पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | आई एक खबर (पाठ-13) |
| कक्षा | 2 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 2 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | 49-52 |
| प्रकार | कविता (Poem) |
| अवधि | 3 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- कविता “आई एक खबर” को सस्वर गा सकेंगे और उसके साथ हाव-भाव कर सकेंगे। (Recite the poem with correct rhythm and expressions.)
- कविता के शब्दों (खबर, दिल्ली, मक्खी रानी, टिड्डा, हाथी, मटका, बंदर, रोना, सोना, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand the meaning of words in the poem.)
- संयुक्त व्यंजन ‘क्ष’ वाले शब्दों (मक्खी, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with compound consonants.)
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों (अंदर, बंदर, मटके, आँसू, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with Anuswar and Chandrabindu.)
- ‘अं’ (ं) और ‘अँ’ (ँ) में अंतर कर सकेंगे। (Differentiate between ‘अं’ and ‘अँ’.)
- वाक्य निर्माण का अभ्यास कर सकेंगे – “खबर आई कि…” (Practice sentence formation – “The news came that…”)
- कल्पना और हास्य का आनंद ले सकेंगे – असंभव खबरों का मज़ा। (Enjoy imagination and humour – the fun of impossible news.)
- समाचार/खबर के बारे में बात कर सकेंगे – खबरें कहाँ से मिलती हैं। (Talk about news – where news comes from.)
- पपेट्स (कठपुतलियाँ) बनाकर कहानी का अभिनय कर सकेंगे। (Make puppets and enact the story.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH201 | विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं। |
| LH202 | कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं। |
| LH203 | देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। |
| LH205 | भाषा में निहित शब्दों और ध्वनियों के साथ खेल का मजा लेते हुए लय और तुक वाले शब्द बनाते हैं। |
| LH207 | अपने स्तर और पसंद के अनुसार कहानी, कविता, चित्र, पोस्टर आदि आनंद के साथ पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। |
| LH208 | चित्र के सूक्ष्म और प्रत्यक्ष पहलुओं पर बारीक अवलोकन करते हैं। |
| LH209 | चित्रों में घट रही घटनाओं, गतिविधियों और पात्रों को कहानी के रूप में देखते और समझते हैं। |
| LH212 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH213 | स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनकर पढ़ने का प्रयास करते हैं। |
| LH216 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं। |
| LH217 | अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि आगे बढ़ाते हैं। |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 49-52)
- कविता का बड़ा चार्ट
- चित्र – मक्खी, टिड्डा, हाथी, मटका, बंदर
- संयुक्त व्यंजन ‘क्ष’ के फ्लैशकार्ड
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) के फ्लैशकार्ड
- पुराना अखबार (खबर दिखाने के लिए)
- पपेट बनाने के लिए सामग्री (कागज़, कैंची, रंग, छड़ी)
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कविता का परिचय एवं वाचन (Introduction & Recitation)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | पूछें: “तुम्हें खबरें कहाँ से मिलती हैं?” “टीवी पर क्या-क्या खबरें आती हैं?” “क्या कभी कोई अजीब खबर सुनी है?” “अगर कोई कहे कि हाथी ने मक्खी को हरा दिया, तो क्या यह सच हो सकता है?” पुराना अखबार दिखाएँ और बताएँ कि खबरें कहाँ से मिलती हैं। |
| 5 मिनट | कविता का परिचय | पुस्तक का पृष्ठ 49 खोलें। कहें: “आज हम एक मज़ेदार कविता सीखेंगे – आई एक खबर!” “इसमें एक अजीब-सी खबर आती है – टिड्डे ने हाथी को मारा! क्या यह सच हो सकता है?” |
| 10 मिनट | कविता वाचन (गायन) | कविता को सस्वर, लयबद्ध, हाव-भाव के साथ पढ़ें/गाएँ। “अभी खबर दिल्ली से आई…” से शुरू करके सभी पंक्तियों को भावपूर्ण तरीके से पढ़ें। बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 5 मिनट | हाव-भाव एवं अभिनय | कविता के साथ हाव-भाव दिखाएँ: “खबर आई” – खबर सुनने का अभिनय, “मक्खी रानी” – मक्खी का अभिनय, “टिड्डा” – टिड्डे की चाल, “हाथी” – हाथी की चाल, “मटका” – मटका दिखाना, “बंदर” – बंदर की चाल, “रोना” – रोने का अभिनय, “सोना” – सोने का अभिनय। बच्चों को भी करने को कहें। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “कविता में क्या खबर आई?” (टिड्डे ने हाथी को मारा) “क्या यह सच हो सकता है?” (नहीं) “यह कैसी खबर है?” (मज़ेदार/अजीब) “कविता में और क्या हुआ?” |
शिक्षण संकेत:
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- हाव-भाव और अभिनय से कविता को रोचक बनाएँ।
- असंभव खबरों का मज़ा लें – “टिड्डे ने हाथी को मारा” – क्या यह हो सकता है?
