पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | मिट्टी (पाठ-9) |
| कक्षा | 2 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 2 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | 34-36 |
| प्रकार | कविता (Poem) |
| अवधि | 3 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- कविता “मिट्टी” को सस्वर गा सकेंगे और उसके साथ हाव-भाव कर सकेंगे। (Recite the poem with correct rhythm and expressions.)
- कविता के शब्दों (मिट्टी, बूँद, सोंधी-सोंधी, सुंदर, रंग-बिरंगे, खिलौने, सलोने, मोल, गाँव, गली, खेत, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand the meaning of words in the poem.)
- ‘औ’ (ौ) की मात्रा वाले शब्दों (सोंधी, सलोने, खिलौने, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘औ’ matra.)
- मिट्टी से बनने वाली चीज़ों (घर, गमले, मटके, खिलौने, ईंटें, आदि) के बारे में जान सकेंगे। (Learn about things made from clay/soil.)
- ‘औ’ (ौ) मात्रा का लेखन अभ्यास कर सकेंगे। (Practice writing ‘औ’ matra.)
- रंग-बिरंगी चीज़ों के नाम बता सकेंगे। (Name colourful things.)
- मिट्टी के महत्व को समझ सकेंगे – “मिट्टी हमें बहुत कुछ देती है।” (Understand the importance of soil – “Soil gives us so much.”)
- मिट्टी से बने खिलौने बनाने का अभ्यास कर सकेंगे। (Practice making clay toys.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH201 | विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं। |
| LH202 | कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं। |
| LH203 | देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। |
| LH204 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं। |
| LH205 | भाषा में निहित शब्दों और ध्वनियों के साथ खेल का मजा लेते हुए लय और तुक वाले शब्द बनाते हैं। |
| LH210 | परिचित/अपरिचित लिखित सामग्री में रुचि दिखाते हैं और अर्थ की खोज में विविध प्रकार की युक्तियों का इस्तेमाल करते हैं। |
| LH211 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH212 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं (पुनः)। |
| LH213 | स्कूल के बाहर और स्कूल के भीतर अपनी पसंद की किताबों को स्वयं चुनकर पढ़ने का प्रयास करते हैं। |
| LH215 | सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं। |
| LH216 | अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं। |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 34-36)
- कविता का बड़ा चार्ट
- मिट्टी से बनी चीज़ों के चित्र – घर, गमले, मटके, खिलौने, ईंटें
- ‘औ’ (ौ) मात्रा के फ्लैशकार्ड
- असली मिट्टी/मिट्टी के खिलौने (यदि उपलब्ध हों)
- कुम्हार के काम के चित्र
- रंग-बिरंगी चीज़ों के चित्र – गुब्बारे, फूल, खिलौने, आदि
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कविता का परिचय एवं वाचन (Introduction & Recitation)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | पूछें: “तुमने मिट्टी देखी है?” “मिट्टी कहाँ-कहाँ मिलती है?” “मिट्टी से क्या-क्या बनता है?” “बारिश में मिट्टी की कैसी महक आती है?” “तुमने मिट्टी के खिलौने देखे हैं?” मिट्टी, घर, गमले, मटके, खिलौनों के चित्र दिखाएँ। |
| 5 मिनट | कविता का परिचय | पुस्तक का पृष्ठ 34 खोलें। कहें: “आज हम एक सुंदर कविता सीखेंगे – मिट्टी!” “इसमें मिट्टी के महत्व और उससे बनने वाली चीज़ों के बारे में बताया गया है।” |
| 10 मिनट | कविता वाचन (गायन) | कविता को सस्वर, लयबद्ध, हाव-भाव के साथ पढ़ें/गाएँ। “गाँव, गली, खेतों में मिट्टी…” से शुरू करके सभी पंक्तियों को भावपूर्ण तरीके से पढ़ें। बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 5 मिनट | हाव-भाव एवं अभिनय | कविता के साथ हाव-भाव दिखाएँ: “मिट्टी” – मिट्टी दिखाना, “बूँद” – बूँद दिखाना, “सोंधी-सोंधी” – सूँघने का अभिनय, “घर” – घर दिखाना, “फूल” – फूल खिलना, “गमले, मटके” – बर्तन दिखाना, “खिलौने” – खिलौने दिखाना, “मोल” – पैसे दिखाना। बच्चों को भी करने को कहें। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “कविता में किसके बारे में बात है?” (मिट्टी) “मिट्टी कहाँ-कहाँ होती है?” (गाँव, गली, खेत, घर) “मिट्टी से क्या-क्या बनता है?” (घर, गमले, मटके, खिलौने) |
