पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | तितली और कली (पाठ-1) |
| कक्षा | 2 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 2 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | 1-4 |
| प्रकार | कविता (Poem) |
| अवधि | 3 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- कविता “तितली और कली” को सस्वर गा सकेंगे और उसके साथ हाव-भाव कर सकेंगे। (Recite the poem with correct rhythm and expressions.)
- कविता के शब्दों (तितली, कली, महक, रंगीली, छिटकना, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand the meaning of words in the poem.)
- ‘त’ और ‘क’ व्यंजनों को पहचान सकेंगे और उनसे शुरू होने वाले शब्दों की सूची बना सकेंगे। (Identify consonants ‘त’ and ‘क’ and make a list of words starting with them.)
- ‘अ’ की मात्रा वाले शब्दों (कली, तितली, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘अ’ matra.)
- अनुस्वार (ं) की मात्रा वाले शब्दों (रंगीली, संग, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with Anuswar (ं) matra.)
- ‘त’ और ‘क’ अक्षरों को सही दिशा में लिख सकेंगे। (Write ‘त’ and ‘क’ with correct direction.)
- महक (सुगंध) के बारे में बात कर सकेंगे – किन चीजों की महक पसंद है और किनकी नहीं। (Talk about fragrance – which smells they like and which they don’t.)
- प्रकृति से जुड़ी चीजों (तितली, फूल, कली, पेड़-पौधे) के बारे में बात कर सकेंगे। (Talk about nature-related things – butterfly, flower, bud, plants.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH201 | विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं। |
| LH202 | कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं। |
| LH203 | देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। |
| LH204 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं। |
| LH205 | भाषा में निहित शब्दों और ध्वनियों के साथ खेल का मजा लेते हुए लय और तुक वाले शब्द बनाते हैं। |
| LH210 | परिचित/अपरिचित लिखित सामग्री में रुचि दिखाते हैं और अर्थ की खोज में विविध प्रकार की युक्तियों का इस्तेमाल करते हैं। |
| LH211 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH212 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं (पुनः)। |
| LH213 | स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनकर पढ़ने का प्रयास करते हैं। |
| LH215 | सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं। |
| LH216 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं। |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 1-4)
- कविता का बड़ा चार्ट
- ‘त’ और ‘क’ के फ्लैशकार्ड
- चित्र – तितली, कली, फूल, पेड़-पौधे
- विभिन्न महक वाली वस्तुएँ (फूल, साबुन, तेल, मसाले, आदि)
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- रेत/सूजी की ट्रे (Sensory Writing)
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
- अनुस्वार (ं) वाले शब्दों के फ्लैशकार्ड
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कविता का परिचय एवं वाचन (Introduction & Recitation)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | पूछें: “तुमने तितली देखी है?” “तितली कहाँ बैठती है?” “कली क्या होती है?” “फूल कैसे खिलते हैं?” “तुम्हें फूलों की महक पसंद है?” तितली, कली और फूलों के चित्र दिखाएँ। |
| 5 मिनट | कविता का परिचय | पुस्तक का पृष्ठ 1 खोलें। कहें: “आज हम एक सुंदर कविता सीखेंगे – तितली और कली!” “इसमें एक तितली और एक कली की बातचीत है।” |
| 10 मिनट | कविता वाचन (गायन) | कविता को सस्वर, लयबद्ध और हाव-भाव के साथ पढ़ें/गाएँ: “हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुंदर एक कली। तितली उससे आकर बोली, तुम लगती हो बड़ी भली। अब जागो तुम आँखें खोलो, और हमारे संग खेलो। फैले सुंदर महक तुम्हारी, महके सारी गली-गली। कली छिटककर खिली रंगीली, तूरंत खेल की सुनकर बात। साथ हवा के लगी भागने, तितली छूने उसे चली।” बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 5 मिनट | हाव-भाव एवं अभिनय | कविता के साथ हाव-भाव दिखाएँ: “कली” – हाथों से कली बनाना, “तितली” – तितली की तरह उड़ना, “महक” – सूँघना, “खेलो” – खेलने का अभिनय, “भागने” – भागने का अभिनय। बच्चों को भी करने को कहें। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “कविता में कौन-कौन हैं?” (तितली और कली) “तितली ने कली से क्या कहा?” “कली ने क्या किया?” “तितली क्या करने लगी?” |
