सीखने के सिद्धांत (Theories of Learning) – व्यवहारवादी उपागम (Behaviorist Approach)

1. व्यवहारवाद (Behaviorism) की मूल अवधारणा

  • व्यवहारवाद की स्थापना जॉन बी. वॉटसन (J.B. Watson) ने की थी।
  • इसके अनुसार सीखना किसी व्यक्ति के व्यवहार (Behavior) में आने वाला स्थायी परिवर्तन है, जो पर्यावरणीय उद्दीपक (Stimulus) और प्रतिक्रिया (Response) के संबंध से उत्पन्न होता है।
  • इस दृष्टिकोण में मानसिक प्रक्रियाएँ (जैसे विचार, भावनाएँ) प्रत्यक्ष रूप से नहीं मापी जा सकतीं, इसलिए अध्ययन का केंद्र देखने योग्य व्यवहार होता है।

2. प्रमुख व्यवहारवादी सिद्धांत

(A) पावलॉव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory – Ivan Pavlov)

  • वैज्ञानिक: इवान पावलॉव (रूस)
  • प्रयोग: कुत्ते पर – भोजन प्रस्तुत करने पर लार (Salivation)
  • मुख्य विचार: जब एक निरपेक्ष उद्दीपक (Neutral Stimulus) किसी प्राकृतिक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के साथ बार-बार प्रस्तुत किया जाता है, तो वह भी स्वतः प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगता है।

उदाहरण:
भोजन (UCS) → लार (UCR)
भोजन + घंटी → लार
घंटी (CS) → लार (CR)

मुख्य तत्व:

  • Unconditioned Stimulus (UCS) = भोजन
  • Unconditioned Response (UCR) = लार
  • Conditioned Stimulus (CS) = घंटी
  • Conditioned Response (CR) = लार

शैक्षिक निहितार्थ:

  • अच्छे वातावरण से सीखने की सकारात्मक प्रवृत्तियाँ विकसित होती हैं।
  • भय, चिंता जैसी प्रतिक्रियाओं को अनुबंधन द्वारा बदला जा सकता है।

(B) थार्नडाइक का प्रयत्न और भूल का सिद्धांत (Trial and Error Theory – Edward Thorndike)

  • प्रयोग: बिल्ली और पिंजरे का प्रयोग (Puzzle Box Experiment)
  • मुख्य विचार: सीखना प्रयास और त्रुटियों की प्रक्रिया है।
    बिल्ली कई बार गलत प्रयास करती है, लेकिन अंततः सही क्रिया सीख जाती है।

थार्नडाइक के प्रमुख नियम (Laws of Learning):

  1. तत्परता का नियम (Law of Readiness): जब व्यक्ति किसी कार्य के लिए तैयार होता है, तो उसे करने में संतोष होता है।
  2. अभ्यास का नियम (Law of Exercise): बार-बार अभ्यास करने से सीखना स्थायी होता है।
  3. प्रभाव का नियम (Law of Effect): जिन कार्यों से सुखद परिणाम मिलते हैं, वे दोहराए जाते हैं।

शैक्षिक निहितार्थ:

  • अभ्यास का महत्व (Practice-based learning)
  • सफलता पर पुरस्कार देना चाहिए।
  • कठिन कार्यों को छोटे भागों में बाँटना चाहिए।

(C) स्किनर का क्रिया-प्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning – B.F. Skinner)

  • प्रयोग: स्किनर बॉक्स में चूहा (Rat Experiment)
  • चूहा लीवर दबाता है → भोजन मिलता है → यह क्रिया बार-बार दोहराई जाती है।

मुख्य विचार:
सीखना व्यक्ति की क्रिया (Operant) के परिणाम (Consequence) पर निर्भर करता है।
यदि परिणाम सुखद है, तो वह क्रिया दोहराई जाती है।

प्रमुख सिद्धांत:

  • सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement): अच्छे व्यवहार पर इनाम या प्रशंसा देना।
  • नकारात्मक पुनर्बलन (Negative Reinforcement): अवांछित परिस्थिति को हटाकर सही व्यवहार को मजबूत करना।
  • दंड (Punishment): गलत व्यवहार को रोकने का उपाय।
  • विलुप्ति (Extinction): जब पुनर्बलन रोक दिया जाए, तो व्यवहार धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।

शैक्षिक निहितार्थ:

  • शिक्षक को पुनर्बलन का प्रयोग करना चाहिए (जैसे प्रशंसा, पुरस्कार)।
  • अनुशासन में सुधार के लिए सकारात्मक पुनर्बलन सर्वोत्तम तरीका है।
  • गलत व्यवहार पर कठोर दंड नहीं, बल्कि व्यवहार संशोधन तकनीक अपनानी चाहिए।

3. व्यवहारवाद के शैक्षिक उपयोग

  • शिक्षण में सुस्पष्ट उद्देश्यों (Clear Objectives) का निर्धारण।
  • Step-by-step learning पद्धति का उपयोग।
  • अभ्यास और पुनर्बलन पर बल।
  • स्वचालित शिक्षण (Programmed Instruction) और ड्रिल अभ्यास (Drill Practice) का प्रयोग।
  • शिक्षण परिणाम का मापन प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन (Performance-based Assessment) से।

4. व्यवहारवादी उपागम की सीमाएँ

  • यह केवल बाहरी व्यवहार पर ध्यान देता है, आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं की उपेक्षा करता है।
  • सृजनात्मकता, अंतर्दृष्टि, और समझ को पर्याप्त महत्व नहीं देता।
  • सीखने को यांत्रिक प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है।

5. व्यवहारवाद के प्रमुख योगदान

  • सीखने को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
  • शिक्षा में निष्पक्ष अवलोकन, प्रयोग, और मापन की परंपरा शुरू की।
  • पुनर्बलन और अनुशासन के प्रभावी तरीकों को विकसित किया।
  • शिक्षण कार्यक्रमों का संरचनात्मक विकास (Programmed Learning) किया।

MCQs

Details

1. व्यवहारवादी अधिगम सिद्धांत (Behaviorist Theory of Learning) का मुख्य आधार क्या है?
(A) मानसिक प्रक्रियाएँ
(B) प्रत्यक्ष अनुभव और व्यवहार
(C) आत्मचिंतन
(D) जन्मजात प्रवृत्तियाँ

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) प्रत्यक्ष अनुभव और व्यवहार
स्पष्टीकरण: व्यवहारवादी दृष्टिकोण (Behaviorism) के अनुसार सीखना पर्यवेक्षण योग्य व्यवहार में परिवर्तन है जो पर्यावरणीय उद्दीपक (Stimulus) और प्रतिक्रिया (Response) के परिणामस्वरूप होता है।


2. शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत किससे संबंधित है?
(A) स्किनर
(B) पावलॉव
(C) थार्नडाइक
(D) वॉटसन

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) पावलॉव
स्पष्टीकरण: रूसी वैज्ञानिक इवान पावलॉव ने कुत्तों पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि सीखना उद्दीपक और प्रतिक्रिया के बीच संबंध (Association) से होता है।


3. पावलॉव के कुत्ते वाले प्रयोग में “घंटी की आवाज़” किस प्रकार का उद्दीपक थी?
(A) प्राकृतिक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus)
(B) अनुबन्धित उद्दीपक (Conditioned Stimulus)
(C) निरपेक्ष उद्दीपक (Neutral Stimulus)
(D) दंडात्मक उद्दीपक

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) अनुबन्धित उद्दीपक (Conditioned Stimulus)
स्पष्टीकरण: प्रारंभ में घंटी एक निरपेक्ष उद्दीपक थी, लेकिन बार-बार भोजन के साथ जोड़ने पर यह अनुबन्धित उद्दीपक बन गई और लार टपकने की प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगी।


4. क्रिया-प्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) का सिद्धांत किसने दिया?
(A) पावलॉव
(B) स्किनर
(C) थार्नडाइक
(D) ब्रूनर

