एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत (Erikson’s Theory of Psychosocial Development) के अनुसार, प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था (Early Adulthood) का प्रमुख विकासात्मक संकट (Developmental Crisis) क्या है?
(A) पहचान बनाम भूमिका भ्रम (Identity vs. Role Confusion)
(B) आत्मीयता बनाम अलगाव (Intimacy vs. Isolation)
(C) उत्पादकता बनाम स्थिरता (Generativity vs. Stagnation)
(D) सम्पूर्णता बनाम निराशा (Ego Integrity vs. Despair)
उत्तर: (B)
प्रौढ़ावस्था (Adulthood) विकास के चरण (विवरण)
प्रौढ़ावस्था विकास का सबसे लंबा चरण है, जो लगभग 18-20 वर्ष की आयु से शुरू होकर मृत्यु तक चलता है। इसे तीन मुख्य उप-अवस्थाओं में विभाजित किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अनूठी जैव-सामाजिक (Bio-Social) चुनौतियाँ हैं:
| अवस्था का नाम | अनुमानित अवधि | मुख्य विकासात्मक चुनौतियाँ | एरिक्सन का मनोसामाजिक संकट |
| 1. प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था (Early Adulthood) | 18/20 वर्ष से 40 वर्ष तक | ⚫ कैरियर की स्थापना करना। ⚫ घनिष्ठ संबंध (रोमांटिक साझेदारी) बनाना। ⚫ घर, परिवार या स्थायी जीवनशैली स्थापित करना। | आत्मीयता बनाम अलगाव (Intimacy vs. Isolation) |
| 2. मध्य प्रौढ़ावस्था (Middle Adulthood) | 40 वर्ष से 65 वर्ष तक | ⚫ अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन करना (बच्चे/छात्र/समाज)। ⚫ करियर में स्थिरता या शीर्ष पर पहुँचना। ⚫ “मिड-लाइफ क्राइसिस” का अनुभव। | उत्पादकता बनाम स्थिरता (Generativity vs. Stagnation) |
| 3. विलंब प्रौढ़ावस्था (Late Adulthood) | 65 वर्ष से मृत्यु तक | ⚫ शारीरिक और संज्ञानात्मक क्षीणता (Decline) का सामना करना। ⚫ सेवानिवृत्ति और सामाजिक भूमिकाओं में बदलाव के लिए समायोजन। ⚫ जीवन के अर्थ और उपलब्धियों का पुनर्मूल्यांकन। | सम्पूर्णता बनाम निराशा (Ego Integrity vs. Despair) |
प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु:
- संज्ञानात्मक परिवर्तन: प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था में तरल बुद्धिमत्ता (Fluid Intelligence) (समस्या-समाधान की गति) चरम पर होती है, जबकि मध्य प्रौढ़ावस्था में यह कम होने लगती है, लेकिन क्रिस्टलीकृत बुद्धिमत्ता (Crystallized Intelligence) (संचित ज्ञान) बढ़ती रहती है।
- उत्पादकता (Generativity): यह केवल बच्चों को पालने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज या अगली पीढ़ी में योगदान देने की इच्छा को दर्शाता है।
- शारीरिक परिवर्तन: मध्य प्रौढ़ावस्था में दृष्टि, श्रवण और मांसपेशियों की शक्ति में क्रमिक गिरावट शुरू हो जाती है।
प्रतियोगी परीक्षा के लिए 5 कठिन MCQs (CTET केंद्रित)
प्रश्न 1: एक व्यक्ति जो अपने करियर में सफल है, लेकिन दूसरों के साथ गहरे, सार्थक संबंध बनाने में असमर्थ है, वह एरिक्सन के किस मनोसामाजिक संकट को हल करने में विफल रहा है?
(A) पहचान बनाम भूमिका भ्रम (Identity vs. Role Confusion)
(B) पहल बनाम अपराध-बोध (Initiative vs. Guilt)
(C) आत्मीयता बनाम अलगाव (Intimacy vs. Isolation)
(D) सम्पूर्णता बनाम निराशा (Ego Integrity vs. Despair)
Ans.
उत्तर: (C)
स्पष्टीकरण: आत्मीयता बनाम अलगाव प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था का संकट है। यह सफल होने पर घनिष्ठ, प्रतिबद्ध संबंध बनाने की क्षमता और विफल होने पर एकाकीपन (Loneliness) या अलगाव की भावना से संबंधित है।
प्रश्न 2: मध्य प्रौढ़ावस्था (Middle Adulthood) में “उत्पादकता (Generativity)” की भावना विकसित करने के लिए एक व्यक्ति निम्नलिखित में से क्या नहीं कर रहा होगा?