शिक्षण संकेत:
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- हाव-भाव और अभिनय से कविता को रोचक बनाएँ।
- असली मिट्टी या मिट्टी के खिलौने दिखाएँ।
- मिट्टी के महत्व पर चर्चा करें।
दिवस 2: कविता की समझ, शब्दावली एवं ‘औ’ मात्रा (Comprehension, Vocabulary & ‘औ’ Matra)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ दोहराएँ। पूछें: “मिट्टी से क्या-क्या बनता है?” |
| 10 मिनट | शब्दावली एवं अर्थ | कविता के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: मिट्टी – Soil/Clay, बूँद – Drop, सोंधी-सोंधी – सुगंधित (Fragrant), सुंदर – Beautiful, रंग-बिरंगे – Colourful, खिलौने – Toys, सलोने – Beautiful/Lovely, मोल – Price/Value, गाँव – Village, गली – Street, खेत – Field। |
| 5 मिनट | ‘औ’ (ौ) मात्रा का परिचय | बोर्ड पर ‘औ’ (ौ) की मात्रा लिखें। कहें: “यह है ‘औ’ की मात्रा (ौ)।” ‘औ’ मात्रा वाले शब्द बताएँ – सोंधी, सलोने, खिलौने, लौकी, दौड़, गौरैया, नौ, चौकी, पौधा। ‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) में अंतर समझाएँ। |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर ‘औ’ मात्रा वाले शब्द लिखने को कहें – सोंधी, खिलौने, लौकी, नौ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “‘औ’ मात्रा कैसी दिखती है?” “मिट्टी कब सोंधी-सोंधी महकती है?” (बारिश में) “मिट्टी से कौन-कौन सी चीज़ें बनती हैं?” |
शिक्षण संकेत:
- ‘औ’ (ौ) मात्रा को अलग रंग में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- ‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें – ‘ओ’ छोटा, ‘औ’ बड़ा।
- ‘औ’ मात्रा वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
दिवस 3: मिट्टी से बनी चीज़ें, बातचीत, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Clay Items, Discussion, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | कविता को हाव-भाव के साथ गाएँ। ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों की पुनरावृत्ति करें। |
| 10 मिनट | बातचीत के लिए | पुस्तक के पृष्ठ 35-36 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “मिट्टी से कौन-कौन सी चीजें बनती हैं?” “सोचिए, अगर मिट्टी नहीं होती तो क्या होता?” “मिट्टी सोंधी-सोंधी कब महकती है?” “क्या हर तरह की मिट्टी से खिलौने बनाए जा सकते हैं?” “कुम्हार मिट्टी से क्या-क्या बनाता है?” |
| 5 मिनट | ‘औ’ मात्रा का अभ्यास | पुस्तक के पृष्ठ 35 पर अभ्यास करवाएँ: “पढ़िए और समझकर लिखिए – गाँव-पाँव-छाँव, महकी-…, गली-…, फूल-…, खिलाती-…” बच्चों को समान तुक वाले शब्द लिखने को कहें। |
| 5 मिनट | आइए कुछ बनाएँ | पुस्तक के पृष्ठ 36 पर अभ्यास करवाएँ: “मिट्टी लाकर खिलौने बनाइए – चक्का, बेलन, लोटा, गिलास। सूखने पर उन्हें रंगों से सजाइए और कक्षा में रखिए।” (यदि मिट्टी उपलब्ध न हो तो बच्चों को चित्र बनाने को कहें।) |
| 5 मिनट | समापन एवं मूल्यांकन | पूछें: “कविता में किसके बारे में बात है?” “मिट्टी से क्या-क्या बनता है?” “मिट्टी कब सोंधी-सोंधी महकती है?” “‘औ’ मात्रा कैसी दिखती है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कविता गाने को कहें। |
शिक्षण संकेत:
- बच्चों को मिट्टी के खिलौने बनाने का अनुभव दें (यदि संभव हो)।
- कुम्हार के काम के बारे में बताएँ।
- बच्चों को “रंग-बिरंगी” चीज़ों के नाम बताने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
‘औ’ (ौ) मात्रा वाले शब्द (Words with ‘औ’ Matra)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सोंधी | Fragrant |
| सलोने | Beautiful/Lovely |
| खिलौने | Toys |
| लौकी | Bottle gourd |
| दौड़ | Race/Run |
| गौरैया | Sparrow |
| नौ | Nine |
| चौकी | Stool |
| पौधा | Plant |
| औरत | Woman |
| कौआ | Crow |
| तौल | Weight |
मिट्टी से बनने वाली चीज़ें (Things Made from Clay/Soil)
| चीज़ | चित्र | उपयोग |
|---|---|---|
| घर | (घर का चित्र) | रहने के लिए |
| गमला | (गमले का चित्र) | पौधे लगाने के लिए |
| मटका | (मटके का चित्र) | पानी रखने के लिए |
| खिलौने | (खिलौनों का चित्र) | खेलने के लिए |
