
नगरीय स्वशासन (Urban Self-Government) : Every Facts
🏙️ नगरीय स्वशासन क्या है?
- नगरों और शहरों में सार्वजनिक सुविधाओं के प्रबंधन की व्यवस्था को नगरीय स्वशासन कहते हैं।
- इसका उद्देश्य:
- शहरी क्षेत्रों का नियोजित विकास
- नागरिक सुविधाओं की आपूर्ति
- स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी
🏛️ नगरीय स्वशासन की इकाइयाँ
नगरों की जनसंख्या के आधार पर नगरीय स्वशासन की तीन संस्थाएँ होती हैं—
- नगर पंचायत
- नगरपालिका परिषद
- नगर निगम
1️⃣ नगर पंचायत (Nagar Panchayat)
🔹 गठन का आधार
- 5,000 से 1,00,000 जनसंख्या वाले शहर/कस्बे में नगर पंचायत बनाई जाती है।
🔹 सदस्य संख्या
- नगर पंचायत में:
- 10 से 24 सदस्य होते हैं।
🔹 विशेष तथ्य
- यह अर्ध-ग्रामीण, अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए होती है।
- गाँव से शहर की ओर बढ़ते क्षेत्रों में नगर पंचायत बनाई जाती है।
2️⃣ नगरपालिका परिषद (Municipal Council / Nagar Palika Parishad)
🔹 गठन का आधार
- 1,00,000 से 5,00,000 जनसंख्या वाले शहर में नगरपालिका परिषद बनती है।
🔹 सदस्य संख्या
- नगरपालिका परिषद में:
- 25 से 55 सदस्य होते हैं।
🔹 कार्यक्षेत्र
- जल आपूर्ति
- सफाई
- सड़कें
- प्रकाश व्यवस्था
- जन्म–मृत्यु पंजीकरण
- प्राथमिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य
3️⃣ नगर निगम (Municipal Corporation)
🔹 गठन का आधार
- 5,00,000 से अधिक जनसंख्या वाले बड़े शहरों में नगर निगम बनता है।
🔹 सदस्य संख्या
- नगर निगम में:
- 60 से 110 सदस्य होते हैं।
🔹 अध्यक्ष
- नगर निगम का अध्यक्ष:
- महापौर / मेयर कहलाता है
- जनता द्वारा चुना जाता है
⚖️ भंग (Dissolution) से संबंधित प्रावधान
- राज्य सरकार:
- नगर पंचायत
- नगरपालिका परिषद
- नगर निगम
को भंग (Dissolve) कर सकती है।
📜 नियम–कानून
- नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम के:
- नियम
- कानून
- राज्य सरकार द्वारा बनाए जाते हैं।
⏳ कार्यकाल
- नगर पंचायत / नगरपालिका परिषद / नगर निगम:
- 5 वर्षों के लिए गठित की जाती हैं।
- समय से पहले भंग होने पर:
- नया चुनाव आवश्यक होता है।
👩🦰 आरक्षण (Reservation)
- प्रत्येक:
- नगर पंचायत
- नगरपालिका परिषद
- नगर निगम
में— - कम से कम 1/3 सदस्य महिलाएँ
- अनुसूचित जाति (SC) के सदस्य
अनिवार्य रूप से होते हैं।
👨💼 कार्यपालिका अधिकारी
- नगरपालिका परिषद:
- एक मुख्य कार्यपालिका अधिकारी (Chief Executive Officer – CEO) होता है
- नगर निगम:
- एक आयुक्त (Commissioner) होता है
📌 महत्वपूर्ण तथ्य
- मुख्य कार्यपालिका अधिकारी और आयुक्त:
- जनता द्वारा निर्वाचित नहीं होते
- सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं
🧑⚖️ प्रशासक (Administrator)
- यदि किसी कारणवश:
- नगर पंचायत
- नगरपालिका परिषद
- नगर निगम
को भंग कर दिया जाए—
- तब:
- सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक
- उसका कार्यभार सँभालता है।
🗺️ वार्ड (Ward)
🔹 वार्ड क्या है?
- नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद या नगर निगम के चुनाव के लिए:
- पूरे नगर क्षेत्र को
- छोटे-छोटे खंडों/भागों में बाँटा जाता है
- इन खंडों को वार्ड (Ward) कहा जाता है।
🔹 महत्व
- प्रत्येक वार्ड से:
- एक प्रतिनिधि (पार्षद/सभासद) चुना जाता है।
🧠 परीक्षा उपयोगी एक-पंक्ति तथ्य (One-Liners)
- 5,000–1,00,000 → नगर पंचायत
- 1,00,000–5,00,000 → नगरपालिका परिषद
- 5,00,000 से अधिक → नगर निगम
- नगर पंचायत सदस्य → 10–24
- नगरपालिका परिषद सदस्य → 25–55
- नगर निगम सदस्य → 60–110
- कार्यकाल → 5 वर्ष
- महापौर → नगर निगम का अध्यक्ष
- आयुक्त / CEO → सरकारी नियुक्त
- वार्ड → चुनावी इकाई
निष्कर्ष
नगरीय स्वशासन—
- शहरों के व्यवस्थित विकास का आधार है।
- नागरिकों को स्थानीय निर्णयों में भागीदारी देता है।
- शहरी जीवन की आवश्यक सेवाओं को सुगम और प्रभावी बनाता है।
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