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) स्किनर
स्पष्टीकरण: बी. एफ. स्किनर ने अपने “स्किनर बॉक्स” प्रयोग में बताया कि सीखना व्यक्ति की क्रिया के परिणाम (Consequences) पर निर्भर करता है।


5. स्किनर के अनुसार, सीखने की प्रक्रिया में कौन-सा तत्व सबसे महत्वपूर्ण है?
(A) अनुकरण
(B) पुनर्बलन (Reinforcement)
(C) दंड (Punishment)
(D) अंतर्दृष्टि

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) पुनर्बलन (Reinforcement)
स्पष्टीकरण: पुनर्बलन उस घटना को कहते हैं जो किसी व्यवहार को दोहराने की संभावना को बढ़ाती है। सकारात्मक पुनर्बलन (जैसे प्रशंसा) सीखने को मजबूत करता है।


6. थार्नडाइक का “प्रयत्न-भूल (Trial and Error)” सिद्धांत किस पर आधारित था?
(A) चिंतन पर
(B) अनुकूलन पर
(C) क्रिया और परिणाम पर
(D) अवलोकन पर

स्पष्टीकरण

उत्तर: (C) क्रिया और परिणाम पर
स्पष्टीकरण: थार्नडाइक ने बिल्ली के बॉक्स प्रयोग से दिखाया कि सीखना प्रयास और त्रुटियों की श्रृंखला के बाद सफल प्रतिक्रिया से होता है। सफल क्रिया पुनर्बलित होती है।


7. थार्नडाइक के ‘सीखने के नियमों’ में कौन-सा नियम प्रमुख नहीं है?
(A) तत्परता का नियम (Law of Readiness)
(B) अभ्यास का नियम (Law of Exercise)
(C) प्रभाव का नियम (Law of Effect)
(D) अंतर्दृष्टि का नियम (Law of Insight)

स्पष्टीकरण

उत्तर: (D) अंतर्दृष्टि का नियम (Law of Insight)
स्पष्टीकरण: अंतर्दृष्टि का नियम गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों (कोहलर आदि) का सिद्धांत है, थार्नडाइक के व्यवहारवादी सिद्धांत में नहीं आता।


8. निम्न में से कौन-सा पुनर्बलन का उदाहरण है?
(A) बच्चे को गलती पर सजा देना
(B) बच्चे को सही उत्तर पर प्रशंसा देना
(C) बच्चे की गलती पर अनदेखी करना
(D) बच्चे को कार्य से रोकना

स्पष्टीकरण

उत्तर: (B) बच्चे को सही उत्तर पर प्रशंसा देना
स्पष्टीकरण: सही व्यवहार के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया (जैसे प्रशंसा, इनाम) पुनर्बलन कहलाती है। इससे वांछित व्यवहार दोहराया जाता है।


9. दंड (Punishment) का उद्देश्य क्या होता है?
(A) गलत व्यवहार को बढ़ाना
(B) सीखने को रोकना
(C) गलत व्यवहार को घटाना
(D) ध्यान आकर्षित करना

स्पष्टीकरण

उत्तर: (C) गलत व्यवहार को घटाना
स्पष्टीकरण: दंड का उद्देश्य अवांछित व्यवहार की पुनरावृत्ति को रोकना होता है। परंतु शिक्षा में सकारात्मक पुनर्बलन अधिक प्रभावी माना जाता है।


10. स्किनर के अनुसार, शिक्षक की भूमिका क्या होनी चाहिए?
(A) ज्ञान का स्रोत
(B) सीखने का नियंत्रक
(C) व्यवहार संशोधनकर्ता (Modifier of Behavior)
(D) दंड देने वाला

स्पष्टीकरण

उत्तर: (C) व्यवहार संशोधनकर्ता (Modifier of Behavior)
स्पष्टीकरण: स्किनर के अनुसार, शिक्षक का कार्य छात्रों के वांछित व्यवहार को पुनर्बलन द्वारा विकसित और बनाए रखना है।

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