| ईंट | (ईंट का चित्र) | घर बनाने के लिए |
| लोटा | (लोटे का चित्र) | पानी पीने के लिए |
| गिलास | (गिलास का चित्र) | पानी पीने के लिए |
रंग-बिरंगी चीज़ें (Colourful Things)
| चीज़ | रंग |
|---|---|
| गुब्बारे | रंग-बिरंगे |
| फूल | रंग-बिरंगे |
| खिलौने | रंग-बिरंगे |
| मिठाई | रंग-बिरंगी |
| तितली | रंग-बिरंगी |
| पतंग | रंग-बिरंगी |
| इन्द्रधनुष | रंग-बिरंगा |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| मिट्टी के खिलौने बनाना | बच्चे मिट्टी से खिलौने (चक्का, बेलन, लोटा, गिलास) बनाएँ और सूखने पर रंग भरें। |
| ‘औ’ मात्रा खोज | कक्षा/पुस्तक में ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों को ढूँढ़ें। |
| चित्र बनाना | बच्चे मिट्टी से बनी चीज़ों के चित्र बनाएँ। |
| कुम्हार का अभिनय | बच्चे कुम्हार बनकर मिट्टी से बर्तन बनाने का अभिनय करें। |
| मिट्टी की महक | बच्चों को बारिश में मिट्टी की महक के बारे में बताएँ। |
| बागवानी | बच्चों को गमले में पौधा लगाने को कहें। |
| रंग-बिरंगी चीज़ें | बच्चे रंग-बिरंगी चीज़ों के चित्र बनाएँ और उनके नाम लिखें। |
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| कविता वाचन | कविता को हाव-भाव के साथ गाता है | ☐ |
| शब्द पहचान | मिट्टी, बूँद, सोंधी-सोंधी, रंग-बिरंगे, खिलौने, सलोने, मोल को पहचानता है | ☐ |
| ‘औ’ मात्रा | ‘औ’ मात्रा वाले 3+ शब्द बताता है | ☐ |
| ‘औ’ लेखन | ‘औ’ मात्रा वाले शब्द लिखता है | ☐ |
| मिट्टी की चीज़ें | मिट्टी से बनने वाली 4+ चीज़ों के नाम बताता है | ☐ |
| कविता समझ | कविता के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है | ☐ |
| रंग-बिरंगी चीज़ें | 3+ रंग-बिरंगी चीज़ों के नाम बताता है | ☐ |
| अभिनय | कविता के साथ अभिनय करता है | ☐ |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे और भाषा की लय समझेंगे।
- ‘औ’ मात्रा पर ध्यान – ‘ओ’ (ो) और ‘औ’ (ौ) मात्रा में अंतर स्पष्ट करें।
- मिट्टी का अनुभव – बच्चों को असली मिट्टी छूने और उससे खिलौने बनाने का अवसर दें।
- कुम्हार के बारे में – बच्चों को कुम्हार के काम के बारे में बताएँ – वह मिट्टी से बर्तन और खिलौने कैसे बनाता है।
- बच्चों के अनुभवों से जोड़ें – बच्चों से पूछें कि उन्होंने मिट्टी के खिलौने कहाँ देखे हैं।
- रंग-बिरंगी चीज़ें – बच्चों को रंग-बिरंगी चीज़ों के बारे में बात करने को कहें।
- बागवानी – बच्चों को गमले में पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित करें।
- धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
- प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- कविता को बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और बच्चों को पढ़ने को कहें।
- ‘औ’ (ौ) मात्रा को अलग रंग में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- बच्चों को ‘औ’ मात्रा वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
- कक्षा में ‘ओ’ और ‘औ’ मात्रा का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | मिट्टी से खिलौने बनाना, चित्र बनाना, रंग भरना |
| पर्यावरण अध्ययन | मिट्टी, खेत, बागवानी, पेड़-पौधे |
| सामाजिक अध्ययन | कुम्हार, बर्तन, गाँव-शहर |
| भाषा | ‘औ’ मात्रा, तुकांत शब्द |
| शारीरिक विकास | मिट्टी से खिलौने बनाना (फाइन मोटर स्किल्स) |
| विज्ञान | मिट्टी के प्रकार, मिट्टी के गुण |
कविता (Poem)
मिट्टी
गाँव, गली, खेतों में मिट्टी
बाहर मिट्टी, घर में मिट्टी।
टप-टप, टप-टप बूँद पड़ी तो,
महकी सोंधी-सोंधी मिट्टी।।
मिट्टी से घर बने हैं कितने,
मिट्टी पर वे खड़े हैं कितने।
सुंदर फूल खिलाती मिट्टी,
सबका बोझ उठाती मिट्टी।।
गमले, मटके सजे सलोने,
रंग-बिरंगे बने खिलौने।
कुछ भी मोल न लेती मिट्टी,
सोचो क्या-क्या देती मिट्टी।।
शब्दावली (Vocabulary)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मिट्टी | Soil/Clay |
| बूँद | Drop |
| सोंधी-सोंधी | Fragrant |
| सुंदर | Beautiful |
| रंग-बिरंगे | Colourful |
| खिलौने | Toys |
| सलोने | Beautiful/Lovely |
| मोल | Price/Value |
| गाँव | Village |
| गली | Street |
| खेत | Field |

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
