वस्तुओं का निर्माण – कक्षा 4 EVS Unit 4: हमारे आस-पास की वस्तुएँ (Vastuon Ka Nirman Class 4 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय बच्चों को वस्तुओं के निर्माण की प्रक्रिया से परिचित कराता है, विशेष रूप से कागज़ के निर्माण पर केंद्रित है। पीहू और उसकी माँ के संवाद के माध्यम से बच्चे सीखते हैं कि कागज़ पेड़ों से बनता है। वे पुराने कागज़ों से नया कागज़ (पुनर्चक्रित कागज़) बनाने की विधि सीखते हैं – कागज़ को छोटे टुकड़ों में फाड़ना, पानी में भिगोना, मेथी के बीज डालना, पीसना, बेलकर फैलाना और सुखाना। वे प्राकृतिक रंगों (हल्दी, पालक, चुकंदर, मेंहदी) से कागज़ रंगना भी सीखते हैं। पाठ में कागज़ के विभिन्न प्रकार (लेखन पत्र, समाचार पत्र, कला पत्र, गत्ता, टिश्यू पेपर) और उनके उपयोग, ब्रेल प्रणाली (दृष्टिबाधितों के लिए), और अपशिष्ट प्रबंधन के 5R सूत्र – अस्वीकार करना, कम करना, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण – के बारे में भी बताया गया है। यह अध्याय बच्चों में पर्यावरण-चेतना, रचनात्मकता और संधारणीयता की भावना विकसित करता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- कागज़ पेड़ों से बनता है – यह जान पाएँगे
- पुनर्चक्रित कागज़ बनाने की विधि समझ पाएँगे
- प्राकृतिक रंगों (हल्दी, पालक, चुकंदर, मेंहदी) से कागज़ रंग सकेंगे
- कागज़ के विभिन्न प्रकारों और उनके उपयोगों को पहचान पाएँगे
- ब्रेल प्रणाली (दृष्टिबाधितों के लिए) के बारे में जान पाएँगे
- अपशिष्ट प्रबंधन के 5R सूत्र – अस्वीकार करना, कम करना, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण – को समझ पाएँगे
- पुराने कागज़ों से सजावटी वस्तुएँ (ग्रीटिंग कार्ड, मुखौटा) बना पाएँगे
- कागज़ के अपव्यय को कम करने के उपाय सुझा पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, कागज़ और पेड़ों का संबंध
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “कागज़ किससे बनता है? क्या आप जानते हैं?”
- प्रश्न: “कागज़ पेड़ों से कैसे संबंधित है?”
- प्रश्न: “क्या आप पुराने कागज़ से नया कागज़ बना सकते हैं?”
- प्रश्न: “आप रोज़ कितने कागज़ का उपयोग करते हैं? क्या आप उन्हें बचा सकते हैं?”
- परिचय: “आज हम ‘वस्तुओं का निर्माण’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम सीखेंगे कि कागज़ कैसे बनता है, पुराने कागज़ से नया कागज़ कैसे बनाया जाता है, और हम कागज़ के अपव्यय को कैसे कम कर सकते हैं।”
- पृष्ठ 133-135 के चित्र दिखाएँ – पीहू, उसकी माँ, कागज़, पेड़, पुनर्चक्रित कागज़।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन (पृष्ठ 133-135):
- शिक्षक पीहू और उसकी माँ की कहानी पढ़कर सुनाएँ।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- कागज़ – पेड़ों की लकड़ी की लुगदी से बनता है
- लुगदी (Pulp) – कागज़ बनाने का गीला मिश्रण
- पुनर्चक्रण (Recycling) – पुरानी चीज़ों से नई चीज़ें बनाना
- पेपर नैपकिन – खाने/सफाई के लिए पतला कागज़
- चर्चा (पृष्ठ 133):
- “कागज़ पेड़ों से बनता है, पीहू।” – माँ ने यह क्यों कहा?
