कहानी “साहसी बनो” को सुन सकेंगे, समझ सकेंगे और अपने शब्दों में कह सकेंगे। (Listen to, understand, and narrate the story in their own words.)
कहानी के पात्रों (नरेन्द्र, बंदर, सज्जन व्यक्ति) को पहचान सकेंगे। (Identify the characters of the story – Narendra, monkey, gentleman.)
कहानी से संबंधित शब्दों (साहस, हिम्मत, निडर, बंदर, बाजार, झोला, भागना, मुकाबला, आदि) को पहचान सकेंगे और उनका अर्थ समझ सकेंगे। (Identify and understand words related to the story.)
स्वामी विवेकानंद के बचपन के नाम (नरेन्द्र) और उनके साहस के बारे में जान सकेंगे। (Learn about Swami Vivekananda’s childhood name (Narendra) and his courage.)
साहस और हिम्मत का महत्व समझ सकेंगे – “डरना नहीं चाहिए, साहस से मुकाबला करना चाहिए।” (Understand the importance of courage – “Don’t be afraid, face the challenge with courage.”)
‘ब’ (ब) और ‘ह’ (ह) की मात्रा वाले शब्दों (बंदर, बाजार, हिम्मत, हाथ, आदि) को पहचान सकेंगे। (Identify words with ‘ब’ and ‘ह’ matras.)
वाक्य निर्माण का अभ्यास कर सकेंगे – “अगर मैं नरेन्द्र की जगह होता तो…” (Practice sentence formation – “If I were in Narendra’s place…”)
सही और गलत कथनों की पहचान कर सकेंगे। (Identify correct and incorrect statements.)
शब्दों की अंताक्षरी बना सकेंगे। (Create word chains.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
कोड
सीखने का प्रतिफल
LH201
विविध उद्देश्यों के लिए अपनी भाषा/स्कूल की भाषा का उपयोग करते हुए बातचीत करते हैं।
LH202
कही जा रही बात, कहानी, कविता आदि को ध्यान से सुनकर अपनी भाषा में बताते/सुनाते हैं।
LH203
देखी, सुनी बातों, कहानी, कविता आदि के बारे में बातचीत करते हैं और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं।
LH204
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को सुनाई जा रही सामग्री से जोड़ते हुए बातचीत में शामिल करते हैं।
LH206
अपनी कल्पना से कहानी, कविता आदि कहते/सुनाते हैं/आगे बढ़ाते हैं।
LH215
सुनी हुई और अपने मन की बातों को अपने तरीके से और तरह-तरह से चित्रों/शब्दों/वाक्यों द्वारा (लिखित रूप से) अभिव्यक्त करते हैं।
LH216
अपनी निजी जिंदगी और परिवेश पर आधारित अनुभवों को अपने लेखन में शामिल करते हैं।
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 72-74)
कहानी का बड़ा चार्ट
स्वामी विवेकानंद का चित्र
बंदर, बाजार, झोला के चित्र
‘ब’ और ‘ह’ मात्रा के फ्लैशकार्ड
साहस से संबंधित चित्र
स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
ड्राइंग शीट
पेंसिल/रबर
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: कहानी का परिचय एवं वाचन (Introduction & Story Narration)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
प्रारंभिक चर्चा
पूछें: “तुम डरते हो?” “तुम किस-किस से डरते हो?” “क्या डरना अच्छा है?” “अगर कोई तुम्हें डराए तो क्या करोगे?” “तुमने कभी साहस दिखाया है?” “स्वामी विवेकानंद के बारे में सुना है?” स्वामी विवेकानंद का चित्र और बंदर का चित्र दिखाएँ।
5 मिनट
कहानी का परिचय
पुस्तक का पृष्ठ 72 खोलें। कहें: “आज हम एक प्रेरणादायक कहानी सुनेंगे – साहसी बनो!” “यह कहानी स्वामी विवेकानंद के बचपन की है – जब उनका नाम नरेन्द्र था।”
10 मिनट
कहानी वाचन
कहानी को सस्वर, लयबद्ध, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और हाव-भाव के साथ पढ़ें/सुनाएँ। नरेन्द्र का बाजार से लौटना, बंदर का पीछा करना, भागना, सज्जन व्यक्ति का सलाह देना, हिम्मत दिखाना, बंदर का भागना – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
5 मिनट
चित्र-वार्ता
कहानी के चित्र दिखाएँ और पूछें: “चित्र में कौन है?” “नरेन्द्र के पीछे कौन था?” “नरेन्द्र क्यों भाग रहा था?” “सज्जन व्यक्ति ने क्या कहा?”
