यह एक अंग्रेजी लेखक द्वारा लिखी गई और हिंदी में अनूदित लघुकथा है, जो अपने तीखे व्यंग्य और अप्रत्याशित अंत (झटकेदार Twist) के लिए प्रसिद्ध है। इस कहानी में साकी ने धूर्तता, दिखावे और मानवीय विडंबना का बेहतरीन चित्रण किया है।
पाठ योजना: गोधूलि (कक्षा – 10वीं)
शिक्षण उद्देश्य:
- छात्र साकी की लघुकथा शैली (संक्षिप्तता, व्यंग्य, अंतिम मोड़) को समझ सकें।
- छात्र मानवीय प्रवृत्तियों (चालाकी, दिखावा, भोलापन) का विश्लेषण कर सकें।
- छात्र पात्रों (गॉटरस्बी, धूर्त युवक, वृद्ध) के माध्यम से नैतिक शिक्षा ग्रहण कर सकें।
- छात्र पाठ में प्रयुक्त विदेशी शब्दों और संवाद शैली से परिचित हो सकें।
Day 1: लेखक परिचय, पाठ की पृष्ठभूमि और कहानी का आरंभ
- प्रवेश (5 मिनट): कक्षा में पूछें: “क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि कोई आपसे झूठ बोलकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है? क्या आपने कभी ऐसे व्यक्ति को देखा है जो बड़ी सफाई से अपनी बातों में सबको फँसा दे?” छात्रों से चर्चा करें।
- लेखक परिचय (10 मिनट): हेक्टर ह्यूग मुनरो (साकी) का परिचय दें। बताएं कि वे बर्मा में जन्मे स्कॉटिश लेखक थे, पत्रकार के रूप में काम किया। वे 1908 में लंदन बस गए। उनकी कहानियों में तत्कालीन समाज पर तीखा व्यंग्य और झटकेदार अंत होता है। 1916 में फ्रांस में उनका निधन हुआ।
- सस्वर वाचन (5 मिनट): शिक्षक द्वारा पाठ का पहला भाग (पृष्ठ 151) पढ़ें।
- व्याख्या (20 मिनट):
- पृष्ठभूमि: “नॉट्सबी पार्क में एक बेंच पर बैठा हुआ था। उसके दाहिनी ओर शोर-शराबे से भरा हाइड पार्क स्थित था। मार्च का महीना, गोधूलि की बेला थी।” – गोधूलि (सूर्यास्त के समय) में लोग अपने चेहरे छिपाकर बेंच पर बैठते हैं।
- गॉटरस्बी की मनोदशा: वह खुद को पराजित लोगों में से मानता है। उसे धन का अभाव नहीं, बल्कि किसी महत्वाकांक्षा को लेकर पराजय का अनुभव था।
- पहला पात्र (वृद्ध): गॉटरस्बी के बगल में एक वृद्ध बैठा था, जो कुछ देर बाद उठकर चला गया।
- शब्दार्थ: गोधूलि (संध्या समय जब आसमान में धूल उड़ती है), कृत्रिमता (बनावट), उदासीनता (लापरवाही)।
- गृहकार्य: पाठ से प्रश्न 2 लिखिए: “गॉटरस्बी को कैसे विश्वास हुआ कि युवक सच बोल रहा है?”
