कविता “धूप” को सस्वर गा सकेंगे और उसके साथ हाव-भाव कर सकेंगे। (Recite the poem with correct rhythm and expressions.)
कविता के शब्दों (धूप, कण-कण, पत्ते-पत्ते, पवत, पंछी, पंख, सागर, लहरें, झरने, उलियारा, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand the meaning of words in the poem.)
‘उ’ (ु) और ‘ऊ’ (ू) की मात्रा वाले शब्दों (धूप, उलियारा, बिखरी, उछली, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘उ’ and ‘ऊ’ matras.)
चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों (पंछी, पंख, आँगन, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with Chandrabindu.)
विलोम शब्दों (नई-पुरानी, सुबह-शाम, आई-गई, हँसना-रोना, उतरी-चढ़ी, धूप-छाँव) की पहचान कर सकेंगे। (Identify antonyms.)
‘का, की, के, को’ का सही उपयोग कर वाक्य बना सकेंगे। (Use ‘का, की, के, को’ correctly in sentences.)
जोड़े वाले शब्दों (घर-आँगन, पत्ते-पत्ते, कण-कण, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify paired words.)
सूर्य/धूप के महत्व को समझ सकेंगे – “धूप हमें रोशनी और गर्मी देती है।” (Understand the importance of sunlight – “Sunlight gives us light and warmth.”)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH202
कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं।
LH203
देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं।
LH204
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं।
LH206
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि कहते/सुनाते हैं/आगे बढ़ाते हैं।
LH215
सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं।
LH216
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं।
LH217
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि आगे बढ़ाते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 58-59)
कविता का बड़ा चार्ट
सूर्य/धूप से संबंधित चित्र – सूरज, पेड़, फूल, पहाड़, झरना, समुद्र, लहरें, पक्षी
चंद्रबिंदु (ँ) के फ्लैशकार्ड
‘उ’ (ु) और ‘ऊ’ (ू) मात्रा के फ्लैशकार्ड
विलोम शब्दों के फ्लैशकार्ड
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कविता का परिचय एवं वाचन (Introduction & Recitation)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुम सुबह उठकर क्या देखते हो?” “सूरज कब निकलता है?” “धूप कैसी लगती है?” “धूप से क्या-क्या होता है?” “किन-किन चीज़ों पर धूप पड़ती है?” “धूप कहाँ-कहाँ जाती है?” सूर्य, धूप, पेड़, फूल, पहाड़, समुद्र के चित्र दिखाएँ।
5 मिनट
कविता का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 58 खोलें। कहें: “आज हम एक सुंदर कविता सीखेंगे – धूप!” “इसमें धूप के बारे में बताया गया है – कैसे धूप कण-कण में, पत्ते-पत्ते पर बिखरी है।”
10 मिनट
कविता वाचन (गायन)
कविता को सस्वर, लयबद्ध, हाव-भाव के साथ पढ़ें/गाएँ। “बीती रात हुआ उलियारा…” से शुरू करके सभी पंक्तियों को भावपूर्ण तरीके से पढ़ें। बच्चों को दोहराने को कहें।
5 मिनट
हाव-भाव एवं अभिनय
कविता के साथ हाव-भाव दिखाएँ: “धूप” – हाथ फैलाकर धूप दिखाना, “कण-कण” – छोटे-छोटे कण दिखाना, “पत्ते-पत्ते” – पत्ते दिखाना, “हँसती-गाती” – हँसने-गाने का अभिनय, “बिखरी” – बिखरना, “उछली” – उछलना, “नाची” – नाचना, “चमकी” – चमकना, “लहराई” – लहराना। बच्चों को भी करने को कहें।
5 मिनट
समापन
पूछें: “कविता में किसके बारे में बात है?” (धूप) “धूप कहाँ-कहाँ बिखरी है?” (कण-कण में, पत्ते-पत्ते पर) “धूप क्या कर रही है?” (हँस रही है, गा रही है, नाच रही है, चमक रही है)
शिक्षण संकेत:
कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे।
हाव-भाव और अभिनय से कविता को रोचक बनाएँ।
धूप के विभिन्न रूपों (सुबह, दोपहर, शाम) के बारे में बात करें।
प्रकृति के विभिन्न तत्वों (पेड़, फूल, पहाड़, समुद्र) पर धूप कैसे पड़ती है, इस पर चर्चा करें।
दिवस 2: कविता की समझ, शब्दावली एवं चंद्रबिंदु (Comprehension, Vocabulary & Chandrabindu)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कविता को हाव-भाव के साथ दोहराएँ। पूछें: “धूप कहाँ-कहाँ बिखरी है?”