- “हमारी कला पुस्तिका, समाचार पत्र, चार्ट पेपर – सब पेड़ों से बने हैं।”
- “यदि हम पुराने कागज़ों का उपयोग फिर से नए कागज़ बनाने के लिए करें तो बहुत से पेड़ों को कटने से बचा सकते हैं।”
- गतिविधि – चर्चा (पृष्ठ 134):
- “क्या आपको लगता है कि हम कागज़ों को व्यर्थ में नष्ट करते हैं?” (हाँ – अक्सर)
- “हम कागज़ के अपव्यय को कैसे कम कर सकते हैं?” (दोनों तरफ लिखना, पुरानी कॉपियों का पुनः उपयोग)
- ‘क्या आप जानते हैं?’ (पृष्ठ 136):
- पहले के समय में लोग कपड़ों, पत्तों, लकड़ी के तख्तों, ताड़पत्र (ताड़ के पत्ते) पर लिखते थे।
- केले के रेशे – पर्यावरण-अनुकूल कागज़ विकल्प
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “कागज़ किससे बनता है?” (पेड़ों से)
- गृहकार्य: “आप रोज़ कितने कागज़ का उपयोग करते हैं? एक सूची बनाएँ।”
दिन 2 – पुराने कागज़ों से नया कागज़ बनाना (व्यावहारिक गतिविधि)
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “कागज़ किससे बनता है?”
- प्रश्न: “क्या आप पुराने समाचार पत्र से नया कागज़ बना सकते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- गतिविधि – पुनर्चक्रित कागज़ बनाना (पृष्ठ 135):
- सामग्री: पुराने समाचार पत्र, मेथी के बीज, पानी, पीसने की मशीन/सिलबट्टा, समतल सतह
- विधि:
- चरण 1: समाचार पत्रों को छोटे-छोटे टुकड़ों में फाड़ें।
- चरण 2: टुकड़ों को पानी में भिगोएँ, थोड़ी मात्रा में मेथी के बीज डालें (बंधनकारी सामग्री), रातभर छोड़ें।
- चरण 3: भीगे हुए कागज़ों और मेथी के बीजों को पीसकर/कुचलकर गीला मिश्रण (लुगदी) बनाएँ।
- चरण 4: गीले मिश्रण को समतल सतह पर फैलाएँ और बेलकर पतले पत्रक बनाएँ।
- चरण 5: कागज़ के पत्रक को सूखने के लिए छोड़ दें।
- अवलोकन: “पुराने कागज़ से नया कागज़ बनकर तैयार!”
- गतिविधि – प्राकृतिक रंगों से कागज़ रंगना (पृष्ठ 136):
- विद्यार्थी बनाए गए कागज़ को एक ही आकार के टुकड़ों में काटें।
- प्राकृतिक सामग्रियाँ: हल्दी (पीला), पालक (हरा), चुकंदर (लाल), मेंहदी (भूरा)
- तालिका पूर्ति (पृष्ठ 136):उपयोग की गई सामग्रीकागज़ का नमूनारंग और चमकहल्दी(चिपकाएँ)पीला, फीका/धुंधलापालक(चिपकाएँ)हराचुकंदर(चिपकाएँ)लाल/गुलाबीमेंहदी(चिपकाएँ)भूरा
- गतिविधि – अभिनंदन पत्र (ग्रीटिंग कार्ड) (पृष्ठ 137):
- विद्यार्थी पुनर्चक्रित कागज़ से एक अभिनंदन पत्र (ग्रीटिंग कार्ड) बनाएँ।
- उसे प्राकृतिक रंगों से सजाएँ।
- कार्ड पर अपने माता-पिता/शिक्षक/मित्र के लिए प्यार भरा संदेश लिखें।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के बनाए कागज़ और अभिनंदन पत्रों की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “अपने बनाए पुनर्चक्रित कागज़ का उपयोग करके कोई एक वस्तु (जैसे – बुकमार्क, मुखौटा) बनाएँ।”
दिन 3 – कागज़ के प्रकार, ब्रेल प्रणाली एवं 5R सूत्र
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “पुनर्चक्रित कागज़ कैसे बनाया जाता है?”