शिक्षण संकेत:
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- हाव-भाव और अभिनय से कविता को रोचक बनाएँ।
- बच्चों को समूहों में गाने को कहें – एक समूह तितली बने, दूसरा कली बने।
- तितली और कली के बारे में रोचक तथ्य बताएँ।
दिवस 2: कविता की समझ, शब्दावली एवं व्यंजन ‘त’, ‘क’ (Comprehension, Vocabulary & Consonants ‘त’, ‘क’)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ दोहराएँ। पूछें: “कविता में कौन-कौन हैं?” “तितली ने क्या कहा?” |
| 10 मिनट | शब्दावली एवं अर्थ | कविता के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: तितली – Butterfly, कली – Bud, नन्ही – छोटी (Small), भली – अच्छी (Good), महक – सुगंध (Fragrance), गली-गली – हर गली में, छिटकना – फूल का खिलना (Blooming), रंगीली – रंग-बिरंगी (Colourful), तूरंत – तुरंत/जल्दी (Immediately), संग – साथ (With)। |
| 5 मिनट | व्यंजन ‘त’ का परिचय | बोर्ड पर बड़ा ‘त’ लिखें। कहें: “यह है ‘त’ – तितली ‘त’ से शुरू होती है।” ‘त’ की ध्वनि का उच्चारण करें – “त… तितली” – बच्चों को दोहराने को कहें। ‘त’ से शुरू होने वाले अन्य शब्द – तरबूज़, तालाब, तारा, तोप, तोता। |
| 5 मिनट | व्यंजन ‘क’ का परिचय | बोर्ड पर बड़ा ‘क’ लिखें। कहें: “यह है ‘क’ – कली ‘क’ से शुरू होती है।” ‘क’ की ध्वनि का उच्चारण करें – “क… कली” – बच्चों को दोहराने को कहें। ‘क’ से शुरू होने वाले अन्य शब्द – कबूतर, कमल, कलम, कार, किताब। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “‘त’ किस शब्द के साथ आता है?” (तितली) “‘क’ किस शब्द के साथ आता है?” (कली) “‘त’ से शुरू होने वाला एक और शब्द बताओ?” “‘क’ से शुरू होने वाला एक और शब्द बताओ?” |
शिक्षण संकेत:
- ‘त’ का उच्चारण दंत (दाँतों के पास) से कराएँ।
- ‘क’ का उच्चारण कंठ से कराएँ।
- ‘त’ और ‘क’ की आकृति में अंतर दिखाएँ।
- बच्चों को ‘त’ और ‘क’ से शुरू होने वाले अधिक से अधिक शब्द सोचने को कहें।
दिवस 3: अनुस्वार (ं) मात्रा, लेखन अभ्यास, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Anuswar Matra, Writing Practice, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ गाएँ। ‘त’ और ‘क’ की पुनरावृत्ति करें। |
| 5 मिनट | अनुस्वार (ं) मात्रा का परिचय | बोर्ड पर ‘ं’ (अनुस्वार) लिखें। कहें: “यह है अनुस्वार – अक्षर के ऊपर लगने वाली बिंदी।” उदाहरण दें – रंगीली (र + ं + गीली), संग (स + ं + ग)। बताएँ कि ‘सुंदर’ में ‘सु’ के ऊपर बिंदी (ं) लगने से ‘सुंदर’ शब्द बना। |
| 10 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर ‘त’ और ‘क’ लिखने को कहें। फिर अनुस्वार (ं) वाले शब्दों का अभ्यास करवाएँ – रंगीली, संग, सुंदर, गंगा, बंदर, पंख। पुस्तक के पृष्ठ 3-4 पर अभ्यास करवाएँ। |
| 5 मिनट | बातचीत के लिए | पुस्तक के पृष्ठ 2 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “कली खेल की बात सुनकर खुश हो गई, आप किन-किन बातों से खुश होते हैं?” “ऐसी चीजों के नाम बताइए जिनकी महक आपको पसंद है और जिनकी पसंद नहीं है।” “तितली और कली ने क्या-क्या खेल खेला होगा?” “आपके घर में किन-किन चीजों की महक आती है?” |
| 5 मिनट | समापन एवं मूल्यांकन | पूछें: “कविता में कौन-कौन हैं?” “तितली ने क्या कहा?” “कली ने क्या किया?” “‘त’ और ‘क’ में क्या अंतर है?” “अनुस्वार (ं) क्या है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कविता गाने को कहें और ‘त’ तथा ‘क’ लिखने को कहें। |
शिक्षण संकेत:
- अनुस्वार (ं) को अलग रंग में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) में अंतर स्पष्ट करें – अनुस्वार (ं) बिंदी, चंद्रबिंदु (ँ) चंद्राकार।
- बच्चों को अनुस्वार (ं) वाले अधिक से अधिक शब्द सोचने को कहें।
- बच्चों के अनुभवों से जोड़कर प्रश्न पूछें – “तुम्हें किन चीजों की महक पसंद है?”