10 मिनट
शब्दावली एवं अर्थ
कविता के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: धूप – Sunlight, कण-कण – Every particle, पत्ते-पत्ते – Every leaf, उलियारा – उजाला/रोशनी (Light), बिखरी – Scattered, हँसती-गाती – Laughing and singing, पवत – पहाड़ (Mountain), उछली – Jumped up, झरने – Waterfall, सागर – Ocean/Sea, लहरें – Waves, नाची – Danced, सहेली – Friend, पंछी – Bird, पंख – Wings, चमकी – Shone, लहराई – Waved, कोने-कोने – Every corner।
5 मिनट
चंद्रबिंदु (ँ) का परिचय
बोर्ड पर ‘ँ’ (चंद्रबिंदु) लिखें। कहें: “यह है चंद्रबिंदु – अक्षर के ऊपर लगने वाला चंद्राकार चिह्न।” चंद्रबिंदु वाले शब्द बताएँ – पंछी, पंख, आँगन, चाँद, साँप, बाँसुरी, गाँव, आँख। ‘पंछी’ में चंद्रबिंदु ‘प’ के ऊपर है।
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द लिखने को कहें – पंछी, पंख, आँगन, चाँद।
चंद्रबिंदु (ँ) को अलग रंग (लाल) में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
चंद्रबिंदु (ँ) और अनुस्वार (ं) में अंतर स्पष्ट करें – चंद्रबिंदु चंद्राकार, अनुस्वार बिंदी।
चंद्रबिंदु वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
बच्चों से पूछें कि वे चंद्रबिंदु वाले और कौन-कौन से शब्द जानते हैं।
दिवस 3: विलोम शब्द, ‘का-की-के-को’, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Antonyms, ‘का-की-के-को’, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कविता को हाव-भाव के साथ गाएँ। चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों की पुनरावृत्ति करें।
10 मिनट
विलोम शब्द
पुस्तक के पृष्ठ 59 पर अभ्यास करवाएँ: “नीचे दी गई तालिका से दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द ढूँढकर लिखिए – नई (पुरानी), सुबह (शाम), आई (गई), हँसना (रोना), उतरी (चढ़ी), धूप (छाँव)।” विलोम शब्दों का अर्थ समझाएँ – जो शब्द एक-दूसरे के उल्टे होते हैं।
5 मिनट
‘का, की, के, को’ का अभ्यास
पुस्तक के पृष्ठ 59 पर अभ्यास करवाएँ: “दिए गए शब्दों में का, की, के, को जोड़कर शब्द बनाइए और पढ़िए – उस (उसका, उसकी, उसके, उसको), किस (किसका, किसकी, किसके, किसको)” “पाठ में आए जोड़े वाले शब्द छाँटकर लिखिए – घर-आँगन, पत्ते-पत्ते, कण-कण, कोने-कोने।”
5 मिनट
चित्रकारी
पुस्तक के पृष्ठ 59 पर अभ्यास करवाएँ: “सूरज, चिड़िया और फूल का चित्र बनाइए।” बच्चे सूरज, चिड़िया और फूल का चित्र बनाएँ और रंग भरें।
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “कविता में किसके बारे में बात है?” “धूप कहाँ-कहाँ बिखरी है?” “चंद्रबिंदु क्या है?” “विलोम शब्द क्या होते हैं?” “‘नई’ का विलोम क्या है?” “‘सुबह’ का विलोम क्या है?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कविता गाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
विलोम शब्दों (Antonyms) का अभ्यास करवाएँ – “नई” का उल्टा “पुरानी”।
‘का, की, के, को’ का सही उपयोग करवाएँ – ‘उसका, उसकी, उसके, उसको’।
जोड़े वाले शब्द (घर-आँगन, पत्ते-पत्ते) का अभ्यास करवाएँ।
बच्चों को सूरज, चिड़िया और फूल का चित्र बनाने को कहें – यह रचनात्मक गतिविधि है।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्द (Words with Chandrabindu)
शब्द
अर्थ
चंद्रबिंदु का स्थान
पंछी
Bird
‘प’ के ऊपर
पंख
Wings
‘प’ के ऊपर
आँगन
Courtyard
‘आ’ के ऊपर
चाँद
Moon
‘आ’ के ऊपर
साँप
Snake
‘आ’ के ऊपर
बाँसुरी
Flute
‘आ’ के ऊपर
गाँव
Village
‘आ’ के ऊपर
आँख
Eye
‘आ’ के ऊपर
उँगली
Finger
‘उ’ के ऊपर
विलोम शब्द (Antonyms)
शब्द
विलोम (Opposite)
नई
पुरानी
सुबह
शाम
आई
गई
हँसना
रोना
उतरी
चढ़ी
धूप
छाँव
रात
दिन
ऊँचा
नीचा
बड़ा
छोटा
जोड़े वाले शब्द (Paired Words)
जोड़ा
अर्थ
घर-आँगन
Home and courtyard
पत्ते-पत्ते
Leaf by leaf
कण-कण
Particle by particle
कोने-कोने
Every corner
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
सूर्य का चित्र
बच्चे सूर्य का चित्र बनाएँ और उसमें रंग भरें।
धूप का अनुभव
बच्चों को बाहर ले जाएँ और धूप का अनुभव करवाएँ – धूप कहाँ-कहाँ पड़ रही है?
