स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो – कक्षा 4 EVS Unit 3: स्वास्थ्य एवं आरोग्य (Swasth Raho, Prasann Raho Class 4 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय स्वस्थ और प्रसन्न जीवन के लिए आवश्यक तत्वों – संतुलित आहार, व्यायाम, विश्राम, सुरक्षा और कृतज्ञता – पर केंद्रित है। पाठ में अनाज की यात्रा (खेत से थाली तक) को दर्शाया गया है, जिससे बच्चे समझ सकें कि भोजन तक पहुँचने में कितने लोगों (किसान, दुकानदार, पशु, परिवार) का परिश्रम लगता है। “ध्यानपूर्वक भोजन” (mindful eating) की गतिविधि के माध्यम से बच्चों को भोजन के प्रति जागरूकता और कृतज्ञता सिखाई गई है। इसके अतिरिक्त, व्यायाम, खेल, योग, पर्याप्त नींद के महत्व, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में अंतर, और सही समय पर सही भोजन की आदतों के बारे में भी बताया गया है। यह अध्याय बच्चों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने की प्रेरणा देता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- अनाज की यात्रा (खेत से थाली तक) को समझ पाएँगे
- भोजन के प्रति कृतज्ञता और भोजन व्यर्थ न करने का महत्व समझ पाएँगे
- ध्यानपूर्वक भोजन (mindful eating) की प्रक्रिया को समझ पाएँगे
- व्यायाम, खेल और योग के स्वास्थ्य लाभों को समझ पाएँगे
- पर्याप्त नींद और विश्राम के महत्व को समझ पाएँगे
- सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में अंतर कर पाएँगे
- स्वस्थ आदतों की योजना बना पाएँगे
- संतुलित आहार की थाली बना पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, अनाज की यात्रा एवं कृतज्ञता
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको खाने में क्या पसंद है? आपको खाना कहाँ से मिलता है?”
- प्रश्न: “क्या आप जानते हैं कि रोटी/चावल आपकी थाली तक कैसे पहुँचते हैं?”
- प्रश्न: “आपको क्या लगता है – किसान, दुकानदार, आपकी माँ – खाना पहुँचाने में किसकी सबसे बड़ी भूमिका है?”
- परिचय: “आज हम ‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम सीखेंगे कि खाना हम तक कैसे पहुँचता है, हमें खाने के प्रति कृतज्ञ क्यों होना चाहिए, और स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए।”
- पृष्ठ 103-105 के चित्र दिखाएँ – अनाज की यात्रा (खेत, बीज बोना, फसल, कटाई, मिल, दुकान, घर, थाली)।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन (पृष्ठ 103-107):
- शिक्षक अनाज की यात्रा और कृतज्ञता वाले भाग पढ़कर सुनाएँ।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- अनाज की यात्रा (Journey of grains) – बीज बोने से लेकर थाली तक
- कृतज्ञता (Gratitude) – सभी के प्रति आभार व्यक्त करना
- परिश्रम (Hard work) – मेहनत
- अनाज की यात्रा (पृष्ठ 103-105):
- शिक्षक 12 चित्रों (बीज बोना → अंकुरण → फसल → कटाई → अनाज → मिल → दुकान → घर → पकाना → थाली → खाना → कृतज्ञता) के माध्यम से अनाज की यात्रा समझाएँ।
- गतिविधि (पृष्ठ 105-106):
- (क) “इस प्रक्रिया में किसानों की क्या भूमिका है?” (बीज बोना, फसल उगाना, कटाई करना)
- (ख) “सहायक तत्वों की सूची बनाइए – मिट्टी, पानी, धूप, हवा, किसान, बैल, दुकानदार, आदि।”
- (ग) “मिट्टी, पानी, हवा, किसान, बैल, दुकानदार – इनके बिना अनाज नहीं मिलता।” – चर्चा
- गतिविधि (पृष्ठ 106):
- विद्यार्थी अनाज की यात्रा में सहायक तत्वों पर सही (✓) का चिह्न लगाएँ:
- सही: मिट्टी, हवा, पानी, किसान, बैल, दुकानदार
- गलत: पत्थर, बाघ, चमगादड़ (नहीं सहायक)
- विद्यार्थी अनाज की यात्रा में सहायक तत्वों पर सही (✓) का चिह्न लगाएँ:
- कृतज्ञता – “सभी का धन्यवाद” (पृष्ठ 107):
- विद्यार्थी नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखें:
- किसान – “बीज बोता है, फसल उगाता है, कटाई करता है।”
- पशु – “खेत जोतने में सहायता करते हैं, दूध देते हैं।”
- दुकानदार – “अनाज हम तक पहुँचाता है।”
- परिवार के सदस्य – “खाना पकाते हैं, थाली में परोसते हैं।”
- चर्चा: “भोजन के लिए आप किस-किस को धन्यवाद देना चाहेंगे?”
