कहानी “मड़ई–मेला” को सुन सकेंगे, समझ सकेंगे और अपने शब्दों में कह सकेंगे। (Listen to, understand, and narrate the story in their own words.)
कहानी के पात्रों (बुधिया, सुकवारो, संगीता, चैतू, मंगल, समारू) को पहचान सकेंगे। (Identify the characters of the story.)
कहानी से संबंधित शब्दों (मड़ई, मेला, रहेंचुली, झूला, फुग्गा, गुलगुला, भजिया, लाडू, गन्ना, खिलौने, जहाज, गुड़िया, रेल, मोर, कार, गेंद, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand words related to the story.)
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) की मात्रा वाले शब्दों (मेला, मड़ई, रहेंचुली, जहाज, गेंद, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘ए’ and ‘ऐ’ matras.)
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा का लेखन अभ्यास कर सकेंगे। (Practice writing ‘ए’ and ‘ऐ’ matras.)
संयुक्त व्यंजन ‘र’ वाले शब्दों (रहेंचुली, गरम, आदि) का उच्चारण और लेखन कर सकेंगे। (Pronounce and write words with compound ‘र’ – रहेंचुली, गरम.)
मेले से संबंधित चीज़ों (झूला, खिलौने, मिठाई, फुग्गा, आदि) के बारे में बात कर सकेंगे। (Talk about things related to a fair – swing, toys, sweets, balloons, etc.)
अपने आसपास के मेले के बारे में बात कर सकेंगे – “आपके गाँव में मड़ई–मेला कब लगता है?” (Talk about the fair in their village.)
बच्चों और वस्तुओं के नाम अलग-अलग कर सकेंगे। (Differentiate between names of children and objects.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH202
कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं।
LH204
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं।
LH206
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि कहते/सुनाते हैं/आगे बढ़ाते हैं।
LH215
सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं।
LH216
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं।
LH217
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि आगे बढ़ाते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 41-44)
कहानी का बड़ा चार्ट
मेले से संबंधित चित्र – झूला, रहेंचुली, खिलौने, फुग्गा, मिठाई, गन्ना, जहाज, गुड़िया, रेल, मोर, कार, गेंद
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा के फ्लैशकार्ड
संयुक्त व्यंजन ‘र’ (र्ह) के फ्लैशकार्ड
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
कहानी के पात्रों के नाम वाले फ्लैशकार्ड
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कहानी का परिचय एवं वाचन (Introduction & Story Narration)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुम मेले में गए हो?” “मेले में क्या-क्या होता है?” “मेले में तुम क्या-क्या देखते हो?” “तुम्हें मेले में सबसे अच्छा क्या लगता है?” “मड़ई क्या होती है?” मेले, झूला, खिलौनों, फुग्गों के चित्र दिखाएँ।
5 मिनट
कहानी का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 41 खोलें। कहें: “आज हम एक मज़ेदार कहानी सुनेंगे – मड़ई–मेला!” “इसमें बच्चों के मेले में जाने और वहाँ मज़ा करने की कहानी है।”
10 मिनट
कहानी वाचन
कहानी को सस्वर, लयबद्ध, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और हाव-भाव के साथ पढ़ें/सुनाएँ। बच्चों का तैयार होना, मेले में जाना, झूला, बाजे-गाजे, राउतों का नाच, खाने-पीने की चीज़ें, खिलौने की दुकान, फुग्गे – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
5 मिनट
चित्र-वार्ता
कहानी के चित्र दिखाएँ और पूछें: “चित्र में कौन है?” “बच्चे कहाँ गए?” “मेले में क्या-क्या था?” “बच्चों ने क्या-क्या खरीदा?”
5 मिनट
समापन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन से बच्चे हैं?” (बुधिया, सुकवारो, संगीता, चैतू, मंगल, समारू) “बच्चे कहाँ गए?” (मड़ई–मेले में) “मेले में उन्होंने क्या-क्या खरीदा?”
शिक्षण संकेत:
कहानी को हाव-भाव और आवाज़ के उतार-चढ़ाव के साथ सुनाएँ।
मेले का माहौल बनाने के लिए आवाज़ों (ढोलक, बाजे, फुग्गे) की नकल करें।
बच्चों को कहानी के बारे में प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
“मड़ई” और “मेला” के बारे में बताएँ – यह एक सामुदायिक उत्सव है।
दिवस 2: कहानी की समझ, शब्दावली एवं ‘ए-ऐ’ मात्रा (Comprehension, Vocabulary & ‘ए-ऐ’ Matra)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। पूछें: “बच्चे कहाँ गए?” “मेले में उन्होंने क्या-क्या देखा?”
