कहानी “कौन बोला म्याऊँ?” को सुन सकेंगे, समझ सकेंगे और अपने शब्दों में कह सकेंगे। (Listen to, understand, and narrate the story in their own words.)
कहानी के पात्रों (पिल्ला, चूहा, मधुमक्खी, मेंढक, बिल्ली) को पहचान सकेंगे। (Identify the characters of the story – puppy, mouse, bee, frog, cat.)
विभिन्न जानवरों की आवाज़ों (म्याऊँ, ची-ची, भिन्-भिन्, टरं-टरं, भौं-भौं) को पहचान सकेंगे और उनकी नकल कर सकेंगे। (Identify and imitate different animal sounds.)
कहानी से संबंधित शब्दों (पिल्ला, म्याऊँ, आवाज, झाड़ी, फुदकना, मधुमक्खी, तालाब, मेंढक, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand words related to the story.)
‘औ’ (ौ) की मात्रा वाले शब्दों (कौन, बोला, म्याऊँ, आवाज, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘औ’ matra.)
प्रश्नवाचक वाक्यों में प्रश्नवाचक चिह्न (?) का सही उपयोग कर सकेंगे। (Use question marks correctly in interrogative sentences.)
पालतू जानवरों के बारे में बात कर सकेंगे और उनकी आवाज़ों की नकल कर सकेंगे। (Talk about pet animals and imitate their sounds.)
पहेली को समझ सकेंगे और हल कर सकेंगे। (Understand and solve riddles.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH201
विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं।
LH202
कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं।
LH203
देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं।
LH204
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं।
LH205
भाषा में निहित शब्दों और ध्वनियों के साथ खेल का मजा लेते हुए लय और तुक वाले शब्द बनाते हैं।
LH210
परिचित/अपरिचित लिखित सामग्री में रुचि दिखाते हैं और अर्थ की खोज में विविध प्रकार की युक्तियों का इस्तेमाल करते हैं।
LH211
हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं।
LH212
हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं (पुनः)।
LH213
स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनकर पढ़ने का प्रयास करते हैं।
LH215
सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं।
LH216
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं।
LH217
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि आगे बढ़ाते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 8-11)
कहानी का बड़ा चार्ट
पात्रों के चित्र – पिल्ला, चूहा, मधुमक्खी, मेंढक, बिल्ली
जानवरों की आवाज़ों के ऑडियो/फ्लैशकार्ड
‘औ’ (ौ) मात्रा के फ्लैशकार्ड
प्रश्नवाचक चिह्न (?) का चार्ट
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कहानी का परिचय एवं वाचन (Introduction & Story Narration)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुम्हें कौन-कौन से जानवर पसंद हैं?” “बिल्ली कैसी आवाज़ करती है?” “कुत्ता कैसी आवाज़ करता है?” “तुमने और किन जानवरों की आवाज़ें सुनी हैं?” बिल्ली, कुत्ता, चूहा, मेंढक, मधुमक्खी के चित्र दिखाएँ और उनकी आवाज़ें निकालें।
5 मिनट
कहानी का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 8 खोलें। कहें: “आज हम एक मज़ेदार कहानी सुनेंगे – कौन बोला म्याऊँ?!” “इसमें एक पिल्ला ‘म्याऊँ’ की आवाज़ सुनता है और पता लगाने की कोशिश करता है कि किसने बोला।”
10 मिनट
कहानी वाचन
कहानी को सस्वर, लयबद्ध, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और हाव-भाव के साथ पढ़ें/सुनाएँ। विभिन्न पात्रों की आवाज़ों की नकल करें – म्याऊँ, ची-ची, भिन्-भिन्, टरं-टरं। बच्चों को दोहराने को कहें।
5 मिनट
चित्र-वार्ता
कहानी के चित्र दिखाएँ और पूछें: “चित्र में कौन है?” “पिल्ला कहाँ सो रहा था?” “पिल्ले ने कौन सी आवाज़ सुनी?” “पिल्ला किस-किस के पास गया?”