5 मिनट
समापन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन हैं?” (नरेन्द्र, बंदर, सज्जन व्यक्ति) “नरेन्द्र कहाँ से लौट रहा था?” (बाजार से) “नरेन्द्र के पीछे कौन था?” (बंदर) “सज्जन व्यक्ति ने क्या सलाह दी?” (भागो मत, हिम्मत से मुकाबला करो)
शिक्षण संकेत:
कहानी को हाव-भाव और आवाज़ के उतार-चढ़ाव के साथ सुनाएँ।
स्वामी विवेकानंद के बारे में रोचक तथ्य बताएँ – वे बहुत बहादुर थे, उन्होंने दुनिया को भारत की संस्कृति से परिचित कराया।
बच्चों को कहानी के बारे में प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें।
कहानी के माध्यम से साहस का महत्व समझाएँ।
दिवस 2: कहानी की समझ, शब्दावली एवं ‘ब-ह’ मात्रा (Comprehension, Vocabulary & ‘ब-ह’ Matra)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। पूछें: “नरेन्द्र के पीछे कौन था?” “सज्जन व्यक्ति ने क्या सलाह दी?”
10 मिनट
शब्दावली एवं अर्थ
कहानी के कठिन शब्दों का अर्थ समझाएँ: साहस – Courage, हिम्मत – Bravery, निडर – Fearless, बंदर – Monkey, बाजार – Market, झोला – Bag, भागना – To run, मुकाबला – To face/confront, सज्जन – Gentleman, हिम्मत दिखाना – Show courage, प्रसिद्ध – Famous, दृश्य – Scene, हिम्मत – Courage।
5 मिनट
‘ब’ और ‘ह’ मात्रा का परिचय
बोर्ड पर ‘ब’ और ‘ह’ लिखें। कहें: “यह है ‘ब’ – बंदर, बाजार, बच्चा; और यह है ‘ह’ – हिम्मत, हाथ, हवा।” ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्द बताएँ – बंदर, बाजार, बच्चा, बहादुर; हिम्मत, हाथ, हवा, हँसना। बच्चों को ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्द बताने को कहें।
5 मिनट
लेखन अभ्यास
बच्चों को स्लेट पर ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्द लिखने को कहें – बंदर, बाजार, हिम्मत, हाथ।
5 मिनट
समापन
पूछें: “‘ब’ से शुरू होने वाला एक शब्द बताओ?” “‘ह’ से शुरू होने वाला एक शब्द बताओ?” “नरेन्द्र कहाँ से लौट रहा था?” “सज्जन व्यक्ति ने क्या सलाह दी?”
शिक्षण संकेत:
‘ब’ और ‘ह’ को अलग-अलग रंगों में लिखें – इससे बच्चों को पहचानने में आसानी होती है।
‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले अधिक से अधिक शब्द बताएँ।
बच्चों से पूछें कि वे ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले और कौन-कौन से शब्द जानते हैं।
दिवस 3: सही-गलत, अंताक्षरी, पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (True-False, Word Chain, Review & Assessment)
अवधि: 30 मिनट
समय
गतिविधि
शिक्षक की भूमिका
5 मिनट
पुनरावृत्ति
कहानी को दोहराएँ। ‘ब’ और ‘ह’ मात्रा की पुनरावृत्ति करें।
5 मिनट
सही-गलत
पुस्तक के पृष्ठ 74 पर अभ्यास करवाएँ: “नीचे लिखे कथन आपके अनुसार सही हैं या गलत – (क) बाजार में नरेन्द्र बंदर के पीछे लग गया। (गलत) (ख) बंदर, नरेन्द्र का झोला लेकर भाग गया। (गलत) (ग) बंदर, नरेन्द्र से डरकर भाग गया। (सही)”
10 मिनट
शब्दों की अंताक्षरी
पुस्तक के पृष्ठ 74 पर अभ्यास करवाएँ: “आइए शब्दों की अंताक्षरी बनाएँ – एक शब्द के अंतिम अक्षर से दूसरा शब्द शुरू करें।” उदाहरण – राम → मोर → रथ → थैला → लाल… बच्चों को अंताक्षरी बनाने को कहें।
5 मिनट
बातचीत के लिए
पुस्तक के पृष्ठ 74 पर दिए गए प्रश्न पूछें: “अगर कोई कुत्ता आपको दौड़ाने लगे, तो आप क्या करेंगे?” “अगर आप नरेन्द्र की जगह होते, तो क्या करते और क्यों?” “अगर नरेन्द्र डरकर भागता ही रहता, तो क्या होता?” “हमें साहसी होना क्यों आवश्यक है?”