10 मिनट
शब्दावली एवं अर्थ
कहानी के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: मड़ई – किसी देवता/आयोजन को समर्पित स्थान, मेला – Fair, रहेंचुली – एक प्रकार का झूला, झूला – Swing, फुग्गा – Balloon, गुलगुला – एक मिठाई, भजिया – Pakora, लाडू – Laddoo, गन्ना – Sugarcane, खिलौने – Toys, जहाज – Ship/Aeroplane, गुड़िया – Doll, रेल – Train, मोर – Peacock, कार – Car, गेंद – Ball, राउत – समुदाय का एक समूह, बाजा-गाजा – Musical instruments।
5 मिनट
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा का परिचय
बोर्ड पर ‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) की मात्रा लिखें। कहें: “यह है ‘ए’ की मात्रा (े) और यह है ‘ऐ’ की मात्रा (ै)।” ‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा वाले शब्द बताएँ – ‘ए’ – मेला, खेल, देख, लेना, देना; ‘ऐ’ – कैसा, बैठा, नैन, भैंस, मैना। ‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) में अंतर समझाएँ।
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर ‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – मेला, खेल, कैसा, बैठा।
5 मिनट
समापन
पूछें: “‘ए’ मात्रा कैसी दिखती है?” “‘ऐ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “‘ए’ और ‘ऐ’ में क्या अंतर है?” “मेले में क्या-क्या होता है?”
शिक्षण संकेत:
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
‘ए’ और ‘ऐ’ के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें – ‘ए’ छोटा, ‘ऐ’ बड़ा (खिंचा हुआ)।
‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
दिवस 3: संयुक्त व्यंजन ‘र’, बातचीत, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Compound ‘र’, Discussion, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। ‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा वाले शब्दों की पुनरावृत्ति करें।
5 मिनट
संयुक्त व्यंजन ‘र’ का परिचय
बोर्ड पर ‘र्ह’ (रहेंचुली में ‘र्ह’) लिखें। कहें: “यह है ‘र’ का संयुक्त रूप – ‘र’ + ‘ह’ = ‘र्ह’।” उदाहरण – रहेंचुली, गरम, सर्दी, पर्वत, कर्म। बच्चों को उच्चारण करने को कहें।
10 मिनट
बातचीत के लिए
पुस्तक के पृष्ठ 43 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “आपके गाँव में मड़ई–मेला कब लगता है? उसमें आप क्या-क्या करते हैं?” “मड़ई–मेले में आपको सबसे पहले क्या करना अच्छा लगेगा और क्यों?” “आप मेले में जाएँगे तो क्या-क्या खरीदेंगे?” “मड़ई–मेले में आप अपने साथ किन्हें ले जाना चाहेंगे और क्यों?”
5 मिनट
शब्दों का खेल
पुस्तक के पृष्ठ 43 पर अभ्यास करवाएँ: “शब्दों की रेलगाड़ी” – बच्चों को शब्दों की श्रृंखला बनाने को कहें। “इन शब्दों को पढ़िए – बुधिया, दफड़ा, फूल, चैतू, जहाज, मंगल, समारू, गेंद, फुग्गा, संगीता, झूला, सुकवारो। बच्चों और वस्तुओं के नाम अलग-अलग लिखिए।”
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन से बच्चे हैं?” “मेले में उन्होंने क्या-क्या खरीदा?” “‘ए’ मात्रा कैसी दिखती है?” “‘ऐ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “मड़ई–मेला क्या है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कहानी सुनाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
संयुक्त व्यंजन ‘र’ का अभ्यास करवाएँ – ‘र’ + ‘ह’ = ‘र्ह’, ‘र’ + ‘म’ = ‘र्म’, ‘र’ + ‘व’ = ‘र्व’।
बच्चों को अपने अनुभवों से जोड़कर बात करने को प्रोत्साहित करें – “तुम मेले में क्या करते हो?”
