⛰️ स्थलरूप एवं जीवन – कक्षा 6 SST अध्याय 3 (नोट्स)

⛰️ स्थलरूप एवं जीवन – कक्षा 6 SST अध्याय 3 (नोट्स)

I. स्थलरूपों के प्रमुख प्रकार (Major Landforms)

पृथ्वी पर प्रमुख रूप से तीन प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं: पर्वत, पठार और मैदान।

स्थलरूपविशेषताएँजीवन पर प्रभाव एवं महत्व
पर्वत (Mountains)आसपास के क्षेत्र से ऊँचे और नुकीले शिखर वाले। युवा पर्वतों में खड़ी ढलानें होती हैं।महत्व: खनिजों, वन संसाधनों और जल के स्रोत (बर्फ पिघलने से) प्रदान करते हैं। पर्यटन (ट्रेकिंग, स्कीइंग) और धार्मिक तीर्थयात्रा के लिए महत्वपूर्ण।
पठार (Plateaus)आसपास की भूमि से ऊपर उठा हुआ समतल क्षेत्र। इसके किनारे अक्सर खड़ी ढलान वाले हो सकते हैं।महत्व: खनिजों का भंडार गृह (जैसे छोटा नागपुर पठार)। यहाँ काली मिट्टी और झरने भी पाए जाते हैं। जीवन-शैली मैदानों से भिन्न होती है।
मैदान (Plains)समतल या हल्के उतार-चढ़ाव वाली सतहें।महत्व: कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण (उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के कारण)। परिवहन और व्यापार के लिए आसान, इसलिए यहाँ बड़ी आबादी निवास करती है और शहरों का विकास होता है।

II. स्थलरूपों से जुड़ी चुनौतियाँ और अवसर

स्थलरूपचुनौतियाँ (Challenges)अवसर (Opportunities)
पर्वतभूस्खलन, हिमस्खलन, भारी बर्फबारी, ठंडा मौसम, परिवहन में कठिनाई।प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन (आय का स्रोत), ताज़ी हवा, बाहरी गतिविधियाँ (स्कीइंग, पर्वतारोहण)।
पठारपानी की सीमित आपूर्ति, उपजाऊ भूमि की कमी, चरम मौसम (गर्म ग्रीष्म, ठंडी सर्दियाँ)।खनिज संसाधनों की प्रचुरता (हीरा, सोना, लौह अयस्क), झरने और पर्यटन।
मैदानबाढ़ (विशेषकर वर्षा ऋतु में), मिट्टी का कटाव, प्रदूषण की समस्या (हाल में)।उपजाऊ भूमि के कारण कृषि की आदर्श स्थिति, आसान परिवहन, शहरों का विकास और घनी आबादी।

III. नदियों का महत्व

  • जल स्रोत: नदियाँ अक्सर पहाड़ों और पहाड़ियों से बर्फ पिघलने या वर्षा जल से निकलती हैं।
  • उपजाऊ मिट्टी: नदियाँ अपने साथ तलछट (sediment) लाती हैं, जो मैदानों में जमा होकर भूमि को अत्यधिक उपजाऊ बनाती हैं (जैसे गंगा का मैदान)।
  • सांस्कृतिक महत्व: भारत में गंगा, यमुना, सिंधु, नर्मदा जैसी कई नदियाँ समुदायों द्वारा पवित्र स्थल मानी जाती हैं, और इनके तट पर धार्मिक अनुष्ठान एवं त्योहार आयोजित किए जाते हैं।

IV. शब्दावली और तथ्य

  • सीढ़ीनुमा खेती (Terrace Farming): पहाड़ी ढलानों पर भूमि को काटकर खेती के लिए सीढ़ियों के रूप में तैयार करना।
  • मरुस्थल (Desert): ये गर्म या ठंडे हो सकते हैं (जैसे सहारा या गोबी)। यहाँ की वनस्पति और जीव-जंतु विलक्षण होते हैं क्योंकि वे चरम स्थितियों में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।
  • उदाहरण:
    • माउंट एवरेस्ट: पर्वतारोहण।
    • माउंट किलिमंजारो: अफ्रीका में स्थित है।
    • विश्व की छत: पठारों को खनिजों के भंडार गृह के कारण यह नाम भी दिया जाता है।
Spread the love

You cannot copy content of this page