सेहत की थाली – कक्षा 4 EVS Unit 3: स्वास्थ्य एवं आरोग्य (Sehat Ki Thali Class 4 EVS)
पाठ का सारांश
यह अध्याय संतुलित आहार और स्वस्थ भोजन के महत्व को समझाता है। विद्यालय में आहार मेले का आयोजन होता है, जहाँ विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए जाते हैं – ढोकला, लिट्टी-चोखा, दाल-बाटी-चूरमा, बाजरे की खिचड़ी, छेना पोड़ा, डोसा, वड़ा, ज्वार का उपमा, रागी के लड्डू, फरा, ठेठरी, खुरमी आदि। पाठ में षड् रस (छः स्वाद – मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा, कसैला) की अवधारणा, तीन खाद्य समूहों (ऊर्जा देने वाले, शरीर-निर्माण करने वाले, सुरक्षा देने वाले), श्री अन्न (मोटे अनाज – ज्वार, बाजरा, रागी), प्रसंस्कृत/जंक फूड के नुकसान, जल के महत्व, भोजन पकाने की विधियाँ (उबालना, भाप में पकाना, तलना, भूनना, बेक करना) के बारे में बताया गया है। उगाड़ी पचडी (छः स्वादों वाला व्यंजन) एक विशेष उदाहरण है। यह अध्याय बच्चों को स्वस्थ भोजन की आदतों, पोषण और विविधता से परिचित कराता है।
शिक्षण-अधिगम परिणाम
इस पाठ को पढ़ाने के बाद विद्यार्थी:
- संतुलित आहार के महत्व को समझ पाएँगे
- षड् रस (छः स्वाद – मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा, कसैला) को पहचान पाएँगे
- तीन खाद्य समूहों (ऊर्जा देने वाले, शरीर-निर्माण करने वाले, सुरक्षा देने वाले) को वर्गीकृत कर पाएँगे
- श्री अन्न (मोटे अनाज – ज्वार, बाजरा, रागी) के बारे में जान पाएँगे
- प्रसंस्कृत/जंक फूड के नुकसान को समझ पाएँगे
- जल के शरीर में महत्व को समझ पाएँगे
- भोजन पकाने की विधियों (उबालना, भाप में पकाना, तलना, भूनना, बेक करना) को पहचान पाएँगे
- खाद्य विवरण पट्टिका (packet info) को पढ़ पाएँगे
- भोजन दैनंदिनी बना पाएँगे
- व्यंजनों और उनकी सामग्रियों का मिलान कर पाएँगे
दिन 1 – पाठ का परिचय, आहार मेला एवं षड् रस
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- प्रश्न: “आपको क्या खाना पसंद है? आपके घर में क्या-क्या पकता है?”
- प्रश्न: “क्या आप जानते हैं कि आप जो खाते हैं, उसका आपके स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?”
- प्रश्न: “अगर आपको एक थाली में सब कुछ रखना हो, तो उसमें क्या-क्या रखेंगे?”
- परिचय: “आज हम ‘सेहत की थाली’ पाठ पढ़ेंगे, जिसमें हम स्वस्थ भोजन, विभिन्न स्वादों और खाने-पीने की अच्छी आदतों के बारे में जानेंगे।”
- पृष्ठ 89-90 के चित्र दिखाएँ – आहार मेला, विभिन्न व्यंजन, थाली।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- पाठ का वाचन (पृष्ठ 89-91):
- शिक्षक आहार मेले की कहानी पढ़कर सुनाएँ।
- नए शब्दों/अवधारणाओं की व्याख्या:
- आहार = भोजन (Food)
- आहार मेला = भोजन का उत्सव/प्रदर्शनी (Food fair)
- उगाड़ी पचडी = आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना का पारंपरिक व्यंजन (छः स्वाद वाला)
- षड् रस = छः स्वाद (Six tastes)
- श्री अन्न = मोटे अनाज (Millets) – ज्वार, बाजरा, रागी, साँवा, कोदो
- षड् रस (छः स्वाद) (पृष्ठ 91-92):
- शिक्षक छः स्वादों को उदाहरणों के साथ समझाएँ:स्वादउदाहरणमीठागुड़, चीनी, शहद, फलखट्टाइमली, नींबू, आम (कच्चा), दहीनमकीननमक, सेंधा नमकतीखाहरी मिर्च, काली मिर्च, अदरककड़वाकरेला, नीम, हल्दीकसैलाआँवला, कच्चा केला, चाय (बिना चीनी)
- गतिविधि – तालिका पूर्ति (पृष्ठ 92):
- विद्यार्थी प्रत्येक स्वाद के 3-3 उदाहरण लिखें।
- चर्चा (पृष्ठ 92):
- “आयुर्वेद में ‘षड् रस’ वाला संतुलित भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी क्यों है?” (सभी पोषक तत्व मिलते हैं, शरीर संतुलित रहता है)
- श्री अन्न (मोटे अनाज) (पृष्ठ 92):
- श्री अन्न – ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, साँवा, कुटकी
- लाभ: पोषक तत्वों से भरपूर, स्वास्थ्यवर्धक, पारंपरिक
- गतिविधि: “अपने घर में श्री अन्न (मोटे अनाज) से बने किसी खाद्य पदार्थ के बारे में जानकारी प्राप्त करें।”
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “षड् रस कितने होते हैं? उनके नाम बताएँ।” (6 – मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा, कसैला)
- गृहकार्य: “अपने घर में बने किसी व्यंजन के स्वादों की पहचान करें – उसमें कौन-कौन से स्वाद हैं?”
