पाठ का सारांश
यह पाठ छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर क्षेत्र में मनाए जाने वाले अनूठे पर्व ‘बस्तर दशहरा’ के बारे में है। यह विश्व का सबसे लंबा पर्व है, जो श्रावण अमावस्या से आश्विन शुक्ल दशमी तक लगभग 75 दिनों तक मनाया जाता है। अन्य दशहरों (राम-रावण) से अलग, इस दशहरे में रावण नहीं जलाया जाता, बल्कि माँ दंतेश्वरी देवी की पूजा-आराधना की जाती है। पाठ में राजा पुरुषोत्तम देव की लोककथा का उल्लेख है, जिन्होंने देवी की उपासना से विजय प्राप्त की और इस पर्व की शुरुआत की। पर्व की प्रमुख रस्में – पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछिन गादी, रथ यात्रा, काछिन जात्रा – का वर्णन किया गया है। यह पर्व आदिवासी संस्कृति, प्रकृति-पूजा, एकता और सामूहिकता का अद्वितीय उदाहरण है। इस पाठ के माध्यम से बच्चे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं, आदिवासी जीवन और सांस्कृतिक विविधता को समझते हैं।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- बस्तर दशहरा के अनूठेपन, अवधि और महत्व को समझ पाएँगे
- माँ दंतेश्वरी देवी और राजा पुरुषोत्तम देव की कथा को जान पाएँगे
- आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति-पूजा से परिचित हो पाएँगे
- विभिन्न रस्मों (पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछिन गादी, रथ यात्रा, काछिन जात्रा) के बारे में जान पाएँगे
- विशेषण शब्दों (अनूठा, विशाल, पवित्र, पारंपरिक) को पहचान पाएँगे
- ‘मनाना, लाना, गड़ाना’ शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कर पाएँगे
- मलयालम जैसे समान-उलट पढ़ने वाले शब्दों (पालिंड्रोम) को खोज पाएँगे
- भारत के शास्त्रीय और लोकनृत्यों (गरबा, छऊ, बिहू, भांगड़ा, राउत नाचा, कालबेलिया) के बारे में जान पाएँगे
- भारत के विभिन्न उपज-त्योहारों (ओणम, लोहड़ी, बिहू, छठ, फूलदेई) को मानचित्र पर चिह्नित कर पाएँगे
- रचनात्मक गतिविधि (रंगोली, वृक्षारोपण योजना, आमंत्रण पत्र) कर पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय एवं वाचन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं? आपको कौन-सा त्योहार सबसे अच्छा लगता है?”
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि हमारे राज्य छत्तीसगढ़ में एक ऐसा त्योहार है जो 75 दिनों तक चलता है?”
- प्रश्न: “दशहरा त्योहार के बारे में आप क्या जानते हैं?” (राम-रावण, रावण दहन)
- प्रश्न: “क्या आपको पता है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में दशहरा रावण दहन से अलग तरीके से मनाया जाता है?”
- पृष्ठ 113 का चित्र दिखाएँ – बस्तर दशहरे का दृश्य (रथ, देवी, आदिवासी नृत्य)।
- परिचय: “आज हम ‘विश्व का अनूठा पर्व – बस्तर का दशहरा’ पाठ पढ़ेंगे, जो छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है।”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का सस्वर वाचन – शिक्षक पृष्ठ 113-117 तक के पाठ को गर्वित, सांस्कृतिक जागरूकता के भाव के साथ पढ़कर सुनाएँ।
- सामूहिक वाचन – विद्यार्थी बारी-बारी से अनुच्छेद पढ़ें।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- अनूठा = बहुत अलग/अद्वितीय (Unique)
