विकास को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing Development) – क्रमिक विकास बनाम अवस्था-विशिष्ट विकास CTET Notes – Point-to-Point
क्या आप जानते हैं?
प्रश्न: क्रमिक विकास और अवस्था-विशिष्ट विकास में मुख्य अंतर क्या है? a) क्रमिक में स्टेजेस नहीं, अवस्था-विशिष्ट में होती हैं b) क्रमिक में स्टेजेस होती हैं, अवस्था-विशिष्ट में नहीं c) दोनों में स्टेजेस होती हैं, लेकिन क्रमिक में कोई क्रम नहीं d) दोनों समान हैं
Ans
उत्तर: a) क्रमिक में स्टेजेस नहीं, अवस्था-विशिष्ट में होती हैं
मुख्य नोट्स (Point-to-Point)
Details
- क्रमिक विकास (Gradual/Continuous Development)
- परिभाषा: विकास एक सतत, धीमी, क्रमिक और मात्रात्मक प्रक्रिया है – कोई स्पष्ट चरण नहीं।
- स्रोत: निरंतर सीखना, अभ्यास, अनुभव का संचय।
- प्रभावित क्षेत्र: • भाषा (शब्दावली धीरे-धीरे बढ़ती है) • मोटर स्किल्स (चलना → दौड़ना → कूदना) • बुद्धि (IQ में धीमी वृद्धि)
- उदाहरण: • बच्चा रोज़ 2-3 नए शब्द सीखता है। • साइकिल चलाने की क्षमता अभ्यास से धीरे-धीरे बढ़ती है।
- अवस्था-विशिष्ट विकास (Stage-Specific/Discontinuous Development)
- परिभाषा: विकास निश्चित, गुणात्मक, अचानक चरणों (Stages) में होता है – प्रत्येक चरण में नई क्षमताएँ।
- स्रोत: जैविक परिपक्वता (Maturation) + महत्वपूर्ण अनुभव।
- प्रभावित क्षेत्र: • संज्ञानात्मक (पियाजे के 4 स्टेजेस) • मनोसामाजिक (एरिक्सन के 8 स्टेजेस) • नैतिक विकास (कोहलबर्ग के 6 स्टेजेस)
- उदाहरण: • पियाजे: प्रीऑपरेशनल → कंक्रीट ऑपरेशनल (अचानक संरक्षण समझना) • प्यूबर्टी: अचानक शारीरिक परिवर्तन
- क्रमिक vs अवस्था-विशिष्ट का अंतर्क्रिया (Interaction)
- दोनों का संयुक्त प्रभाव: • क्रमिक विकास अवस्थाओं के बीच की प्रगति देता है। • अवस्था-विशिष्ट विकास “कूद” (leaps) प्रदान करता है।
- उदाहरण: • भाषा: धीमी शब्दावली (क्रमिक) + अचानक वाक्य बनाना (अवस्था)
- आधुनिक दृष्टिकोण: दोनों का मिश्रण – विकास गैर-रेखिक (non-linear)
- अन्य प्रभावी कारक कारकक्रमिक/अवस्था-विशिष्टप्रभावअभ्यासक्रमिकधीमी स्किल बढ़ोतरीपरिपक्वताअवस्था-विशिष्टअचानक क्षमताशिक्षाक्रमिकसंचयी ज्ञानसंस्कृतिदोनोंसामाजिक माइलस्टोनजीनअवस्था-विशिष्टप्यूबर्टी, स्टेज ट्रिगरवातावरणक्रमिकदैनिक उत्तेजना
- सिद्धांत
- क्रमिक विकास समर्थक: • वायगोत्स्की – ZPD के माध्यम से धीमी प्रगति • बैंडुरा – सामाजिक अधिगम (धीरे-धीरे नकल)
- अवस्था-विशिष्ट समर्थक: • पियाजे – संज्ञानात्मक स्टेजेस • एरिक्सन – मनोसामाजिक संकट • फ्रायड – मनोलैंगिक स्टेजेस
- वर्तमान दृष्टिकोण: Dynamic Systems Theory – दोनों का गतिशील संयोजन
आपने क्या समझा?
Details
(कॉम्पिटिशन लेवल MCQs – CTET में आए या आने योग्य)
MCQ 1: निम्न में से कौन सा क्रमिक विकास का उदाहरण है? a) पियाजे के स्टेजेस में कूद b) रोज़ नए शब्द सीखना c) प्यूबर्टी में अचानक परिवर्तन d) एरिक्सन का संकट समाधान
Ans.
उत्तर: b) रोज़ नए शब्द सीखना
MCQ 2: “विकास निश्चित चरणों में होता है” – यह कथन किससे संबंधित है? a) क्रमिक विकास b) अवस्था-विशिष्ट विकास c) प्रकृति सिद्धांत d) पोषण सिद्धांत
Ans.
उत्तर: b) अवस्था-विशिष्ट विकास
MCQ 3: पियाजे किस विकास मॉडल के समर्थक हैं? a) क्रमिक b) अवस्था-विशिष्ट c) दोनों d) कोई नहीं
Ans.
उत्तर: b) अवस्था-विशिष्ट
MCQ 4: निम्न में से कौन सा अवस्था-विशिष्ट का उदाहरण है? a) साइकिल चलाने में धीरे-धीरे सुधार b) कंक्रीट ऑपरेशनल स्टेज में संरक्षण समझना c) दैनिक अभ्यास से पढ़ाई d) भाषा में शब्दों का संचय
Ans.
उत्तर: b) कंक्रीट ऑपरेशनल स्टेज में संरक्षण समझना
MCQ 5: ZPD (Zone of Proximal Development) किस विकास मॉडल से जुड़ा है? a) अवस्था-विशिष्ट b) क्रमिक c) दोनों d) कोई नहीं
Ans.
उत्तर: b) क्रमिक
CTET टिप:
Details
- कीवर्ड याद करें: Gradual, Stage-Specific, Piaget, Vygotsky, ZPD, Maturation, Quantitative vs Qualitative।
- प्रश्न में अंतर पूछा जाता है → “स्टेजेस” = अवस्था-विशिष्ट, “धीरे-धीरे” = क्रमिक।
- पियाजे vs वायगोत्स्की का तुलनात्मक प्रश्न बहुत कॉमन है।