- बच्चों को अपनी कल्पना से ऐसी और खबरें बनाने को कहें।
दिवस 2: कविता की समझ, शब्दावली एवं अनुस्वार-चंद्रबिंदु (Comprehension, Vocabulary & Anuswar-Chandrabindu)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ दोहराएँ। पूछें: “कविता में क्या खबर आई?” |
| 10 मिनट | शब्दावली एवं अर्थ | कविता के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: खबर – News, दिल्ली – India’s capital, मक्खी रानी – Queen Bee/Fly, टिड्डा – Grasshopper/Locust, हाथी – Elephant, मटका – Earthen pot, बंदर – Monkey, रोना – Cry, सोना – Sleep, अंदर – Inside, बेचारा – Helpless, ढाई – Two and a half। |
| 5 मिनट | अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) का परिचय | बोर्ड पर ‘ं’ (अनुस्वार) और ‘ँ’ (चंद्रबिंदु) लिखें। कहें: “यह है अनुस्वार (ं) – बिंदी, और यह है चंद्रबिंदु (ँ) – चंद्राकार।” अनुस्वार वाले शब्द – अंदर, बंदर, संग, गंगा; चंद्रबिंदु वाले शब्द – मटके (मटकों में ‘ँ’ नहीं है), आँसू, आँख, चाँद। ‘मटके’ में कोई अनुस्वार/चंद्रबिंदु नहीं है, लेकिन ‘अंदर’ में अनुस्वार है। बच्चों को अंतर समझाएँ। |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द लिखने को कहें – अंदर, बंदर, आँसू, चाँद। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “अनुस्वार कैसा दिखता है?” “चंद्रबिंदु कैसा दिखता है?” “‘अंदर’ में कौन सा चिह्न है?” “‘आँसू’ में कौन सा चिह्न है?” “अनुस्वार और चंद्रबिंदु में क्या अंतर है?” |
शिक्षण संकेत:
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- अनुस्वार (ं) – बिंदी, चंद्रबिंदु (ँ) – चंद्राकार – यह अंतर स्पष्ट करें।
- अनुस्वार और चंद्रबिंदु वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
दिवस 3: संयुक्त व्यंजन ‘क्ष’, बातचीत, पपेट्स, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Compound Consonant ‘क्ष’, Discussion, Puppets, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ गाएँ। अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) की पुनरावृत्ति करें। |
| 5 मिनट | संयुक्त व्यंजन ‘क्ष’ का अभ्यास | बोर्ड पर ‘क्ष’ लिखें। कहें: “यह है ‘क्ष’ – ‘क’ और ‘ष’ के मिलन से बना।” ‘क्ष’ वाले शब्द – मक्खी, पक्षी, कक्षा, क्षमा, क्षेत्र। ‘मक्खी’ में ‘क्ष’ है – ‘म’ + ‘क्ष’ = मक्खी। बच्चों को ‘क्ष’ वाले शब्दों का उच्चारण करने को कहें। |
| 10 मिनट | बातचीत के लिए | पुस्तक के पृष्ठ 50 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “मटका कितना बड़ा रहा होगा कि उसके अंदर हाथी आ गया?” “मक्खी रानी क्या खबर लाई?” “आपको खबरें कहाँ-कहाँ से मिलती हैं?” “अपने गाँव/शहर में हुई किसी घटना की खबर सुनाओ।” “अखबार में से अपनी पसंद की कोई दो खबरों के टुकड़े काटकर कॉपी में चिपकाओ।” |
| 5 मिनट | आइए कुछ बनाएँ | पुस्तक के पृष्ठ 51 पर अभ्यास करवाएँ: “कोई एक पुराना गत्ता लीजिए। उसमें अपने शिक्षक की मदद से हाथी, बंदर और अन्य जानवरों की आकृतियाँ छापिए। कैंची से उसके किनारे सावधानी से काटिए। उसमें रंग भरकर झाड़ू की मोटी सीक चिपकाइए। सूखने के बाद इन पपेट्स से अपने साथियों के साथ मिलकर कहानी का अभिनय कीजिए।” |
| 5 मिनट | समापन एवं मूल्यांकन | पूछें: “कविता में क्या खबर आई?” “टिड्डे ने किसे मारा?” “हाथी कहाँ घुस गया?” “मटके में कौन थे?” “‘मक्खी’ में कौन सा संयुक्त व्यंजन है?” “अनुस्वार और चंद्रबिंदु में क्या अंतर है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कविता गाने को कहें। |
शिक्षण संकेत:
- ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन का अभ्यास करवाएँ – ‘मक्खी’ शब्द में ‘क्ष’ है।
- बच्चों को पपेट्स बनाने में मदद करें – यह रचनात्मक गतिविधि है।
- बच्चों को अपनी कल्पना से और अजीब खबरें बनाने को कहें – “अगर कोई खबर आए कि…”
- “झटपट कहिए” – “फूफा के फुग्गा पर फिर मिला फलाहारी फाफडा।” और “भैया भाभी को भायी भागलपुर की भारी भरकम भेंट।” – तुकबंदी का अभ्यास करवाएँ।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) में अंतर (Difference between Anuswar and Chandrabindu)
| अनुस्वार (ं) | चंद्रबिंदु (ँ) |
|---|---|
| बिंदी (.) | चंद्राकार (ँ) |
| अंदर, बंदर, संग, गंगा | आँसू, आँख, चाँद, साँप |
| ‘अ’ के बाद आता है | ‘अ’ के बाद आता है |
