पुनः स्मरण करना।
तर्क (Reasoning)सोच-विचार कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचना।
समस्या-समाधान (Problem Solving)किसी कठिनाई या प्रश्न का समाधान निकालना।
निर्णय-निर्माण (Decision Making)विकल्पों में से उपयुक्त चयन करना।

❤️ संवेग (Emotion)

🔹 परिभाषा (Definition):

संवेग व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति या अनुभव है जो किसी परिस्थिति या विचार के प्रति उसकी मानसिक एवं शारीरिक प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

➡️ सरल शब्दों में:
संवेग वह है जो हमें “महसूस कराता है” — जैसे खुशी, गुस्सा, डर, आश्चर्य।

🔹 संवेग की विशेषताएँ (Nature of Emotion):

  • यह व्यक्तिपरक (Subjective) और अल्पकालिक (Short-lived) होता है।
  • इसमें शारीरिक परिवर्तन (Heart rate, breathing) होते हैं।
  • यह व्यवहार और सोच दोनों को प्रभावित करता है।
  • यह सीखने और सामाजिक संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🔹 संवेगों के प्रकार (Types of Emotions):

प्रकारउदाहरण
प्राथमिक संवेग (Primary Emotions)प्राकृतिक और सार्वभौमिक: जैसे खुशी, दुख, डर, गुस्सा, घृणा, आश्चर्य।
द्वितीयक संवेग (Secondary Emotions)सामाजिक अनुभवों से उत्पन्न: जैसे गर्व, शर्म, अपराध-बोध, ईर्ष्या।

🔄 संज्ञान और संवेग का अंतर्संबंध (Interrelationship between Cognition and Emotion)

संज्ञान और संवेग अलग-अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए (Intertwined) हैं।

🔹 1️⃣ संवेग → संज्ञान को प्रभावित करता है

  • डर, चिंता या खुशी जैसी भावनाएँ ध्यान, स्मृति और निर्णय को प्रभावित करती हैं।
    👉 उदाहरण: डर के समय विद्यार्थी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता।
    👉 खुशी के समय सीखना आसान और प्रभावी होता है।

🔹 2️⃣ संज्ञान → संवेग को प्रभावित करता है

  • किसी घटना या स्थिति की हमारी व्याख्या (Interpretation) हमारी भावनात्मक प्रतिक्रिया तय करती है।
    👉 उदाहरण: यदि कोई गलती को “सीखने का अवसर” मानता है, तो वह सकारात्मक महसूस करेगा;
    यदि उसे “असफलता” मानता है, तो निराश होगा।

🔹 3️⃣ दोनों का संतुलन सीखने के लिए आवश्यक है

  • अधिगम प्रक्रिया में भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मक सोच दोनों आवश्यक हैं।
  • शिक्षक को विद्यार्थियों के संवेदनात्मक और बौद्धिक पक्ष दोनों का ध्यान रखना चाहिए।

⚖️ संज्ञान और संवेग का तालमेल (Cognition–Emotion Balance)

पहलूसंज्ञानसंवेग
कार्यसोचना, तर्क करना, निर्णय लेनामहसूस करना, प्रतिक्रिया देना
नियंत्रणमस्तिष्क के प्रीफ्रंटल क्षेत्रलिम्बिक सिस्टम (Amygdala)
प्रभावतर्कसंगत निर्णयभावनात्मक प्रतिक्रिया
संबंधपरस्पर पूरक (Complementary)

🧠 10 MCQs on Cognition and Emotion (उत्तर सहित)


Q1. संज्ञान का अर्थ है —
A. केवल याद करना
B. जानना, समझना और सोचना
C. महसूस करना
D. बोलना

उत्तर

उत्तर: B. जानना, समझना और सोचना
➡️ Cognition ज्ञान प्राप्ति और समझ की प्रक्रिया है।


Q2. संज्ञान की कौन-सी प्रक्रिया नहीं है?
A. स्मृति
B. ध्यान
C. गुस्सा
D. तर्क

उत्तर

उत्तर: C. गुस्सा
➡️ गुस्सा संवेग है, संज्ञान नहीं।


Q3. “डर के कारण विद्यार्थी परीक्षा में ध्यान नहीं लगा पाता” — यह किसका उदाहरण है?
A. संज्ञान → संवेग
B. संवेग → संज्ञान
C. सामाजिक प्रभाव
D. प्रेरणा

उत्तर

उत्तर: B. संवेग → संज्ञान
➡️ संवेग (डर) संज्ञानात्मक कार्यों को प्रभावित करता है।


Q4. संवेग का अर्थ है —
A. ज्ञान की प्रक्रिया
B. भावनात्मक अनुभव
C. तर्कशीलता
D. भाषा का प्रयोग

उत्तर

उत्तर: B. भावनात्मक अनुभव
➡️ Emotion व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति दर्शाता है।


Q5. प्राथमिक संवेगों में कौन-सा शामिल नहीं है?
A. खुशी
B. दुख
C. गर्व
D. डर

उत्तर

उत्तर: C. गर्व
➡️ गर्व द्वितीयक संवेग है, जो सामाजिक अनुभव से जुड़ा है।


Q6. स्मृति और तर्क किस श्रेणी में आते हैं?
A. संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ
B. संवेगात्मक प्रक्रियाएँ
C. शारीरिक प्रक्रियाएँ
D. रचनात्मक प्रक्रियाएँ

उत्तर

उत्तर: A. संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ
➡️ Memory और reasoning cognitive processes हैं।


Q7. जब किसी स्थिति की हमारी सोच हमारी भावनात्मक प्रतिक्रिया तय करती है, यह किसका उदाहरण है?
A. संवेग → संज्ञान
B. संज्ञान → संवेग
C. जैविक प्रतिक्रिया
D. सामाजिक दबाव

उत्तर

उत्तर: B. संज्ञान → संवेग
➡️ हमारी व्याख्या हमारी भावना को आकार देती है।


Q8. कौन-सा संवेग द्वितीयक (Secondary) है?
A. डर
B. खुशी
C. शर्म
D. आश्चर्य

उत्तर

उत्तर: C. शर्म
➡️ शर्म एक सामाजिक-भावनात्मक अनुभव है।


Q9. संज्ञान और संवेग का संबंध कैसा है?
A. एक-दूसरे से असंबंधित
B. विरोधी
C. परस्पर पूरक और अंतःक्रियात्मक
D. एक समान

उत्तर

उत्तर: C. परस्पर पूरक और अंतःक्रियात्मक
➡️ दोनों मिलकर सीखने को प्रभावित करते हैं।


Q10. अधिगम में संवेग की सकारात्मक भूमिका क्या है?
A. डर बढ़ाना
B. प्रेरणा और ध्यान में वृद्धि
C. तनाव पैदा करना
D. विचलन बढ़ाना

उत्तर

उत्तर: B. प्रेरणा और ध्यान में वृद्धि
➡️ सकारात्मक भावनाएँ अधिगम को सशक्त बनाती हैं।

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