पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | वर्णमाला (पूर्वाभ्यास) |
| कक्षा | 2 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 2 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | i-vii, 10-17 |
| प्रकार | वर्णमाला परिचय एवं अभ्यास (Alphabet Introduction & Practice) |
| अवधि | 5 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- हिंदी वर्णमाला के सभी 52 अक्षरों (11 स्वर + 33 व्यंजन + 4 संयुक्त व्यंजन + 4 अन्य) को पहचान सकेंगे। (Recognize all 52 letters of Hindi alphabet.)
- स्वरों और व्यंजनों में अंतर कर सकेंगे। (Differentiate between vowels and consonants.)
- वर्णों के सही उच्चारण का अभ्यास कर सकेंगे। (Practice correct pronunciation of letters.)
- स्वरों और व्यंजनों की मात्राओं को पहचान सकेंगे। (Identify matras of vowels and consonants.)
- बारहखड़ी (क का कि की कु कू…) का अभ्यास कर सकेंगे। (Practice Barakhadi.)
- ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक सभी वर्णों को सही क्रम में लिख सकेंगे। (Write all letters in correct order.)
- श, ष, स में अंतर कर सकेंगे और उनका सही उच्चारण कर सकेंगे। (Differentiate between श, ष, स and pronounce correctly.)
- संयुक्त व्यंजनों (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) को पहचान सकेंगे। (Identify compound consonants.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH211 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH212 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं (पुनः) |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ i-vii, 10-17)
- वर्णमाला का बड़ा चार्ट
- स्वरों और व्यंजनों के फ्लैशकार्ड
- बारहखड़ी का चार्ट
- मात्राओं का चार्ट
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- रेत/सूजी की ट्रे (Sensory Writing)
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
- श, ष, स के फ्लैशकार्ड
- संयुक्त व्यंजनों के फ्लैशकार्ड
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: स्वरों का पुनरावृत्ति एवं अभ्यास (Review & Practice of Vowels)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | पूछें: “हिंदी वर्णमाला में कितने स्वर होते हैं?” (11) “कौन-कौन से स्वर हैं?” “अ से औ तक सभी स्वर बताओ।” स्वरों का चार्ट दिखाएँ। |
| 5 मिनट | स्वर वाचन | सभी स्वरों को क्रम से पढ़ें – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ। बच्चों को दोहराने को कहें। गीत की तरह गाएँ – “अ आ इ ई, उ ऊ ऋ, ए ऐ ओ औ…” |
| 10 मिनट | स्वर पहचान गतिविधि | फ्लैशकार्ड दिखाएँ – बच्चे स्वर पहचानें और बोलें। स्वरों के साथ चित्र जोड़ें – अ (अनार), आ (आम), इ (इमली), ई (ईख), उ (उल्लू), ऊ (ऊन), ऋ (ऋषि), ए (एक), ऐ (ऐनक), ओ (ओखली), औ (औरत)। |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर सभी स्वर लिखने को कहें। पुस्तक के पृष्ठ ii पर अभ्यास करवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “स्वर कितने होते हैं?” “पहला स्वर कौन सा है?” “आखिरी स्वर कौन सा है?” “‘इ’ और ‘ई’ में क्या अंतर है?” |
शिक्षण संकेत:
- स्वरों को गीत/लय के साथ पढ़वाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- प्रत्येक स्वर के साथ एक चित्र जोड़ें – इससे याद रखने में आसानी होती है।
- ‘इ’ और ‘ई’, ‘उ’ और ‘ऊ’, ‘ए’ और ‘ऐ’, ‘ओ’ और ‘औ’ के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें।
- बच्चों से कहें कि वे अपने नाम में आने वाले स्वर बताएँ।
दिवस 2: व्यंजनों का पुनरावृत्ति एवं अभ्यास (Review & Practice of Consonants)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | स्वरों का त्वरित पुनरावलोकन – “अ आ इ ई…” गीत गाएँ। |
| 5 मिनट | व्यंजन वाचन | सभी व्यंजनों को क्रम से पढ़ें – क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह। बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 10 मिनट | व्यंजन पहचान गतिविधि | फ्लैशकार्ड दिखाएँ – बच्चे व्यंजन पहचानें और बोलें। व्यंजनों के साथ चित्र जोड़ें – क (कबूतर), ख (खरगोश), ग (गाय), घ (घोड़ा), च (चिड़िया), छ (छाता), ज (जहाज़), झ (झंडा), ट (टमाटर), ठ (ठेला), ड (डमरू), ढ (ढोल), त (तितली), थ (थैला), द (दवा), ध (धनुष), न (नल), प (पतंग), फ (फल), ब (बकरी), भ (भालू), म (मोर), य (यज्ञ), र (राम), ल (लता), व (वन), श (शेर), ष (षट्कोण), स (साँप), ह (हाथी)। |
| 5 मिनट | लेखन अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर व्यंजन लिखने को कहें। पुस्तक के पृष्ठ ii पर अभ्यास करवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “व्यंजन कितने होते हैं?” “पहला व्यंजन कौन सा है?” “श, ष, स में क्या अंतर है?” |
शिक्षण संकेत:
- व्यंजनों को वर्गों (क वर्ग, च वर्ग, ट वर्ग, त वर्ग, प वर्ग) में बाँटकर पढ़ाएँ – इससे बच्चों को क्रम याद रखने में आसानी होती है।
- प्रत्येक व्यंजन के साथ एक चित्र जोड़ें।
- ‘श, ष, स’ के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें।
- बच्चों से कहें कि वे अपने नाम में आने वाले व्यंजन बताएँ।
दिवस 3: मात्राओं का परिचय एवं अभ्यास (Introduction & Practice of Matras)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | स्वर और व्यंजन का त्वरित पुनरावलोकन। |
| 10 मिनट | मात्राओं का परिचय | बोर्ड पर सभी मात्राओं का चार्ट बनाएँ। प्रत्येक मात्रा का नाम और चिह्न बताएँ – आ (ा), इ (ि), ई (ी), उ (ु), ऊ (ू), ऋ (ृ), ए (े), ऐ (ै), ओ (ो), औ (ौ), अं (ं), अः (ः)। प्रत्येक मात्रा का उच्चारण करें और बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 10 मिनट | मात्रा पहचान गतिविधि | शब्दों में मात्राएँ पहचानें – कमल (अ की मात्रा), माला (आ की मात्रा), तिल (इ की मात्रा), खीर (ई की मात्रा), कुत्ता (उ की मात्रा), फूल (ऊ की मात्रा), वृक्ष (ऋ की मात्रा), मेला (ए की मात्रा), कैसा (ऐ की मात्रा), मोर (ओ की मात्रा), लौकी (औ की मात्रा), झंडा (अं की मात्रा), प्रातः (अः की मात्रा)। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “‘आ’ की मात्रा कैसी दिखती है?” “‘इ’ की मात्रा कैसी दिखती है?” “‘ऊ’ की मात्रा कैसी दिखती है?” “मात्राएँ कितने प्रकार की होती हैं?” |
शिक्षण संकेत:
- मात्राओं को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- प्रत्येक मात्रा के साथ 2-3 उदाहरण दें।
- ‘ि’ (इ की मात्रा) और ‘ी’ (ई की मात्रा) में अंतर स्पष्ट करें।