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा वाले शब्द (Words with ‘ए’ and ‘ऐ’ Matras)
‘ए’ (े) मात्रा वाले शब्द
शब्द
अर्थ
मेला
Fair
खेल
Game/Play
देख
See
लेना
Take
देना
Give
सबेरा
Morning
रेल
Train
गेंद
Ball
जहाज
Ship/Aeroplane
‘ऐ’ (ै) मात्रा वाले शब्द
शब्द
अर्थ
कैसा
How/What kind
बैठा
Sat
नैन
Eyes
भैंस
Buffalo
मैना
Mynah bird
पैर
Leg/Foot
बच्चों और वस्तुओं के नाम (Names of Children and Objects)
बच्चों के नाम
वस्तुओं के नाम
बुधिया
दफड़ा (डफली)
चैतू
फूल
मंगल
जहाज
समारू
गेंद
संगीता
फुग्गा
सुकवारो
झूला
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
मेले का चित्र
बच्चे मेले का चित्र बनाएँ – झूला, खिलौने, फुग्गे, मिठाई।
खिलौने की दुकान
बच्चे कक्षा में खिलौने की दुकान बनाएँ और खेलें।
‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा खोज
कक्षा/पुस्तक में ‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
अभिनय
बच्चे कहानी का अभिनय करें – कोई बुधिया बने, कोई सुकवारो बने, कोई संगीता बने, कोई चैतू बने।
शब्दों की रेलगाड़ी
बच्चे शब्दों की श्रृंखला बनाएँ – एक शब्द के अंतिम अक्षर से दूसरा शब्द शुरू करें।
मेले की यादें
बच्चे अपने मेले के अनुभव साझा करें – “मैं मेले में गया था, वहाँ मैंने झूला झूला, फुग्गा खरीदा, मिठाई खाई…”
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कहानी सुनना
कहानी को ध्यान से सुनता है
☐
कहानी समझ
कहानी के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
पात्र पहचान
बुधिया, सुकवारो, संगीता, चैतू, मंगल, समारू को पहचानता है
☐
शब्द पहचान
मड़ई, मेला, रहेंचुली, झूला, फुग्गा, गुलगुला, भजिया, लाडू, गन्ना, खिलौने को पहचानता है
☐
‘ए’ मात्रा
‘ए’ मात्रा वाले 3+ शब्द बताता है
☐
‘ऐ’ मात्रा
‘ऐ’ मात्रा वाले 2+ शब्द बताता है
☐
संयुक्त व्यंजन ‘र’
‘र’ वाले शब्दों का उच्चारण करता है
☐
बच्चे/वस्तु
बच्चों और वस्तुओं के नाम अलग-अलग करता है
☐
अभिनय
कहानी का अभिनय करता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कहानी को हाव-भाव के साथ सुनाएँ – मेले का माहौल, झूला, बाजे-गाजे, खाने-पीने की चीज़ें – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
बच्चों के अनुभवों से जोड़ें – बच्चों से पूछें कि वे मेले में गए हैं या नहीं और उन्होंने वहाँ क्या देखा।
‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा पर ध्यान – ‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा में अंतर स्पष्ट करें।
संयुक्त व्यंजन ‘र’ – ‘र’ वाले शब्दों (रहेंचुली, गरम, सर्दी) का उच्चारण अभ्यास करवाएँ।
मेले की संस्कृति – बच्चों को “मड़ई” और “मेला” के बारे में बताएँ – यह एक सामुदायिक उत्सव है।
शब्दों का खेल – “शब्दों की रेलगाड़ी” खेल खेलें – इससे शब्दावली बढ़ती है।
खेल-खेल में – “मेले में क्या मिलता है?” – खेल की तरह करें।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कहानी को बोर्ड पर चित्रों के माध्यम से दिखाएँ।
‘ए’ (े) और ‘ऐ’ (ै) मात्रा को अलग-अलग रंगों में लिखें।
बच्चों को ‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में ‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
मेले का चित्र बनाना, खिलौनों की दुकान, फुग्गे बनाना
पर्यावरण अध्ययन
मेला, सामुदायिक उत्सव, गाँव-शहर
संगीत
बाजे-गाजे, ढोलक, मड़ई के गीत
सामाजिक अध्ययन
मड़ई–मेला, गाँव की संस्कृति, राउत समुदाय
भाषा
‘ए’ और ‘ऐ’ मात्रा, संयुक्त व्यंजन ‘र’, शब्दों का खेल
गणित
चीज़ों की गिनती, खरीदारी, पैसा
कहानी सारांश (Story Summary)
मड़ई–मेला
बुधिया, सुकवारो, संगीता, चैतू, मंगल और समारू – सभी बच्चे मड़ई–मेले में गए। उन्होंने झूला झूला, बाजे-गाजे सुने, राउतों का नाच देखा। उन्होंने गुलगुला, भजिया, लाडू खरीदे और खाए। समारू ने गन्ना खरीदा और सभी ने गन्ना चूसा। खिलौने की दुकान से संगीता ने गुड़िया, चैतू ने मोर, मंगल ने कार, समारू ने गेंद, सुकवारो ने जहाज और बुधिया ने रेल खरीदी। सभी ने फुग्गे खरीदे और खुशी-खुशी घर लौटे।
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।