- बस्तर = छत्तीसगढ़ का एक ज़िला, जो अपनी आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है
- दशहरा = विजयदशमी का त्योहार (Dussehra)
- श्रावण अमावस्या = सावन माह की अमावस्या (no moon day in Shravan)
- आश्विन शुक्ल दशमी = आश्विन माह की दशमी (विजयदशमी)
- दंतेश्वरी देवी = बस्तर की अधिष्ठात्री देवी (Goddess Danteshwari)
- अधिष्ठात्री = संरक्षिका/रक्षा करने वाली (Protector/Patron)
- आराधना = पूजा/प्रार्थना (Worship)
- अनुष्ठान = धार्मिक क्रिया/रस्म (Ritual)
- रस्म = रीति/परंपरा (Custom/Ritual)
- आदिवासी = मूल निवासी (Tribal)
- मान्यता = विश्वास (Belief)
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “बस्तर दशहरा कितने दिनों तक मनाया जाता है?” (लगभग 75 दिन)
- गृहकार्य: पाठ को एक बार और पढ़ें और ‘बस्तर’ के बारे में घर पर किसी से पूछकर एक बात लिखें।
दिन 2 – पाठ की गहन समझ एवं चर्चा
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – पाठ का सामूहिक वाचन।
- “बस्तर दशहरा किस देवी को समर्पित है?” (माँ दंतेश्वरी देवी)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘बातचीत के लिए’ प्रश्न (पृष्ठ 117):
- “बस्तर दशहरे का त्योहार कब मनाया जाता है?” (श्रावण अमावस्या से आश्विन शुक्ल दशमी तक, लगभग 75 दिन)
- “बस्तर दशहरे का त्योहार किस लोककथा पर आधारित है?” (राजा पुरुषोत्तम देव की कथा – उन्होंने माँ दंतेश्वरी की उपासना की और विजय प्राप्त की)
- “आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं?” (दीपावली, होली, रक्षाबंधन, ईद, क्रिसमस, छठ, आदि)
- “आपको कौन-सा त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है और क्यों?” (अपनी पसंद बताएँ)
- “त्योहार वाले दिन आप क्या-क्या करते हैं?” (पूजा, सफाई, नए कपड़े, पकवान, मेहमान, आदि)
- ‘पाठ के भीतर’ – बहुविकल्पीय (पृष्ठ 118):
- (क) “बस्तर दशहरे का आरंभ किस रस्म से होता है?” → iii. पवित्र लकड़ी लाई जाती है।
- (ख) “राजा पुरुषोत्तम देव ने युद्ध में विजय प्राप्त के लिए क्या किया?” → iv. देवी माँ की उपासना की।
- (ग) “बस्तर का दशहरा किनके सम्मान में मनाया जाता है?” → iii. माता दंतेश्वरी देवी के सम्मान में।
- ‘मिलान’ (पृष्ठ 119):
- पाट जात्रा – “इसमें देवी के रथ के लिए पवित्र लकड़ी लाई जाती है।”
- डेरी गड़ाई – “इसमें पर्व के प्रारंभ से पहले साल प्रजाति की एक लकड़ी निश्चित जगह पर गड़ाई जाती है।”
- काछिन गादी – “एक कन्या जिसे देवी का प्रतीक मानकर काँटों से बनी गद्दी पर बैठाया जाता है।”
- रथ यात्रा – “एक विशाल रथ पर देवी को बैठाकर हजारों लोग खींचते हैं।”
- काछिन जात्रा – “इसमें पूरे विधि-विधान से देवी को विदाई दी जाती है।”
- ‘निम्नलिखित प्रश्न’ (पृष्ठ 120):
- (क) “छत्तीसगढ़ में तीज-त्योहारों में कौन-कौन से पकवान बनाए जाते हैं?” (फरा, छिल्ली, अड़सा, गुझिया, पुआ, खुरमी, आदि – विद्यार्थी किसी एक का विस्तार से वर्णन करें)
- (ख) “हमारे देश में कौन-कौन से पर्व विशेष रूप से मनाए जाते हैं?” (दशहरा, दीपावली, होली, रक्षाबंधन, ईद, क्रिसमस, पोंगल, ओणम, बैसाखी, छठ, आदि)