- विद्यार्थी नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखें:
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “अनाज की यात्रा में कितने लोगों का परिश्रम शामिल है?” (किसान, पशु, दुकानदार, परिवार)
- गृहकार्य: “भोजन के लिए आप किस-किस को धन्यवाद देना चाहेंगे?” – 5 लोगों/तत्वों की सूची बनाएँ।
दिन 2 – ध्यानपूर्वक भोजन, भोजन का सम्मान एवं भोजन डायरी
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “अनाज की यात्रा में कौन-कौन शामिल है?”
- प्रश्न: “क्या आप ध्यान से खाना खाते हैं या जल्दी-जल्दी?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ध्यानपूर्वक भोजन (Mindful Eating) (पृष्ठ 107-108):
- शिक्षक गतिविधि समझाएँ:
- चरण 1: आँखें बंद करें, हथेली पर मूँगफली/खाने की वस्तु रखें।
- चरण 2: वस्तु को धीरे से मुँह में डालें, सतह महसूस करें।
- चरण 3: धीरे-धीरे चबाएँ, स्वाद और सुगंध अनुभव करें।
- चरण 4: निगलने से पहले भोजन की प्रकृति याद रखें।
- चर्चा (पृष्ठ 108):
- (क) “इस प्रक्रिया में आपकी जीभ की क्या भूमिका है?” (स्वाद का अनुभव)
- (ख) “आपके दाँत क्या करते हैं?” (चबाना, पीसना)
- (ग) “मुँह के अंदर भोजन का क्या होता है?” (टुकड़े होते हैं, लार के साथ मिलता है)
- निष्कर्ष: “ध्यानपूर्वक भोजन करने से हम भोजन का अधिक आनंद ले सकते हैं और स्वस्थ विकल्प चुन सकते हैं।”
- शिक्षक गतिविधि समझाएँ:
- भोजन का सम्मान (पृष्ठ 109):
- भोजन व्यर्थ न करें – “हर दाने का महत्व है।”
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 109):
- विद्यार्थी एक सप्ताह के लिए भोजन डायरी बनाएँ:दिनअल्पाहारदोपहर का भोजनरात का भोजनक्या आपने पूरा खाना खाया?क्या आपने भोजन व्यर्थ किया?1……….हाँ/नहींहाँ/नहीं2……….हाँ/नहींहाँ/नहीं
- चर्चा: “यदि आपको आवश्यकता से अधिक भोजन परोसा जाए तो क्या करेंगे?” (थोड़ा कम लें, बचा हुआ सहेजें)
- “यदि आपको कोई खाद्य पदार्थ पसंद नहीं है तो क्या करेंगे?” (शिक्षक/बड़ों को बताएँ, थोड़ा खाने की कोशिश करें)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “ध्यानपूर्वक भोजन करने से क्या लाभ है?” (भोजन का आनंद, स्वस्थ आदत)
- गृहकार्य: “आज रात के खाने में ध्यानपूर्वक खाने का अभ्यास करें और अपना अनुभव लिखें।”
दिन 3 – व्यायाम, खेल, योग एवं नींद
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “ध्यानपूर्वक भोजन क्या है?”
