पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | परिशिष्ट (पाठ-20) |
| कक्षा | 2 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 2 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | 75-94 |
| प्रकार | परिशिष्ट (Appendix) – अतिरिक्त अभ्यास सामग्री |
| अवधि | 4 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- वर्णमाला के सभी अक्षरों (स्वर, व्यंजन, संयुक्त व्यंजन) का पुनरावलोकन कर सकेंगे। (Review all letters of the alphabet – vowels, consonants, compound consonants.)
- मात्राओं (आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः) का पुनरावलोकन कर सकेंगे। (Review all matras.)
- बारहखड़ी (क का कि की कु कू के कै को कौ कं कः) का पुनरावलोकन कर सकेंगे। (Review Barakhadi.)
- विभिन्न राज्यों/भाषाओं के शब्दों से परिचित हो सकेंगे (बहुभाषीय शब्दावली)। (Get familiar with words from different states/languages – multilingual vocabulary.)
- हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच समानता और अंतर को समझ सकेंगे। (Understand similarities and differences between Hindi and other Indian languages.)
- पाठ्यपुस्तक के सभी पाठों का समग्र पुनरावलोकन कर सकेंगे। (Do an overall revision of all chapters in the textbook.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH211 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH212 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं (पुनः)। |
| LH213 | स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनकर पढ़ने का प्रयास करते हैं। |
| LH215 | सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं। |
| LH216 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं। |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 75-94)
- वर्णमाला का बड़ा चार्ट
- मात्राओं का बड़ा चार्ट
- बारहखड़ी का बड़ा चार्ट
- बहुभाषीय शब्दों के फ्लैशकार्ड
- विभिन्न राज्यों के नाम वाले फ्लैशकार्ड
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: वर्णमाला पुनरावृत्ति (Alphabet Review)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | पूछें: “हिंदी वर्णमाला में कितने स्वर होते हैं?” (11) “कितने व्यंजन होते हैं?” (33) “कितने संयुक्त व्यंजन होते हैं?” (4) “कौन-कौन से?” वर्णमाला का बड़ा चार्ट दिखाएँ। |
| 10 मिनट | स्वर और व्यंजन पुनरावृत्ति | सभी स्वरों (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ) और व्यंजनों (क से ह तक) का पुनरावलोकन करें। बच्चों को बारी-बारी से पढ़ने को कहें। स्वर और व्यंजन में अंतर समझाएँ – स्वर बिना किसी की मदद से बोले जाते हैं, व्यंजन स्वरों की मदद से बोले जाते हैं। |
| 5 मिनट | संयुक्त व्यंजन | ‘क्ष, त्र, ज्ञ, श्र’ का पुनरावलोकन करें। बताएँ कि ये दो व्यंजनों के मिलने से बने हैं – क+ष=क्ष, त+र=त्र, ज+ञ=ज्ञ, श+र=श्र। उदाहरण – क्षत्रिय, त्रिशूल, ज्ञान, श्रवण। |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर स्वर, व्यंजन और संयुक्त व्यंजन लिखने को कहें। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “स्वर कितने होते हैं?” “व्यंजन कितने होते हैं?” “क्ष किन दो अक्षरों से बना है?” “त्र किन दो अक्षरों से बना है?” |
शिक्षण संकेत:
- वर्णमाला का बड़ा चार्ट कक्षा में लगाएँ – इससे बच्चों को देखने और याद करने में आसानी होती है।
- स्वरों को लाल रंग और व्यंजनों को नीले रंग में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- संयुक्त व्यंजनों को हरे रंग में लिखें।
- बच्चों को वर्णमाला गीत गाने को कहें – “अ आ इ ई, उ ऊ ऋ, ए ऐ ओ औ…”
दिवस 2: मात्राओं का पुनरावृत्ति (Matras Review)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | पिछली कक्षा में सीखी गई वर्णमाला का पुनरावलोकन करें। |
| 10 मिनट | मात्राओं का पुनरावृत्ति | मात्राओं का बड़ा चार्ट दिखाएँ। सभी मात्राओं का पुनरावलोकन करें – आ (ा), इ (ि), ई (ी), उ (ु), ऊ (ू), ऋ (ृ), ए (े), ऐ (ै), ओ (ो), औ (ौ), अं (ं), अः (ः)। प्रत्येक मात्रा के साथ 2-3 उदाहरण दें – जैसे – माला (आ), तिल (इ), खीर (ई), कुत्ता (उ), फूल (ऊ), वृक्ष (ऋ), मेला (ए), कैसा (ऐ), मोर (ओ), लौकी (औ), झंडा (अं), प्रातः (अः)। |
