वृद्धि (Growth) का अर्थ
सोरेन्सन के अनुसार—
वृद्धि शब्द का प्रयोग सामान्यतः शरीर तथा उसके अंगों के आकार और भार में होने वाली वृद्धि के लिए किया जाता है।
वृद्धि की विशेषताएँ—
- यह मात्रात्मक परिवर्तन है
- इसे नापा और तोला जा सकता है
- जैसे— लंबाई बढ़ना, वजन बढ़ना, अंगों का आकार बढ़ना
- यह एक निश्चित समय तक चलने वाली प्रक्रिया है
अभिवृद्धि (Growth) एवं उसकी विशेषताएँ
अभिवृद्धि का अर्थ शरीर के स्वाभाविक विकास से है, जिसे कोशिकाओं की गुणात्मक वृद्धि भी कहा जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
- शारीरिक संबंध: वृद्धि मुख्य रूप से शारीरिक विकास से संबंधित होती है। इसमें शरीर के अंगों के आकार, लंबाई और भार में परिवर्तन शामिल हैं।
- मात्रात्मक पहलू: यह एक मात्रात्मक (Quantitative) पहलू है।
- मापनीय: अभिवृद्धि को मापा जा सकता है (जैसे ऊँचाई या वजन)।
- निश्चित समय तक: यह जीवन पर्यंत नहीं चलती, बल्कि एक निश्चित आयु (परिपक्वता) के बाद रुक जाती है।
- जैविक प्रक्रिया: वृद्धि को एक जैविक प्रक्रिया माना जाता है।
- व्यक्तिगत भेद: वृद्धि की दर और स्वरूप में प्रत्येक बालक में व्यक्तिगत भेद पाया जाता है।
- शिक्षण का प्रभाव नहीं: स्वाभाविक परिवर्तनों पर शिक्षण या प्रशिक्षण का सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।
विकास (Development) का अर्थ एवं विशेषताएँ
विकास एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक और मानसिक दोनों पक्ष शामिल होते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- गुणात्मक प्रक्रिया: शरीर के गुणात्मक परिवर्तनों को विकास कहा जाता है।
- जीवन पर्यंत: विकास जन्म से लेकर मृत्यु (जीवन पर्यंत) तक चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है।
- व्यापकता: वृद्धि, विकास का ही एक भाग है और इसमें समाहित होती है।
- पूरक संबंध: विकास के विभिन्न क्षेत्र एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं और उनमें सामंजस्य होता है।
मानव विकास के क्षेत्र (Domains of Human Development)
मानव विकास को मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है:
- शारीरिक (Physical)
- संज्ञानात्मक (Cognitive)
- संवेगात्मक (Emotional)
- सामाजिक (Social)
अभिवृद्धि और विकास में मुख्य अंतर

| आधार | अभिवृद्धि (Growth) | विकास (Development) |
| प्रकृति | यह शारीरिक होती है। | यह शारीरिक एवं मानसिक दोनों होती है। |
| स्वरूप | यह मात्रात्मक होती है। | यह गुणात्मक होती है। |
| मापन | यह मापनीय होती है। | इसे मापा नहीं जा सकता (मूल्यांकन संभव है)। |
| समय सीमा | निश्चित आयु तक चलती है। | जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है। |
अभिवृद्धि एवं उसकी विशेषताएँ MCQs
1. बच्चे की वृद्धि मुख्यतः सम्बन्धित है –
(a) शारीरिक विकास से
(b) सामाजिक विकास से
(c) भावनात्मक विकास से
(d) नैतिक विकास से
UP TET (I–V) 8 Jan. 2020
Ans.
Ans. (a) : बच्चे की वृद्धि मुख्यतः शारीरिक विकास से सम्बन्धित होती है। शरीर में होने वाले गुणात्मक वृद्धि को अभिवृद्धि कहलाती है अर्थात व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को वृद्धि कहते हैं। मानव अभिवृद्धि की प्रकृति के अनुसार यह ज्ञात होता है कि बालक का शरीर और व्यवहार प्रमुख आकार-प्रकार में क्रमबद्ध परिवर्तन के साथ विकसित होकर शक्तिशाली, योग्य, दक्ष, कुशल, योग्यताओं से युक्त प्रौढ़ावस्था तक पहुँचने के दौरान व्यक्ति के विभिन्न अंगों के आकार, स्वभाव तथा अन्दर में आने वाले परिवर्तनों को वृद्धि कहते हैं।
2. निम्नलिखित में से कौन वृद्धि की विशेषता का प्रतिनिधित्व नहीं करता है?
(a) यह एक मात्रात्मक पहलू है
(b) यह मापा योग्य नहीं है
(c) यह क्रमबद्ध प्रक्रिया नहीं है
(d) यह क्रमबद्ध परिवर्तन का दर्शाती है
(DSSSB ASSISTANT TEACHER EDUCATION DEP.)
Ans.
Ans. (b) : सामान्यतः व्यक्ति के स्वाभाविक प्रत्यक्ष परिवर्तन, जो एक शिक्षा या प्रशिक्षण का प्रभाव नहीं, वृद्धि कहलाती है। वृद्धि की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं –
- वृद्धि एक मात्रात्मक पहलू है तथा इसी मापा जा सकता है।
- वृद्धि का सम्बन्ध शारीरिक परिवर्तन से है।
- वृद्धि एक नियत आयु के पश्चात रुक जाती है।
- वृद्धि में क्रमबद्धता होती है।
3. वृद्धि के कौन से कथन सही हैं?
(a) अभिवृद्धि शारीरिक होती है
(b) अभिवृद्धि मात्रात्मक होती है
(c) अभिवृद्धि मापनीय होती है
(d) अभिवृद्धि जीवनपर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है
Haryana TET Paper-I (Class I–V) 2011
Ans.
Ans: (d) वृद्धि (Growth) विकास (Development) का ही भाग होता है। वृद्धि विकास में समाहित होती है।
अंतर
| वृद्धि | विकास |
|---|---|
| यह शारीरिक होती है | यह शारीरिक एवं मानसिक दोनों होती है |
| यह मात्रात्मक रूप से दर्शाया जा सकता है | यह गुणात्मक रूप से दर्शाया जा सकता है |
| इसे मापा जा सकता है | इसे मापा नहीं जा सकता |
| यह नियत आयु तक चलने वाली प्रक्रिया है | यह जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है |