- (ग) “बस्तर दशहरे से जुड़ी कई कथाएँ हैं – किसी एक के बारे में लिखिए।” (राजा पुरुषोत्तम देव की कथा – उपासना द्वारा विजय)
- (घ) “किन-किन बातों से पता चलता है कि बस्तर दशहरा अनूठा है?” (75 दिन लंबा, रावण नहीं जलाया, माँ दंतेश्वरी की पूजा, काँटों की गद्दी, रथ को हजारों लोग खींचते हैं, आदि)
- (ङ) “बस्तर दशहरे से जुड़े किन्हीं दो रस्मों के बारे में विस्तार से लिखिए।” (पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछिन गादी, रथ यात्रा, काछिन जात्रा – कोई दो)
समापन (5 मिनट)
- “बस्तर दशहरा क्यों अनूठा है?” (रावण दहन नहीं, 75 दिन लंबा, देवी पूजा, आदिवासी संस्कृति)
- गृहकार्य: पृष्ठ 100 – “हमारे देश के नृत्य” – चित्रों को पहचानें और नाम लिखें (गरबा, छऊ, बिहू, भांगड़ा, राउत नाचा, कालबेलिया)।
दिन 3 – अभ्यास एवं भाषा कौशल (व्याकरण)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन।
- पिछले दिन के गृहकार्य (नृत्यों के नाम) की चर्चा – विद्यार्थी चित्र पहचानें:
- गरबा – गुजरात
- छऊ – ओडिशा/झारखंड
- बिहू – असम
- भांगड़ा – पंजाब
- राउत नाचा – छत्तीसगढ़
- कालबेलिया – राजस्थान
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- वाक्यांश चिह्नित करें (पृष्ठ 123):
- “बस्तर दशहरा प्रकृति-पूजा का जीवंत उदाहरण है।” – इससे पता चलता है कि बस्तर दशहरा में प्रकृति (लकड़ी, पेड़, वन) का सम्मान किया जाता है।
- ‘विशेषण’ (विशेषता बताने वाले शब्द) (पृष्ठ 125):
- अनूठा – “बस्तर का दशहरा विश्व का एक अनूठा पर्व है।”
- विशाल – “राजा ने विशाल रथ बनवाया।”
- पवित्र – “पवित्र लकड़ी लाई जाती है।”
- पारंपरिक – “आदिवासी पारंपरिक नृत्य करते हैं।”
- विद्यार्थी अन्य विशेषण ढूँढ़ें और वाक्य बनाएँ:
- “बस्तर का दशहरा अद्भुत पर्व है।”
- “माँ दंतेश्वरी पूजनीय हैं।”
- ‘मनाना, लाना, गड़ाना’ – वाक्य प्रयोग (पृष्ठ 125):
- मनाना – “बस्तर में दशहरा 75 दिनों तक मनाया जाता है।”
- लाना – “देवी के रथ के लिए पवित्र लकड़ियाँ लाई जाती हैं।”
- गड़ाना – “पर्व के प्रारंभ से पहले एक लकड़ी निश्चित जगह पर गड़ाई जाती है।”
- पालिंड्रोम (समान-उलट पढ़ने वाले शब्द) (पृष्ठ 125):
- मलयालम – आगे और पीछे से एक समान
- अन्य उदाहरण – सरस, जहाज, नयन, तत, दाद, नवीन? (नहीं, ‘नवीन’ नहीं)
- विद्यार्थी पाँच-पाँच की टोलियों में और शब्द खोजें:
- अलाला, कनक, नलिन, राम? (राम उलटा ‘मार’ – नहीं)
- सही उदाहरण: सरस, जहाज, नयन, दाद, अक्का, मलयालम (शिक्षक मार्गदर्शन करें)
- ‘विशेषण’ छाँटकर वाक्य प्रयोग (पृष्ठ 125):
- विद्यार्थी पाठ से विशेषण छाँटें:
- अनूठा – “बस्तर दशहरा एक अनूठा पर्व है।”
- विशाल – “रथ बहुत विशाल है।”
- पवित्र – “पवित्र लकड़ियों का उपयोग होता है।”
- पारंपरिक – “आदिवासी पारंपरिक पोशाक पहनते हैं।”
- विद्यार्थी पाठ से विशेषण छाँटें:
- त्योहारों का मानचित्र (पृष्ठ 123):
- विद्यार्थी उपज-त्योहारों को उनके राज्यों के साथ मानचित्र पर चिह्नित करें:
- ओणम – केरल (हरा)
- लोहड़ी – पंजाब (लाल)
- बिहू – असम (हरा? नीला?)