- ‘ु’ (उ की मात्रा) और ‘ू’ (ऊ की मात्रा) में अंतर स्पष्ट करें।
दिवस 4: बारहखड़ी एवं लेखन अभ्यास (Barakhadi & Writing Practice)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | स्वर, व्यंजन और मात्राओं का त्वरित पुनरावलोकन। |
| 10 मिनट | बारहखड़ी का परिचय | बारहखड़ी का चार्ट दिखाएँ – क का कि की कु कू के कै को कौ कं कः। इसी प्रकार ख, ग, घ, आदि के साथ अभ्यास करवाएँ। “क का कि की” गीत गाएँ। |
| 10 मिनट | बारहखड़ी अभ्यास | बच्चों को स्लेट पर ‘क’ की बारहखड़ी लिखने को कहें – क, का, कि, की, कु, कू, के, कै, को, कौ, कं, कः। पुस्तक के पृष्ठ iii-vii पर अभ्यास करवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “बारहखड़ी क्या है?” “‘क’ की बारहखड़ी बताओ?” “‘ग’ की बारहखड़ी बताओ?” |
शिक्षण संकेत:
- बारहखड़ी को गीत/लय के साथ पढ़वाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
- बारहखड़ी का अभ्यास करते समय ‘क’ से शुरू करें और धीरे-धीरे अन्य व्यंजनों के साथ अभ्यास करवाएँ।
- बच्चों को बारहखड़ी लिखने का अभ्यास करवाएँ – इससे मात्राओं की समझ मजबूत होती है।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
दिवस 5: संयुक्त व्यंजन, श-ष-स का अंतर एवं मूल्यांकन (Compound Consonants, Difference between श-ष-स & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | स्वर, व्यंजन, मात्राएँ और बारहखड़ी का त्वरित पुनरावलोकन। |
| 10 मिनट | संयुक्त व्यंजनों का परिचय | बोर्ड पर संयुक्त व्यंजन लिखें – क्ष, त्र, ज्ञ, श्र। बताएँ कि ये दो व्यंजनों के मिलने से बने हैं। प्रत्येक का उच्चारण करें और बच्चों को दोहराने को कहें। उदाहरण – क्षत्रिय, त्रिशूल, ज्ञान, श्रवण। |
| 5 मिनट | श, ष, स में अंतर | ‘श, ष, स’ के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें – ‘श’ (तालव्य), ‘ष’ (मूर्धन्य), ‘स’ (दंत्य)। उदाहरण – शेर, षट्कोण, साँप। बच्चों को दोहराने को कहें। |
| 5 मिनट | मूल्यांकन | व्यक्तिगत रूप से बच्चों से स्वर, व्यंजन, मात्राएँ और बारहखड़ी पूछें। “अ से क्या है?” “क से क्या है?” “‘आ’ की मात्रा कैसी दिखती है?” “बारहखड़ी बताओ?” |
| 5 मिनट | समापन एवं उत्सव | सभी बच्चों के काम की प्रशंसा करें। “तुम सब ने वर्णमाला बहुत अच्छे से सीखी! शाबाश!” ताली बजाएँ। |
शिक्षण संकेत:
- संयुक्त व्यंजनों को उनके मूल व्यंजनों के साथ जोड़कर दिखाएँ – क + ष = क्ष, त + र = त्र, ज + ञ = ज्ञ, श + र = श्र।
- ‘श, ष, स’ के उच्चारण में अंतर स्पष्ट करें – बच्चों को अलग-अलग शब्दों में इन्हें पहचानने को कहें।
- मूल्यांकन के दौरान सभी बच्चों को भाग लेने दें – जो बच्चे कमज़ोर हैं, उन्हें अतिरिक्त सहायता दें।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| स्वर पहचान | सभी 11 स्वरों को पहचानता है | ☐ |
| स्वर उच्चारण | सभी स्वरों का सही उच्चारण करता है | ☐ |
| व्यंजन पहचान | सभी 33 व्यंजनों को पहचानता है | ☐ |
| व्यंजन उच्चारण | सभी व्यंजनों का सही उच्चारण करता है | ☐ |
| मात्रा पहचान | सभी मात्राओं को पहचानता है | ☐ |
| बारहखड़ी | कम-से-कम 5 व्यंजनों की बारहखड़ी बोलता है | ☐ |
| लेखन | स्वरों और व्यंजनों को सही से लिखता है | ☐ |
| संयुक्त व्यंजन | क्ष, त्र, ज्ञ, श्र को पहचानता है | ☐ |