दिन 2 – तीन खाद्य समूह एवं संतुलित आहार
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “षड् रस कौन-से हैं?”
- प्रश्न: “हमें अलग-अलग तरह का खाना क्यों खाना चाहिए?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- तीन खाद्य समूह (पृष्ठ 93-95):
- शिक्षक तीनों समूहों को समझाएँ:(1) ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ (Energy-giving foods)
- चावल, गेहूँ, आलू, मक्का, केला, सेब, शकरकंद, शहद, बाजरा, मक्खन, घी, तेल
- कार्य: शरीर को ऊर्जा/ताकत देना
- दालें, फलियाँ, सोयाबीन, चने, मूंगफली, दूध, पनीर, सेम, बादाम, अखरोट, अंडे, मांस, मछली
- कार्य: माँसपेशियाँ बनाना, बढ़ने में सहायता
- नींबू, संतरा, गाजर, पपीता, पालक, पत्ता गोभी, आँवला, टमाटर, अमरूद
- कार्य: रोगों से लड़ना, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
- शिक्षक तीनों समूहों को समझाएँ:(1) ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ (Energy-giving foods)
- चर्चा (पृष्ठ 95):
- “यदि हम केवल एक ही प्रकार का भोजन करें तो क्या होगा?” (शरीर को सभी पोषक तत्व नहीं मिलेंगे, बीमारी हो सकती है)
- संतुलित आहार की थाली (पृष्ठ 97):
- संतुलित थाली में तीनों समूहों के खाद्य पदार्थ सही मात्रा में होने चाहिए:
- सुरक्षा देने वाले (फल-सब्जियाँ) – सबसे अधिक
- शरीर-निर्माण करने वाले – मध्यम
- ऊर्जा देने वाले – कम मात्रा में (पर्याप्त)
- संतुलित थाली में तीनों समूहों के खाद्य पदार्थ सही मात्रा में होने चाहिए:
- गतिविधि (पृष्ठ 93):
- विद्यार्थी विभिन्न खाद्य पदार्थों को तीन समूहों में वर्गीकृत करें (चित्रों/नामों के आधार पर)।
- गतिविधि – चयन और चर्चा (पृष्ठ 97):
- विद्यार्थी स्वस्थ खाद्य पदार्थों पर गोल घेरा (O) और अस्वस्थ पर (X) लगाएँ।
- जंक फूड (प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री) (पृष्ठ 96):
- उदाहरण: सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, ब्रेड, पकौड़ा, बर्गर, पिज्जा, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ
- नुकसान: अधिक तेल, नमक, चीनी; स्वास्थ्य हानिकारक
- सुझाव: घर का बना ताजा भोजन अधिक अच्छा होता है
- गतिविधि – लिखें (पृष्ठ 96):
- (क) “कुछ और जंक फूड के नाम बताएँ।”
- (ख) “जंक फूड से क्यों बचना चाहिए?”