- छठ – बिहार/उत्तर प्रदेश (नारंगी)
- फूलदेई – उत्तराखंड (गुलाबी)
- (शिक्षक रंगों का सही आवंटन करें)
- विद्यार्थी उपज-त्योहारों को उनके राज्यों के साथ मानचित्र पर चिह्नित करें:
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के अभ्यास कार्यों की जाँच।
- गृहकार्य: “त्योहार और सामूहिकता” (पृष्ठ 126) – रंगोली बनाएँ या वृक्षारोपण आयोजन की योजना बनाएँ।
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, विस्तार एवं अतिरिक्त जानकारी
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (रंगोली/वृक्षारोपण) पर चर्चा।
- पाठ का संक्षिप्त पुनर्वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- ‘मधर समितियाँ’ (स्मृतियाँ) (पृष्ठ 120):
- “अपने घर के बड़ों से बातचीत करके पता लगाएँ – वे अपने जीवन के किन-किन अवसरों को याद करके प्रसन्न होते हैं?” – विद्यार्थी 4-5 वाक्य लिखें।
- “आपके घर के सदस्य आपकी किन बातों से प्रसन्न होते हैं? आप उनके प्रति आभार कैसे व्यक्त करते हैं?” – लिखें।
- ‘हमारे देश के नृत्य’ (पृष्ठ 121-122):
- विद्यार्थी नृत्यों के बारे में और जानकारी जुटाएँ (शिक्षक सहायता):
- गरबा – गुजरात का लोकनृत्य, नवरात्रि में, डांडिया
- छऊ – ओडिशा/झारखंड/पश्चिम बंगाल, मुखौटे वाला नृत्य
- बिहू – असम, फसल कटाई का नृत्य
- भांगड़ा – पंजाब, खुशी/त्योहारों पर
- राउत नाचा – छत्तीसगढ़, दशहरा पर्व पर
- कालबेलिया – राजस्थान, कालबेलिया जनजाति का नृत्य
- विद्यार्थी नृत्यों के बारे में और जानकारी जुटाएँ (शिक्षक सहायता):
- ‘यह भी जानिए’ (पृष्ठ 127):
- विद्यार्थी बिंदुओं के आधार पर छत्तीसगढ़ के बारे में जानकारी जुटाएँ:
- राजधानी – रायपुर
- प्रमुख नदियाँ – महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती
- प्रमुख त्योहार – बस्तर दशहरा, मड़ई, पोला, हरेली, चेरछेरा
- प्रमुख लोकनृत्य – राउत नाचा, पंथी, सुआ, कर्मा, जोगी
- विशेष व्यंजन – फरा, छिल्ली, बाफरी, अड़सा
- विद्यार्थी बिंदुओं के आधार पर छत्तीसगढ़ के बारे में जानकारी जुटाएँ:
- ‘वृक्षारोपण आयोजन’ (पृष्ठ 126):
- (क) “सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाएँ – ‘वृक्षारोपण’ के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा?” (स्थान चुनना, पौधे लाना, गड्ढे खोदना, पानी देना, देखभाल, आदि)
- (ख) “वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार करें।” – समूह में पत्र लिखें।
- ‘छत्तीसगढ़ का लोकगीत’ (पृष्ठ 124):
- पाठ में दिए गए लोकगीत को पढ़ें और गाने का प्रयास करें:
- “माता के दरबार जोवा, रे भाई…” (शिक्षक गीत की लय समझाएँ)
- पाठ में दिए गए लोकगीत को पढ़ें और गाने का प्रयास करें:
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के आमंत्रण पत्र और योजना की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “बस्तर दशहरे से जुड़ी कोई एक रस्म” – एक चित्र बनाएँ और 3-4 वाक्य लिखें।
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का प्रदर्शन।
- पाठ का सामूहिक वाचन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- बस्तर दशहरा कितने दिनों तक मनाया जाता है? (लगभग 75 दिन)
- बस्तर दशहरा किनके सम्मान में मनाया जाता है? (माँ दंतेश्वरी देवी)
- राजा पुरुषोत्तम देव ने क्या किया? (देवी की उपासना कर विजय प्राप्त की)
- ‘डेरी गड़ाई’ रस्म क्या है? (पर्व से पहले एक लकड़ी गड़ाना)
- ‘काछिन गादी’ क्या है? (काँटों की गद्दी पर कन्या को बैठाना)
- बस्तर दशहरा में रावण क्यों नहीं जलाया जाता? (यहाँ देवी की पूजा होती है, राम-रावण नहीं)
- ‘अनूठा’ शब्द का क्या अर्थ है? (बहुत अलग/अद्वितीय)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘बस्तर दशहरा’ पाठ के अनुसार यह पर्व कब और क्यों मनाया जाता है?
