पाठ का सामान्य परिचय (Lesson Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पाठ का नाम | लेखन पूर्व अभ्यास (Pre-Writing Practice) |
| कक्षा | 1 |
| विषय | हिंदी |
| पुस्तक | SCERT छत्तीसगढ़, कक्षा 1 हिंदी |
| पृष्ठ संख्या | 17-22 |
| प्रकार | पूर्वाभ्यास (Pre-Lesson Activity) |
| अवधि | 6 दिन (30–35 मिनट प्रतिदिन) |
पाठ का उद्देश्य (Learning Objectives)
इस पाठ को समाप्त करने के बाद बच्चे –
- विभिन्न आकृतियों (रेखाएँ, वक्र, वृत्त, त्रिभुज, वर्ग) को पहचान सकेंगे और बना सकेंगे। (Identify and draw different shapes – lines, curves, circles, triangles, squares.)
- बाएँ से दाएँ और ऊपर से नीचे रेखाएँ खींचने का अभ्यास कर सकेंगे। (Practice drawing lines from left to right and top to bottom.)
- सीधी रेखा, टेढ़ी रेखा, वक्र रेखा और बिंदु बनाने का अभ्यास कर सकेंगे। (Practice making straight lines, zigzag lines, curves and dots.)
- विभिन्न आकृतियों को ट्रेस (रूपरेखा पर पेंसिल फिराना) कर सकेंगे। (Trace different shapes.)
- लेखन के लिए उंगलियों और कलाई का सही उपयोग कर सकेंगे। (Develop fine motor skills for writing.)
- रेखाओं और आकृतियों के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति कर सकेंगे। (Express creativity through lines and shapes.)
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes – LH)
| कोड | सीखने का प्रतिफल |
|---|---|
| LH111 | हिंदी वर्णमाला के अक्षरों की आकृति और ध्वनि को पहचानते हैं। |
| LH113 | लिखना सीखने की प्रक्रिया में चित्रों, आड़ी-तिरछी रेखाओं, अक्षर-आकृतियों के माध्यम से लिखने का प्रयास करते हैं। |
आवश्यक सामग्री (Materials Required)
- पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ 17-22)
- बड़ी चार्ट शीट/स्लेट
- रेखाओं और आकृतियों के फ्लैशकार्ड
- स्लेट/ब्लैकबोर्ड और चॉक
- रंगीन पेंसिल/क्रेयॉन
- रेत/सूजी की ट्रे (Sensory Writing)
- ड्राइंग शीट
- पेंसिल/रबर
- विभिन्न आकृतियों के स्टेंसिल (यदि उपलब्ध हो)
दिवस-वार पाठ योजना (Day-Wise Lesson Plan)
दिवस 1: सीधी रेखा (खड़ी रेखा) – Standing Line
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | प्रारंभिक चर्चा | बच्चों से पूछें: “तुम क्या-क्या लिखते हो?” “क्या तुमने कभी पेंसिल पकड़ी है?” “पेंसिल कैसे पकड़ते हो?” दिखाएँ। |
| 5 मिनट | खड़ी रेखा का परिचय | बोर्ड पर एक सीधी खड़ी रेखा बनाएँ। कहें: “इसे कहते हैं खड़ी रेखा।” “यह ऊपर से नीचे की ओर जाती है।” हाथ की गति से दिखाएँ। |
| 10 मिनट | अभ्यास – हवा में लिखना | बच्चों को हवा में उंगली से खड़ी रेखा बनाने को कहें। फिर रेत/सूजी की ट्रे में उंगली से बनवाएँ। |
| 5 मिनट | अभ्यास – किताब/स्लेट पर | पुस्तक के पृष्ठ 17 पर दी गई खड़ी रेखाओं पर पेंसिल फिरवाएँ (ट्रेसिंग)। फिर स्लेट पर खुद बनवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “खड़ी रेखा किस दिशा में जाती है?” “तुमने कितनी खड़ी रेखाएँ बनाईं?” |
शिक्षण संकेत:
- “ऊपर से नीचे” की दिशा पर विशेष ध्यान दें।
- सभी बच्चों को पेंसिल पकड़ने का सही तरीका सिखाएँ।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनकी मदद करें।
