कहानी “चित्रकोट जलप्रपात” को सुन सकेंगे, समझ सकेंगे और अपने शब्दों में कह सकेंगे। (Listen to, understand, and narrate the story in their own words.)
कहानी के पात्रों (ऋचा, रजनीश, मामा) को पहचान सकेंगे। (Identify the characters of the story – Richa, Rajneesh, Mama.)
कहानी से संबंधित शब्दों (जलप्रपात, मनोरम, संगीत, अस्त होना, बैठक कक्ष, आनंद, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand words related to the story.)
‘च’ (च) की मात्रा वाले शब्दों (चित्रकोट, जलप्रपात, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘च’ matra.)
‘म’ और ‘य’ की मात्रा वाले शब्दों (मनोरम, संगीत, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘म’ and ‘य’ matras.)
विलोम शब्दों (जल्दी-धीरे, दिन-रात, ऊँचा-नीचा, नीचे-ऊपर, गिरना-उठना, आना-जाना) की पहचान कर सकेंगे। (Identify antonyms.)
चित्रकोट जलप्रपात के बारे में जान सकेंगे – यह छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध स्थान है, इंद्रावती नदी पर स्थित है, 30 मीटर ऊँचा है। (Learn about Chitrakote Waterfall – a famous place in Chhattisgarh, located on the Indravati River, 30 meters high.)
पर्यटन स्थलों और प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझ सकेंगे। (Understand the importance of tourist places and nature conservation.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH202
कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं।
LH203
देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं।
LH204
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं।
LH206
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि कहते/सुनाते हैं/आगे बढ़ाते हैं।
LH215
सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं।
LH216
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं।
LH217
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि आगे बढ़ाते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 63-66)
कहानी का बड़ा चार्ट
चित्रकोट जलप्रपात के चित्र (विभिन्न कोणों से)
छत्तीसगढ़ का मानचित्र (जगदलपुर और चित्रकोट दिखाने के लिए)
जलप्रपात, पहाड़, नदी, जंगल के चित्र
‘च’, ‘म’, ‘य’ मात्रा के फ्लैशकार्ड
विलोम शब्दों के फ्लैशकार्ड
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कहानी का परिचय एवं वाचन (Introduction & Story Narration)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुमने कभी झरना/जलप्रपात देखा है?” “जलप्रपात कहाँ होते हैं?” “पानी कहाँ से गिरता है?” “तुम छुट्टियों में कहाँ घूमने जाते हो?” “तुम्हारे मामा/चाचा कहाँ रहते हैं?” चित्रकोट जलप्रपात, पहाड़, नदी के चित्र दिखाएँ।
5 मिनट
कहानी का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 63 खोलें। कहें: “आज हम एक रोचक कहानी सुनेंगे – चित्रकोट जलप्रपात!” “यह छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। इस कहानी में ऋचा और रजनीश अपने मामा के साथ चित्रकोट जलप्रपात देखने जाते हैं।”
10 मिनट
कहानी वाचन
कहानी को सस्वर, लयबद्ध, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और हाव-भाव के साथ पढ़ें/सुनाएँ। ऋचा और रजनीश का मामा के घर आना, जलप्रपात का चित्र देखना, वहाँ जाना, जलप्रपात की सुंदरता, पानी की बूँदें, संगीत, सूर्यास्त – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
5 मिनट
चित्र-वार्ता
कहानी के चित्र दिखाएँ और पूछें: “चित्र में कौन है?” “बच्चे कहाँ गए?” “उन्होंने क्या देखा?” “जलप्रपात कैसा दिखता है?”
5 मिनट
समापन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन हैं?” (ऋचा, रजनीश, मामा) “बच्चे कहाँ गए?” (चित्रकोट जलप्रपात) “जलप्रपात किस नदी पर है?” (इंद्रावती नदी) “जलप्रपात कितना ऊँचा है?” (30 मीटर)
शिक्षण संकेत:
कहानी को हाव-भाव और आवाज़ के उतार-चढ़ाव के साथ सुनाएँ।
जलप्रपात की आवाज़ (गिरते पानी का शोर) की नकल करें।
बच्चों को कहानी के बारे में प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
चित्रकोट जलप्रपात के बारे में रोचक तथ्य बताएँ – यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा जलप्रपात है, इसे “नियाग्रा ऑफ इंडिया” भी कहा जाता है।
दिवस 2: कहानी की समझ, शब्दावली एवं विलोम शब्द (Comprehension, Vocabulary & Antonyms)
कहानी के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: जलप्रपात – Waterfall, मनोरम – Beautiful, संगीत – Music, अस्त होना – Sunset, बैठक कक्ष – Living room, आनंद – Joy, ऋचा – एक लड़की का नाम, रजनीश – एक लड़के का नाम, मामा – Mother’s brother, इंद्रावती – नदी का नाम, टैक्सी – Taxi, बूँदें – Drops।
10 मिनट
विलोम शब्द
पुस्तक के पृष्ठ 66 पर अभ्यास करवाएँ: “इन शब्दों के उल्टे अर्थ वाले शब्दों को लिखिए – जल्दी (धीरे), दिन (रात), ऊँचा (नीचा), नीचे (ऊपर), गिरना (उठना), आना (जाना)।” विलोम शब्दों का अर्थ समझाएँ – जो शब्द एक-दूसरे के उल्टे होते हैं।
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर विलोम शब्द लिखने को कहें – जल्दी-धीरे, दिन-रात, ऊँचा-नीचा।
5 मिनट
समापन
पूछें: “विलोम शब्द क्या होते हैं?” “‘जल्दी’ का विलोम क्या है?” “‘दिन’ का विलोम क्या है?” “जलप्रपात किस नदी पर है?”