(A) अपने बच्चों को सही सामाजिक मूल्य सिखाना।
(B) एक युवा सहकर्मी (Junior Colleague) को सलाह देना (Mentoring)।
(C) सामाजिक अलगाव को स्वीकार करना और अपने स्वयं के हितों तक सीमित रहना।
(D) सामुदायिक सेवा या धर्मार्थ कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेना।
Ans.
उत्तर: (C)
स्पष्टीकरण: उत्पादकता का अर्थ है समाज और अगली पीढ़ी को मूल्य देना। सामाजिक अलगाव और केवल स्वयं के हितों तक सीमित रहना स्थिरता (Stagnation) को दर्शाता है, जो उत्पादकता की विफलता है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तरल बुद्धिमत्ता (Fluid Intelligence) और क्रिस्टलीकृत बुद्धिमत्ता (Crystallized Intelligence) के बीच के संबंध को प्रौढ़ावस्था के संदर्भ में सबसे सटीक ढंग से वर्णित करता है?
(A) दोनों प्रकार की बुद्धिमत्ता प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था के दौरान गिरना शुरू हो जाती हैं।
(B) तरल बुद्धिमत्ता मध्य प्रौढ़ावस्था में कम हो जाती है, जबकि क्रिस्टलीकृत बुद्धिमत्ता आम तौर पर बढ़ती या स्थिर रहती है।
(C) क्रिस्टलीकृत बुद्धिमत्ता में गति और नई समस्याएं हल करने की क्षमता शामिल है।
(D) तरल बुद्धिमत्ता अनुभव और संचित ज्ञान से संबंधित है।
Ans.
उत्तर: (B)
स्पष्टीकरण: तरल बुद्धिमत्ता (गति, अमूर्त तर्क) 30 वर्ष के बाद कम होने लगती है। क्रिस्टलीकृत बुद्धिमत्ता (ज्ञान, शब्दावली, कौशल) अनुभव पर आधारित होती है और मध्य प्रौढ़ावस्था में भी बढ़ती रहती है, जिससे प्रौढ़ अपनी विशेषज्ञता बनाए रखते हैं।
प्रश्न 4: विलंब प्रौढ़ावस्था (Late Adulthood) में एक व्यक्ति अपने जीवन की उपलब्धियों पर विचार करता है और उन्हें संतोषजनक पाता है, जिससे उसमें एक सकारात्मक मनोसामाजिक परिणाम आता है। यह परिणाम क्या कहलाता है?
(A) सम्पूर्णता (Ego Integrity)
(B) उत्पादकता (Generativity)
(C) विश्वास (Trust)
(D) पहचान (Identity)
Ans.
उत्तर: (A)
स्पष्टीकरण: एरिक्सन के अंतिम चरण (विलंब प्रौढ़ावस्था) में, यदि व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक और सफल मानता है, तो वह सम्पूर्णता (Ego Integrity) की भावना विकसित करता है। यदि वह पछतावा और अनसुलझे मुद्दों को देखता है, तो वह निराशा (Despair) का अनुभव करता है।
प्रश्न 5: एक व्यक्ति जो मध्य प्रौढ़ावस्था में अपने बच्चों की परवरिश पूरी करने के बाद कॉलेज वापस जाता है और एक नया करियर शुरू करता है, यह विकासात्मक अवस्था की किस विशेषता का उदाहरण है?
(A) विकास का अपरिवर्तनीय (Irreversible) सिद्धांत।
(B) विकास में सांस्कृतिक विशिष्टता (Cultural Specificity) की कमी।
(C) प्रौढ़ावस्था का गुणात्मक रूप से भिन्न चरण होना।
(D) प्रौढ़ावस्था में विकास का प्लास्टिक (Plastic) या लचीला (Flexible) होना।
Ans.
उत्तर: (D)
स्पष्टीकरण: विकास की प्लास्टिसिटी (लचीलापन) का सिद्धांत बताता है कि कौशल, ज्ञान और व्यवहार में परिवर्तन जीवन भर संभव हैं। प्रौढ़ावस्था में वापस पढ़ना या करियर बदलना यह दर्शाता है कि मानव विकास एक निश्चित सीमा तक लचीला होता है और व्यक्ति नई भूमिकाएँ या क्षमताओं को अपना सकते हैं।