- प्रश्न: “आप कौन-कौन से खेल खेलते हैं? क्या आप रोज़ व्यायाम करते हैं?”
- प्रश्न: “क्या आपको पर्याप्त नींद आती है? कितने घंटे सोते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- व्यायाम और खेल (पृष्ठ 110-114):
- चित्र अवलोकन (पृष्ठ 110):
- विद्यार्थी चित्र में बच्चों द्वारा की जा रही गतिविधियों को पहचानें:
- दौड़ना, कूदना, रस्सी कूदना, साइकिल चलाना, खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन
- विद्यार्थी चित्र में बच्चों द्वारा की जा रही गतिविधियों को पहचानें:
- चर्चा (पृष्ठ 111):
- (क) “आप अपने दैनिक जीवन में कौन-सी शारीरिक गतिविधियाँ करते हैं?”
- (ख) “जब आप बहुत अधिक खेलते हैं तो कैसा अनुभव होता है?” (थकान, ताजगी, अच्छा लगता है)
- चित्र अवलोकन (पृष्ठ 110):
- खेलों की पहचान (पृष्ठ 111):
- विद्यार्थी चित्रों में दिखाए गए खेलों के नाम बताएँ:
- क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन, शतरंज, कैरम, रस्साकशी
- विद्यार्थी चित्रों में दिखाए गए खेलों के नाम बताएँ:
- योगासन (पृष्ठ 113):
- शिक्षक सरल योगासन दिखाएँ और अभ्यास कराएँ:
- ताड़ासन (खड़े होकर हाथ ऊपर)
- वृक्षासन (एक पैर पर खड़ा)
- भुजंगासन (साँप मुद्रा)
- शवासन (आराम)
- विद्यार्थी एक सप्ताह तक योगासनों का अभ्यास करें और अपने अनुभव लिखें।
- शिक्षक सरल योगासन दिखाएँ और अभ्यास कराएँ:
- पर्याप्त नींद (पृष्ठ 114-115):
- चर्चा (पृष्ठ 114):
- “किसी ऐसे दिन के बारे में सोचें जब आपने भरपूर व्यायाम किया हो और अच्छी नींद न ली हो – क्या होता है?” (थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित न कर पाना)
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 115):दिनआप कब सोए?आप कब उठे?नींद की अवधिदिन भर कैसा अनुभव?आज………ताजा/आलस/नींद
- चर्चा (पृष्ठ 115):
- (क) “हमारे शरीर को आराम की आवश्यकता क्यों होती है?” (थकान दूर करने, ऊर्जा पाने के लिए)
- (ख) “क्या आपको लगता है कि व्यायाम के बाद आराम करना महत्वपूर्ण है? क्यों?” (हाँ – शरीर को रिकवरी के लिए)
- चर्चा (पृष्ठ 114):
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “स्वस्थ रहने के लिए क्या-क्या ज़रूरी है?” (अच्छा खाना, व्यायाम, नींद)
- गृहकार्य: “आज आपने कौन-से व्यायाम/खेल किए?” – लिखें।
दिन 4 – सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, सुरक्षा का अनुभव
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “व्यायाम और नींद क्यों महत्वपूर्ण है?”
- प्रश्न: “अगर कोई आपको असहज महसूस कराता है तो आप क्या करेंगे?”