| 5 मिनट | मात्रा पहचान खेल | बच्चों को शब्द बताएँ और उनसे मात्रा पहचानने को कहें – “माला में कौन सी मात्रा है?” (आ) “तिल में कौन सी मात्रा है?” (इ) “फूल में कौन सी मात्रा है?” (ऊ) |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर मात्राएँ और मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – माला, तिल, खीर, फूल, वृक्ष, मेला, कैसा, मोर, लौकी, झंडा। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “मात्राएँ कितने प्रकार की होती हैं?” “आ की मात्रा कैसी दिखती है?” “इ की मात्रा कैसी दिखती है?” “ऊ की मात्रा कैसी दिखती है?” |
शिक्षण संकेत:
- मात्राओं का बड़ा चार्ट कक्षा में लगाएँ – इससे बच्चों को देखने और याद करने में आसानी होती है।
- मात्राओं को अलग-अलग रंगों में लिखें।
- ‘ि’ (इ) और ‘ी’ (ई), ‘ु’ (उ) और ‘ू’ (ऊ), ‘े’ (ए) और ‘ै’ (ऐ), ‘ो’ (ओ) और ‘ौ’ (औ) में अंतर स्पष्ट करें।
- बच्चों को मात्राओं वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
दिवस 3: बारहखड़ी पुनरावृत्ति (Barakhadi Review)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | पिछली कक्षा में सीखी गई मात्राओं का पुनरावलोकन करें। |
| 10 मिनट | बारहखड़ी का पुनरावृत्ति | बारहखड़ी का बड़ा चार्ट दिखाएँ। ‘क’ की बारहखड़ी का पुनरावलोकन करें – क, का, कि, की, कु, कू, के, कै, को, कौ, कं, कः। इसी प्रकार ‘ख’, ‘ग’, ‘घ’ आदि की बारहखड़ी का अभ्यास करवाएँ। बच्चों को बारी-बारी से पढ़ने को कहें। |
| 5 मिनट | बारहखड़ी खेल | बच्चों को एक व्यंजन बताएँ – “ग की बारहखड़ी बताओ?” “च की बारहखड़ी बताओ?” “त की बारहखड़ी बताओ?” |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर ‘क’, ‘ग’, ‘च’ की बारहखड़ी लिखने को कहें। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “बारहखड़ी क्या है?” “‘क’ की बारहखड़ी बताओ?” “‘ग’ की बारहखड़ी बताओ?” “बारहखड़ी में कितने भाग होते हैं?” (12) |
शिक्षण संकेत:
- बारहखड़ी का बड़ा चार्ट कक्षा में लगाएँ – इससे बच्चों को देखने और याद करने में आसानी होती है।
- बारहखड़ी को गीत/लय के साथ पढ़वाएँ – “क का कि की, कु कू के कै, को कौ कं कः…” – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- बच्चों को बारी-बारी से बारहखड़ी पढ़ने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
दिवस 4: बहुभाषीय शब्दावली एवं समग्र पुनरावृत्ति (Multilingual Vocabulary & Overall Review)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | पिछली कक्षा में सीखी गई बारहखड़ी का पुनरावलोकन करें। |
| 10 मिनट | बहुभाषीय शब्दावली | पुस्तक के पृष्ठ 75-94 पर दी गई बहुभाषीय शब्दावली दिखाएँ। विभिन्न राज्यों/भाषाओं के शब्दों को पढ़ें – हिंदी, छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, सरगुजिहा, कुँडुँ आदि। उदाहरण – “गुड़िया” को हिंदी में गुड़िया, छत्तीसगढ़ी में पुतरी, गोंडी में पुतली कहते हैं। बच्चों से पूछें – “तुम्हारी भाषा में ‘गुड़िया’ को क्या कहते हैं?” |
| 5 मिनट | समग्र पुनरावृत्ति | संपूर्ण पाठ्यपुस्तक का पुनरावलोकन करें – “हमने इस साल क्या-क्या सीखा?” “तुम्हें कौन सा पाठ सबसे अच्छा लगा?” “क्यों?” |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को अपनी भाषा में 3-4 शब्द लिखने को कहें और उनका हिंदी अर्थ बताएँ। |
| 5 मिनट | समापन एवं उत्सव | सभी बच्चों के काम की प्रशंसा करें। “तुम सब ने इस साल बहुत अच्छा काम किया! शाबाश!” ताली बजाएँ और उत्सव मनाएँ। |
शिक्षण संकेत:
- बहुभाषीय शब्दावली से बच्चों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराएँ।
- बच्चों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में किसी शब्द को क्या कहते हैं – इससे बहुभाषिकता को बढ़ावा मिलता है।