Day 2: धूर्त युवक का आगमन और उसकी आपबीती
- पुनरावृत्ति (5 मिनट): पिछले दिन के गृहकार्य की जांच करें और गोधूलि के समय का वर्णन पूछें।
- व्याख्या (25 मिनट): कहानी का मुख्य भाग पढ़ें और समझाएं:
- दूसरा पात्र (युवक): “अब उसकी जगह आकर बैठा एक युवक, जिसकी वेश-भूषा तो अच्छी थी, किन्तु जिसके चेहरे पर पहले वाले वृद्ध व्यक्ति की तरह ही खिन्नता तथा रुग्णता झलक रही थी।”
- युवक की आपबीती: युवक बताता है कि वह पेंटागोनियन होटल में ठहरने आया था, लेकिन पता चला कि वहां थिएटर बन गया है। टैक्सी ड्राइवर ने उसे दूसरे होटल की सिफारिश की। वहां पहुंचकर उसने घर पत्र लिखा और साबुन की एक टिकिया खरीदने निकला। वापस लौटते समय वह होटल का नाम और सड़क भूल गया। अब उसके पास सिर्फ एक पेंस है।
- गॉटरस्बी की प्रतिक्रिया: “शायद आप सोच रहे हैं कि मैंने एक अनहोनी बात आपसे कह सुनाई है!” गॉटरस्बी ने दार्शनिक ढंग से कहा – “बिल्कुल असंभव तो नहीं! मुझे याद है कि कुछ वर्ष पहले एक विदेशी राजधानी में मैंने भी ऐसा ही किया था।”
- भाव स्पष्ट कीजिए: युवक अपनी आपबीती सुनाकर गॉटरस्बी से क्या चाहता है? (पैसे उधार मांगना)।
- गृहकार्य: पाठ से प्रश्न 1 लिखिए: “युवक की बात पर गॉटरस्बी को विश्वास क्यों नहीं हुआ?”
Day 3: चरमोत्कर्ष – साबुन की खोज, युवक का भागना और वृद्ध की वापसी
- पुनरावृत्ति (5 मिनट): युवक की आपबीती का सारांश सुनाएं।
- व्याख्या (25 मिनट): कहानी का रोमांचक अंत:
- गॉटरस्बी का संदेह: वह कहता है, “बात तो ठीक है, किन्तु आपकी कहानी का सबसे कमजोर मुद्दा यह है कि आप वह साबुन की टिकिया नहीं पेश कर सकते।”
- साबुन की तलाश: युवक जेबें टटोलता है और कहता है कि उसने साबुन खो दिया है। गॉटरस्बी उसकी कहानी पर और शक करता है।
- साबुन का मिलना (ट्विस्ट): “गॉटरस्बी उठा ही था कि रुक गया। क्या देखता है कि बेंच के बगल में नए रैपर में लिपटी हुई कोई वस्तु जमीन पर पड़ी है। वह वस्तु साबुन की टिकिया है।” गॉटरस्बी युवक को ढूंढता है और उसे साबुन लौटाते हुए एक गिनी (मुद्रा) दे देता है।
- युवक का भागना: युवक कार्ड देकर तेजी से भाग जाता है। गॉटरस्बी सोचता है, “बेचारा!”
- असली मालिक (अंतिम मोड़): “उसने एक वृद्ध को बेंच के चारों ओर झुककर कुछ तलाश करते पाया।” वह वही वृद्ध था जो पहले बेंच पर बैठा था। वृद्ध कहता है- “हाँ, साबुन की एक टिकिया।”
- निष्कर्ष: गॉटरस्बी को समझ आता है कि वह युवक वास्तव में उस साबुन का मालिक नहीं था, बल्कि वह पहले वाले वृद्ध आदमी की जेब से साबुन चुराकर उसे (गॉटरस्बी को) धोखा देकर पैसे ऐंठकर भाग गया था। गॉटरस्बी ने सोचा “बेचारा!” युवक के लिए, लेकिन अंत में उसे अपनी भोलापन का अहसास होता है।
- गृहकार्य: पाठ से प्रश्न 4 और 5 लिखिए: “साबुन की टिकिया वास्तव में किसकी थी? और क्यों?” तथा “कहानी में से वे बिंदु छाँट कर लिखिए जहाँ पर परिस्थिति बदलती है।”
Day 4: भाषा शैली, चरित्र-चित्रण और सामाजिक विश्लेषण
- पुनरावृत्ति (5 मिनट): कहानी के तीनों पात्रों (गॉटरस्बी, युवक, वृद्ध) के व्यवहार पर चर्चा करें।
- भाषा कार्य (25 मिनट):