5 मिनट
समापन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन हैं?” (पिल्ला, चूहा, मधुमक्खी, मेंढक, बिल्ली) “पिल्ले को किसकी आवाज़ सुनाई दी?” (बिल्ली की) “पिल्ला किस-किस के पास गया?” (चूहा, मधुमक्खी, मेंढक)
शिक्षण संकेत:
कहानी को हाव-भाव और विभिन्न आवाज़ों के साथ सुनाएँ – इससे बच्चों की रुचि बढ़ती है।
विभिन्न जानवरों की आवाज़ों की नकल करें और बच्चों को भी करने को कहें।
बच्चों को कहानी के बारे में प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
दिवस 2: कहानी की समझ, शब्दावली एवं ‘औ’ मात्रा (Comprehension, Vocabulary & ‘औ’ Matra)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। पूछें: “पिल्ले को किसकी आवाज़ सुनाई दी?” “पिल्ला किस-किस के पास गया?”
10 मिनट
शब्दावली एवं अर्थ
कहानी के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: पिल्ला – कुत्ते का बच्चा (Puppy), म्याऊँ – बिल्ली की आवाज़, आवाज – Sound, झाड़ी – Bush, फुदकना – उछलना-कूदना, मधुमक्खी – Bee, भिन्-भिन् – मधुमक्खी की आवाज़, तालाब – Pond, मेंढक – Frog, टरं-टरं – मेंढक की आवाज़, ची-ची – चूहे की आवाज़, भौं-भौं – कुत्ते की आवाज़।
5 मिनट
‘औ’ (ौ) मात्रा का परिचय
बोर्ड पर ‘औ’ (ौ) की मात्रा लिखें। कहें: “यह है ‘औ’ की मात्रा।” ‘औ’ मात्रा वाले शब्द बताएँ – कौन, बोला, म्याऊँ, आवाज, किनारे, कहाँ, पौधा, चौकी। चित्र दिखाएँ – कौन, आवाज, किनारे।
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर ‘औ’ मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – कौन, बोला, आवाज।
5 मिनट
समापन
पूछें: “‘औ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “पिल्ले को किसकी आवाज़ सुनाई दी?” “चूहा क्या बोलता है?” “मेंढक क्या बोलता है?”
शिक्षण संकेत:
‘औ’ (ौ) मात्रा को व्यंजन के साथ जोड़कर दिखाएँ – क + ौ = कौ।
‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) मात्रा में अंतर स्पष्ट करें – ‘ओ’ (ो) छोटा, ‘औ’ (ौ) बड़ा।
‘औ’ मात्रा वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
दिवस 3: जानवरों की आवाज़ें, प्रश्नवाचक वाक्य, पहेली, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Animal Sounds, Question Sentences, Riddle, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों की पुनरावृत्ति करें।
10 मिनट
जानवरों की आवाज़ें
बच्चों से पूछें: “बिल्ली क्या बोलती है?” (म्याऊँ) “चूहा क्या बोलता है?” (ची-ची) “मधुमक्खी क्या बोलती है?” (भिन्-भिन्) “मेंढक क्या बोलता है?” (टरं-टरं) “कुत्ता क्या बोलता है?” (भौं-भौं) “गाय क्या बोलती है?” (हम्मा-हम्मा) “बतख क्या बोलती है?” (क्वैक-क्वैक) पुस्तक के पृष्ठ 10 पर अभ्यास करवाएँ।
5 मिनट
प्रश्नवाचक वाक्य
बोर्ड पर लिखें: “क्या तुम बोले म्याऊँ?” “मैं तो टरं-टरं बोलता हूँ।” प्रश्नवाचक चिह्न (?) और पूर्ण विराम (.) का अंतर समझाएँ। पुस्तक के पृष्ठ 11 पर अभ्यास करवाएँ।
5 मिनट
पहेली
पुस्तक के पृष्ठ 11 पर दी गई पहेली बताएँ: “अक्षरों को जोड़कर ‘कौन बोला म्याऊँ’ बनाइए।” बच्चों को पहेली हल करने को कहें।
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “पिल्ले को किसकी आवाज़ सुनाई दी?” “पिल्ला किस-किस के पास गया?” “‘औ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “बिल्ली क्या बोलती है?” “मेंढक क्या बोलता है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कहानी सुनाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
जानवरों की आवाज़ों को बार-बार दोहराएँ – इससे बच्चे याद कर लेंगे।
प्रश्नवाचक चिह्न (?) और पूर्ण विराम (.) में अंतर स्पष्ट करें।