शिक्षण संकेत:
विलोम शब्दों (Antonyms) का अभ्यास करवाएँ – “जल्दी” का उल्टा “धीरे”।
विलोम शब्दों को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
बच्चों से पूछें कि वे और कौन-कौन से विलोम शब्द जानते हैं।
दिवस 3: ‘च-म-य’ अभ्यास, बातचीत, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (‘च-म-य’ Practice, Discussion, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। विलोम शब्दों की पुनरावृत्ति करें।
5 मिनट
‘च’, ‘म’, ‘य’ अभ्यास
बोर्ड पर ‘च’, ‘म’, ‘य’ लिखें। ‘च’ से शुरू होने वाले शब्द – चित्रकोट, चित्र, चलना; ‘म’ से शुरू होने वाले – मनोरम, मामा, मीठा; ‘य’ से शुरू होने वाले – यहाँ, यात्रा, याद। बच्चों को ‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्द बताने को कहें।
10 मिनट
बातचीत के लिए
पुस्तक के पृष्ठ 65 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “आप छुट्टियों में कहाँ-कहाँ घूमने जाना चाहते हैं?” “अपने रिश्तेदारों के नाम बताइए।” “अगर वहाँ जलप्रपात की जगह केवल नदी होती, तो क्या उतना ही आनंद आता? क्यों?” “सूर्यास्त के पहले मामा ने उन्हें वहाँ से चलने के लिए क्यों कहा?” “अगर किसी दर्शनीय स्थान पर साफ-सफाई का ध्यान न रखें, तो वहाँ की सुंदरता पर क्या असर पड़ेगा?”
5 मिनट
लेखन अभ्यास
पुस्तक के पृष्ठ 66 पर अभ्यास करवाएँ: “चित्रकोट जलप्रपात जगदलपुर से कितनी दूरी पर है?” (40 किलोमीटर) “चित्रकोट जलप्रपात किस नदी पर है?” (इंद्रावती नदी) “चित्रकोट जलप्रपात की ऊँचाई कितनी है?” (30 मीटर) “पानी की बूँदें कैसी दिखाई दे रही थीं?” (नन्ही-नन्ही)
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन हैं?” “बच्चे कहाँ गए?” “जलप्रपात किस नदी पर है?” “जलप्रपात कितना ऊँचा है?” “विलोम शब्द क्या होते हैं?” “‘जल्दी’ का विलोम क्या है?” “‘च’ से शुरू होने वाला एक शब्द बताओ?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कहानी सुनाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्दों का अभ्यास करवाएँ।
बच्चों को पर्यटन स्थलों की सफाई और प्रकृति संरक्षण के महत्व के बारे में बताएँ।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
चित्रकोट जलप्रपात के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts about Chitrakote Waterfall)
तथ्य
विवरण
स्थान
बस्तर, छत्तीसगढ़
नदी
इंद्रावती नदी
ऊँचाई
लगभग 30 मीटर (100 फीट)
दूरी
जगदलपुर से 40 किलोमीटर
विशेषता
“नियाग्रा ऑफ इंडिया” कहा जाता है
मौसम
मानसून के दौरान सबसे सुंदर
विलोम शब्द (Antonyms)
शब्द
विलोम (Opposite)
जल्दी
धीरे
दिन
रात
ऊँचा
नीचा
नीचे
ऊपर
गिरना
उठना
आना
जाना
सुबह
शाम
अंदर
बाहर
बड़ा
छोटा
‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्द
‘च’ से शुरू
‘म’ से शुरू
‘य’ से शुरू
चित्रकोट
मनोरम
यहाँ
चित्र
मामा
यात्रा
चलना
मीठा
याद
चाँद
मिठाई
योग
चिड़िया
मोर
युवा
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
चित्रकोट जलप्रपात का चित्र
बच्चे चित्रकोट जलप्रपात का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें।
जलप्रपात की आवाज़
बच्चे जलप्रपात की आवाज़ (गिरते पानी का शोर) की नकल करें।
विलोम शब्द खेल
बच्चे एक-दूसरे से विलोम शब्द पूछें – “जल्दी का विलोम क्या है?” “धीरे!”
