प्रयोगवाद → नयी कविता → समकालीन कविता : तुलनात्मक चार्ट
| बिंदु | प्रयोगवाद | नयी कविता | समकालीन कविता |
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| काल-सीमा | 1943–1950 | 1951–1965 (लगभग) | 1965 से वर्तमान |
| आरंभ का आधार | ‘तार सप्तक’ (1943) | ‘दूसरा सप्तक’ (1951), पत्रिका ‘नयी कविता’ | नयी कविता के विघटन के बाद |
| प्रमुख प्रवर्तक | अज्ञेय | अज्ञेय (मार्गदर्शक) | धूमिल, केदारनाथ सिंह, अरुण कमल आदि |
| काव्य-दृष्टि | व्यक्ति-सत्य, प्रयोगशीलता | अनुभूति की प्रामाणिकता | सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ |
| विचारधारा | वाद-विरोधी | अस्तित्ववाद, आधुनिकतावाद | प्रतिरोध, जनपक्षधरता |
| प्रमुख विषय | आत्मसंघर्ष, बौद्धिकता | लघुमानव, तनाव, द्वंद्व | सत्ता, राजनीति, आम आदमी |
| भाषा | प्रतीकात्मक, जटिल | बातचीत की भाषा | सीधी, सपाट, आक्रामक |
| शिल्प | रूपवादी, प्रयोगात्मक | संरचनात्मक विविधता | कथात्मक, वक्तव्यात्मक |
| प्रतीक-बिम्ब | नवीन, निजी | सामाजिक व निजी | राजनीतिक, यथार्थपरक |
| काव्य-रूप | छंदमुक्त, प्रयोगशील | छोटी-लंबी कविताएँ | वक्तव्य, कविता-पाठ |
| प्रमुख कवि | अज्ञेय, माथुर, नेमिचंद जैन | मुक्तिबोध, रघुवीर सहाय | धूमिल, अरुण कमल |
| आलोचना | दुरूहता, रूपवाद | बौद्धिकता | उग्रता, सपाटता |