- (ख) बस्तर दशहरे की कोई दो रस्मों के नाम लिखिए और उनके बारे में बताइए।
- (ग) ‘अनूठा’ विशेषण का वाक्य में प्रयोग कीजिए। (“बस्तर दशहरा एक अनूठा पर्व है।”)
- (घ) ‘मनाना’ शब्द का वाक्य में प्रयोग कीजिए। (“हम दशहरा बड़े धूमधाम से मनाते हैं।”)
- (ङ) भारत के किन्हीं चार लोकनृत्यों के नाम लिखिए। (गरबा, छऊ, बिहू, भांगड़ा, राउत नाचा, कालबेलिया – कोई चार)
- (च) ‘मलयालम’ की तरह आगे-पीछे समान पढ़े जाने वाले दो शब्द लिखिए। (सरस, जहाज, नयन, दाद – कोई दो)
- समूह चर्चा:
- “आपके राज्य/क्षेत्र का कोई अनूठा त्योहार कौन-सा है और वह कैसे मनाया जाता है?”
- “हमारे देश में विभिन्न राज्यों में त्योहार अलग-अलग क्यों होते हैं?” (संस्कृति, इतिहास, फसल, क्षेत्र)
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘बस्तर दशहरा’ हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की गौरवशाली और अनूठी परंपरा है। यह विश्व का सबसे लंबा पर्व है, जो माँ दंतेश्वरी की आराधना को समर्पित है। इस पर्व में रावण नहीं जलाया जाता, बल्कि आदिवासी संस्कृति, प्रकृति-पूजा और सामूहिकता को उजागर किया जाता है। पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछिन गादी, रथ यात्रा, काछिन जात्रा – ये सभी रस्में इस पर्व को अद्वितीय बनाती हैं। यह पर्व हमें एकता, सहिष्णुता, प्रकृति-प्रेम और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना सिखाता है।”
- अगले पाठ (अतिरिक्त पठन) ‘ओणम के रंग’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम केरल के प्रसिद्ध त्योहार ओणम के बारे में जानेंगे, जहाँ फूलों की रंगोली (पूक्कलम) बनाई जाती है और नौका-दौड़ होती है।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- बस्तर दशहरे के चित्र/पोस्टर (रथ, देवी, आदिवासी नृत्य, रस्में)
- छत्तीसगढ़ का मानचित्र – बस्तर दिखाने के लिए
- भारत का मानचित्र – विभिन्न त्योहारों/नृत्यों को चिह्नित करने के लिए
- रस्मों के नाम और चित्र कार्ड (पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछिन गादी, रथ यात्रा, काछिन जात्रा)
- शब्दार्थ कार्ड (अनूठा, अधिष्ठात्री, आराधना, अनुष्ठान, रस्म, आदिवासी)
- विशेषण कार्ड
- रंग, कागज़, पेंसिल (रंगोली/चित्रकला के लिए)
- भारत के प्रमुख लोकनृत्यों के चित्र/वीडियो (यदि उपलब्ध हो)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | पाठ का सस्वर, भावपूर्ण वाचन | अवलोकन/मौखिक प्रस्तुति |
| 2 | बस्तर दशहरे की अवधि, रस्मों, कथा एवं अनूठेपन की समझ | मौखिक/लिखित प्रश्न |
| 3 | विशेषणों की पहचान एवं प्रयोग | लिखित अभ्यास/वाक्य |
| 4 | क्रिया शब्दों (मनाना, लाना, गड़ाना) का प्रयोग | लिखित अभ्यास/वाक्य |
| 5 | पालिंड्रोम (समान-उलट) शब्दों की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 6 | भारत के नृत्यों एवं त्योहारों की जानकारी | चित्र पहचान/सूची |
| 7 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (रंगोली, आमंत्रण पत्र, योजना) | कला/लिखित कार्य |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘त्योहार’, ‘पूजा’, ‘नृत्य’, ‘रस्म’ को क्या कहते हैं। छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर गर्व की भावना विकसित करें – यह पाठ स्थानीय परंपरा को समझने का अवसर है। आदिवासी समुदायों (मुरिया, माडिया, धुरवा, भतरा) का सम्मान करना और उनकी संस्कृति को सराहना सिखाएँ। रस्मों के नाम – बच्चों को याद करने में कठिनाई हो सकती है, इसलिए चित्र-आधारित कार्ड बनाकर पढ़ाएँ। वृक्षारोपण की गतिविधि को यदि संभव हो तो वास्तविक रूप में आयोजित करें ताकि बच्चे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें। भारत के नृत्यों की चर्चा से बच्चों का सांस्कृतिक दृष्टिकोण व्यापक होगा और वे विविधता में एकता को समझ पाएँगे।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