- व्यंग्य का स्वर: साकी की कहानियों का अंत हमेशा झटकेदार और व्यंग्यात्मक होता है। यहाँ गॉटरस्बी की ‘भोलापन’ और युवक की ‘चालाकी’ के बीच का अंतर कहानी को प्रभावी बनाता है।
- विदेशी शब्द: पाठ में प्रयुक्त शब्द (नॉट्सबी, हाइड पार्क, पेंटागोनियन होटल, गिनी, शिलिंग, पेंस, रैपर) छात्रों को समझाएं। गिनी, शिलिंग, पेंस – ये सब इंग्लैंड की पुरानी मुद्राएं हैं।
- कहानी के तत्व: पात्र (गॉटरस्बी, युवक, वृद्ध), देशकाल (लंदन का पार्क, मार्च की गोधूलि), उद्देश्य (मानवीय स्वभाव की पहचान)।
- अभ्यास (10 मिनट): “पाठ से आगे” प्रश्न 1 और 2 पर चर्चा करें:
- गॉटरस्बी को एक दृश्य पसंद आया। उसका वर्णन कहानी में मिलता है। आपको भी कई बार कुछ दृश्य पसंद आए होंगे। उनमें से किसी एक दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
- कहानी के घटनाक्रम में स्थिति कई बार बदलती है। ऐसा जीवन में भी होता है। आप भी ऐसा कोई उदाहरण लिखिए।
- गृहकार्य: अपने आसपास के किसी ऐसे व्यक्ति का चित्रण कीजिए जो दूसरों को बातों में फंसाकर अपना काम निकालता हो। (गुमनाम रहते हुए)।
Day 5: सारांश, नैतिक शिक्षा और मूल्यांकन
- सारांश (15 मिनट): पूरी कहानी का सारांश सुनाएं। इस बात पर जोर दें कि केवल सुनने में अच्छी लगने वाली बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। दिखावे और चालाकी से बचना चाहिए, लेकिन साथ ही दूसरों की सहायता करना भी मानवीय गुण है (गॉटरस्बी ने सहायता की, भले ही उसे धोखा मिला)।
- मूल्यांकन (20 मिनट): एक छोटा लिखित परीक्षण लें:
- साकी कौन थे? उनकी कहानियों की मुख्य विशेषता क्या है?
- युवक ने गॉटरस्बी को कैसे धोखा दिया?
- साबुन की टिकिया का असली मालिक कौन था?
- ‘गोधूलि’ शब्द का अर्थ बताते हुए इसे कहानी का शीर्षक क्यों रखा गया होगा? (क्योंकि घटना संध्या समय घटी है)।
- प्रायोजना कार्य (10 मिनट): छात्रों से कहें कि वे अपने माता-पिता या बड़ों से पूछें कि क्या कभी उनके साथ ऐसा धोखा हुआ है और उन्होंने उस स्थिति का सामना कैसे किया। अगली कक्षा में उस अनुभव को सुनाएं।
- गृहकार्य: कहानी का पूरा पाठ ध्यान से पढ़ें और गॉटरस्बी के चरित्र पर एक अनुच्छेद लिखिए।
(नोट: यह पाठ एक विदेशी लेखक की कहानी है, जिसे साहित्यिक दृष्टि से ‘व्यंग्य’ का बेहतरीन नमूना माना जाता है। कहानी के अंत को लेकर छात्रों में चर्चा अवश्य कराएं कि आखिर गॉटरस्बी ने ‘बेचारा!’ किसके लिए कहा था, युवक के लिए या स्वयं के लिए।)

Mani Sir एक अनुभवी शिक्षक, शिक्षा मार्गदर्शक और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माता हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विद्यालयी शिक्षा के लिए सरल, तथ्यपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाकर विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करना है।
वे विशेष रूप से Prayas आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), SCERT, CG Board, CTET, तथा अन्य शैक्षिक परीक्षाओं के लिए नोट्स, मॉडल प्रश्नपत्र, MCQ, माइंड मैप, चार्ट, अध्ययन सामग्री और वीडियो लेक्चर तैयार करते हैं।