| उच्चारण में हल्का नासिक्य | उच्चारण में नासिक्य |
‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन वाले शब्द (Words with ‘क्ष’ Compound Consonant)
| शब्द | अर्थ | ‘क्ष’ का स्थान |
|---|---|---|
| मक्खी | Fly | ‘क्ष’ शब्द के बीच में |
| पक्षी | Bird | ‘क्ष’ शब्द के बीच में |
| कक्षा | Class | ‘क्ष’ शब्द के बीच में |
| क्षमा | Forgiveness | ‘क्ष’ शब्द के आरंभ में |
| क्षेत्र | Field/Area | ‘क्ष’ शब्द के आरंभ में |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| अजीब खबरें | बच्चे अपनी कल्पना से अजीब खबरें बनाएँ – “आई एक खबर कि बिल्ली ने चूहे को दौड़ा दिया!” |
| पपेट्स बनाना | बच्चे गत्ते पर जानवरों की आकृतियाँ बनाएँ, रंग भरें, छड़ी चिपकाएँ और कहानी का अभिनय करें। |
| अनुस्वार-चंद्रबिंदु खोज | कक्षा/पुस्तक में अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों को ढूँढ़ें। |
| ‘क्ष’ खोज | कक्षा/पुस्तक में ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन वाले शब्दों को ढूँढ़ें। |
| अखबार से खबर | बच्चे पुराने अखबार से कोई खबर काटकर कॉपी में चिपकाएँ और पढ़ें। |
| झटपट कहिए | “फूफा के फुग्गा पर फिर मिला फलाहारी फाफडा।” – तुकबंदी का अभ्यास करें। |
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| कविता वाचन | कविता को हाव-भाव के साथ गाता है | ☐ |
| शब्द पहचान | खबर, दिल्ली, मक्खी रानी, टिड्डा, हाथी, मटका, बंदर को पहचानता है | ☐ |
| अनुस्वार पहचान | अनुस्वार (ं) वाले 2+ शब्द बताता है | ☐ |
| चंद्रबिंदु पहचान | चंद्रबिंदु (ँ) वाले 2+ शब्द बताता है | ☐ |
| ‘क्ष’ पहचान | ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन को पहचानता है | ☐ |
| कविता समझ | कविता के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है | ☐ |
| पपेट्स | पपेट्स बनाने और अभिनय में भाग लेता है | ☐ |
| अभिनय | कविता के साथ अभिनय करता है | ☐ |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे और भाषा की लय समझेंगे।
- अजीब खबरों का मज़ा – बच्चों को अपनी कल्पना से अजीब खबरें बनाने को कहें – “आई एक खबर कि…” – इससे रचनात्मकता बढ़ती है।
- अनुस्वार और चंद्रबिंदु पर ध्यान – अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) में अंतर स्पष्ट करें – बिंदी और चंद्राकार।
- ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन – ‘क्ष’ का अभ्यास करवाएँ – ‘मक्खी’ में ‘क्ष’ है।
- पपेट्स बनाना – बच्चों को पपेट्स बनाने में मदद करें – यह रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधि है।
- अखबार – बच्चों को अखबार दिखाएँ और बताएँ कि खबरें कहाँ से मिलती हैं।
- तुकबंदी – “फूफा के फुग्गा…” जैसी तुकबंदी का अभ्यास करवाएँ – इससे बोलने में चुस्ती आती है।
- धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
- प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- कविता को बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और बच्चों को पढ़ने को कहें।
- अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) को अलग-अलग रंगों में लिखें।
- बच्चों को अनुस्वार और चंद्रबिंदु वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
- कक्षा में अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | पपेट्स बनाना, चित्र बनाना, रंग भरना |
| पर्यावरण अध्ययन | मक्खी, टिड्डा, हाथी, बंदर – जानवर/कीड़े |
| संगीत | कविता को लयबद्ध गाना, तुकबंदी |
| सामाजिक अध्ययन | दिल्ली, समाचार/खबरें, अखबार |
| भाषा | अनुस्वार, चंद्रबिंदु, संयुक्त व्यंजन ‘क्ष’ |
कविता (Poem)
आई एक खबर
अभी खबर दिल्ली से आई,
मक्खी रानी उसको लाई।
टिड्डे ने हाथी को मारा,
हाथी क्या करता बेचारा?
घुस बैठा मटके के अंदर,
मटके में थे ढाई बंदर।
उन्हें देखकर हाथी रोया,
रोते-रोते फिर वह सोया।
शब्दावली (Vocabulary)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| खबर | News |
| दिल्ली | India’s capital |
| मक्खी रानी | Queen Bee/Fly |
| टिड्डा | Grasshopper/Locust |
| हाथी | Elephant |
| मटका | Earthen pot |
| बंदर | Monkey |
| रोना | Cry |
| सोना | Sleep |
| अंदर | Inside |
| बेचारा | Helpless |
| ढाई | Two and a half |

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