‘त’ और ‘क’ से शुरू होने वाले शब्द (Words Starting with ‘त’ and ‘क’)
| ‘त’ से शुरू होने वाले शब्द | ‘क’ से शुरू होने वाले शब्द |
|---|---|
| तितली | कली |
| तरबूज़ | कबूतर |
| तालाब | कमल |
| तारा | कलम |
| तोप | कार |
| तोता | किताब |
| ताल | कमरा |
| तीर | कागज़ |
अनुस्वार (ं) वाले शब्द (Words with Anuswar)
| शब्द | बिना अनुस्वार |
|---|---|
| रंगीली | रगीली (गलत) |
| संग | सग (गलत) |
| सुंदर | सुदर (गलत) |
| गंगा | गगा (गलत) |
| बंदर | बदर (गलत) |
| पंख | पख (गलत) |
| झंडा | झडा (गलत) |
| तिरंगा | तिरगा (गलत) |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| तितली का चित्र बनाना | बच्चे तितली का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें। |
| कली का चित्र बनाना | बच्चे कली और फूल का चित्र बनाएँ। |
| महक पहचान | विभिन्न महक वाली वस्तुएँ (फूल, साबुन, तेल, मसाले) दिखाएँ और बच्चों से पहचानने को कहें। |
| ‘त’ और ‘क’ खोज | कक्षा/पुस्तक में ‘त’ और ‘क’ को ढूँढ़ें और उन पर गोला लगाएँ। |
| अनुस्वार खोज | कक्षा/पुस्तक में अनुस्वार (ं) वाले शब्दों को ढूँढ़ें। |
| अभिनय | बच्चे कविता का अभिनय करें – कोई तितली बने, कोई कली बने। |
| तुकांत शब्द | “कली” से मिलते-जुलते शब्द खोजें – भली, गली, बली, तली। |
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| कविता वाचन | कविता को हाव-भाव के साथ गाता है | ☐ |
| शब्द पहचान | तितली, कली, महक, रंगीली, छिटकना, संग को पहचानता है | ☐ |
| ‘त’ पहचान | ‘त’ को पहचानता है और उसका उच्चारण करता है | ☐ |
| ‘क’ पहचान | ‘क’ को पहचानता है और उसका उच्चारण करता है | ☐ |
| ‘त’ लेखन | ‘त’ को ट्रेस/लिख सकता है | ☐ |
| ‘क’ लेखन | ‘क’ को ट्रेस/लिख सकता है | ☐ |
| अनुस्वार पहचान | अनुस्वार (ं) वाले शब्दों को पहचानता है | ☐ |
| कविता समझ | कविता के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है | ☐ |
| अभिनय | कविता के साथ अभिनय करता है | ☐ |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे और भाषा की लय समझेंगे।
- प्राकृतिक जुड़ाव – तितली, कली, फूल, पेड़-पौधे को बच्चों के आसपास की चीज़ों से जोड़ें – बगीचा, फूल, पत्ते, आदि।
- हाव-भाव और अभिनय – कविता के साथ हाव-भाव और अभिनय करने से बच्चों की रुचि बढ़ती है।
- महक पर चर्चा – बच्चों से पूछें कि उन्हें किन चीजों की महक पसंद है और किनकी नहीं।
- ‘त’ और ‘क’ का अंतर – ‘त’ और ‘क’ के उच्चारण और लेखन में अंतर स्पष्ट करें।
- अनुस्वार पर ध्यान – अनुस्वार (ं) को अलग रंग में लिखें और बच्चों को पहचानने को कहें।
- वास्तविक अनुभव – यदि संभव हो तो बच्चों को बगीचे में ले जाएँ और तितली, फूल, कली दिखाएँ।
- धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
- प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- कविता को बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और बच्चों को पढ़ने को कहें।
- ‘त’ और ‘क’ को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- अनुस्वार (ं) को लाल रंग में लिखें।
- बच्चों को ‘त’ और ‘क’ से शुरू होने वाले शब्द सोचने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
- कक्षा में ‘त’, ‘क’ और अनुस्वार का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | तितली, कली, फूल, पेड़-पौधे के चित्र बनाना, रंग भरना |
| पर्यावरण अध्ययन | तितली, फूल, पेड़-पौधे, प्रकृति, मौसम, महक |
| संगीत | कविता को लयबद्ध गाना |
| विज्ञान | तितली का जीवन चक्र, फूल खिलने की प्रक्रिया |
| भाषा | ‘त’ और ‘क’ व्यंजन, अनुस्वार (ं), तुकांत शब्द |
कविता (Poem)
तितली और कली
हरी डाल पर लगी हुई थी,
नन्ही सुंदर एक कली।
तितली उससे आकर बोली,
तुम लगती हो बड़ी भली।
अब जागो तुम आँखें खोलो,
और हमारे संग खेलो।
फैले सुंदर महक तुम्हारी,
महके सारी गली-गली।
कली छिटककर खिली रंगीली,
तूरंत खेल की सुनकर बात।
साथ हवा के लगी भागने,
तितली छूने उसे चली।
शब्दावली (Vocabulary)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तितली | Butterfly |
| कली | Bud |
| नन्ही | छोटी |
| भली | अच्छी |
| महक | सुगंध |
| गली-गली | हर गली में |
| छिटकना | फूल का खिलना |
| रंगीली | रंग-बिरंगी |
| तूरंत | तुरंत/जल्दी |
| संग | साथ |

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