- (ग) “उन जंक फूड की सूची बनाएँ जिन्हें आप खाने से बचेंगे।”
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “तीन खाद्य समूह कौन-से हैं?” (ऊर्जा देने वाले, शरीर-निर्माण करने वाले, सुरक्षा देने वाले)
- गृहकार्य: “अपने एक दिन के भोजन (सुबह, दोपहर, शाम) की सूची बनाएँ और बताएँ कि कौन-सा खाद्य पदार्थ किस समूह में आता है।”
दिन 3 – भोजन दैनंदिनी, खाद्य विवरण पट्टिका एवं खाना पकाने की विधियाँ
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन की पुनरावृत्ति – “तीन खाद्य समूहों के नाम और उदाहरण बताएँ।”
- प्रश्न: “आप रोज़ क्या खाते हैं? क्या आप एक हफ्ते का रिकॉर्ड रख सकते हैं?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- भोजन दैनंदिनी (Food Diary) (पृष्ठ 97):
- विद्यार्थी एक सप्ताह के लिए अपनी भोजन दैनंदिनी बनाएँ (कम से कम 1 दिन का उदाहरण):दिनसमयखाया गया भोजनपहला दिनअल्पाहारइडली, सांभर, चटनीमध्याह्न भोजनचावल, दाल, सब्जी, रोटीरात्रि भोजनरोटी, सब्जी, दही
- विद्यार्थी बताएँ कि उनकी दिनचर्या में किस खाद्य-समूह की कमी है।
- खाद्य विवरण पट्टिका (Food Label) (पृष्ठ 101):
- गतिविधि: विद्यार्थी कोई डिब्बाबंद/पैक्ड खाद्य पदार्थ (बिस्कुट, चिप्स, जूस) लें और विवरण पट्टिका पढ़ें:
- समाप्ति तिथि (Expiry date)
- मुख्य सामग्रियाँ (Ingredients)
- पैकिंग तिथि (Packing date)
- चर्चा: “डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खरीदने/खाने से पहले विवरण पट्टिका की जाँच करना क्यों महत्वपूर्ण है?” (समाप्ति तिथि, सामग्री, एलर्जी की जानकारी)
- गतिविधि: विद्यार्थी कोई डिब्बाबंद/पैक्ड खाद्य पदार्थ (बिस्कुट, चिप्स, जूस) लें और विवरण पट्टिका पढ़ें:
- भोजन पकाने की विधियाँ (पृष्ठ 99):
- शिक्षक विभिन्न विधियों को समझाएँ:विधिउदाहरणउबालनाचावल, दाल, अंडाभाप में पकानाइडली, मोदक, पत्ता गोभीतलनापकौड़ा, पापड़, बर्गर? (शिक्षक मार्गदर्शन करें)भूननाभुना हुआ मक्का, चनाबेक करनाब्रेड, केक, बिस्कुट
- गतिविधि – मिलान (पृष्ठ 99):
- विद्यार्थी खाद्य पदार्थों को उनकी पकाने की विधि से मिलाएँ:
- इडली → भाप में पकाना
- दाल → उबालना
- पापड़ → तलना/भूनना
- रोटी → सेंकना (भूनना)
- विद्यार्थी खाद्य पदार्थों को उनकी पकाने की विधि से मिलाएँ:
- चर्चा (पृष्ठ 100):
- (क) “क्या आप घर पर खाना बनाने में सहायता करते हैं?” (अनुभव साझा करें)
- (ख) “क्या आपको लगता है कि परिवार के सभी सदस्यों को खाना बनाना आना चाहिए? क्यों?” (हाँ – जीवन कौशल, आत्मनिर्भरता)
- गतिविधि (पृष्ठ 102):
- विद्यार्थी पहेली (भोजन से संबंधित शब्द) में शब्द ढूँढ़ें और उन पर गोला लगाएँ।
समापन (5 मिनट)
- प्रश्न: “खाना पकाने की कितनी विधियाँ हैं?” (उबालना, भाप, तलना, भूनना, बेक करना)
- गृहकार्य: “किसी एक व्यंजन (जो आपको पसंद है) को बनाने की विधि लिखें (सामग्री + विधि)।”
दिन 4 – रचनात्मक गतिविधि, पहेली एवं समूह कार्य
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पिछले दिन के गृहकार्य (व्यंजन बनाने की विधि) साझा करें – 3-4 विद्यार्थी पढ़ें।
- प्रश्न: “आपके क्षेत्र की पारंपरिक थाली में क्या-क्या होता है?”