‘च-म-य’ खोज
कक्षा/पुस्तक में ‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
पर्यटन स्थल
बच्चे अपने आसपास के पर्यटन स्थलों के बारे में बात करें।
सफाई अभियान
बच्चे पर्यटन स्थलों की सफाई के महत्व के बारे में चर्चा करें।
बारिश की बूँदें
बच्चे हथेली पर बजाकर बारिश की बूँदों की आवाज़ की नकल करें (पृष्ठ 66 पर अभ्यास)।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कहानी सुनना
कहानी को ध्यान से सुनता है
☐
कहानी समझ
कहानी के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
पात्र पहचान
ऋचा, रजनीश, मामा को पहचानता है
☐
शब्द पहचान
जलप्रपात, मनोरम, संगीत, अस्त होना, आनंद को पहचानता है
☐
विलोम शब्द
3+ विलोम शब्द बताता है
☐
‘च’ पहचान
‘च’ से शुरू होने वाले 2+ शब्द बताता है
☐
‘म’ पहचान
‘म’ से शुरू होने वाले 2+ शब्द बताता है
☐
‘य’ पहचान
‘य’ से शुरू होने वाले 2+ शब्द बताता है
☐
अभिनय
कहानी का अभिनय करता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कहानी को हाव-भाव के साथ सुनाएँ – जलप्रपात की सुंदरता, पानी की आवाज़, सूर्यास्त – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
चित्रकोट जलप्रपात के चित्र दिखाएँ – इससे बच्चों को कहानी को समझने में आसानी होगी।
विलोम शब्दों का अभ्यास – बच्चों को विलोम शब्दों के बारे में बताएँ – जो शब्द एक-दूसरे के उल्टे होते हैं।
‘च-म-य’ का अभ्यास – बच्चों को ‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्दों का अभ्यास करवाएँ।
पर्यटन और सफाई – बच्चों को पर्यटन स्थलों की सफाई और प्रकृति संरक्षण के महत्व के बारे में बताएँ।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति – बच्चों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों (चित्रकोट, तिरथगढ़, कैलाश गुफा) के बारे में बताएँ।
बारिश की बूँदें – पृष्ठ 66 पर दी गई गतिविधि करवाएँ – हथेली पर उंगलियों से बजाकर बारिश की आवाज़ की नकल करें।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कहानी को बोर्ड पर चित्रों के माध्यम से दिखाएँ।
विलोम शब्दों को अलग-अलग रंगों में लिखें।
‘च’, ‘म’, ‘य’ से शुरू होने वाले शब्दों को अलग-अलग रंगों में लिखें।
बच्चों को विलोम शब्दों और ‘च-म-य’ वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में विलोम शब्दों और ‘च-म-य’ का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
चित्रकोट जलप्रपात का चित्र बनाना, रंग भरना
पर्यावरण अध्ययन
जलप्रपात, नदी, पहाड़, प्रकृति, पर्यटन
सामाजिक अध्ययन
छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल, बस्तर, इंद्रावती नदी
भाषा
विलोम शब्द, ‘च-म-य’ अभ्यास
संगीत
पानी की आवाज़, बारिश की बूँदें
विज्ञान
जलप्रपात कैसे बनते हैं, जल चक्र
कहानी सारांश (Story Summary)
चित्रकोट जलप्रपात
ऋचा और रजनीश छुट्टियों में अपने मामा के घर जगदलपुर आए। मामा की बैठक कक्ष में चित्रकोट जलप्रपात का बड़ा चित्र लगा था। बच्चों ने मामा से उसके बारे में पूछा। मामा ने उन्हें चित्रकोट जलप्रपात दिखाने का वादा किया। अगले दिन वे टैक्सी से चित्रकोट गए। यह जगदलपुर से 40 किलोमीटर दूर है। वहाँ उन्होंने 30 मीटर ऊँचा जलप्रपात देखा। पानी दूध की तरह गिर रहा था। पानी की नन्ही-नन्ही बूँदें बहुत सुंदर लग रही थीं। उन्होंने वहाँ बैठकर खाना खाया और जलप्रपात का आनंद लिया। सूर्यास्त के पहले मामा ने उन्हें वहाँ से चलने को कहा। सभी बहुत खुश थे।
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।