- प्रश्न: “सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श में क्या अंतर है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- सुरक्षा का अनुभव (पृष्ठ 116):
- गतिविधि – विद्यार्थी नीचे दिए गए चित्रों को देखें और बताएँ कि किस स्थिति में बच्चा सहज महसूस करेगा (✓) और किसमें असहज (✗):
- सहज: माँ/पिता/दादी का प्यार भरा स्पर्श, मित्र से हाथ मिलाना, शिक्षक से मार्गदर्शन
- असहज: किसी अजनबी का अनुचित स्पर्श, बिना अनुमति छूना, डराने वाला स्पर्श
- गतिविधि – विद्यार्थी नीचे दिए गए चित्रों को देखें और बताएँ कि किस स्थिति में बच्चा सहज महसूस करेगा (✓) और किसमें असहज (✗):
- सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श (पृष्ठ 117):
- सुरक्षित स्पर्श – माँ/पिता/परिवार का प्यार भरा, आरामदायक स्पर्श (प्रसन्न, सहज)
- असुरक्षित स्पर्श – जिससे आप असहज, डरा हुआ, भ्रमित महसूस करें (चाहे जानकार हो या अजनबी)
- नियम: यदि कोई स्पर्श असहज करे – तुरंत बोलें! (अपने विश्वसनीय बड़े/शिक्षक/माता-पिता को बताएँ)
- चर्चा (पृष्ठ 117):
- (क) “यदि किसी के स्पर्श से आपको असहजता का अनुभव हो तो आप क्या करेंगे?” (ज़ोर से “नहीं” कहें, बड़ों को बताएँ)
- (ख) “यदि आप किसी असुरक्षित स्थिति का सामना करते हैं तो किसे बताएँगे?” (माता-पिता, शिक्षक, विश्वसनीय बड़े)
- (ग) “ऐसी दो परिस्थितियाँ बताएँ जहाँ आप दृढ़ता से ‘नहीं’ कहेंगे।” (किसी अजनबी का अनुचित स्पर्श, कोई बुरा काम करने के लिए उकसाना)
- महत्वपूर्ण: “इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। आपको दोषी महसूस करने की आवश्यकता नहीं है।”
- ‘आइए विचार करें’ (पृष्ठ 118):
- (क) “यदि मिट्टी, पानी, सूर्य का प्रकाश, पशु (बैल, केंचुआ), व्यक्ति (किसान, दुकानदार, रसोइया) लुप्त हो जाएँ तो खाद्यान्न का क्या होगा?” (खाना नहीं मिलेगा, जीवन मुश्किल होगा)
- (ख) “अपनी पसंद के खाद्य पदार्थों से संतुलित आहार की थाली तैयार करें।” (अल्पाहार, दोपहर, रात – तीनों थालियों में संतुलित भोजन)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श में क्या अंतर है?”
- गृहकार्य: “सुरक्षित रहने के नियम” – 3-4 वाक्य लिखें।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, योजना बनाना, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों ने जो योगासन अभ्यास किए, उनके अनुभव साझा करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- अनाज की यात्रा में किसान की क्या भूमिका है? (बीज बोना, फसल उगाना)
- ‘ध्यानपूर्वक भोजन’ से क्या लाभ है? (भोजन का आनंद, स्वस्थ आदत)
- व्यायाम और खेल क्यों महत्वपूर्ण हैं? (शरीर स्वस्थ, ऊर्जावान)
- पर्याप्त नींद क्यों ज़रूरी है? (थकान दूर, ताजगी)
- सुरक्षित स्पर्श का एक उदाहरण बताएँ। (माँ का प्यार)
- असुरक्षित स्पर्श पर क्या करें? (नहीं कहें, बड़ों को बताएँ)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) अनाज की यात्रा में किन-किन लोगों/तत्वों का योगदान है? (कोई चार)
- (ख) ‘ध्यानपूर्वक भोजन’ की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
- (ग) स्वस्थ रहने के लिए आप कौन-सी तीन शारीरिक गतिविधियाँ करेंगे?