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- भोजन की कलाकृति (Collage) (पृष्ठ 101):
- विद्यार्थी पुरानी पत्रिकाओं/समाचार-पत्रों से खाद्य पदार्थों के चित्र काटें।
- उन्हें तीन भागों में वर्गीकृत करें:
- ऊर्जा देने वाले
- शरीर-निर्माण करने वाले
- सुरक्षा देने वाले
- एक कलाकृति (collage) बनाएँ और उसे कक्षा में प्रदर्शित करें।
- आहार मेले का आयोजन (पृष्ठ 102):
- विद्यार्थी घर का बना खाना (या उसका चित्र) ला सकते हैं।
- कक्षा में एक आहार मेला आयोजित करें।
- अभिभावकों को भी आमंत्रित करें।
- प्रत्येक विद्यार्थी अपने लाए हुए व्यंजन के बारे में बताएँ – सामग्री, स्वास्थ्य लाभ, विधि।
- गतिविधि (पृष्ठ 103):
- मिलान – व्यंजनों को उनकी सामग्रियों से मिलाएँ:
- ढोकला – बेसन, दही
- लिट्टी-चोखा – गेहूँ का आटा, आलू/बैंगन
- दाल-बाटी – गेहूँ, दाल, घी
- डोसा – चावल, उड़द दाल
- रागी के लड्डू – रागी, गुड़, घी
- मिलान – व्यंजनों को उनकी सामग्रियों से मिलाएँ:
- ‘आइए विचार करें’ – व्यावहारिक गतिविधि (पृष्ठ 101):
- (क) विद्यार्थी डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ की विवरण पट्टिका देखें और समाप्ति तिथि तथा दो मुख्य सामग्रियाँ नोट करें।
- (ख) “डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खरीदने/खाने से पहले विवरण पट्टिका की जाँच करना क्यों महत्वपूर्ण है?” (स्वास्थ्य, सुरक्षा, समाप्ति तिथि)
समापन (5 मिनट)
- विद्यार्थियों के कोलाज और आहार मेले के अनुभवों की प्रशंसा करें।
- गृहकार्य: “अपने परिवार के साथ एक संतुलित थाली बनाएँ और उसका चित्र बनाएँ।”
दिन 5 – पुनरावृत्ति, मूल्यांकन एवं समापन
अवधि: 35-40 मिनट
प्रारंभिक गतिविधि (5-7 मिनट)
- पाठ का सामूहिक वाचन (मुख्य बिंदु)।
- विद्यार्थियों ने जो संतुलित थाली का चित्र बनाया, उसे प्रदर्शित करें।
मुख्य गतिविधि (20-25 मिनट)
- मौखिक प्रश्नोत्तरी:
- षड् रस कितने होते हैं? (6)
- ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों के दो उदाहरण बताएँ। (चावल, आलू)
- शरीर-निर्माण करने वाले खाद्य पदार्थ कौन-से हैं? (दाल, दूध, पनीर)
- सुरक्षा देने वाले खाद्य पदार्थों के दो उदाहरण बताएँ। (गाजर, संतरा)
- श्री अन्न क्या हैं? (मोटे अनाज – ज्वार, बाजरा, रागी)
- जंक फूड का एक उदाहरण बताएँ। (चिप्स, कोल्ड ड्रिंक)
- खाना पकाने की कौन-सी विधि में भाप का उपयोग होता है? (इडली)
- लिखित मूल्यांकन:
- (क) षड् रस (छः स्वाद) के नाम लिखिए।
- (ख) तीन खाद्य समूहों के नाम लिखिए और प्रत्येक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
- (ग) ‘श्री अन्न’ क्या हैं? कोई दो उदाहरण दीजिए।
- (घ) जंक फूड क्यों हानिकारक है? (कोई दो कारण)
- (ङ) खाना पकाने की कोई तीन विधियाँ लिखिए।
- (च) संतुलित आहार क्यों महत्वपूर्ण है? (कोई दो कारण)
- समूह चर्चा:
- “स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?” (संतुलित भोजन, व्यायाम, नींद, स्वच्छता)
- “क्या आपको लगता है कि हमें पारंपरिक भोजन (श्री अन्न) को अपनाना चाहिए? क्यों?” (हाँ – पोषक, स्वास्थ्यवर्धक, पर्यावरण-अनुकूल)
- पहेली (पृष्ठ 102):
- विद्यार्थी शब्द पहेली में भोजन से संबंधित शब्द ढूँढ़ें और उन पर गोला लगाएँ (चावल, बाजरा, गेहूँ, दाल, फल, सब्जी, आदि)।
समापन (5 मिनट)
- पाठ का सारांश – “‘सेहत की थाली’ पाठ ने हमें सिखाया कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार बहुत ज़रूरी है। हमें षड् रस (छः स्वाद) वाला भोजन खाना चाहिए। हमें तीनों खाद्य समूहों – ऊर्जा देने वाले, शरीर-निर्माण करने वाले, सुरक्षा देने वाले – से भोजन करना चाहिए। श्री अन्न (मोटे अनाज) पोषक और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। जंक फूड (प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ) से बचना चाहिए। जल हमारे आहार का महत्वपूर्ण अंग है। भोजन को ठीक से पकाना (उबालना, भाप, तलना, भूनना, बेक करना) भी स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है। हमें हर दाने का सम्मान करना चाहिए, भोजन व्यर्थ नहीं करना चाहिए, और स्वस्थ भोजन की आदतें अपनानी चाहिए। “हम वही हैं जो हम खाते हैं” (We are what we eat).”