| श, ष, स अंतर | श, ष, स में अंतर करता है | ☐ |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| वर्णमाला गीत | सभी स्वरों और व्यंजनों पर आधारित एक गीत गाना – “अ आ इ ई, उ ऊ ऋ, ए ऐ ओ औ…” |
| वर्ण खोज | कक्षा/पुस्तक में दिए गए वर्णों को ढूँढ़ना और उन पर गोला लगाना। |
| वर्ण चार्ट | कक्षा में वर्णमाला का बड़ा चार्ट बनाना और लगाना। |
| फ्लैशकार्ड खेल | फ्लैशकार्ड दिखाकर बच्चों से वर्ण पहचानने को कहना। |
| रेत/सूजी लेखन | रेत या सूजी की ट्रे में अंगुली से वर्ण लिखना। |
| बारहखड़ी गीत | “क का कि की” गीत गाना और हाव-भाव दिखाना। |
| मात्रा खोज | कक्षा/पुस्तक में विभिन्न मात्राओं वाले शब्दों को ढूँढ़ना। |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- प्रतिदिन अभ्यास: प्रत्येक दिन 5-10 मिनट वर्णमाला का अभ्यास करवाएँ – स्वर, व्यंजन, मात्राएँ और बारहखड़ी।
- चित्रों का उपयोग: प्रत्येक वर्ण के साथ एक चित्र जोड़ें – इससे बच्चों को याद रखने में आसानी होती है।
- गीत/लय का उपयोग: वर्णमाला, बारहखड़ी और मात्राओं को गीत/लय के साथ पढ़वाएँ।
- उच्चारण पर ध्यान: ‘श, ष, स’ और ‘क्ष, त्र, ज्ञ, श्र’ के उच्चारण पर विशेष ध्यान दें।
- बार-बार दोहराव: वर्णों, मात्राओं और बारहखड़ी को बार-बार दोहराएँ।
- लेखन अभ्यास: पहले हवा में, फिर रेत/सूजी की ट्रे में, फिर स्लेट/किताब पर लिखवाएँ।
- खेल-खेल में: वर्ण पहचान और मात्रा पहचान को खेल की तरह करें – “यह कौन सा वर्ण है?” “इसकी मात्रा क्या है?”
- प्रोत्साहन: हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- वर्णमाला का बड़ा चार्ट कक्षा में हमेशा लगा रखें।
- स्वरों को लाल रंग और व्यंजनों को नीले रंग में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
- मात्राओं को अलग-अलग रंगों में लिखें।
- बच्चों को वर्णों, मात्राओं और बारहखड़ी के चित्र बनाने को कहें।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
- कक्षा में वर्णमाला, मात्राओं और बारहखड़ी का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | वर्णों के साथ चित्र बनाना, रंग भरना, वर्णमाला चार्ट |
| संगीत | वर्णमाला गीत, बारहखड़ी गीत |
| पर्यावरण अध्ययन | वर्णों के साथ आने वाली वस्तुओं/जानवरों की पहचान |
| गणित | वर्णों की गिनती, क्रम |
| शारीरिक विकास | फाइन मोटर स्किल्स (लेखन अभ्यास) |
वर्णमाला सारांश (Alphabet Summary)
स्वर (Vowels) – 11
| क्र.सं. | स्वर | क्र.सं. | स्वर |
|---|---|---|---|
| 1 | अ | 7 | ऋ |
| 2 | आ | 8 | ए |
| 3 | इ | 9 | ऐ |
| 4 | ई | 10 | ओ |
| 5 | उ | 11 | औ |
| 6 | ऊ |
व्यंजन (Consonants) – 33
क वर्ग: क, ख, ग, घ, ङ
च वर्ग: च, छ, ज, झ, ञ
ट वर्ग: ट, ठ, ड, ढ, ण
त वर्ग: त, थ, द, ध, न
प वर्ग: प, फ, ब, भ, म
अंतःस्थ: य, र, ल, व
उष्म: श, ष, स, ह
संयुक्त व्यंजन (Compound Consonants) – 4
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र
मात्राएँ (Matras)
| मात्रा | चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| आ | ा | माला |
| इ | ि | तिल |
| ई | ी | खीर |
| उ | ु | कुत्ता |
| ऊ | ू | फूल |
| ऋ | ृ | वृक्ष |
| ए | े | मेला |
| ऐ | ै | कैसा |
| ओ | ो | मोर |
| औ | ौ | लौकी |
| अं | ं | झंडा |
| अः | ः | प्रातः |

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