5 मिनट
समापन एवं मूल्यांकन
पूछें: “कहानी में कौन-कौन हैं?” “नरेन्द्र के पीछे कौन था?” “सज्जन व्यक्ति ने क्या सलाह दी?” “साहस का क्या महत्व है?” “‘ब’ से शुरू होने वाला एक शब्द बताओ?” “‘ह’ से शुरू होने वाला एक शब्द बताओ?” व्यक्तिगत रूप से बच्चों से कहानी सुनाने को कहें।
शिक्षण संकेत:
सही-गलत कथनों का अभ्यास करवाएँ – इससे तार्किक सोच विकसित होती है।
अंताक्षरी खेल खेलें – इससे शब्दावली बढ़ती है और मज़ा आता है।
बच्चों को साहस के महत्व के बारे में बताएँ – “डरना नहीं चाहिए, साहस से मुकाबला करना चाहिए।”
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्द (Words Starting with ‘ब’ and ‘ह’)
‘ब’ से शुरू होने वाले शब्द
‘ह’ से शुरू होने वाले शब्द
बंदर
हिम्मत
बाजार
हाथ
बच्चा
हवा
बहादुर
हँसना
बड़ा
हरियाली
बिल्ली
हिरन
बगीचा
होशियार
बादल
हल
सही-गलत कथन (True-False Statements)
कथन
सही/गलत
(क) बाजार में नरेन्द्र बंदर के पीछे लग गया।
गलत (बंदर नरेन्द्र के पीछे लगा)
(ख) बंदर, नरेन्द्र का झोला लेकर भाग गया।
गलत (बंदर ने झोला नहीं लिया)
(ग) बंदर, नरेन्द्र से डरकर भाग गया।
सही (नरेन्द्र ने हिम्मत दिखाई तो बंदर भाग गया)
स्वामी विवेकानंद के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts about Swami Vivekananda)
तथ्य
विवरण
बचपन का नाम
नरेन्द्र नाथ दत्त
जन्म
12 जनवरी 1863, कोलकाता
गुरु
स्वामी रामकृष्ण परमहंस
विशेषता
महान विचारक, वक्ता, समाज सुधारक
प्रसिद्ध भाषण
1893 में शिकागो में “सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका”
मृत्यु
4 जुलाई 1902
प्रेरणा
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
गतिविधि
विवरण
साहस का अभिनय
बच्चे कहानी का अभिनय करें – कोई नरेन्द्र बने, कोई बंदर बने, कोई सज्जन व्यक्ति बने।
साहस पर चर्चा
बच्चों से पूछें – “तुमने कभी साहस दिखाया है? कैसे?”
कक्षा/पुस्तक में ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्दों को ढूँढ़ें।
स्वामी विवेकानंद का चित्र
बच्चे स्वामी विवेकानंद का चित्र बनाएँ और उनके बारे में 2-3 वाक्य लिखें।
साहसी कहानियाँ
बच्चों को साहसी लोगों की कहानियाँ सुनाएँ – रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, आदि।
कुत्ते से कैसे बचें?