चंद्रबिंदु खोज
कक्षा/पुस्तक में चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
विलोम खेल
बच्चे एक-दूसरे से विलोम शब्द पूछें – “नई का विलोम क्या है?” “पुरानी!”
‘का, की, के, को’ अभ्यास
बच्चे ‘का, की, के, को’ का उपयोग कर वाक्य बनाएँ – “यह मेरी किताब है।” “यह राम का घर है।”
चित्रकारी
बच्चे सूरज, चिड़िया और फूल का चित्र बनाएँ और रंग भरें।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कविता वाचन
कविता को हाव-भाव के साथ गाता है
☐
शब्द पहचान
धूप, कण-कण, पत्ते-पत्ते, उलियारा, बिखरी, पवत, पंछी, पंख, सागर, लहरें को पहचानता है
☐
चंद्रबिंदु पहचान
चंद्रबिंदु (ँ) वाले 3+ शब्द बताता है
☐
विलोम शब्द
3+ विलोम शब्द बताता है
☐
‘का, की, के, को’
‘का, की, के, को’ का सही उपयोग करता है
☐
जोड़े वाले शब्द
2+ जोड़े वाले शब्द बताता है
☐
कविता समझ
कविता के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
अभिनय
कविता के साथ अभिनय करता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कविता को बार-बार गाएँ – इससे बच्चे जल्दी याद कर लेंगे और भाषा की लय समझेंगे।
धूप का अनुभव – बच्चों को बाहर ले जाएँ और धूप का अनुभव करवाएँ – “धूप कहाँ-कहाँ पड़ रही है?” “धूप कैसी लग रही है?”
चंद्रबिंदु पर ध्यान – चंद्रबिंदु (ँ) को अलग रंग में लिखें और बच्चों को पहचानने को कहें।
विलोम शब्द – बच्चों को विलोम शब्दों के बारे में बताएँ – जो शब्द एक-दूसरे के उल्टे होते हैं।
‘का, की, के, को’ – ‘का, की, के, को’ का सही उपयोग करवाएँ – ‘उसका, उसकी, उसके, उसको’।
जोड़े वाले शब्द – बच्चों को जोड़े वाले शब्दों (घर-आँगन, पत्ते-पत्ते) का अभ्यास करवाएँ।
चित्रकारी – बच्चों को सूरज, चिड़िया और फूल का चित्र बनाने को कहें – यह रचनात्मक गतिविधि है।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कविता को बोर्ड पर लिखकर दिखाएँ और बच्चों को पढ़ने को कहें।
चंद्रबिंदु (ँ) को अलग रंग (लाल) में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
विलोम शब्दों को अलग-अलग रंगों में लिखें।
बच्चों को चंद्रबिंदु और विलोम शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में चंद्रबिंदु और विलोम शब्दों का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
सूरज, चिड़िया, फूल का चित्र बनाना, रंग भरना
पर्यावरण अध्ययन
सूर्य, धूप, प्रकाश, प्रकृति, पेड़-पौधे, पक्षी
विज्ञान
सूर्य, प्रकाश, दिन-रात, ऋतुएँ
भाषा
चंद्रबिंदु, विलोम शब्द, ‘का-की-के-को’, जोड़े वाले शब्द
संगीत
कविता को लयबद्ध गाना
कविता (Poem)
धूप
बीती रात हुआ उलियारा, घर-आँगन में उतरी धूप। कण-कण में, पत्ते-पत्ते पर, हँसती-गाती बिखरी धूप।
पवत की चोटी पर उछली, झरनों के संग खेली धूप। सागर की लहरों पर नाची, सबकी बनी सहेली धूप।
पंछी के पंखों पर चमकी, फूलों पर लहराई धूप। धरती के कोने-कोने तक, देने लगी दिखाई धूप।