- प्रश्न: “आप कितने प्रकार के कागज़ जानते हैं? उनका क्या उपयोग है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- कागज़ के विभिन्न प्रकार और उनके उपयोग (पृष्ठ 138-139):
- लेखन पत्र (Writing paper) – किताबें, कॉपियाँ
- समाचार पत्र (Newspaper) – समाचार छापने के लिए
- कला पत्र (Art paper) – चित्रकारी के लिए
- गत्ता (Cardboard) – बक्से बनाने के लिए (मोटा और सख्त)
- टिश्यू पेपर (Tissue paper) – स्वच्छता के लिए (पतला, मुलायम, पानी सोखता है)
- गतिविधि (पृष्ठ 138):
- विद्यार्थी विभिन्न प्रकार के कागज़ों के छोटे टुकड़े चिपकाएँ और उनका उपयोग लिखें:कागज़ का प्रकार (चिपकाएँ)उपयोगलेखन पत्रलिखनासमाचार पत्रसमाचार पढ़नाकला पत्रचित्रकारीगत्ताबक्सा बनानाटिश्यूसफाई
- ‘क्या आप जानते हैं?’ – ब्रेल प्रणाली (पृष्ठ 139):
- ब्रेल प्रणाली – दृष्टिबाधित लोगों के लिए
- ब्रेल पेपर पर छोटे-छोटे उभार (dots) – अक्षरों, संख्याओं, विराम चिह्नों का प्रतिनिधित्व
- संवेदी अनुभव: विद्यार्थी अपनी आँखें बंद करके उभारों को महसूस करने का प्रयास करें।
- 5R सूत्र – अपशिष्ट प्रबंधन (पृष्ठ 139-140):
- अस्वीकार करना (Refuse) – एक बार उपयोग होने वाली वस्तुओं को ‘ना’ कहना (जैसे – कागज़ की कटोरी)
- कम करना (Reduce) – आवश्यकता से कम उपयोग (जैसे – दोनों तरफ लिखना)
- पुनः उपयोग (Reuse) – किसी वस्तु को फेंकने से पहले कई बार उपयोग (जैसे – उपहार बैग)
- पुनः प्रयोजन (Repurpose) – किसी वस्तु का नए तरीके से उपयोग (जैसे – जार में पेंसिल रखना)
- पुनर्चक्रण (Recycle) – पुरानी वस्तु से नई वस्तु बनाना (जैसे – पुराने कागज़ से नया कागज़)
- गतिविधि (पृष्ठ 141):
- विद्यार्थी 5R के प्रत्येक नियम के लिए एक उदाहरण लिखें:नियमउदाहरणअस्वीकार करनाकागज़ की कटोरी न लेनाकम करनादोनों तरफ लिखनापुनः उपयोगउपहार बैग फिर से उपयोगपुनः प्रयोजनपुरानी कॉपी का नोट्स के लिएपुनर्चक्रणपुराने कागज़ से नया कागज़
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “5R सूत्र क्या है?” (अस्वीकार, कम, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण)
- गृहकार्य: “5R में से कोई एक नियम अपनाकर घर पर करें और कल कक्षा में बताएँ।”
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, पुनर्चक्रित कागज़ से वस्तुएँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “5R सूत्र के नियम बताएँ।”
- प्रश्न: “पुराने कागज़ों से क्या-क्या बनाया जा सकता है?” (खिलौने, कार्ड, मुखौटा, सजावट)
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- रचनात्मक गतिविधि – पुराने कागज़ों से वस्तुएँ बनाना (पृष्ठ 142):
- विद्यार्थी पुराने समाचार पत्रों का उपयोग करके खिलौने/सजावट की वस्तुएँ बनाएँ:
- कागज़ की पुतलियाँ (paper puppets)
- कागज़ की टोपी (paper hat)
- कागज़ की माला (paper garland)
- कागज़ के फूल (paper flowers)
- अभिनंदन पत्र (ग्रीटिंग कार्ड) – पुनर्चक्रित कागज़ से
- विद्यार्थी पुराने समाचार पत्रों का उपयोग करके खिलौने/सजावट की वस्तुएँ बनाएँ:
- गतिविधि (पृष्ठ 143):