पहेली को हल करने में बच्चों की मदद करें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
‘औ’ (ौ) मात्रा वाले शब्द (Words with ‘औ’ Matra)
शब्द
अर्थ
कौन
Who
बोला
Spoke
म्याऊँ
Meow
आवाज
Sound
किनारे
Edge/Bank
कहाँ
Where
पौधा
Plant
चौकी
Stool
और
And
नौ
Nine
जानवरों की आवाज़ें (Animal Sounds)
जानवर
आवाज़
बिल्ली
म्याऊँ
चूहा
ची-ची
मधुमक्खी
भिन्-भिन्
मेंढक
टरं-टरं
कुत्ता
भौं-भौं
गाय
हम्मा-हम्मा
बतख
क्वैक-क्वैक
मुर्गा
कुकड़ू-कूँ
कोयल
कू-कू
कौआ
काँव-काँव
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
जानवरों की आवाज़
बच्चे अलग-अलग जानवरों की आवाज़ें निकालें और दूसरे बच्चे पहचानें।
अभिनय
बच्चे कहानी का अभिनय करें – कोई पिल्ला बने, कोई चूहा बने, कोई मधुमक्खी बने, कोई मेंढक बने, कोई बिल्ली बने।
‘औ’ मात्रा खोज
कक्षा/पुस्तक में ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
प्रश्न पूछना
बच्चे एक-दूसरे से प्रश्न पूछें – “तुम्हारा नाम क्या है?” “तुम कहाँ रहते हो?” आदि।
पहेली बनाना
बच्चे अपनी पहेली बनाएँ और दूसरों से पूछें।
चित्र बनाना
बच्चे अपने पसंदीदा जानवर का चित्र बनाएँ और उसकी आवाज़ लिखें।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कहानी सुनना
कहानी को ध्यान से सुनता है
☐
कहानी समझ
कहानी के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
पात्र पहचान
पिल्ला, चूहा, मधुमक्खी, मेंढक, बिल्ली को पहचानता है
☐
शब्द पहचान
पिल्ला, म्याऊँ, आवाज, झाड़ी, तालाब को पहचानता है
☐
‘औ’ मात्रा
‘औ’ मात्रा वाले 3+ शब्द बताता है
☐
जानवरों की आवाज़
4+ जानवरों की आवाज़ें बताता है
☐
प्रश्नवाचक वाक्य
प्रश्नवाचक चिह्न (?) का सही उपयोग करता है
☐
अभिनय
कहानी का अभिनय करता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कहानी को हाव-भाव और आवाज़ों के साथ सुनाएँ – विभिन्न पात्रों की आवाज़ों की नकल करें – इससे बच्चों की रुचि बढ़ती है।
जानवरों की आवाज़ें – बच्चों को अलग-अलग जानवरों की आवाज़ों की नकल करने को कहें।
‘औ’ मात्रा पर ध्यान – ‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) मात्रा में अंतर स्पष्ट करें।
प्रश्न पूछना – बच्चों को एक-दूसरे से प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
पहेली – बच्चों को पहेली सुनाएँ और उनसे हल करने को कहें।
बच्चों के अनुभवों से जोड़ें – बच्चों से पूछें कि उन्होंने किन जानवरों की आवाज़ें सुनी हैं।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कहानी को बोर्ड पर चित्रों के माध्यम से दिखाएँ।
‘औ’ मात्रा को अलग रंग में लिखें।
बच्चों को ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
जानवरों के चित्र बनाना, रंग भरना
पर्यावरण अध्ययन
जानवर, पालतू जानवर, जंगली जानवर, जानवरों की आवाज़ें
संगीत
जानवरों की आवाज़ों की नकल, कहानी का अभिनय
भाषा
‘औ’ मात्रा, प्रश्नवाचक वाक्य, पहेली
संगीत
जानवरों की आवाज़ों की नकल करना
कहानी सारांश (Story Summary)
कौन बोला म्याऊँ?
एक पिल्ला खाट के नीचे सो रहा था। तभी उसे आवाज़ सुनाई दी – “म्याऊँ!” वह झट उठ बैठा। उसने चूहे से पूछा – “क्या तुम बोले म्याऊँ?” चूहा बोला – “नहीं, मैं तो ची-ची बोलता हूँ।” फिर पिल्ला मधुमक्खी के पास गया – “क्या तुम बोली म्याऊँ?” मधुमक्खी बोली – “नहीं, मैं तो भिन्-भिन् करती हूँ।” फिर पिल्ला मेंढक के पास गया – “क्या तुम बोले म्याऊँ?” मेंढक बोला – “नहीं, मैं तो टरं-टरं बोलता हूँ।” फिर आवाज आई – “म्याऊँ!” पिल्ला ने पीछे देखा – वहाँ एक बिल्ली खड़ी थी। बिल्ली बोली – “मैं बोली म्याऊँ!”
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
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