- अगले पाठ ‘स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो’ का संक्षिप्त परिचय – “अब हम सीखेंगे कि स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम, योग, नींद और सुरक्षा भी क्यों महत्वपूर्ण हैं।”
शिक्षण सहायक सामग्री
- विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के चित्र (ढोकला, लिट्टी-चोखा, दाल-बाटी, डोसा, आदि)
- षड् रस (छः स्वाद) के उदाहरण चार्ट
- तीन खाद्य समूहों (ऊर्जा, शरीर-निर्माण, सुरक्षा) के चित्र
- श्री अन्न (मोटे अनाज) के नमूने/चित्र (ज्वार, बाजरा, रागी)
- जंक फूड (चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, बर्गर, पिज्जा) के चित्र
- खाद्य विवरण पट्टिका (Food label) – बिस्कुट/जूस/चिप्स के पैकेट
- रंग, कागज़, गोंद, कैंची (कोलाज बनाने के लिए)
- भोजन दैनंदिनी का प्रारूप (तालिका)
मूल्यांकन के सूचक
| क्रम | मूल्यांकन बिंदु | साधन |
|---|---|---|
| 1 | षड् रस (छः स्वाद) की पहचान और उदाहरण | मौखिक/लिखित |
| 2 | तीन खाद्य समूहों (ऊर्जा, शरीर-निर्माण, सुरक्षा) की समझ | मौखिक/लिखित |
| 3 | श्री अन्न (मोटे अनाज) और जंक फूड की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 4 | खाद्य विवरण पट्टिका पढ़ने की क्षमता | गतिविधि/मौखिक |
| 5 | भोजन पकाने की विधियों (उबालना, भाप, तलना, भूनना, बेक) की पहचान | मौखिक/लिखित |
| 6 | संतुलित आहार के महत्व की समझ | मौखिक/लिखित |
| 7 | रचनात्मक अभिव्यक्ति (कोलाज, आहार मेला, भोजन दैनंदिनी) | कला/गतिविधि/लिखित |
नोट: बहुभाषिकता को बढ़ावा दें – विद्यार्थियों से पूछें कि उनकी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में ‘श्री अन्न’, ‘मोटे अनाज’, ‘ढोकला’, ‘लिट्टी-चोखा’, ‘इडली’, ‘डोसा’ को क्या कहते हैं। आयुर्वेद – बच्चों को बताएँ कि षड् रस (छः स्वाद) की अवधारणा आयुर्वेद से ली गई है, जो भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। श्री अन्न (मोटे अनाज) – बच्चों को बताएँ कि ये पोषक, पर्यावरण-अनुकूल और ग्लूटेन-मुक्त होते हैं, और इन्हें अपनाना बहुत अच्छा है। आहार मेले की गतिविधि – बच्चों को विविधता का अनुभव कराएगी और उनमें स्वस्थ भोजन के प्रति रुचि पैदा करेगी। खाद्य विवरण पट्टिका – बच्चों को पैकेट पर दी गई जानकारी पढ़ने की आदत डालने के लिए प्रेरित करें – यह एक जीवन कौशल है। कोलाज – बच्चों में रचनात्मकता और वर्गीकरण कौशल विकसित करेगा। जंक फूड से बचने और ताजा/घर का बना भोजन खाने की आदत डालने पर विशेष ज़ोर दें। भोजन दैनंदिनी – बच्चों को आत्म-जागरूकता (self-awareness) विकसित करने में सहायक होगी – वे यह जान पाएँगे कि वे क्या खा रहे हैं और क्या कमी है।

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