बच्चों से पूछें – “अगर कोई कुत्ता आपको दौड़ाने लगे, तो आप क्या करेंगे?” – सही तरीका बताएँ (भागना नहीं, धीरे-धीरे चलना, आँखों में आँखें डालकर देखना)।
मूल्यांकन (Assessment Checklist)
कौशल
मानदंड
हाँ/नहीं
कहानी सुनना
कहानी को ध्यान से सुनता है
☐
कहानी समझ
कहानी के बारे में प्रश्नों के उत्तर देता है
☐
पात्र पहचान
नरेन्द्र, बंदर, सज्जन व्यक्ति को पहचानता है
☐
शब्द पहचान
साहस, हिम्मत, निडर, बंदर, बाजार, झोला, भागना, मुकाबला को पहचानता है
☐
‘ब’ पहचान
‘ब’ से शुरू होने वाले 2+ शब्द बताता है
☐
‘ह’ पहचान
‘ह’ से शुरू होने वाले 2+ शब्द बताता है
☐
सही-गलत
सही-गलत कथनों की पहचान करता है
☐
अंताक्षरी
अंताक्षरी में भाग लेता है
☐
अभिनय
कहानी का अभिनय करता है
☐
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
कहानी को हाव-भाव के साथ सुनाएँ – नरेन्द्र का डर, सज्जन व्यक्ति का साहस भरा सलाह, बंदर का भागना – सबको हाव-भाव के साथ दिखाएँ।
साहस का महत्व – बच्चों को साहस और हिम्मत के महत्व के बारे में बताएँ – “डरना नहीं चाहिए, साहस से मुकाबला करना चाहिए।”
स्वामी विवेकानंद – बच्चों को स्वामी विवेकानंद के बारे में बताएँ – वे बहुत बहादुर थे, उन्होंने दुनिया को भारत की संस्कृति से परिचित कराया।
‘ब-ह’ का अभ्यास – बच्चों को ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्दों का अभ्यास करवाएँ।
अंताक्षरी – बच्चों के साथ अंताक्षरी खेल खेलें – इससे शब्दावली बढ़ती है और मज़ा आता है।
साहसी कहानियाँ – बच्चों को साहसी लोगों की कहानियाँ सुनाएँ – रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, आदि।
कुत्ते से कैसे बचें? – बच्चों को बताएँ कि अगर कोई कुत्ता दौड़ाने लगे तो भागना नहीं चाहिए, धीरे-धीरे चलना चाहिए और आँखों में आँखें डालकर देखना चाहिए।
धैर्य रखें – हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से सीखने वालों को अतिरिक्त समय दें।
प्रोत्साहन – हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें – “शाबाश! बहुत अच्छा!”
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
कहानी को बोर्ड पर चित्रों के माध्यम से दिखाएँ।
‘ब’ और ‘ह’ को अलग-अलग रंगों में लिखें।
बच्चों को ‘ब’ और ‘ह’ से शुरू होने वाले शब्दों के चित्र बनाने को कहें।
सही-गलत कथनों का अभ्यास करवाएँ – इससे तार्किक सोच विकसित होती है।
अंताक्षरी खेल खेलें – इससे शब्दावली बढ़ती है।
जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
कक्षा में ‘ब’ और ‘ह’ का चार्ट लगाएँ।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
क्षेत्र
जुड़ाव
कला
स्वामी विवेकानंद, बंदर, बाजार के चित्र बनाना
पर्यावरण अध्ययन
बंदर, बाजार, जानवर
नैतिक शिक्षा
साहस, हिम्मत, डरना नहीं, मुकाबला करना
भाषा
‘ब’ और ‘ह’ मात्रा, अंताक्षरी, सही-गलत
सामाजिक अध्ययन
स्वामी विवेकानंद, महान व्यक्तित्व
शारीरिक विकास
अभिनय, खेल-कूद
कहानी सारांश (Story Summary)
साहसी बनो
नरेन्द्र बाजार से लौट रहा था। एक बंदर उसके पीछे लग गया। नरेन्द्र डर गया और भागने लगा। एक सज्जन व्यक्ति ने उसे रोका और कहा – “भागते क्यों हो? तुम भाग रहे हो इसलिए वह भाग रहा है। रुको, खड़े होकर हिम्मत से उसका मुकाबला करो।” नरेन्द्र ने हिम्मत दिखाई और खड़ा हो गया। बंदर भी खड़ा हो गया। नरेन्द्र ने अपना झोला उठाया और मारने दौड़ा। बंदर डरकर भाग गया। इस तरह नरेन्द्र ने साहस का महत्व सीखा। यही नरेन्द्र आगे चलकर स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।