गतिविधियाँ:
- हवा में उंगली से खड़ी रेखा बनाना
- रेत/सूजी की ट्रे में खड़ी रेखा बनाना
- पुस्तक में ट्रेसिंग
- स्लेट पर खुद बनाना
दिवस 2: सीधी रेखा (लेटी हुई रेखा) – Sleeping Line
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | पिछली कक्षा में बनाई गई खड़ी रेखाओं को दिखाएँ। पूछें: “यह कौन सी रेखा है?” |
| 5 मिनट | लेटी हुई रेखा का परिचय | बोर्ड पर एक लेटी हुई रेखा बनाएँ। कहें: “इसे कहते हैं लेटी हुई रेखा।” “यह बाएँ से दाएँ की ओर जाती है।” |
| 10 मिनट | अभ्यास – हवा में लिखना | हवा में उंगली से लेटी हुई रेखा बनवाएँ। रेत/सूजी की ट्रे में बनवाएँ। |
| 5 मिनट | अभ्यास – किताब/स्लेट पर | पुस्तक के पृष्ठ 18 पर दी गई लेटी हुई रेखाओं पर पेंसिल फिरवाएँ। फिर स्लेट पर बनवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “लेटी हुई रेखा किस दिशा में जाती है?” “खड़ी और लेटी हुई रेखा में क्या अंतर है?” |
शिक्षण संकेत:
- “बाएँ से दाएँ” की दिशा पर विशेष ध्यान दें।
- खड़ी और लेटी हुई रेखा का अंतर समझाएँ।
- बच्चों को दोनों रेखाएँ अलग-अलग बनाने को कहें।
गतिविधियाँ:
- हवा में उंगली से लेटी हुई रेखा बनाना
- रेत/सूजी की ट्रे में बनाना
- पुस्तक में ट्रेसिंग
- स्लेट पर खुद बनाना
दिवस 3: टेढ़ी रेखा (Zigzag Line)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | खड़ी और लेटी हुई रेखाएँ दिखाएँ – बच्चे पहचानें। |
| 5 मिनट | टेढ़ी रेखा का परिचय | बोर्ड पर टेढ़ी रेखा (जैसे पहाड़ी/दांत) बनाएँ। कहें: “इसे कहते हैं टेढ़ी रेखा या ज़िगज़ैग रेखा।” “यह ऊपर-नीचे होती है।” |
| 10 मिनट | अभ्यास – हवा में लिखना | हवा में उंगली से टेढ़ी रेखा बनवाएँ। रेत/सूजी की ट्रे में बनवाएँ। |
| 5 मिनट | अभ्यास – किताब/स्लेट पर | पुस्तक के पृष्ठ 19 पर दी गई टेढ़ी रेखाओं पर पेंसिल फिरवाएँ। फिर स्लेट पर बनवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “टेढ़ी रेखा कैसी दिखती है?” “तुमने क्या बनाया?” |
शिक्षण संकेत:
- पहाड़ी या दांतों के उदाहरण देकर समझाएँ।
- “ऊपर-नीचे-ऊपर-नीचे” की गति को दोहराएँ।
- लिखते समय कलाई की गति पर ध्यान दें।
गतिविधियाँ:
- हवा में उंगली से टेढ़ी रेखा बनाना
- रेत/सूजी की ट्रे में बनाना
- पुस्तक में ट्रेसिंग
- स्लेट पर खुद बनाना
- अपने दांतों को देखकर टेढ़ी रेखा बनाना
दिवस 4: वक्र रेखा (Curve Line)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | खड़ी, लेटी हुई, टेढ़ी रेखाओं का त्वरित पुनरावलोकन। |
| 5 मिनट | वक्र रेखा का परिचय | बोर्ड पर वक्र रेखा (धनुषाकार/झुकी हुई) बनाएँ। कहें: “इसे कहते हैं वक्र रेखा।” “यह झुकी हुई होती है।” |
| 10 मिनट | अभ्यास – हवा में लिखना | हवा में उंगली से वक्र रेखा बनवाएँ (ऊपर की ओर झुकी और नीचे की ओर झुकी)। रेत/सूजी की ट्रे में बनवाएँ। |
| 5 मिनट | अभ्यास – किताब/स्लेट पर | पुस्तक के पृष्ठ 20 पर दी गई वक्र रेखाओं पर पेंसिल फिरवाएँ। फिर स्लेट पर बनवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “वक्र रेखा कैसी दिखती है?” “इंद्रधनुष कैसा दिखता है?” |
शिक्षण संकेत:
- इंद्रधनुष, पहाड़ी, या लहरों के उदाहरण दें।
- ऊपर-नीचे दोनों तरह की वक्र रेखाएँ बनवाएँ।
- बिना रूलर के सुचारू रेखा बनाने पर जोर दें।
गतिविधियाँ:
- हवा में उंगली से वक्र रेखा बनाना
- रेत/सूजी की ट्रे में बनाना
- पुस्तक में ट्रेसिंग
- स्लेट पर खुद बनाना
- लहरों का चित्र बनाना
दिवस 5: वृत्त और बिंदु (Circle & Dot)
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | अब तक सीखी गई सभी रेखाओं का पुनरावलोकन। |
| 5 मिनट | वृत्त एवं बिंदु का परिचय | बोर्ड पर एक बिंदु (.) और एक वृत्त (O) बनाएँ। कहें: “यह है बिंदु और यह है वृत्त।” “वृत्त गोल होता है।” |
| 10 मिनट | अभ्यास – हवा में लिखना | हवा में उंगली से वृत्त बनवाएँ। रेत/सूजी की ट्रे में बनवाएँ। बिंदु बनवाएँ। |
| 5 मिनट | अभ्यास – किताब/स्लेट पर | पुस्तक के पृष्ठ 21 पर दिए गए वृत्तों और बिंदुओं पर पेंसिल फिरवाएँ। फिर स्लेट पर बनवाएँ। |
| 5 मिनट | समापन | पूछें: “वृत्त कैसा दिखता है?” “तुमने वृत्त किस दिशा में बनाया?” |
शिक्षण संकेत:
- वृत्त को एक ही दिशा में (दाएँ से बाएँ या बाएँ से दाएँ) बनाना सिखाएँ।
- बिंदु को हल्के से दबाकर बनाना सिखाएँ।
- गेंद, सूरज, चाँद आदि के उदाहरण दें।
गतिविधियाँ:
- हवा में उंगली से वृत्त बनाना
- रेत/सूजी की ट्रे में बनाना
- पुस्तक में ट्रेसिंग
- स्लेट पर खुद बनाना
- वृत्तों से चित्र बनाना (गुब्बारा, सूरज, आदि)
दिवस 6: विभिन्न आकृतियाँ (Shapes) एवं मूल्यांकन
अवधि: 30 मिनट
| समय | गतिविधि | शिक्षक की भूमिका |
|---|---|---|
| 5 मिनट | पुनरावृत्ति | सभी रेखाओं, वृत्त और बिंदु का पुनरावलोकन। |
| 10 मिनट | आकृतियों का परिचय | बोर्ड पर त्रिभुज, वर्ग, आयत बनाएँ। कहें: “यह है त्रिभुज (तीन भुजाएँ), वर्ग (चार बराबर भुजाएँ), आयत (चार भुजाएँ – दो लंबी, दो छोटी)।” |
| 5 मिनट | अभ्यास | बच्चों से पूछें: “वृत्त कैसा दिखता है?” “त्रिभुज कैसा दिखता है?” “वर्ग कैसा दिखता है?” उन्हें बनवाएँ। |
| 5 मिनट | मूल्यांकन | व्यक्तिगत रूप से बच्चों से रेखाएँ/आकृतियाँ बनवाएँ और देखें कि किस बच्चे को कहाँ कठिनाई है। |
| 5 मिनट | समापन एवं उत्सव | सभी बच्चों के काम की प्रशंसा करें। ताली बजाएँ। |
शिक्षण संकेत:
- आकृतियों की भुजाओं/कोनों को गिनें।
- बच्चों को अपनी पसंद की आकृतियाँ बनाने दें।
- आकृतियों से चित्र (मकान, पेड़, आदि) बनाने को कहें।
मूल्यांकन मानदंड (Assessment Checklist):
| कौशल | मानदंड | हाँ/नहीं |
|---|---|---|
| खड़ी रेखा | सही दिशा में (ऊपर-नीचे) बनाता है | ☐ |
| लेटी हुई रेखा | सही दिशा में (बाएँ-दाएँ) बनाता है | ☐ |
| टेढ़ी रेखा | ऊपर-नीचे बनाता है | ☐ |
| वक्र रेखा | झुकी हुई रेखा बनाता है | ☐ |
| वृत्त | गोल आकृति बनाता है | ☐ |
| बिंदु | हल्का बिंदु बनाता है | ☐ |
| आकृतियाँ | त्रिभुज/वर्ग/आयत बनाता है | ☐ |
| पेंसिल पकड़ | सही तरीके से पेंसिल पकड़ता है | ☐ |
अतिरिक्त गतिविधियाँ (Additional Activities)
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| रेखा-कला (Line Art) | विभिन्न रेखाओं का उपयोग कर एक सुंदर चित्र बनाना। |
| आकृति-खोज (Shape Hunt) | कक्षा में विभिन्न आकृतियों (गोल घड़ी, चौकोर किताब, आदि) को ढूँढ़ना। |
