वामन (संस्कृत काव्यशास्त्री) – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
वामन किस युग/काल के प्रमुख आचार्य माने जाते हैं?
A. 6ठी शती B. 7वीं शती C. 8वीं-9वीं शती ✓ D. 10वीं शती
वामन किस कश्मीरी राजा के सभा-पंडित थे?
A. ललितादित्य B. जयापीड़ ✓ C. अवन्तिवर्मन् D. हर्ष
वामन का प्रसिद्ध ग्रंथ कौन-सा है?
A. काव्यालंकार B. काव्यादर्श C. काव्यालंकारसूत्रवृत्ति ✓ D. ध्वन्यालोक
संस्कृत काव्यशास्त्र में सर्वप्रथम सूत्र-शैली में लिखा गया ग्रंथ किसका है?
A. भामह B. दंडी C. वामन ✓ D. रुद्रट
वामन ने अपने ग्रंथ में कितने अधिकरण (परिच्छेद) रखे हैं?
A. 3 B. 4 C. 5 ✓ D. 6
वामन के ग्रंथ में कुल अध्यायों की संख्या है:
A. 10 B. 12 ✓ C. 14 D. 16
वामन के ग्रंथ में कुल सूत्रों की संख्या है:
A. 285 B. 300 C. 319 ✓ D. 350
वामन किस मत के प्रमुख आचार्य हैं?
A. रसवाद B. ध्वनिवाद C. अलंकारवाद D. रीतिवाद ✓
वामन का सर्वप्रसिद्ध सूत्र है:
A. रसो वै सः B. ध्वनिर्वादः C. रीतिरात्मा काव्यस्य ✓ D. वक्रोक्ति जीवनम्
वामन के अनुसार काव्य की आत्मा क्या है?
A. रस B. अलंकार C. रीति ✓ D. ध्वनि
वामन के अनुसार गुणों का संबंध किससे है?
A. रस से B. रीति से (रीति के आश्रित) ✓ C. अलंकार से D. ध्वनि से
वामन ने गुण को माना है:
A. काव्य का अनित्य अंग B. काव्य का नित्य अंग ✓ C. काव्य का वैकल्पिक अंग D. कोई नहीं
वामन ने अलंकार को माना है:
A. काव्य का नित्य अंग B. काव्य का अनित्य अंग ✓ C. रीति का पर्याय D. रस का पर्याय
वामन ने रस को किस गुण का पर्याय माना है?
A. ओज B. प्रसाद C. कान्ति ✓ D. माधुर्य
वामन ने कुल कितनी रीतियों की कल्पना की है?
A. दो B. तीन ✓ C. चार D. पाँच
वामन द्वारा प्रतिपादित तीन रीतियाँ कौन-सी हैं?
A. वैदर्भी, पांचाली, लाटी
B. वैदर्भी, गौड़ी, पांचाली ✓
C. विदर्भ, मागधी, अवन्ती
D. गौड़ी, विदर्भी, द्राविड़ी
वामन ने सर्वश्रेष्ठ रीति माना है:
A. गौड़ी B. पांचाली C. वैदर्भी ✓ D. तीनों समान
वामन ने वक्रोक्ति को क्या माना है?
A. शब्दालंकार B. सादृश्यमूलक लक्षणा (अर्थालंकार) ✓ C. रस का अंग D. ध्वनि का प्रकार
वामन के अनुसार समस्त अर्थालंकारों का मूल क्या है?
A. रूपक B. उपमा ✓ C. उत्प्रेक्षा D. अतिशयोक्ति
वामन ने समस्त अर्थालंकारों को किसका प्रपंच (विस्तार) माना है?
A. रूपक का B. उपमा का ✓ C. अनुप्रास का D. यमक का
रीतिवाद के प्रणेता किसे माना जाता है?
A. भामह B. दंडी C. वामन ✓ D. रुद्रट
वामन से पूर्व किस आचार्य ने रीति शब्द का प्रयोग किया था?
A. भरत B. भामह C. दंडी ✓ D. आनंदवर्धन
वामन ने गुणों को कितने माने हैं?
A. 8 B. 10 ✓ C. 12 D. 20
निम्न में से कौन-सा कथन वामन का नहीं है?
A. रीतिरात्मा काव्यस्य
B. गुण रीति के आश्रित हैं
C. रसः एव काव्यस्य आत्मा (यह भर्तृहरि का मत है) ✓
D. अलंकार अनित्य अंग हैं
“विशिष्टपदरचना रीतिः” – यह परिभाषा किसकी है?
A. दंडी B. वामन ✓ C. रुद्रट D. मम्मट
वामन के बाद रीतिवाद का सबसे बड़ा समर्थक कौन हुआ?
A. रुय्यक B. क्षेमेंद्र C. राजशेखर D. कोई नहीं (वामन के बाद रीतिवाद कमजोर पड़ा) ✓
वामन के ग्रंथ का दूसरा नाम क्या भी प्रचलित है?
A. काव्यालंकारसूत्र B. सहृदयालंकार C. काव्यालंकारसूत्रवृत्ति ही मुख्य ✓ D. रीतिदर्पण
वामन के अनुसार वैदर्भी रीति की मुख्य विशेषता है:
A. ओज गुण की प्रधानता B. सभी गुणों का समावेश ✓ C. कठोर संयुक्त शब्दों का प्रयोग D. दीर्घ समास
गौड़ी रीति की मुख्य विशेषता वामन ने बताई:
A. माधुर्य और प्रसाद B. ओज और कांति की प्रधानता ✓ C. सौकुमार्य D. सभी गुणों का अभाव
पांचाली रीति में प्रधान गुण वामन ने माना:
A. ओज B. माधुर्य और सौकुमार्य ✓ C. प्रसाद D. कांति