- (घ) पर्याप्त नींद क्यों महत्वपूर्ण है? (कोई दो कारण)
- (ङ) सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में अंतर लिखिए।
- गतिविधि (पृष्ठ 119):
- “आप स्वस्थ रहने के लिए कौन-सी आदतें अपनाना चाहेंगे?” – विद्यार्थी अपनी योजनाएँ लिखें:गतिविधिआपकी योजनाप्रातः जागरणसुबह 6 बजे उठनायोग और व्यायामरोज़ 15 मिनट व्यायामसमय पर संतुलित आहारतीनों समय भोजनखेलशाम को मैदान में खेलनाटीवी/मोबाइल कम उपयोग1 घंटा टीवीपुस्तक पढ़नारोज़ 20 मिनटशांति से सोनारात 9 बजे सोना
- समूह चर्चा:
- “स्वस्थ और प्रसन्न रहने के लिए हमें क्या करना चाहिए?” (संतुलित आहार, व्यायाम, नींद, सुरक्षा)
- “भोजन व्यर्थ क्यों नहीं करना चाहिए?” (किसान/दुकानदार/परिवार का परिश्रम)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ पाठ ने हमें सिखाया कि स्वस्थ और प्रसन्न रहने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए। अनाज की यात्रा – खेत से थाली तक – हमें सिखाती है कि भोजन तक पहुँचने में कितने लोगों का परिश्रम लगता है – किसान, पशु, दुकानदार, परिवार। इसलिए हमें भोजन का सम्मान करना चाहिए और भोजन व्यर्थ नहीं करना चाहिए। ध्यानपूर्वक भोजन करने से हम भोजन का अधिक आनंद ले सकते हैं। व्यायाम, खेल, योग और पर्याप्त नींद हमें ऊर्जावान और तरोताजा रखते हैं। सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में अंतर जानना बहुत ज़रूरी है – यदि कोई असहज करे तो हमें “नहीं” कहना चाहिए और अपने विश्वसनीय बड़ों को बताना चाहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। “
- अगले पाठ ‘वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं?’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि हमारे आस-पास की वस्तुएँ – जैसे चकरी, नाव, पत्थर – कैसे काम करती हैं, क्यों कुछ चीज़ें तैरती हैं और कुछ डूबती हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- अनाज की यात्रा (खेत से थाली तक) के चित्र
- खाद्य पदार्थ – मूँगफली, सूखे मेवे (ध्यानपूर्वक भोजन गतिविधि के लिए)
- व्यायाम, खेल, योगासनों के चित्र
- सुरक्षित/असुरक्षित स्पर्श के चित्र/कार्ड
- भोजन डायरी का प्रारूप (तालिका)
- स्वस्थ आदतों की योजना तालिका
- रंग, कागज़, पेंसिल
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | अनाज की यात्रा (खेत से थाली तक) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 2 | भोजन के प्रति कृतज्ञता एवं भोजन व्यर्थ न करने की समझ | मौखिक/लिखित |
| 3 | ध्यानपूर्वक भोजन (mindful eating) की समझ | गतिविधि/मौखिक |
| 4 | व्यायाम, खेल, योग और नींद के महत्व की समझ | मौखिक/लिखित |
| 5 | सुरक्षित/असुरक्षित स्पर्श में अंतर और उचित प्रतिक्रिया | मौखिक/लिखित |
| 6 | स्वस्थ आदतों की योजना बनाना | लिखित/गतिविधि |
| 7 | संतुलित आहार की थाली बनाना | लिखित/कला |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘कृतज्ञता’, ‘व्यायाम’, ‘योग’, ‘नींद’, ‘सुरक्षा’ को क्या कहते हैं। अनाज की यात्रा – बच्चों को भोजन के प्रति सम्मान सिखाने का बहुत अच्छा अवसर है – बताएँ कि खाने के हर दाने के पीछे कई लोगों की मेहनत है। ध्यानपूर्वक भोजन – यह गतिविधि बच्चों को भोजन के प्रति जागरूक बनाती है और उन्हें जल्दी-जल्दी खाने की आदत से बचाती है। योगासन – बच्चों को सरल योग से परिचित कराएँ – यह शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सुरक्षित/असुरक्षित स्पर्श – यह एक संवेदनशील विषय है – बच्चों को डराने के बजाय सशक्त (empower) करें – उन्हें बताएँ कि उनके शरीर पर उनका अधिकार है और यदि कोई असहज करे तो वे बिना डरे बड़ों को बता सकते हैं। ‘नहीं’ कहना सिखाएँ – यह एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है। स्वस्थ आदतों की योजना – बच्चों को अपनी दिनचर्या की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे स्वस्थ आदतें अपना सकें। “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है” – इस सूक्ति को बार-बार दोहराएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