| रेखा-गीत (Line Song) | रेखाओं पर एक छोटा गीत गाना – “खड़ी रेखा ऊपर-नीचे, लेटी रेखा बाएँ-दाएँ।” |
| सेंसरी ट्रे (Sensory Tray) | रेत, सूजी, या आटे की ट्रे में अंगुली से रेखाएँ बनाना। |
| रेखा-चित्र (Line Drawing) | केवल रेखाओं का उपयोग कर मकान, पेड़, सूरज आदि बनाना। |
| कट-आउट आकृतियाँ | कागज़ को मोड़कर और काटकर आकृतियाँ बनाना। |
शिक्षकों एवं पालकों के लिए सुझाव (Teacher’s & Parent’s Notes)
- धैर्य रखें: हर बच्चे की गति अलग होती है। धीमी गति से काम करने वालों को अतिरिक्त समय दें।
- सही दिशा पर ध्यान: हमेशा “बाएँ से दाएँ” और “ऊपर से नीचे” (जहाँ लागू हो) की दिशा में लिखने का अभ्यास करवाएँ।
- पेंसिल पकड़ना: सही तरीके से पेंसिल पकड़ना सिखाएँ (अंगूठे और तर्जनी के बीच)।
- स्लेट का उपयोग: किताब के अलावा स्लेट पर भी अभ्यास करवाएँ।
- खेल-खेल में: रेखाएँ बनाना खेल की तरह करें – “देखो कौन सबसे सीधी रेखा बनाता है!” “किसकी रेखा सबसे सुंदर है?”
- प्रोत्साहन: हर छोटी उपलब्धि की प्रशंसा करें। बच्चों को “शाबाश!” कहें।
- वास्तविक जीवन से जोड़ें: रेखाओं को दैनिक जीवन से जोड़ें – सड़क (लेटी हुई), खंभा (खड़ी), पहाड़ (टेढ़ी), लहर (वक्र), गेंद (वृत्त)।
शिक्षण संकेत (Teaching Notes)
- प्रत्येक रेखा को बोर्ड पर बड़ा बनाकर दिखाएँ।
- हवा में सामूहिक रूप से रेखाएँ बनवाएँ।
- रेखाओं के नाम बार-बार दोहराएँ।
- जिन बच्चों को कठिनाई हो, उनके साथ अलग से अभ्यास करें।
- कक्षा में रेखाओं और आकृतियों का चार्ट बनाएँ और लगाएँ।
- बच्चों की कॉपी/स्लेट पर सकारात्मक टिप्पणी करें।
पाठ से जुड़ाव (Integration with Other Areas)
| क्षेत्र | जुड़ाव |
|---|---|
| कला | रेखाओं और आकृतियों से चित्र बनाना |
| गणित | आकृतियों की पहचान, भुजाओं/कोनों की गिनती |
| विज्ञान | प्रकृति में रेखाएँ (पहाड़, नदी, लहरें) |
| शारीरिक विकास | फाइन मोटर स्किल्स (उंगलियों और कलाई का विकास) |
| संगीत | रेखाओं पर गीत/तुकबंदी |
लेखन पूर्व अभ्यास – रेखाएँ एवं आकृतियाँ (Reference Chart)
| रेखा/आकृति | चित्र | दिशा/गुण | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| खड़ी रेखा | | | ऊपर → नीचे | खंभा |
| लेटी हुई रेखा | — | बाएँ → दाएँ | सड़क |
| टेढ़ी रेखा | ///\ | ऊपर-नीचे | पहाड़ी, दांत |
| वक्र रेखा | ⌣ ⌢ | झुकी हुई | लहर, इंद्रधनुष |
| बिंदु | . | हल्का दबाव | तारा, बूँद |
| वृत्त | O | गोल | गेंद, सूरज |
| त्रिभुज | △ | 3 भुजाएँ | पहाड़, छत |
| वर्ग | □ | 4 बराबर भुजाएँ | खिड़की, किताब |
| आयत | ▭ | 4 भुजाएँ (2 लंबी-2 छोटी) | दरवाज़ा |
निष्कर्ष (Conclusion)
“लेखन पूर्व अभ्यास” कक्षा 1 के बच्चों को लिखना सीखने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। इस पाठ के माध्यम से बच्चे:
- फाइन मोटर स्किल्स (ठीक गतिक कौशल) विकसित करते हैं
- रेखाओं और आकृतियों की पहचान करते हैं
- लिखने की दिशा (बाएँ-दाएँ, ऊपर-नीचे) समझते हैं
- पेंसिल पकड़ने का सही तरीका सीखते हैं
- भविष्य के लेखन (अक्षर, शब्द, वाक्य) के लिए तैयार होते हैं

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