- “कागज़ की लुगदी का उपयोग करके आप कौन-सी वस्तुएँ बना सकते हैं?” (पेपर माचे की वस्तुएँ – मुखौटा, थाली, कटोरी, मूर्तियाँ)
- “5R में से प्रत्येक के लिए आप जो कदम उठा सकते हैं, लिखें।”
- गतिविधि (पृष्ठ 143):
- विद्यार्थी तालिका पूरी करें:नियमआप क्या कर सकते हैं?अस्वीकार करनाप्लास्टिक की थैली न लेनाकम करनाएक कॉपी को पूरा उपयोग करनापुनः उपयोगपुराने पत्रों का नोट्स के लिएपुनः प्रयोजनजार को पेंसिल स्टैंड बनानापुनर्चक्रणपुराने कागज़ से नया कागज़ बनाना
- ‘आइए विचार करें’ (पृष्ठ 143):
- “अपने दैनिक जीवन में 5R के नियमों का उपयोग करके आप क्या परिवर्तन ला सकते हैं?” – विद्यार्थी अपने विचार साझा करें।
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों की बनाई वस्तुओं की प्रशंसा करें और कक्षा में प्रदर्शित करें।
- गृहकार्य: “घर पर पुराने कागज़ों से कोई एक सजावटी वस्तु बनाएँ और लाएँ।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों द्वारा घर पर बनाई गई वस्तुओं का प्रदर्शन।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- कागज़ किससे बनता है? (पेड़ों से)
- पुनर्चक्रित कागज़ बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए? (पुराना कागज़, पानी, मेथी के बीज)
- ब्रेल प्रणाली किसके लिए है? (दृष्टिबाधित लोगों के लिए)
- टिश्यू पेपर का क्या उपयोग है? (स्वच्छता, पानी सोखना)
- 5R का पूरा नाम क्या है? (अस्वीकार, कम, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण)
- पुराने कागज़ों से क्या-क्या बनाया जा सकता है? (कार्ड, मुखौटा, खिलौने, माला)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) ‘वस्तुओं का निर्माण’ पाठ के अनुसार कागज़ किससे और कैसे बनता है?
- (ख) पुनर्चक्रित कागज़ बनाने की विधि लिखिए (कोई तीन चरण)।
- (ग) कागज़ के चार प्रकारों के नाम और उनके उपयोग लिखिए।
- (घ) 5R सूत्र के सभी पाँच नियमों के नाम लिखिए।
- (ङ) ‘पुनः उपयोग’ और ‘पुनर्चक्रण’ में क्या अंतर है?
- (च) कागज़ के अपव्यय को कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं? (कोई दो)
- समूह चर्चा:
- “हमें कागज़ क्यों बचाना चाहिए?” (पेड़ों को बचाने, पर्यावरण की रक्षा के लिए)
- “5R सूत्र को अपने दैनिक जीवन में कैसे लागू कर सकते हैं?” (प्लास्टिक न लेना, पुरानी चीज़ों का पुनः उपयोग)
- “पेड़ों को बचाने के लिए हम और क्या कर सकते हैं?” (पेड़ लगाना, कम कागज़ का उपयोग)
- गतिविधि – शपथ:
- विद्यार्थी कागज़ बचाने की शपथ लें:
- “मैं कागज़ का सदुपयोग करूँगा।”
- “मैं दोनों तरफ लिखूँगा।”
- “मैं पुरानी कॉपियों का पुनः उपयोग करूँगा।”
- “मैं पेड़ों को बचाने के लिए पुनर्चक्रित कागज़ का उपयोग करूँगा।”
- विद्यार्थी कागज़ बचाने की शपथ लें:
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘वस्तुओं का निर्माण’ पाठ ने हमें सिखाया कि कागज़ पेड़ों से बनता है, इसलिए कागज़ बचाना पेड़ों को बचाना है। हम पुराने कागज़ों से नया कागज़ बना सकते हैं – इसे पुनर्चक्रण (Recycling) कहते हैं। हमने प्राकृतिक रंगों (हल्दी, पालक, चुकंदर) से कागज़ रंगना भी सीखा। ब्रेल प्रणाली दृष्टिबाधित लोगों को पढ़ने-लिखने में मदद करती है। 5R सूत्र – अस्वीकार करना, कम करना, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण – हमें अपशिष्ट कम करने और पर्यावरण की रक्षा करने के तरीके सिखाता है। पुराने कागज़ों से रचनात्मक वस्तुएँ बनाकर हम कचरा कम कर सकते हैं और अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग कर सकते हैं। “कागज़ बचाओ – पेड़ बचाओ, पेड़ बचाओ – जीवन बचाओ!” “
- अगले पाठ ‘जैसा देश, वैसा भेष’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि अलग-अलग क्षेत्रों (मैदान, रेगिस्तान, तट, पहाड़) में लोगों का खान-पान, पहनावा, आवास और संस्कृति कैसे अलग-अलग होती है।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- पुराने समाचार पत्र, कागज़ के टुकड़े
- मेथी के बीज, पानी, बर्तन
- पीसने की मशीन/सिलबट्टा
- समतल सतह (बेलने के लिए)
- प्राकृतिक रंग – हल्दी, पालक, चुकंदर, मेंहदी
- कागज़ के विभिन्न प्रकार – लेखन पत्र, समाचार पत्र, कला पत्र, गत्ता, टिश्यू पेपर
- 5R सूत्र का चार्ट/पोस्टर
- रंग, कागज़, कैंची, गोंद (रचनात्मक गतिविधि के लिए)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | कागज़ और पेड़ों के बीच संबंध की समझ | मौखिक/लिखित |
| 2 | पुनर्चक्रित कागज़ बनाने की विधि की समझ | गतिविधि/लिखित |
| 3 | प्राकृतिक रंगों से कागज़ रंगने का कौशल | गतिविधि |
| 4 | कागज़ के विभिन्न प्रकारों और उनके उपयोगों की पहचान | तालिका/मौखिक |
| 5 | ब्रेल प्रणाली (दृष्टिबाधितों के लिए) की समझ | मौखिक |
| 6 | 5R सूत्र (अस्वीकार, कम, पुनः उपयोग, पुनः प्रयोजन, पुनर्चक्रण) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 7 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (अभिनंदन पत्र, सजावटी वस्तुएँ) | कला/गतिविधि |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘कागज़’, ‘पुनर्चक्रण’, ‘कचरा’, ‘पेड़’, ‘कॉपी’ को क्या कहते हैं। पुनर्चक्रित कागज़ बनाने की गतिविधि – बच्चों को हाथों-हाथ (hands-on) सीखने का अवसर देती है – उन्हें कचरे से नई चीज़ बनाने का अनुभव मिलता है। प्राकृतिक रंग – बच्चों को प्राकृतिक वस्तुओं (हल्दी, पालक, चुकंदर) से रंग बनाने का व्यावहारिक अनुभव दें – इससे वे रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। ब्रेल प्रणाली – बच्चों को समावेशी शिक्षा (inclusive education) से परिचित कराएँ – सभी व्यक्तियों की क्षमताओं का सम्मान करें। 5R सूत्र – बच्चों को अपशिष्ट प्रबंधन और संधारणीय जीवन (sustainable living) के लिए प्रेरित करें – उन्हें छोटे-छोटे कदम (जैसे – दोनों तरफ लिखना) उठाने को कहें। रचनात्मक गतिविधि – बच्चों को कल्पनाशीलता और पुनः उपयोग (reuse) का महत्व समझाती है – वे पुरानी चीज़ों से नई चीज़ें बना सकते हैं। शपथ – बच्चों को कागज़ बचाने के लिए प्रतिबद्ध करने का प्रभावी तरीका है। “कागज़ बचाओ – पेड़ बचाओ, पेड़ बचाओ – जीवन बचाओ” – इस नारे को बार-बार दोहराएँ।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