- समग्र पुनरावृत्ति में सभी पाठों का उल्लेख करें – “हमने तितली और कली, गुड़िया रानी की शादी, कौन बोला म्याऊँ, भालू ने खेली फुटबॉल, चालाक चीकू, चींटी और हाथी, एकता का बल, कौन?, मिट्टी, बहुत हुआ, मड़ई-मेला, ऊँट चला, आई एक खबर, चूहे को मिली पेंसिल, धूप, छोटे-छोटे कदम, चित्रकोट जलप्रपात, क्या है उसका नाम?, साहसी बनो” – इन सभी पाठों का उल्लेख करें।
- बच्चों को उनके पसंदीदा पाठ के बारे में बताने को कहें।
बहुभाषीय शब्दावली (Multilingual Vocabulary)
| शब्द (हिंदी) | छत्तीसगढ़ी | गोंडी | हल्बी | सरगुजिहा | कुँडुँ |
|---|---|---|---|---|---|
| गुड़िया | पुतरी | पुतली | पुतरी | पुतरी | पुतली |
| गुड्डा | पुतरा | पुतरा | पुतरा | पुतरा | पुतला |
| बगीचा | बगइचा-बाड़ी | बन | बाड़ | फुलवारी | बगीचा |
| शादी | बीहा | विआ | मरमिंग | बियाह | बेंजा |
| मदद | मदत | सहायता | तलकाना | सहायता | संगत |
| फूल | फूल | फूंगार | फुल | पूंप | फूल |
| मिठाई | मिठाई | मिटेय | मिठई | सरबोन | मिठाई |
| ढोलक | ढोलक | ढोल | ढोलकी | ढुलकी | ढोलक |
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| स्वर पहचान | सभी 11 स्वरों को पहचानता है | ☐ |
| व्यंजन पहचान | सभी 33 व्यंजनों को पहचानता है | ☐ |
| संयुक्त व्यंजन | क्ष, त्र, ज्ञ, श्र को पहचानता है | ☐ |
| मात्रा पहचान | सभी 12 मात्राओं को पहचानता है | ☐ |
| बारहखड़ी | कम-से-कम 3 व्यंजनों की बारहखड़ी बोलता है | ☐ |
| बहुभाषीय शब्द | 3+ बहुभाषीय शब्द बताता है | ☐ |
| लेखन | स्वर, व्यंजन, मात्राएँ लिखता है | ☐ |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| वर्णमाला गीत | सभी स्वरों और व्यंजनों पर आधारित एक गीत गाना – “अ आ इ ई, उ ऊ ऋ, ए ऐ ओ औ…” |
| मात्रा खोज | कक्षा/पुस्तक में विभिन्न मात्राओं वाले शब्दों को ढूँढ़ना। |
| बारहखड़ी गीत | “क का कि की” गीत गाना और हाव-भाव दिखाना। |
| बहुभाषीय शब्द खेल | बच्चों को हिंदी शब्द बताएँ और उनसे अपनी भाषा में बताने को कहें। |
| वर्ण चार्ट | कक्षा में वर्णमाला, मात्राओं और बारहखड़ी का बड़ा चार्ट बनाना और लगाना। |
| मेरा पसंदीदा पाठ | बच्चे अपने पसंदीदा पाठ के बारे में बताएँ और उसका चित्र बनाएँ। |
| साल भर की यादें | बच्चे इस साल सीखी गई सभी चीज़ों के बारे में बात करें – नए शब्द, कहानियाँ, कविताएँ। |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- वर्णमाला का नियमित अभ्यास – बच्चों को वर्णमाला का नियमित अभ्यास करवाएँ – स्वर, व्यंजन, संयुक्त व्यंजन।
- मात्राओं का अभ्यास – बच्चों को मात्राओं का नियमित अभ्यास करवाएँ – प्रत्येक मात्रा के साथ 2-3 उदाहरण।
- बारहखड़ी का अभ्यास – बच्चों को बारहखड़ी का नियमित अभ्यास करवाएँ – “क का कि की…” गीत के साथ।
- बहुभाषिकता – बच्चों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित करवाएँ – उनकी मातृभाषा में शब्द पूछें।
- समग्र पुनरावृत्ति – साल भर के सभी पाठों का पुनरावलोकन करें – कहानियाँ, कविताएँ, नए शब्द।
- उत्सव – साल भर की सीख का उत्सव मनाएँ – बच्चों की प्रशंसा करें और उन्हें प्रोत्साहित करें।
- प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- वर्णमाला, मात्राओं और बारहखड़ी के बड़े चार्ट कक्षा में लगाएँ – इससे बच्चों को देखने और याद करने में आसानी होती है।
- स्वरों को लाल रंग, व्यंजनों को नीले रंग, संयुक्त व्यंजनों को हरे रंग और मात्राओं को अलग-अलग रंगों में लिखें।
- बारहखड़ी को गीत/लय के साथ पढ़वाएँ – “क का कि की, कु कू के कै, को कौ कं कः…”
- बहुभाषीय शब्दावली से बच्चों को विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों से परिचित कराएँ।
- समग्र पुनरावृत्ति में सभी पाठों का उल्लेख करें – इससे बच्चों को साल भर की सीख का एहसास होगा।
- साल भर की सीख का उत्सव मनाएँ – बच्चों की प्रशंसा करें और उन्हें प्रोत्साहित करें।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | वर्णमाला, मात्राओं, बारहखड़ी के चार्ट बनाना, रंग भरना |
| संगीत | वर्णमाला गीत, बारहखड़ी गीत |
| सामाजिक अध्ययन | विभिन्न राज्यों की भाषाएँ, संस्कृतियाँ, बहुभाषिकता |
| भाषा | वर्णमाला, मात्राएँ, बारहखड़ी, बहुभाषीय शब्दावली |
| गणित | अक्षरों की गिनती, क्रम |

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
